छत्तीसगढ़
"रायपुर उत्तर विधानसभा चुनाव: भाजपा प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा का जनसंपर्क और चुनाव यात्रा"
रायपुर: रायपुर उत्तर विधानसभा भाजपा प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान लोगों ने फूल माला पहनाकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। अपने नेता को अपने सामने पाकर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की और फूलमाला भी पहनाई। वहीं लोगों के स्नेह से अभिभूत पुरंदर मिश्रा ने सैकड़ों की भीड़ को विश्वास दिलाया कि इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी उत्तर से जीत का परचम लहराएगी जो पूरे छत्तीसगढ़ तक जाएगी।
चुनावी दौरा और जनसंपर्क कार्यक्रम के क्रम में भाजपा प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र के फाफाडीह व जवाहर नगर मंडल अंतर्गत आने वाले वार्डों में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली, जहां उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता सनातम धर्म को मानने वाले हैं। रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र को छत्तीसगढ़ का हृदय कहा जाता है, इसलिए कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के आशीर्वाद से भाजपा इस बार उत्तर से लेकर प्रदेश भर में जीत का परचम लहराएगी। उन्होंने कहा कि पंडरी के महात्मा गांधी वार्ड में पिछली बार भाजपा विधायक श्रीचंद सुंदरानी को सर्वाधिक वोट मिले थे। वार्ड के पार्षद प्रमोद साहू ने कहा कि कुल 11 बूथों वाले इस वार्ड में 11 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। बूथ जीतेंगे, चुनाव जीतेंगे का मंत्र लेकर भाजपा की तैयारी इस बार जोरदार है। मंडल, बूथ स्तर के प्रभारी, पदाधिकारी, अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, महिला मोर्चा सहित विभिन्न इकाई के कार्यकर्ताओं की लगातार बैठक ली जा रही है। इसी क्रम में भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ प्रदाधिकारियों द्वारा विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर महात्मा गांधी वार्ड, जवाहर नगर वार्ड, राजीव गांधी वार्ड, तात्या पारा वार्ड व हेमू कालाणी वार्ड में बैठक की गई।
महात्मागांधी वार्ड के मंडी गेट स्थित मर्लिन चौक की बैठक में मुख्य रुप से पार्षद प्रमोद साहू, नलनिश ठोकने, लोकेश कावड़िया, सत्य शरण जीत, बूथ अध्यक्ष से रमेश मेघानी, अखिलेश पवार, गोरेलाल नायक अध्यक्ष फाफडीह, कमल विभार, नरेन्द्र जंघेल, मनोज दलवकर,अजय जगत, तरुण गुप्ता, अर्चना उकेरे, गोरे देवगन, राम यादव, भगवान यादव, अनुराग साहू लक्ष्मण बाग, मनीष विभार चीटू साहू व जवाला नेताम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
जवाहर नगर में दो दर्जन लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता…
जनसंपर्क की कड़ी में भाजपा प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा ने जवाहर बाजार में व्यापारियों से मुलाकत की। यहां जवाहर नगर मंडल की बैठक दुलार धर्मशाला बढ़ईपारा में हुई। इस अवसर पर लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों ने भाजपा प्रवेश किया। कार्यक्रम में मंचस्थ सांसद सुनील सोनी, केदार गुप्ता, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नलनेश ठोकने, सुभाष अग्रवाल, सीमा साहू, नरेंद्र तोमर, सचिन सलूजा, अकबर अली, अर्चना शुक्ला, चन्द्रेश साव, अवतार बागल, भारती बागल, प्रीति परगनिया, असगर अली, गोविंदा गुप्ता, अर्पित सूर्यवंशी, संतोष साहू, रमेश शर्मा, संदीप जंघेल, सोनू राजपूत, रिखी श्रीवास, सुनील शर्मा संतोष निहाल, योगेश गुरु, साजन श्रीवास,जतिन सोनानी, विजय गुप्ता, विजेंद्र शर्मा, शैलेश विश्वकर्मा, धीरज शर्मा, अमित साहू, रोहित पिथालिया व आशीष आहूजा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
"विधानसभा निर्वाचन - 2023: मान्यता प्राप्त दलों को दूरदर्शन और आकाशवाणी पर मुफ्त प्रसारण के लिए निर्धारित समय"
रायपुर: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रीय दलों और संबद्ध राज्य के मान्यता प्राप्त राज्यीय राजनीतिक दल को दूरदर्शन और आकाशवाणी पर निःशुल्क प्रसारण के लिए समय उपलब्ध कराने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को दूरदर्शन एवं आकाशवाणी पर निःशुल्क प्रसारण के माध्यम से मतदाताओं को अपनी नीतियों और कार्यक्रमों, घोषणा पत्रों और प्रमुख मुद्दों के संबंध में अपने विचारों के बारे में जानकारी देने का अवसर प्राप्त होता है। निर्वाचकों के लिए भी विभिन्न दलों के नीति संबंधी मुद्दों को समझने के लिए यह सूचना का महत्वपूर्ण स्त्रोत होता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा निर्वाचन-2023 हेतु सभी राष्ट्रीय दलों और छत्तीसगढ़ में मान्यता प्राप्त राज्यीय दल को दूरदर्शन और आकाशवाणी के क्षेत्रीय नेटवर्क पर प्रचार के लिए प्रारंभिक रूप से 45 मिनट की एक समान अवधि उपलब्ध कराए जाने के भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं। साथ ही राजनीतिक दलों द्वारा पिछले विधानसभा निर्वाचनों या लोकसभा के पिछले साधारण निर्वाचनों ,जैसी भी स्थिति हो,में दलों के मतदान निष्पादन के आधार पर अतिरिक्त समय आबंटन का निर्णय आयोग द्वारा लिया जाता है । प्रसारण के लिए एक बार में 15 मिनट से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा। राजनीतिक दलों को दूरदर्शन और आकाशवाणी पर प्रसारण के लिए निर्वाचन हेतु प्रत्याशियों की सूची के प्रकाशन के दिन से लेकर प्रत्येक चरण के मतदान दिवस के दो दिन पहले तक दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 में छत्तीसगढ़ में राजनीतिक दलों को प्रसारण के लिए दूरदर्शन पर कुल 629 मिनट तथा उसी प्रकार रेडियो पर प्रसारण हेतु कुल 629 मिनट निर्धारित किया गया है। इसमें सभी दलों के लिए अनुपातिक रूप से समय दिया गया है। उक्त दिशा निर्देशों के परिपालन में प्रसारण हेतु दिन एवं समय का निर्धारण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की उपस्थिति में दूरदर्शन एवं प्रसार भारती के अधिकारियों द्वारा लॉट निकालकर दिनांक 19 अक्टूबर 2023 को किया गया। प्रदेश में राजनीतिक दलों को प्रसारण की यह सुविधा दूरदर्शन और आकाशवाणी के क्षेत्रीय प्रसारण केन्द्रों तथा राजधानी रायपुर स्थित प्रसारण केन्द्र से दी जाएगी। इसे छत्तीसगढ़ में स्थित दूरदर्शन और आकाशवाणी के अन्य रिले केन्द्र भी प्रसारित करेंगे।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के संशोधित प्रावधानों के अनुसार सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को केन्द्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण माध्यमों (दूरदर्शन एवं आकाशवाणी) पर प्रचार के लिए समुचित समय उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इस अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ में भी आगामी विधानसभा निर्वाचन के दौरान राष्ट्रीय और मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दलों को सार्वजनिक (शासकीय) क्षेत्र के प्रसारणकर्ता प्रसार भारती निगम द्वारा प्रचार के लिए निःशुल्क समय उपलब्ध कराया जाएगा। ।
राजनीतिक दलों को आयोग द्वारा निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा। प्रसारण के लिए रिकॉर्डिंग एवं उसकी ट्रांसक्रिप्ट (अनुलिपि) पहले ही जमा कराना होगा। आयोग ने प्रसारण की विषयवस्तु के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रसारण में दूसरे देशों की आलोचना, धर्मों एवं समुदायों पर आक्षेपण, कोई अश्लील व अपमानजनक चीज, हिंसा भड़काना, न्यायालय की अवमानना, राष्ट्रपति एवं न्यायालय की सत्यनिष्ठा के प्रति निंदा, राष्ट्र की एकता, संप्रभुता एवं अखण्डता को प्रभावित करने वाली कोई चीज, किसी व्यक्ति का नाम लेकर कोई आलोचना करने की अनुमति नहीं होगी।
"छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023: नियोजित अधिकारियों को मिलेगी निःशुल्क चिकित्सा सुविधा"
रायपुर: विधानसभा निर्वाचन-2023 के लिए निर्वाचन कार्य में नियोजित शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य के समस्त शासकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य के शासकीय अस्पतालों में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने अथवा आपातकालीन स्थिति के लिए अधिकारी-कर्मचारी राजधानी रायपुर के 4 तथा राज्य के बाहर 2 निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2023 को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के उद्देश्य से आयोग के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निर्वाचन कार्य में आदेशित अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए राज्य के समस्त शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
शासकीय अस्पतालों में आवश्यक सुविधा उपलब्ध ना होने की स्थिति में अथवा आपातकालीन स्थिति के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने हेतु राज्य एवं राज्य के बाहर अस्पतालों को भी चिन्हांकित किया गया है। राज्य के भीतर राजधानी रायपुर स्थित श्री बालाजी अस्पताल मोवा, श्री नारायणा अस्पताल देवेन्द्र नगर रायपुर, रामकृष्ण केयर अस्पताल पचपेड़ी नाका रायपुर तथा एनएचएमएमआई अस्पताल पचपेड़ी नाका रायपुर में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी प्रकार राज्य के बाहर हैदराबाद स्थित केयर हॉस्पिटल तथा विशाखापट्टनम के अपोलो अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। आदेश में उल्लेखित किया गया है कि निर्वाचन कार्य में शामिल शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं अशासकीय अधिकारी-कर्मचारी तथा सुरक्षा बलों एवं स्टाफ के उपचार की सुविधा जिले के शासकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध ना होने की स्थिति में जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य नोडल एजेंसी, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इन चिकित्सालयों में रिफर किए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में डॉ. खेेमराज सोनवानी, उप संचालक, राज्य नोडल एजेंसी (मो. नंबर 98278-72102, 0771-4026201) के साथ समन्वय कर कार्य संपादित किया जाएगा।
"छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण की मतदान तारीख पर है सस्पेंस, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भेजी चिट्ठी आयोग को"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को मतदान होना है. यहां दूसरे चरण की मतदान तारीख के बदलाव को लेकर अब भी सस्पेंस बरकरार है. 17 नवंबर को छठ पर्व की शुरुआत हो रही है, ऐसे में मतदान की तारीख बदलने की मांग उठ रही है. इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग को एक चिट्ठी भेजी है. वोटिंग की तारीख बदलने को लेकर फैसला जल्द हो सकता है.
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रूपेश वर्मा ने कहा, मतदान की तारीख में बदलाव को लेकर जो ज्ञापन दिया गया था उसे भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है. दूसरे चरण के मतदान दिवस में बदलाव की मांग सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दल के नेताओं ने की थी. मतदान तिथि में बदलाव होगा या नहीं, यह यहां से तय नहीं होगा. हमें भी आदेश का इंतजार है. ये भी नहीं कहा जा सकता कि तारीख बदला जा रहा है या नहीं. इस पर भारत निर्वाचन आयोग फैसला लेगा. भारत निर्वाचन आयोग से आदेश आएगा तो बता दिया जाएगा.
"छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023: पहले चरण के लिए 254 नामांकन पत्र दाखिल किए गए"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 के पहले चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों के लिए नामांकन जमा करने के अंतिम दिन 254 नामांकन पत्र दाखिल किए गए. इस प्रकार पहले चरण में निर्वाचन के लिए कुल 294 अभ्यर्थियों ने 455 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं. 21 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी और अभ्यर्थी 23 अक्टूबर को अपना नाम वापस ले सकेंगे.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र में 33, कवर्धा में 29, पंडरिया में 20, भानुप्रतापपुर में 15, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में 14-14, डोंगरगढ़, डोंगरगांव और अंतागढ़ में 12-12, खैरागढ़ और कोण्डागांव में 11-11, बीजापुर और कोण्टा में 10-10, चित्रकोट में 9, नारायणपुर और खुज्जी में 8-8, कांकेर और केशकाल में 7-7, बस्तर और मोहला-मानपुर में 6-6 नामांकन पत्र दाखिल किया गया है.
प्रथम चरण में बस्तर संभाग की 12 निर्वाचन क्षेत्रों सहित राजनांदगांव, मोहला-मानपुर -अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा कबीरधाम जिलों के 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं. प्रदेश में दो चरणों में हो रहे निर्वाचन के पहले चरण की 20 सीटों के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा. प्रथम चरण के 20 विधानसभाओं में कुल मतदाताओं की संख्या 40 लाख 78 हजार 681 है, जिसमें 19 लाख 93 हजार 937 पुरुष, 20 लाख 84 हजार 675 महिलाएं तथा 69 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं. इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 5 हजार 304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
प्रथम चरण में इन विधानसभा सीटों पर होगा चुनाव
प्रथम चरण में कोंटा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, चित्रकोट, जगदलपुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल, कांकेर, भानुप्रतापुर, अंतागढ़, मोहला-मानपुर, खुज्जी, डोंगरगांव, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा और पंडरिया विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान होगा.
"रायपुर: भाजपा नेता बिरझू तारम की हत्या के बाद डॉ. रमन सिंह और भाजपा ने सरकार को दोषी ठहराया"
रायपुर: भाजपा नेता की हत्या पर प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है. भाजपा नेता बिरझू तारम की हत्या पर भाजपा ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन को दोषी ठहराया है. पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर सरकार पर जमकर निशाना साधा.
रमन सिंह ने ट्वीट कर लिखा है कि मोहला-मानपुर के आदिवासी भाजपा नेता बिरझू तारम की हत्या कर एक बार फिर भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की जा रही है. मैं शोक-संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए यह वादा करता हूं कि इस कुशासन के विरुद्ध हम डरने या रुकने वाले नहीं है. इस अत्याचारी सरकार से लहू के एक-एक कतरे का पूरा हिसाब किया जाएगा.
घर में घुस मारी गई गोली
बता दें कि शुक्रवार को मोहला मानपुर में भाजपा नेता बिरझू तारम की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना औंधी इलाके के सरखेड़ा गांव की है. बिरझू की हत्या घर में घुसकर उन्हें गोली मारकर की गई. उसे दो से तीन गोलियां मारी गई. बताया जा रहा है कि पहले नक्सलियों ने बिरझू की हत्या की चेतावनी भी दी थी. भाजपा नेता की हत्या के बाद औंधी इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.
"मोहला-मानपुर में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या, टारगेट किलिंग का आरोप - अरुण साव"
मोहला-मानपुर: छत्तीसगढ़ के मोहला मानपुर में चुनावी सरगर्मियों के बीच भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है. भाजपा नेता का नाम बिरझू तारम बताया जा रहा है. यह घटना औंधी इलाके के सरखेड़ा गांव की है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया.
बताया जा रहा कि भाजपा नेता बिरझू तारम की हत्या घर में घुसकर उन्हें गोली मारकर की गई है. उसे दो से तीन गोलियां मारी गई है. बता दें कि पूर्व में नक्सलियों ने दी हत्या की चेतावनी दी थी. भाजपा नेता की हत्या के बाद औंधी इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.
बीजेपी नेता की हत्या टारगेट किलिंग – अरूण साव
बीजेपी नेता की हत्या के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कहा कि एक और BJP के कार्यकर्ता की शहादत हुई है. मोहला मानपुर चौकी में बिरजू तारंग की जो हत्या हुई है, यह भी टारगेट किलिंग है. बीजेपी के कार्यकर्ताओं की लगातार टारगेट किलिंग करके कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास हुआ है. लेकिन भाजपा का एक एक कार्यकर्ता पूरे हिम्मत से कार्यकर्ताओं की शहादत को जाया नहीं जाने देंगे और राज्य की कांग्रेस सरकार को उखाड़ कर फेंकेंगे ताकि छत्तीसगढ़ में शांति हो, कानून व्यवस्था का राज हो.
"भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ छत्तीसगढ़ में टारगेट किलिंग: अरुण साव का आरोप"
रायपुर: BJP प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी क्षेत्र के ग्राम सरखेड़ा में हुए BJP नेता की हत्या मामले में प्रतिक्रिया दी है। साव ने कहा कि एक और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की शहादत हुई है। मोहला मानपुर चौकी में बिरझू तारम की जो हत्या हुआ है। यह भी टारगेट किलिंग है। BJP नेताओं को टारगेट किलिंग करके भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को डराने का काम प्रदेश में हुआ है। अरुण साव ने बताया पूर्व में BJP नेताओं व कार्यकर्ताओं को मारने-काटने की धमकी दी गई थी मोहला - मानपुर के क्षेत्रों में। यह बताता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था किस प्रकार मृत्यु शैय्या पर है।
कांग्रेस शासन में BJP कार्यकर्ताओं की हो रही है टारगेट किलिंग
अरुण साव ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी कार्यकर्ताओं को टारगेट कर उनकी हत्या की जा रही है। और खुलेआम मारने काटने की धमकी कांग्रेस नेता के द्वारा पूर्व में दिया गया था। छत्तीसगढ़ में अब ऐसे लोगों को कोई भय नही है। सोशल मीडिया का जमाना है। तमाम तरह के न्यूज चैनल हैं इसके बावजूद कांग्रेसी विधायक की उपस्थिति में इस प्रकार की धमकी दिया गया था। यह प्रदेशवासियों के लिए बेहद चिंतनीय है।
BJP कार्यकर्ताओं से डरी हुई है कांग्रेस सरकार
साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की सरकार जाने वाली है। हमारे कार्यकर्ता गांव- गांव जा कर भूपेश बघेल की नाकामी, वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार को बताने का काम करे हैं। जिससे आज राज्य में भूपेश बघेल की सरकार BJP कार्यकर्ताओं से डरी हुई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, पूर्व विधायकों की सुरक्षा हटाई गयी थी वही दूसरी ओर खुलेमंच से धमकी दिया गया था। इस प्रकार छत्तीसगढ़ की शांति व्यवस्था में खलल डालने का काम, डर के छत्तीसगढ़ को हिंसा की आग में डालने का काम हो रहा है।
साव ने कहा कि अपने कार्यकर्ताओं के शहादत को व्यर्थ नही जाने देंगे। राज्य की इस भ्रष्ट सरकार को राज्य में सुव्यवस्थित कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए उखाड़ फेंकेगे।
प्रमोद तिवारी: 'मोदी सरकार' के खिलाफ चुनौती, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में कांग्रेस की जीत की संभावना
सांसद प्रमोद तिवारी ने अमित शाह को चुनौती देते हुये कहा कि कल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आये, एक और झूठ बोलकर गये कि बस्तर एनएमडीसी संयंत्र नहीं बेचा जायेगा। यदि नगरनार संयंत्र नहीं बेचा जा रहा तो इसका फैसला कब हुआ। कब केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नगरनार संयंत्र को विनिवेशीकरण की सूची से बाहर किया, उसको नहीं बेचने का आदेश कहां है इसका मोदी और अमित शाह जवाब दें?
मोदी सरकार ने नगरनार को बेचने का फैसला कर लिया है। इसके बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। 14 अक्टूबर 2020 में भारत सरकार ने एनएमडीसी (नगरनार) स्टील प्लांट में 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया था। उक्त कार्य हेतु भारत सरकार के वित्त विभाग के अधीन “निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग” (डीआईपीएएम) को सौंपा गया। यह निर्णय प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा लिया गया। इस बैठक में नगरनार स्टील प्लांट के राजनीतिक विनिवेश का कार्य सितंबर 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। (पीआईबी रिपोर्ट)। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु “दीपम” (डीआईपीएएम) ने 2 दिसंबर 2022 को नगरनार की रणनीतिक बिक्री हेतु प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की गयी। इस निविदा के संबंध में निजी निवेशकों को अन्य जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रश्न जमा करने की अंतिम तारीख 29 दिसंबर 2022 तथा बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 रखी गयी थी।
देशभर के चुनाव में कांग्रेस 5-0 से जीतेगी
इन पांच राज्यों में जनता को जिस घड़ी का इंजार था वह समय अब आ गया है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसान तथा युवाओं के साथ-साथ लगभग हर वर्ग के साथ भाजपा ने धोखा एवं विश्वाघात किया है, सार्वजनिक कंपनियां को बेचा है। अब जनता उसका सही फैसला करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी सहित ज्यादातर केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ में आकर झूठ बोलते है, स्तरहीन राजनीति करते है और महंगाई, बेरोजगार, किसानों की समस्याओं, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों तथा हर स्तर पर फेल भाजपा सरकार की असफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास करते है।
श्री तिवारी ने कहा है कि ‘‘मोदी सरकार’’ लगातार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव पूर्ण सौतेला व्यवहार करती रही है तथा छत्तीसगढ़ के हक और अधिकारों का हनन कर रही है, केंद्रीय योजनाओं की धनराशि ही समय पर नहीं प्रदान की जाती है जिससे समयबद्ध ढंग से उन योजनाओं की शुरूआत नहीं होती है। यही नहीं छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली तमाम ट्रेनों को भी निरस्त कर दिया जाता है जिससे जनता को अपनी आवश्यकताओं के लिये एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में परेशानी होती है। छत्तीसगढ़ में जनता की अदालत में जाने के लिये भारतीय जनता पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है जिसको लेकर वह जनता के सामने जाये, और न ही कोई लोकप्रिय चेहरा ही उसके पास है, जिसके मुखौटे पर वह चुनाव मैदान में उतर सके। सबसे दुःखद एवं और चिंताजनक तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल के भ्रष्टाचारियों और कमीशन खोरी के संगीन आरोपियों को पुनः प्रत्याशी बनाया है।
श्री तिवारी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बन रही है, मिजोरम में कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
श्री तिवारी ने कहा है कि इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) की वह भविष्यवाणी सही साबित होगी जो उन्होंने अपने मुखपत्र आर्गनाइजर में चिंता व्यक्त करते हुये कहा था कि अकेले दम पर ‘‘मोदी’’ अब जिताऊ चेहरा नहीं रहे। हमें जीतने के लिये अब कुछ और करना होगा। इस पर चिंतन की आवश्यकता है। हिमांचल एवं कर्नाटका में न दुखड़ा चला न मुखड़ा चला।
इन पांच राज्यों के चुनाव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की यह आशंका सही साबित होगी और हिमांचल प्रदेश से निकली हुई मोदी जी के पराजय की श्रृंखला कर्नाटक होते हुये तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान होकर पूरे देश में लोकसभा के चुनाव में उसका सफाया करेगी।
श्री तिवारी ने कहा है कि आखिर झूठे और खोखले वायदे से मोदी जी देश की जनता को कब तक भ्रमित करते रहेंगे। आगामी 3 दिसंबर 2023 की सुबह का सूरज जैसे-जैसे ढलता जायेगा वैसे-वैसे भाजपा की पराजय का नया अभूतपूर्व इतिहास देश की जनता लिखेगी, और शाम होते-होते इन पांच राज्यों (तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान) में कांग्रेस का तिरंगा फहर जायेगा।
छत्तीसगढ़ में बघेल सरकार की वापसी होगी
श्री तिवारी ने कहा है कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ में केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग करके छत्तीसगढ़ की जनता का अपमान कर रही है, जिसका करारा जवाब भारतीय जनता पार्टी को छत्तीसगढ़ की महान जनता चुनाव में देगी और उसका सूपड़ा साफ करेगी। भाजपा चाहे जितने हथकण्डे अपना ले किन्तु छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 75 से अधिक सीटें जीत रही है। छत्तीसगढ़ में बघेल सरकार की वापसी होगी।
श्री तिवारी ने कहा है कि ‘कांग्रेस का हाथ-जनता के साथ।’ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने अब तक हितग्राहियों के खाता में सीधे-सीधे तौर पर रूपये 1 लाख75 हजार करोड़ जमा करया है जो यह साबित करता है कि कांग्रेस सरकार हमेशा जनता के दुःख, दर्द में उसके साथ खड़ी रहती है। छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की कीमत इस वर्ष 2640 और 2660 रू. प्रति क्विंटल मिला है जो भाजपा शासित किसी राज्य के किसानों को नहीं मिला।
चालू खरीफ सीजन में कांग्रेस सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा की है और इस बार किसानों को धान की कीमत लगभग 2800 रू. प्रति क्विंटल मिलेगा। यही नहीं राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ 27 लाख किसानों को मिल रहा है। प्रति एकड़ 9 से 10 हजार की इनपुट सब्सिडी किसानों को मिल रही है।
श्री तिवारी ने कहा है कि देश में सबसे कम बेरोजगारी दर आधा प्रतिशत छत्तीसगढ़ की है तथा बेरोजगार युवाओं को 2500 रू. का भत्ता कांग्रेस की सरकार देती है। आम आदमी को राहत देने के लिये भूपेश सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना लागू किया है जिसका फायदा 44 लाख नागरिकों को हुआ उनका 4000 करोड़ का बिजली बिल कांग्रेस सरकार ने माफ कर दिया।
राजीव गांधी कृषि भूमिहीन न्याय योजना का लाभ साढ़े पांच लाख लोगों को मिल रहा है, इस योजना से सालाना 7000 रू. दिया जाता है। राजीव गांधी गो-धन न्याय योजना के माध्यम से 10 हजार से अधिक गोठान बनाये गये है, 2 रू. किलो में गोबर और 4 रू. में गौमूत्र की खरीदी हो रही है इस योजना से पशुधन का संरक्षण हो रहा है पशुपालकों और महिला स्व सहायता समूह को लाभ हो रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के माध्यम से प्रदेश के 10 लाख 43 हजार परिवार को घर बनाने आर्थिक मदद की जा रही है। पहली किस्त में 43 हजार परिवार को एक-एक लाख रुपये प्रदान किया गया।
श्री तिवारी ने कहा है कि 5 लाख युवाओं को रोजगार एवं स्व रोजगार तथा सरकारी नौकरियों के अवसर सरकार ने प्रदान किये है। इसके अतिरिक्त एक लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियमित भर्ती। की गयी है।
‘‘रोजगार मिशन’’ के माध्यम से आने वाले 5 साल में 15 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की योजनाओं को 65 से अधिक पुरस्कार दिये है।
राज्य सरकार ने व्यक्ति विकास की दिशा में प्रयास किया जिसका परिणाम है प्रदेश के 40 लाख लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल योजना से 727 स्कूल खोले गए जिससे 4 लाख से अधिक बच्चे निःशुल्क अंग्रेजी की शिक्षा प्राप्त कर रहे। यह सारी योजनाएं कांग्रेस की जीत का आधार बनेगी।
छत्तीसगढ़: बिना फिटनेस और टैक्स वाले वाहनों को टोल से गुजरने पर ऑटोमैटिक चालान होगा
बसना : महासमुंद जिले के बसना, सरायपाली क्षेत्र में यातायात नियमों का ना पालन करने वाले और बिना हेलमेट बाइक ड्राइव करने वाले सावधान हो जाए, क्योंकि अब इसके लिए रास्ते पर बेरियर लगाकर यातायात या पुलिस के जवान आपको रोकेंगे नहीं, बल्कि सीधे चालान आपके घर पहुंच जाएगा।
इसके लिए बसना अंकोरी पलसापाली जाने वाली मार्ग गढ़फुलझर यादव होटल के पास एक सीधे व ऊर्ध्वाधर पोल पर यातायात नियंत्रण के लिये कैमरा लगा है। जो पोल के शीर्ष से 113 मीटर दूर दृष्टि रेखा तक यातायात देख सकता है। ताड़ी पोल के चारों ओर यह कैमरा 39424 वर्ग मीटर यातायात देख सकता है।
एलिवेटेड रोड पर यह है गति सीमा
एलिवेटेड रोड पर हल्के चार पहिया वाहनों के लिए 60 और भारी वाहनों के लिए 40 किलोमीटर प्रति घंटा गति तय है। इससे अधिक चलने पर कैमरों के जरिए वाहनों के चालान हुआ करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशाअनुरूप तथा परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन सुविधाओं का सुचारू रूप से क्रियान्वयन हो रहा हैं। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में होने वाले मृत्यु के आँकड़ो को देख कर प्रदेश में रोड एक्सीडेंट कम करने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे।
सड़क दुर्घटना का एक प्रमुख कारण बिना फ़िटनेस के चलने वाले हैवी गाड़ियां है। अनफिट गाड़ियों से होने वाली सड़क दुर्घटना कम करने के लिए प्रदेश में परिवहन विभाग की पहल पर विभिन्न मार्ग में एएनपीआर कैमरा लगाये जा रहे हैं, जो बिना फिटनेस और टैक्स के चलने वाले वाहनों को डिटेक्ट कर आटोमैटिक चालानी कार्रवाई करेगा।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में विभिन्न मार्ग पर चलने वाले ऐसे वाहनों का पता लगाने के लिए पहले चरण में 09 जगहों पर एएनपीआर कैमरा लगाया है जो परिवहन विभाग के वाहन सॉफ्टवेर और ई डिटेक्शन सिस्टम से जुड़ा हुआ है।
प्रथम चरण में इन स्थानों में शुरू किया गया है एएनपीआर ई डिटेक्शन सिस्टम
महासमुंद बसना पदमपुर रोड के मध्य गड़फुलझर में, सराईपाली सारंगढ़ रोड में, जयराम नगर मस्तूरी रोड, रायपुर अभनपुर भरेंगाभाटा, पत्थलगांव अंबिकापुर रोड, डोंगरगढ़ राजनांदगांव रोड, रायगढ़ तेंदुवाभाटा, रायगढ़ सरिया, नगरी रोड। इसके बाद खनन और औद्योगिक क्षेत्रों से भी एएनपीआर कैमरे के मदद से डेटा एकत्र करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही इन जगहों से गुजरने वाली गाड़ियों का रिकार्ड भी एएनपीआर सिस्टम के माध्यम से परिवहन विभाग को प्राप्त होने शुरु हो चुका है।
अब बिना फिटनेस और टैक्स के गाड़ियों को टोल से गुजरना पड़ रहा महंगा, कट रहा ऑटोमैटिक चालान वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार राज्यों के विभिन्न सड़क मार्गों पर आर टी ओ बिठाने के साथ साथअब छोटे छोटे राज्य मार्गो मे भी बिना फिटनेस, टैक्स और बिना दस्तावेज के चलने वाले वाहनों पर सख्ती शुरु हो चुकी है प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे में अब ई-डिटेक्शन सिस्टम शुरू हो चुका है.
छत्तीसगढ़ सरकार अब बिना फिटनेस, टैक्स, बीमा और बिना दस्तावेज के चलने वाले वाहनों पर सख्ती करने की तैयारी कर चुकी हैं. प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे में अब ई-डिटेक्शन सिस्टम शुरू हो चुका है. जिससे बिना फिटनेस और बिना टैक्स वाले वाहनों के टोल से गुजरने पर ऑटोमैटिक चालान होगा.
अनफिट गाड़ियों का राष्ट्रीय राजमार्गों पर विभिन्न टोल नाकों से गुजरने वाले वाहनों का डेटा एकत्र करने के लिए पहले चरण में NH पर टोल गेट्स को E – detection पोर्टल से जोड़ा गया है. बाद में खनन और औद्योगिक क्षेत्रों से भी ANPR कैमरे के मदद से डेटा एकत्र किया जा रहा है.
फास्टैग से ली गएगी मदद
गाड़ियों की जानकारी को फास्टैग के माध्यम से प्राप्त किए गए डेटा से जमा किया जाएगा. जब कोई वाहन टोल गेट से गुजरेगा तो उसकी तस्वीरें ली जाएंगी. जिस वाहन के पास कानूनी रूप से आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं होंगे उसका ई-डिटेक्शन पोर्टल द्वारा स्वचालित रूप से चालान किया जाएगा. चालान एसएमएस के माध्यम से वाहन मालिक के मोबाइल में भेज दिया जाएगा. जब तक वाहन स्वामी के द्वारा उस चालान का भुगतान नहीं कर दिया जायेगा तब तक उस गाड़ी से संबंधित समस्त कार्य सभी RTO में प्रतिबंधित रहेंगे.
ठीक करा लें सारे कागजात
परिवहन अधिकारी रामकुमार धुरूव ने वाहन मालिकों से अपील की है कि सड़क में वाहन चलाने से पहले गाड़ी की सम्पूर्ण आवश्यक दस्तावेज को अप-टू-डेट करा ले. सभी दस्तावेज पूर्ण होना स्वयं और सड़क में चलने वाले अन्य सभी लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है. परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे फिटनेस, टैक्स, बीमा और पीयूसी के जुर्माने से बचने के लिए वाहन के दस्तावेज अप-टू-डेट रखें.
"छत्तीसगढ़ में 40 से अधिक नए कोयला ब्लॉकों को खनन से बाहर रखने का निर्णय: पर्यावरण और खनन के संरक्षण की दिशा में"
कोयला मंत्रालय का लक्ष्य कोयला उत्पादन में वृद्धि करना और देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। मंत्रालय के प्रयासों के परिणामस्वरूप, पिछले पांच वर्षों के दौरान कोयले की कुल खपत में आयात का हिस्सा 26 प्रतिशत से घटकर 21 प्रतिशत हो गया। फिर भी, भारत भारी विदेशी मुद्रा खर्च करके सालाना 200 मिलियन टन (एमटी) से अधिक कोयले का आयात कर रहा है। पिछले साल, भारत ने कोयले के आयात बिल पर 3.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए। भारत में कोयले का चौथा सबसे बड़ा भंडार है। इसलिए घरेलू उत्पादन को बढ़ाना युक्तिसंगत है जिससे कि आयात पर निर्भरता में कमी लाई जा सके।
देश के कोयला उत्पादक क्षेत्र वन समृद्ध भौगोलिक क्षेत्रों में स्थित हैं। भारत सरकार वनों की सुरक्षा और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, फिर भी अर्थव्यवस्था की आवश्यकता और ऊर्जा की मांग को ध्यान में रखते हुए, अधिक से अधिक कोयला खानों को प्रचालित किया जाना अपेक्षित है। इसके साथ-साथ कोयला मंत्रालय वनों की रक्षा के प्रति अत्यधिक सचेत है, इसलिए अपेक्षित न्यूनतम वन क्षेत्र को ही डायवर्ट किया जाता है और समाप्त हुए वन क्षेत्र के बदले दोगुने क्षेत्र में वन रोपण किया जाता है।
किसी भी कोयला खदान के प्रचालन के लिए, अन्य सांविधिक स्वीकृतियों के अतिरिक्त, आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोयला ब्लॉक के भाग में वन भूमि शामिल है, तो प्रचालन से पहले वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अनुमोदन प्राप्त करना होगा। कोई भी स्वीकृति दी जाने से पहले सख्त दिशानिर्देश, मानदंड और उच्च बेंचमार्क का पालन किया जाना अनिवार्य हैं।
कोयला मंत्रालय ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और राज्य सरकारों की अनुशंसाओं को हमेशा ध्यान में रखा है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सुझावों की अनदेखी करके किसी कोयला खदान की नीलामी तक नहीं की गई है। उदाहरण के लिए, लेमरू एलिफेंट कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाली कोयला खानों को गैर-अधिसूचित करने के छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की कोयला खानों का भी विकास नहीं किया जा रहा है और कैप्टिव कोयला ब्लॉकों को भी नीलामी के दायरे से बाहर रखा गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर लेमरू एलिफेंट कॉरिडोर से आगे के क्षेत्रों को भी छूट देने पर विचार किया गया है। छत्तीसगढ़ के लगभग 10 प्रतिशत आरक्षित क्षेत्र वाले 40 से अधिक नए कोयला ब्लॉकों को कोयला खनन से बाहर रखने का निर्णय लिया गया है। हसदेव-अरंड के घने कोयला क्षेत्र में आने वाली नौ कोयला खदानों को भी कोयला ब्लॉकों की नीलामी के अगले दौर के लिए बाहर रखा गया है। इसी प्रकार, तीन लिग्नाइट खानों को आगे की नीलामी प्रक्रिया से बाहर रखने के लिए तमिलनाडु सरकार के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया गया है। कोयला मंत्रालय के ये निर्णय स्पष्ट रूप से वन क्षेत्रों को नीलामी के तहत रखने की उद्योग की मांग के बावजूद उनकी रक्षा करने की हमारे उत्तरदायित्व को दर्शाते हैं।
मंत्रालय इस तथ्य से अवगत है कि भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिल सकती है। तदनुसार, भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने के लिए नीति तैयार की गई है। खनिकों की निरंतर तैनाती, हाई-वॉल और लॉंग-वॉल के माध्यम से प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भूमिगत खानों के लिए प्रतिपूरक वनीकरण आवश्यकता से छूट की भी अनुमति प्रदान की है। निजी सेक्टर के माध्यम से खानों के प्रचालन में भूमिगत खनन में रुचि आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है।
कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में, कोयला/लिग्नाइट सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने सतत और पर्यावरण के अनुकूल पहलों के लिए उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेष रूप से, उन्होंने वित्त वर्ष 2018-19 से वित्त वर्ष 2023-24 तक लगभग 12,358 हेक्टेयर को कवर करते हुए 265 लाख से अधिक पौधे लगाकर हरित आवरण को सफलतापूर्वक बढ़ाया है। सिर्फ वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान ही 2,734 हेक्टेयर में 51 लाख पौधे लगाकर अपने लक्ष्य को पार कर लिया। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में पंद्रह इको-पार्क और खान पर्यटन स्थल भी विकसित किए हैं, जिनमें से सात को स्थानीय पर्यटन सर्किट में समेकित किया गया है, और टिकाऊ पर्यटन तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कोयला खनन क्षेत्रों में 19 और को समेकित किए योजना है। वास्तव में, केन्द्रीय सरकारी उद्यमों द्वारा गैर-वन कोयला निकाली जा चुकी भूमि पर किए गए वनीकरण को अब भावी प्रतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि बैंक के रूप में उपयोग करने की अनुमति दी गई है, तदनुसार प्रत्यायित प्रतिपूरक वनीकरण के लिए 2800 हेक्टेयर से अधिक वनीकृत भूमि प्रस्तुत की गई है।
कोयला मंत्रालय का उद्देश्य पर्यावरण को बिना गंभीर नुकसान पहुंचाए, देश में कोयला उत्पादन को इष्टतम करना है। पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को अपनाकर और घने वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खदानों को छोड़कर, कोयला मंत्रालय ने पर्यावरण के संरक्षण और देश में कोयला उत्पादन बढ़ाने के बीच सही संतुलन बनाने के माध्यम से कोयला खानों के आवंटन के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई है।
"जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ द्वारा प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की गई"
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है. जारी सूची में 16 उम्मीदवारों के नाम शामिल है.
देखें लिस्ट -
"विधानसभा चुनाव के समय, छत्तीसगढ़ के शिक्षकों ने वेतन भुगतान की मांग की"
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा का चुनाव नजदीक है ऐसे में सरकार द्वारा पूर्व में किए गए वायदों को पूरा करवाने के लिए कर्मचारियों के पास अच्छा मौका है। इसी मौके के फायदा उठाने के लिए चुनाव कार्य में लगे शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारी संगठन ने आज जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारी संगठन ने वेतन का भुगतान न होने पर निर्वाचन कार्य के प्रभावित होने की बात कही है।
दरअसल, निर्वाचन कार्य में लगे जिले के करीब 700 शिक्षकों का प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति संशोधन के कारण बीते दो महीने से एक तरफा वेतन भुगतान रोक दिया गया है। त्यौहारी सीजन में वेतन न मिलने से इन शिक्षकों को परिवार चलाने में कई तरह दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने लंबित वेतन भुगतान कराने की मांग की है. ताकि वे पूर्ण निष्ठा और लगन से निर्वाचन कार्य संपन्न कर सकें। इस संबंध में संगठन ने ज्ञापन भी सौंप दिया है।
महिलाओं के कार्यस्थल पर उत्पीड़न पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया गया
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की लैंगिक उत्पीड़न शिकायत समिति द्वारा ‘‘महिलाओं के कार्यस्थल पर उत्पीड़न’’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा थे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में कलिंगा विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती सलोनी त्यागी श्रीवास्तव उपस्थित थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास ने की। मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि किसी भी संस्था के विकास में वहां की महिला कर्मचारियों का बड़ा योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक बहुत बड़ा हथियार है,
जिससे व्यक्ति की मनोदशा में परिवर्तन होता है। डॉ. संजय शर्मा ने विश्वविद्यालय की लैंगिक उत्पीड़न शिकायत समिति को बधाई एवं शुभकामनांए दी कि वे महिलाओं को जागरूक करने हेतु इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। श्रीमती सलोनी त्यागी श्रीवास्तव ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जी.के. दास ने कहा कि बच्चा लड़की हो या लड़का हो, सभी को प्राथमिक संस्कार समाज की महिलाएं ही देती हैं। बच्चों एवं समाज की प्रगति में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। इस अवसर पर लैंगिक उत्पीड़न शिकायत समिति की सदस्य डॉ. (श्रीमती) प्रतिभा कटियार, डॉ. (श्रीमती) अंबिका टंडन, डॉ. (श्रीमती) नीता खरे, डॉ. (श्रीमती) प्रभारानी चौधरी एवं डॉ. (श्रीमती) शुभा बैनर्जी उपस्थित थी।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की लैगिंक उत्पीड़न शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) आरती गुहे ने कहा कि भविष्य की कार्यप्रणाली में प्रशिक्षण बहुत ही उपयोगी होते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की विस्तृत रूप-रेखा प्रस्तुत की। तकनीकी सत्र में कलिंगा विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक पलक शर्मा ने कहा कि स्कूलों में प्रायः महिलाएं प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाती हैं, जिससे बच्चे आत्मीय भावना से प्रेरित होते हैं। समाज में पुरूष को कर्ता-धर्ता अवश्य माना जाता है किन्तु प्रबंधन में महिलाएं अग्रणी होती हैं। तकनीकी सत्र के दौरान विधि संकाय की सहायक प्राध्यापक श्रीमती दर्शी शर्मा गुहे ने भी लैगिंक उत्पीड़न के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. (श्रीमती) अन्नू वर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन लैगिंक उत्पीड़न शिकायत समिति की सचिव डॉ. (श्रीमती) ज्योति भट्ट ने किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कार्यरत महिला प्राध्यापक, अधकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थी।
छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अमित शाह सरकार को लेकर गंभीर आरोप लगाए
सांसद प्रमोद तिवारी ने अमित शाह को चुनौती देते हुये कहा कि कल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आये, एक और झूठ बोलकर गये कि बस्तर एनएमडीसी संयंत्र नहीं बेचा जायेगा। यदि नगरनार संयंत्र नहीं बेचा जा रहा तो इसका फैसला कब हुआ। कब केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नगरनार संयंत्र को विनिवेशीकरण की सूची से बाहर किया, उसको नहीं बेचने का आदेश कहां है इसका मोदी और अमित शाह जवाब दें?
मोदी सरकार ने नगरनार को बेचने का फैसला कर लिया है। इसके बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। 14 अक्टूबर 2020 में भारत सरकार ने एनएमडीसी (नगरनार) स्टील प्लांट में 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया था। उक्त कार्य हेतु भारत सरकार के वित्त विभाग के अधीन “निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग” (डीआईपीएएम) को सौंपा गया। यह निर्णय प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा लिया गया। इस बैठक में नगरनार स्टील प्लांट के राजनीतिक विनिवेश का कार्य सितंबर 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। (पीआईबी रिपोर्ट)। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु “दीपम” (डीआईपीएएम) ने 2 दिसंबर 2022 को नगरनार की रणनीतिक बिक्री हेतु प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की गयी। इस निविदा के संबंध में निजी निवेशकों को अन्य जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रश्न जमा करने की अंतिम तारीख 29 दिसंबर 2022 तथा बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 रखी गयी थी।
देशभर के चुनाव में कांग्रेस 5-0 से जीतेगी
इन पांच राज्यों में जनता को जिस घड़ी का इंजार था वह समय अब आ गया है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसान तथा युवाओं के साथ-साथ लगभग हर वर्ग के साथ भाजपा ने धोखा एवं विश्वाघात किया है, सार्वजनिक कंपनियां को बेचा है। अब जनता उसका सही फैसला करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी सहित ज्यादातर केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ में आकर झूठ बोलते है, स्तरहीन राजनीति करते है और महंगाई, बेरोजगार, किसानों की समस्याओं, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों तथा हर स्तर पर फेल भाजपा सरकार की असफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास करते है।
श्री तिवारी ने कहा है कि ‘‘मोदी सरकार’’ लगातार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव पूर्ण सौतेला व्यवहार करती रही है तथा छत्तीसगढ़ के हक और अधिकारों का हनन कर रही है, केंद्रीय योजनाओं की धनराशि ही समय पर नहीं प्रदान की जाती है जिससे समयबद्ध ढंग से उन योजनाओं की शुरूआत नहीं होती है। यही नहीं छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली तमाम ट्रेनों को भी निरस्त कर दिया जाता है जिससे जनता को अपनी आवश्यकताओं के लिये एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में परेशानी होती है। छत्तीसगढ़ में जनता की अदालत में जाने के लिये भारतीय जनता पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है जिसको लेकर वह जनता के सामने जाये, और न ही कोई लोकप्रिय चेहरा ही उसके पास है, जिसके मुखौटे पर वह चुनाव मैदान में उतर सके। सबसे दुःखद एवं और चिंताजनक तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल के भ्रष्टाचारियों और कमीशन खोरी के संगीन आरोपियों को पुनः प्रत्याशी बनाया है।
श्री तिवारी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बन रही है, मिजोरम में कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
श्री तिवारी ने कहा है कि इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) की वह भविष्यवाणी सही साबित होगी जो उन्होंने अपने मुखपत्र आर्गनाइजर में चिंता व्यक्त करते हुये कहा था कि अकेले दम पर ‘‘मोदी’’ अब जिताऊ चेहरा नहीं रहे। हमें जीतने के लिये अब कुछ और करना होगा। इस पर चिंतन की आवश्यकता है। हिमांचल एवं कर्नाटका में न दुखड़ा चला न मुखड़ा चला।
इन पांच राज्यों के चुनाव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की यह आशंका सही साबित होगी और हिमांचल प्रदेश से निकली हुई मोदी जी के पराजय की श्रृंखला कर्नाटक होते हुये तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान होकर पूरे देश में लोकसभा के चुनाव में उसका सफाया करेगी।
श्री तिवारी ने कहा है कि आखिर झूठे और खोखले वायदे से मोदी जी देश की जनता को कब तक भ्रमित करते रहेंगे। आगामी 3 दिसंबर 2023 की सुबह का सूरज जैसे-जैसे ढलता जायेगा वैसे-वैसे भाजपा की पराजय का नया अभूतपूर्व इतिहास देश की जनता लिखेगी, और शाम होते-होते इन पांच राज्यों (तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान) में कांग्रेस का तिरंगा फहर जायेगा।
छत्तीसगढ़ में बघेल सरकार की वापसी होगी
श्री तिवारी ने कहा है कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ में केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग करके छत्तीसगढ़ की जनता का अपमान कर रही है, जिसका करारा जवाब भारतीय जनता पार्टी को छत्तीसगढ़ की महान जनता चुनाव में देगी और उसका सूपड़ा साफ करेगी। भाजपा चाहे जितने हथकण्डे अपना ले किन्तु छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 75 से अधिक सीटें जीत रही है। छत्तीसगढ़ में बघेल सरकार की वापसी होगी।
श्री तिवारी ने कहा है कि ‘कांग्रेस का हाथ-जनता के साथ।’ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने अब तक हितग्राहियों के खाता में सीधे-सीधे तौर पर रूपये 1 लाख75 हजार करोड़ जमा करया है जो यह साबित करता है कि कांग्रेस सरकार हमेशा जनता के दुःख, दर्द में उसके साथ खड़ी रहती है। छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की कीमत इस वर्ष 2640 और 2660 रू. प्रति क्विंटल मिला है जो भाजपा शासित किसी राज्य के किसानों को नहीं मिला।
चालू खरीफ सीजन में कांग्रेस सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा की है और इस बार किसानों को धान की कीमत लगभग 2800 रू. प्रति क्विंटल मिलेगा। यही नहीं राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ 27 लाख किसानों को मिल रहा है। प्रति एकड़ 9 से 10 हजार की इनपुट सब्सिडी किसानों को मिल रही है।
श्री तिवारी ने कहा है कि देश में सबसे कम बेरोजगारी दर आधा प्रतिशत छत्तीसगढ़ की है तथा बेरोजगार युवाओं को 2500 रू. का भत्ता कांग्रेस की सरकार देती है। आम आदमी को राहत देने के लिये भूपेश सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना लागू किया है जिसका फायदा 44 लाख नागरिकों को हुआ उनका 4000 करोड़ का बिजली बिल कांग्रेस सरकार ने माफ कर दिया।
राजीव गांधी कृषि भूमिहीन न्याय योजना का लाभ साढ़े पांच लाख लोगों को मिल रहा है, इस योजना से सालाना 7000 रू. दिया जाता है। राजीव गांधी गो-धन न्याय योजना के माध्यम से 10 हजार से अधिक गोठान बनाये गये है, 2 रू. किलो में गोबर और 4 रू. में गौमूत्र की खरीदी हो रही है इस योजना से पशुधन का संरक्षण हो रहा है पशुपालकों और महिला स्व सहायता समूह को लाभ हो रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के माध्यम से प्रदेश के 10 लाख 43 हजार परिवार को घर बनाने आर्थिक मदद की जा रही है। पहली किस्त में 43 हजार परिवार को एक-एक लाख रुपये प्रदान किया गया।
श्री तिवारी ने कहा है कि 5 लाख युवाओं को रोजगार एवं स्व रोजगार तथा सरकारी नौकरियों के अवसर सरकार ने प्रदान किये है। इसके अतिरिक्त एक लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियमित भर्ती। की गयी है।
‘‘रोजगार मिशन’’ के माध्यम से आने वाले 5 साल में 15 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की योजनाओं को 65 से अधिक पुरस्कार दिये है।
राज्य सरकार ने व्यक्ति विकास की दिशा में प्रयास किया जिसका परिणाम है प्रदेश के 40 लाख लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल योजना से 727 स्कूल खोले गए जिससे 4 लाख से अधिक बच्चे निःशुल्क अंग्रेजी की शिक्षा प्राप्त कर रहे। यह सारी योजनाएं कांग्रेस की जीत का आधार बनेगी।
"विधानसभा आम निर्वाचन 2023: 14 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र जमा किया, 04 ने क्रय किया"
कांकेर: विधानसभा आम निर्वाचन 2023 के तहत जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-79, भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-80 और कांकेर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-81 के लिए नामांकन के पांचवें दिन आज 14 अभ्यर्थियों ने अपना नाम-निर्देशन पत्र रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष जमा कराया। साथ ही 04 लोगों के द्वारा नाम-निर्देशन पत्र क्रय किया गया।
रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 79, 80 व 81 से मिली जानकारी के मुताबिक अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए 05 लोगों ने नाम निर्देश पत्र जमा किए, जिनमें श्री नरहरदेव गावड़े, श्री विक्रमदेव उसेण्डी, श्री कुंवरसिंह ध्रुव, श्री संतुराम नुरूटी, तथा श्री संतराम सलाम ने नाम-निर्देशन पत्र जमा किया। इसी प्रकार भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 07 लोगों ने नामनिर्देशन पत्र जमा किए, जिनमें श्री सेवालाल चिराम, श्रीमती सावित्री मंडावी, श्री जालम सिंह जुर्री, श्री गौतम उइके, श्री देवलाल नरेटी, श्री भोजराम मंडावी और श्रीमती निर्मला कोमरे ने नाम-निर्देशन पत्र जमा किए। इसी तरह कांकेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत श्री आशाराम नेताम और श्री डायमंड नेताम ने नाम-निर्देशन पत्र दाखिल किया।
साथ ही अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए एक अभ्यर्थी ग्राम-हड़फड़ निवासी श्रीमती संतबाई उइके ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किया। इसी प्रकार कांकेर विधानसभा क्षेत्र के लिए चारामा तहसील के ग्राम-बड़ेगौरी निवासी श्रीमती पार्वती तेता, कांकेर तहसील के आलबेड़ा निवासी श्री जयप्रकाश सलाम और ग्राम-गढ़पिछवाड़ी निवासी श्री गोविन्द कुमार ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किये। उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुक्रवार 20 अक्टूबर को नाम-निर्देशन पत्र क्रय एवं जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसके बाद शनिवार को 21 अक्टूबर को प्राप्त नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी, तदुपरांत सोमवार 23 अक्टूबर को अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। जिले के सभी मतदान केन्द्रों में वोटिंग की तिथि आयोग द्वारा 07 नवम्बर मुकर्रर की गई है।
"साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामले: लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के साइबर सुरक्षा उपायों की जरूरत"
रायपुर: भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी नोडल एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT) साइबर जागरूकता दिवस मना रही है. इसका उद्देश्य देश भर में इंटरनेट यूजर्स को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के साथ ही लोगों में साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता पैदा करना है. लोगों के साथ कई तरह के साइबर फ्रॉड होते हैं, लेकिन सरकार की तरफ कुछ प्रमुख फ्रॉड के तरीकों को रेखांकित किया गया है, जिनसे देश भर में लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
बैंक डिटल अपडेट के नाम पर
बैंक डिटेल अपडेट कराने के नाम पर काफी लोगों के साथ धोखाधड़ी की जाती है. इस तरीके से फ्रॉड करने के लिए अपराधी यूजर्स को एक खास प्लेटफॉर्म पर बैंक से जुड़ी जानकारी अपडेट करने के लिए कहते हैं. ऐसे में ग्राहकों को याद रखना चाहिए कोई भी बैंक या बैंक कर्मचारी कभी भी आपकी निजी जानकारी नहीं मांगते.
अनजाने लिंक पर क्लिक करें
अपडेट के बहाने लिंक पर क्लिक कराकर भी लोगों के साथ फ्रॉड किया जाता है. इसमें अपराधी व्हाट्सऐप या मैसेज पर लिंक शेयर करते हैं. फ्रॉड करने वाले खाताधारकों को यह भी चेतावनी देते हैं कि यदि वे अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते तो उनका अकाउंट बंद और डेबिट कार्ड आदि ब्लॉक किया जा सकता है.
KYC अपडेट के नाम पर
KYC अपडेट के नाम पर फ्रॉड के कई मामले सामने आते रहते हैं. इस तरह के फ्रॉड में अपराधी KYC अपडेट करने के लिए मोबाइल यूजर्स से उनकी निजी जानकारी शेयर करने के लिए कहते हैं. इसमें भी अपराधी लोगों को यह कहकर डराते हैं कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनका मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा.
ATM या डेबिट कार्ड ब्लॉक करने की धमकी
फ्रॉड करने वालों ने ATM या डेबिट कार्ड ब्लॉक किए जाने की धमकी या डर दिखाकर काफी लोगों को ठगा है. इसमें लोगों को फोन कर उनसे कार्ड के नंबर, उसकी वैलिडिटी या एक्सपायर होने की तारीख, CVV नंबर, फोन नंबर, जन्म तिथि और पैन नंबर आदि जानकारी मांगी जाती है. कई मामलों में ठगी करने वाले लोगों से उनका पिन नंबर भी पूछने में सफल हो जाते हैं.