छत्तीसगढ़
"भूपेश सरकार के 'हितग्राही कार्ड अभियान' के तहत छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस द्वारा विधायक विकास उपाध्याय के साथ जनहित की प्रतिक्रिया जानने की योजना"
रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय अपने विधानसभा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के भूपेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित जनता से भेंट करेंगे और हितग्राही कार्ड वितरित कर उनका पंजीयन कराया जाएगा। जिसके लिये विकास उपाध्याय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा बनाये गये ऑब्ज़र्वर द्वारा समस्त कार्यकर्ताओ को कांग्रेस सरकार की योजनाओं की प्रतिक्रिया लेने हेतु प्रशिक्षण दिया गया।
इस अभियान को लेकर रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की कुशल नीतियों से आज प्रदेश का हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है और नित नई उपलब्धियों के साथ छत्तीसगढ़ विश्व में अपनी एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। "गढ़बो नवा छत्तीसगढ़" केवल एक नारा नहीं हमारा संकल्प है, छत्तीसगढ़ की खुशहाली, उन्नति, प्रगति और जनता के विकास का जिसके लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी और कांग्रेस पार्टी का हर नेता व कार्यकर्ता प्रतिबद्ध है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने अनेको जनकल्याणकारी योजनाओं से राज्य के प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित किया है जैसे किसानों का कर्जा माफ , बिजली बिल हाफ , स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिंदी विद्यालय, युवाओ को बेरोजगारी भत्ता, राशन की व्याप्त व्यवस्था , युवाओ को सरकारी नौकरी द्वारा रोजगार मुहैया कराना, स्वास्थ संबंधित शहरी स्लम स्वास्थ योजना, कम दर में धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल के साथ मुफ्त में हमर क्लीनिक में दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ जनहितकारी अनेको कार्य किया जा रहा है इसी को सुनिश्चित करते हुये विधायक विकास उपाध्याय अपने क्षेत्र के लोगो से भेंट करेंगे और हितग्राहियों को हितग्राही कार्ड वितरित कर पंजीयन करवाएंगे।
"भाजपा सांसद अरुण साव ने केंद्रीय रेल मंत्री से बिलासपुर जोन की सुविधाओं पर चर्चा की, अमृत भारत स्टेशन योजना में छत्तीसगढ़ के सात स्टेशनों का शामिल होने पर जताया आभार"
रायपुर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व बिलासपुर सांसद अरुण साव ने सोमवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। मुलाकात में बिलासपुर जोन के रेल सुविधाओं को लेकर चर्चा की।
श्री साव ने प्रदेशवासियों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय रेलमंत्री से भेंट कर बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न रेलवे स्टेशनों में कई ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ वनांचल तथा जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। जहां आवागमन की सुविधा के लिए ट्रेन मुख्य साधन है। ट्रेनों का ठहराव बंद होने से क्षेत्र के निवासियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। श्री साव ने जनहित को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का ठहराव फिर से शुरू करने के लिए यथाशीघ्र कार्यवाही करने का निवेदन केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से किया है। साथ ही श्री साव ने क्षेत्र में विलंब से चल रही ट्रेनों का समय पर परिचालन सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना में छत्तीसगढ़ के सात स्टेशन शामिल, साव ने जताया आभार
अरुण साव ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देश के 508 स्टेशनों का अपग्रेडेशन और नवीनीकरण करने का फैसला किया है, जिसका आगामी 6 अगस्त को भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी द्वारा आधारशिला रखी जाएगी । इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई पावर हाउस, महासमुंद तिल्दा-नेवरा और अकलतरा स्टेशन का चयन किया गया है। इस योजना के माध्यम से केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ को ₹1,459.6 करोड़ की सौगात प्राप्त हो रही है। जिसके लिए अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।
साव ने कहा कि इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है और न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (एमईए) सहित अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न चरणों में कार्य का क्रियान्वयन किया जाएगा। लंबी अवधि के समय में स्टेशन पर रूफ प्लाजा और शहर के केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
छत्तीसगढ़ के सात स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है। यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा BJP प्रदेश अध्यक्ष साव ने अन्य विषयों को लेकर भी चर्चा की है। साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है एवं अनेक परियोजनाओं का काम प्रगति पर है ।
"मड़वा थर्मल पॉवर प्लांट ने नया बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया, छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक प्लांट लोड फैक्टर हासिल किया"
रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की अटल बिहारी वाजपेयी थर्मल पॉवर प्लांट मड़वा ने सर्वाधिक बिजली उत्पादन का नया कीर्तिमान रचा है। जुलाई महीने में 89.13 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) हासिल किया है। यह मड़वा संयंत्र का निर्माण होने के बाद से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पीएलएफ का आशय है प्लांट की जितनी क्षमता है, उसका कितने प्रतिशत विद्युत उत्पादन किया गया।
इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव तथा ऊर्जा सचिव व पॉवर कंपनी के चेयरमेन श्री अंकित आनंद ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार ने बताया कि मड़वा में 500-500 मेगावाॅट की आधुनिक दो यूनिट संचालित हैं। इस विद्युत संयंत्र ने 2018 में 87.53 प्रतिशत पीएलएफ के साथ 651.2 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया था, जिसे पार करते हुए बीते महीने जुलाई में 89.13 प्रतिशत पीएलएफ के साथ 663.09 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
नए वित्तीय वर्ष के इन चार महीने में मड़वा संयंत्र से कुल विद्युत उत्पादन 2493.801 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले वर्ष इस महीने तक 1737.112 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन हुआ था।
श्री कटियार ने कहा कि राज्य शासन के दिशा-निर्देशन में पॉवर कंपनी ने बेहतर रखरखाव, उच्च कार्यशैली और कुशल प्रबंधन अपनाकर यह उपलब्धि हासिल की है।
इसके पूर्व केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के पहली तिमाही की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी ने विद्युत उत्पादन के मामले में देश में पहला स्थान प्राप्त किया, जिसमें मड़वा संयंत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मड़वा संयंत्र कई बार क्षमता से अधिक उत्पादन कर रहा है। मड़वा के यूनिट एक ने 16 नवंबर 2022 को एक दिन में 102.01 प्रतिशत तथा यूनिट दो ने 10 फरवरी 2023 को 102.74 प्रतिशत क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया।
"छत्तीसगढ़ में विद्युत लागत में 40 पैसे की वृद्धि, आम उपभोक्ताओं पर 15-18 पैसे का भार"
रायपुर: केंद्रीय विद्युत मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार बिजली बिल में वेरियेबल कॉस्ट एडजेस्टमेंट (वीसीए) शुल्क के स्थान पर अब ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) अधिरोपित किया जा रहा है। बीते महीने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व्दारा बिजली लागत में 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा हुआ है, लिहाजा जुलाई महीने की खपत पर उपभोक्ताओं को 14.23 प्रतिशत ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार लगेगा। यानी उपभोक्ताओं से 400 यूनिट खपत पर 15 से 18 पैसे तक प्रति यूनिट का अभिभार लिया जाएगा। परन्तु राज्य शासन के हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलने से घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका आधा अर्थात् सात से नौ पैसे प्रति यूनिट का भार आएगा।
पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अनुसार बिजली क्रय की निर्धारित दर तथा वास्तविक क्रय की दर के अंतर का समायोजन वीसीए के माध्यम की जाती थी। परन्तु केंद्रीय विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार व्दारा 29 दिसंबर 2022 को अधिसूचित विद्युत (संशोधन) नियम 2022 के अनुसार आयोग ने निर्धारित फार्मूले के अनुसार टैरिफ आदेश में ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार लेने के निर्देश दिए हैं। अब आयोग व्दारा निर्धारित विद्युत क्रय दर एवं पारेषण दर से वास्तविक विद्युत क्रय दर एवं पारेषण दर में अन्तर की राशि को एफपीपीएएस के माध्यम से सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर उनके द्वारा खपत की गई विद्युत के उर्जा प्रभार पर प्रतिशत अनुसार किये जाने की व्यवस्था की गई है।
मई महीने में ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार 10.29 प्रतिशत की दर से ली गई थी, जो जून महीने में 14.23 प्रतिशत हो गई है। अतः जुलाई में की गई बिजली खपत में ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार 38 पैसे के स्थान पर 53 पैसे प्रति यूनिट अधिरोपित किया जाएगा। इस तरह 100 एवं 200 यूनिट खपत पर 15 पैसे प्रति यूनिट, 300 यूनिट पर 17 पैसे और 400 यूनिट पर 18 पैसे प्रति यूनिट की दर बिल में वृद्धि संभावित है। इसमें राज्य सरकार व्दारा 50 प्रतिशत की छूट प्रदान करने पर सात से नौ पैसे प्रति यूनिट का ही भार पड़ेगा। 500 से एक हजार यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में 19 से 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार लिया जाएगा।
प्रदेश में आज अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना
उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित अवदाब उत्तर उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रबल होकर गहरा अवदाब के रूप में परिवर्तित होकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तटीय बांग्लादेश के ऊपर खेपूपारा से पूर्व-दक्षिण पूर्व में 160 किलोमीटर दूर दिघा ( पश्चिम बंगाल) से पूर्व की ओर 420 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके उत्तर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए तटीय बांग्लादेश को पार करते हुए आज शाम को पहुंचेगा। इसके बाद इसके पश्चिम- उत्तर- पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंगेटिक पश्चिम बंगाल की ओर जाने की संभावना है ।
मानसून द्रोणिका का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में स्थित है जबकि उत्तरी छोर गोरखपुर, पटना, श्रीनिकेतन, और उसके बाद पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर गहर अवदाब के केंद्र तक स्थित है।
प्रदेश के उत्तरी भाग में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की संभावना है।
"अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने बताया छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को कट्टर दलित विरोधी और संविधान विरोधी"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय बैठक के पश्चात पत्रकार वार्ता में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को कट्टर दलित विरोधी, कानून विरोधी और संविधान विरोधी सरकार बताया है। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मस्थली गिरौदपुरी में बनने वाले गुरुद्वारा के निर्माण कार्य को रोकना प्रदेश सरकार के घोर अजा विरोधी चरित्र के प्रदर्शन की पराकाष्ठा है। हाल ही रायपुर में अनुसूचित जाति वर्ग के युवकों द्वारा पूर्ण नग्न होकर किए गए प्रदर्शन के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए श्री आर्य ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के सम्मान को कलंकित कर दिया। श्री आर्य मंगलवार को राजधानी स्थित अग्रसेन धाम में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
भाजपा अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आर्य ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रदर्शनकारी युवा लगातार अपने साथ हो रहे अन्याय के निराकरण के लिए लगातार प्रदेश की कांग्रेस सरकार से गुहार लगा रहे थे लेकिन प्रदेश सरकार गूंगी-बहरी बनी रही और हठधर्मिता का परिचय देती रही। विवश होकर अनुसूचित जाति वर्ग के युवकों को यह कदम उठाना पड़ा। जब सरकार के ध्यान में यह विषय आ गया था तो सरकार ने फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में जांच क्यों नहीं कराई? सरकार ने जांच नहीं कराके साबित कर दिया कि वह अनुसूचित जाति वर्ग का अधिकार छीनने वालों के साथ खड़ी है। जिन्हें सजा मिलनी चाहिए, जिनकी नौकरी वापस लेनी चाहिए, उन्हें सरकारी संरक्षण प्राप्त है; यह प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से स्पष्ट हो रहा है। श्री आर्य ने कहा कि केवल इतना ही नहीं, अनुसूचित जाति वसी विकास के लिए आने वाले केंद्र सरकार का पैसा केवल उसी मद में खर्च किया जाना था लेकिन छत्तीसगढ़ की सरकार ने ऐसा नहीं कर के संवैधानिक व्यवस्था का उल्लंघन किया।
भाजपा अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आर्य ने इस बात पर भी क्षोभ व्यक्त किया कि अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रदेश के अनुसूचित जाति मोर्चा को जिलों में संघर्ष करना पड़ रहा है। इसका साफ मतलब है कि अनुसूचित जाति के युवाओं, गरीबों, बच्चों, वंचितों और शोषितों को संविधान प्रदत्त जाति प्रमाण पत्र के अधिकार की रक्षा कांग्रेस की प्रदेश सरकार नहीं कर रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में काम कर रहे हैं, महापुरुषों से जुड़े स्थलों को तीर्थ व पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रहे हैं, वहीं प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा सतनामी समाज के आराध्य गुरु घासीदास जी के जन्म स्थल के विकास और निर्माण कार्य को रोकना सरकार के दलित विरोधी चेहरे को उजागर कर रहा है। श्री आर्य ने कहा कि जैतखाम में गुरुद्वारा को तोड़कर कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने सतनामी समाज के साथ विश्वासघाती कृत्य किया है। इसी प्रकार केंद्र सरकार से अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए आने वाली प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 1100 करोड़ रुपए से बढ़ाकर पंचवर्षीय योजना बनाकर इसके लिए 5900 करोड़ रुपए का सालाना बजट प्रावधान किया। इसमें शर्त यह थी कि जिस दिन प्रदेश सरकार ऑनलाइन बच्चों के खाते में अपना अंशदान डालेगी, उसके दूसरे दिन केंद्र सरकार अपने अंश की राशि डाल देगी। लेकिन, छत्तीसगढ़ की सरकार ने विद्यार्थियों के खाते में अपने अंश का वह पैसा नहीं डाला है जिसके कारण केंद्र के अंश की राशि नहीं आ पा रही है।
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आर्य ने कहा कि पदोन्नति के मामले में भी आरक्षण के रोस्टर का पालन प्रदेश सरकार नहीं कर रही है। प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति समाज में भ्रांति पैदा कर दी है कि राज्यपाल आरक्षण संबंधी विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। श्री आर्य ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी कार्यक्रमों व योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों को और गरीब बना रही है, घोटाले कर रही है। यह सरकार छत्तीसगढ़ का कतई भला नहीं कर सकती।
पत्रकार वार्ता को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक नवीन मार्कंडेय ने भी संबोधित किया। इस दौरान अनुसूचित जाति मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले और प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल उपस्थित थे।
राज्य निर्वाचन आयोग का वाक थान स्थगित
रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में आज 2 अगस्त को आयोजित होने वाली वाक् थान को मौसम की प्रतिकूलता के चलते स्थगित कर दिया है यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से दी गई है
बता दे की राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं में मताधिकार के प्रयोग को लेकर जागरूकता लाने के उद्देश्य से राजधानी में वाक् थान का आयोजन किया था लेकिन राजधानी में देर रात से ही तेज बारिश हो रही है और रुक रुक के बारिश का क्रम जारी है इसके चलते कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है और लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है ऐसी तमाम परिस्थितियों को देखते हुए मौसम की प्रतिकूलता को ध्यान में रखकर निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम स्थगित किया है
"छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की मांग पूरी, भविष्य में होंगे वर्गवार कटआफ सूची के साथ परीक्षाएं"
रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली बहुविकल्पीय परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की माँग के आधार पर आयोग द्वारा निर्णय लिया गया है कि भविष्य में आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के वर्गवार कटआफ सूची लिखित परीक्षा के साथ जारी की जाएगी। पीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में इंटरव्यू में जो ज्यादा नंबर हैं उन्हें भी कम किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में संभागस्तरीय युवा सम्मेलन के दौरान पीएससी के इन निर्णयों से युवाओं को अवगत कराया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बिलासपुर के लिए हवाई मार्ग से जाने वाले थे लेकिन मौसम खराब होने की वजह से हेलीकाप्टर नहीं उड़ सका। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर युवाओं को सड़क मार्ग से आने की सूचना दी। ट्वीट में लिखा कि कका और आपके बीच मौसम नहीं आ सकता है। मैं सड़क मार्ग से आपके पास जल्द पहुंच रहा हूँ।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे युवा देश हमारा भारत है और उसका हृदय स्थल छत्तीसगढ़ है। जब मैंने विधानसभा वार भेंट मुलाकात कार्यक्रम किया तो मैंने महसूस किया कि युवाओं के साथ अभी खूब सारी बातचीत करनी बची है और फिर युवाओं से संभागस्तरीय भेंट मुलाकात का निश्चय किया।
सबसे पहले रायपुर संभाग के युवाओं से मिला और आज बिलासपुर संभाग के युवाओं से मिलने आया हूँ। मुख्यमंत्री ने चर्चा में बताया कि राज्य शासन युवा हित को ध्यान में रखते हुए अनेक योजनाएं चला रही हैं। हमने व्यापम और पीएससी में फीस माफ कर दी है। 4 माह में युवाओं को 112 करोड़ रुपए का बेरोजगारी भत्ता दिया गया है। 41 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। एसआई की भर्ती के नतीजे शीघ्र ही आ जाएंगे।
इस मौके पर उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह, बिलासपुर विधायक श्री शैलेश पांडे, विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, महापौर श्री रामशरण यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री विनोद वर्मा, श्री प्रदीप शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्कूल शिक्षा सचिव श्री एस. भारतीदासन, संभागायुक्त श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री सौरभ कुमार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मेरे चेहरे की चमक का राज छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की दुआ
रायगढ़ से आये युवा संग्राम सिंह ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपके चेहरे की चमक का राज क्या है। मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया कि मेरे चेहरे की चमक का राज छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ जनता की दुआ है। कोरबा से आई कविता ने बताया कि हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति को सहेजने के लिए बड़ा काम मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया है। साइंस कालेज बिलासपुर के छात्र प्रियांशु दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। प्रदेश में युवा ऊर्जा के लिए बहुत सकारात्मक माहौल है।
तब कलेक्टर थे श्री अजीत जोगी और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल थे स्टूडेंट
सक्ती के हसौद महाविद्यालय की अंतिम वर्ष की छात्रा दर्शनी रात्रे ने कहा कि मैं कालेज स्टूडेंट हूं, सभी के कॉलेज जीवन में कुछ न कुछ किस्सा होता है, मुख्यमंत्री जी आपके कालेज जीवन का कौन सा यादगार किस्सा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मैं साइंस कॉलेज, रायपुर में मैथ्स लेकर पढ़ रहा था। तीन हॉस्टल थे। किसी भी हॉस्टल में पंखा नहीं था, हमने तीनों हॉस्टल में पंखा लगाने की मांग लेकर प्रदर्शन किया। श्री अजीत जोगी जी उस दौरान कलेक्टर थे, वो आए और हमारी बात सुनी और 8 दिनों में हमारी मांग पूरी हो गई।
युवाओं ने की माँग, मुख्यमंत्री ने की पूरी
सारंगढ़ से आई एक छात्रा ने कहा कि उनके कालेज में बाटनी में पीजी होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सत्र से इसे आरंभ कर देंगे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में महाविद्यालय आरंभ करने के लिए युवाओं ने धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग में वैकेंसी जल्द ही निकाली जाएंगी। मुंगेली की एक छात्रा ने पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की माँग की। मुख्यमंत्री ने इसे पूरा करने की घोषणा की।
सीजीपीएससी की तैयारी के लिए बिलासपुर में खोलेंगे हास्टल
मुख्यमंत्री से एक छात्रा ने कहा कि बिलासपुर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा बाहर से सीजीपीएससी की तैयारी करने आते हैं। इनके लिए एक हॉस्टल हो जाएगा तो बहुत अच्छी व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा सुझाव है। अगले सत्र से हॉस्टल की सुविधा हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ में मतदान क्षेत्रों की संख्या और मतदाताओं के आंकड़ों में वृद्धि, 2023 में चुनाव के लिए तैयारियां
रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश में 11 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं वही विधानसभा की संख्या 90 है जबकि कुल राज्यसभा सीट पांच है राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 24109 है जिसमें निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023 का प्रकाशन 2 अगस्त से किया जा रहा है इसमें प्रथम अंतिम प्रकाशन 5 जनवरी 2030 को किया गया था जिसके अनुसार महिला मतदाताओं की संख्या 97 लाख 26615 थी वहीं पुरुष मतदाता की संख्या 97 लाख 26783 जबकि थर्ड जेंडर 811 इस तरह कुल मतदाताओं की संख्या एक करोड़ 94 लाख 5400 9 दर्ज की गई है प्रतिशत में देखें तो 64 दशमलव 4 6% जेंडर रेशों के अनुसार 1000 पुरुष के पीछे 1000 महिला मतदाता थी लेकिन वर्तमान प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 2 अगस्त के दिल तक पुरुष मतदाता की संख्या 9 8 लाख 69 06 दर्ज की गई है जबकि महिला मतदाता 98 लाख 32757 दर्ज की गई है जिसमें थर्ड जेंडर 767 है कुल मतदाताओं की संख्या एक करोड़ 96 लाख 40430 है इस तरह 64 दशमलव 65 परसेंट मतदाता है जिसमें लिंगानुपात में महिला मतदाता 1000 पुरुष के तुलना में 1003 दर्ज की गई है
मुख्य निर्वाचन अधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने मीडिया से चर्चा में बताया कि छत्तीसगढ़ में कुल जनसंख्या 3 करोड़ 3 लाख 80000 दर्ज की गई है उन्होंने बताया कि एस एस आर 2023 के प्रथम चरण के दौरान प्रकाशन 5 जनवरी 2023 को 18 से 19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या 30 9464 जो वर्तमान में 2 अगस्त 2020 को संख्या बढ़कर चार लाख 25000 698 हो गई है वरिष्ठ मतदाताओं की संख्या जिनकी आयु 80 से अधिक है उनकी संख्या 2 लाख 2740 है सेवा कर्मी को की संख्या 19854 है देश में मतदान केंद्रों की संख्या 23907 नए मतदान केंद्रों की संख्या 204 विलुप्त हुए मतदान केंद्रों की संख्या 02 मतदान केंद्रों के भवन परिवर्तन की संख्या 970 स्थल परिवर्तन की संख्या 568 दर्ज की गई है वर्तमान में आयोग द्वारा अनुमोदित कुल मतदान केंद्रों की संख्या 24109 है उन्होंने बताया कि फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली ओं की द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2023 का प्रकाशन 2 अगस्त 2023 को किया जाएगा एकीकृत मतदाता सूची का प्रकाशन 4 सितंबर 2023 को किया जाएगा पुनरीक्षण अवधि के दौरान प्रदेश में 12 अगस्त से 13 अगस्त और 19 अगस्त 20 अगस्त 2023 को सभी मतदान केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे
व्यावसायिक प्रशिक्षण से खुलेंगे रोजगार के द्वार - टाटा टेक्नोलॉजीस और तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से राज्य में नई अवसर
रायपुर: समय के साथ औद्योगिक जगत वैश्विक परिदृश्य में टिकाऊ बने रहने के लिए आधुनिक स्वरूप में ढल रहा है। उद्योगों में नई-नई तकनीक का समावेशन हो रहा है। उद्योग की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित कामगारों की मांग बढ़ रही है। युवाओं को सही मार्गदर्शन के साथ आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक स्वरूप में ढालना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार बड़े औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू कर रही है, ताकि छात्रों का अच्छी ट्रेनिंग मिल सके। इसके साथ ही हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं जो व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, उन छात्रों को 12वीं बोर्ड के प्रमाण पत्र के साथ-साथ आईटीआई का प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है।
हाल ही में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में राज्य के 36 शासकीय आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग और टाटा टेक्नोलॉजीस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। लगभग 1188.36 करोड़ की परियेाजना के तहत राज्य के 36 आईटीआई में युवाओं को 6 नई ट्रेडों में तथा 23 शॉर्ट टर्म कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। टाटा टेक्नोलॉजीस द्वारा राज्य के चयनित आईटीआई में अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना, प्रशिक्षकों की व्यवस्था आदि की जाएगी। इसके अलावा राज्य के युवाओं को प्लेसमेंट देने में टाटा और उनकी सहयोगी कंपनी सहयोग करेगी। इस परियोजना से प्रति वर्ष 10 हजार से अधिक युवाओं को नये जमाने के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।
चयनित आई.टी.आई. में युवाओं को आर्टीजन यूजिंग एडवांस टूल, इंडस्ट्रीय रोबोटिक्स एण्ड डिजिटल मैन्यूफैचरिंग टेक्नियशियन, मैन्यूफैचरिंग प्रोसस कण्ट्रोल एण्ड ऑटोमेशन ट्रेड में एक वर्षीय प्रशिक्षण तथा एडवांस सी.एन.सी. मशीनिंग, बेसिक डिजायनर एण्ड वर्चुअल वेरिफायर (मेकेनिकल) मेकेनिकल, इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड में दो वर्षीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा उद्योगों की जरूरत के अनुसार 23 शॉटटर्म कोर्स में भी प्रशिक्षण की सुविधा होगी। चयनित आईटीआई में टाटा टेक्नालॉजीस अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना करेगी और प्रशिक्षण कार्य के लिए प्रत्येक आई.टी.आई. में शुरूआत में दो प्रशिक्षकों की नियुक्ति करेगी। प्रशिक्षित युवाओं को प्लेसमेंट देने टाटा और उनकी सहयोगी कंपनियां अपना सहयोग देगी।
टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटड के सहयोग से जिन आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा उनमें शासकीय आई.टी.आई.-बैकुण्ठपुर, ओड़गी वाड्रफनगर, मैनपाट, बगीचा, लोरमी, कोनी- बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, अकलतरा, हसौद, रायगढ़, खरसिया, राजनांदगांव, डोंगरगांव, मानपुर, छुईखदान, पण्डरिया, गुण्डरदेही, दल्लीराजहरा, गुरूर, दुर्ग, पाटन, धरसींवा, हीरापुर, आरंग, अभनपुर, भाटापारा, सिमगा, बागबाहरा, पिथौरा, कांकेर, अंतागढ़, चारामा, नगरनार एवं दंतेवाड़ा शामिल हैं।
राज्य में पहली बार स्कूलों में अध्य्यनरत छात्रों को स्कूली स्तर पर उनके तकनीकी रूझान के अनुरूप स्कूली शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्कूलों एवं आईटीआई के मध्य समन्वय स्थापित कर एकीकृत प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली के तहत प्रदेश के अधिकांश आईटीआई में स्कूली छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रणाली के अंतर्गत जहॉ स्कूली छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर उसका प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगें, वहीं इसके साथ साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण पूर्ण कर आईटीआई का प्रमाण पत्र भी प्राप्त करेंगे और रोजगार प्राप्त करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
कैट ने एल्यूमिनियम के बर्तनों पर प्रतिबंध को वापस लेने की माँग की - अमर पारवानी
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने के दुष्प्रभावों को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है और यह परिपत्र केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को इस आशय के साथ भेज दिया गया है की वो पूरे भारत में अपनी मिड डे मील योजनाओं में एल्युमीनियम के बर्तनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाये।
इस सरकुलर को देश के ऐल्यूमिनियम व्यापार के प्रति विपरीत प्रभाव एवं इस व्यापार पर पड़ने वाले दूरगामी नतीजों को ध्यान में रखते हुए कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स तथा ऑल इंडिया ऐल्यूमिनियम यूटेंसिल्स मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मनसुख मांडवीया तथा केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण को एक पत्र भेजकर इस सर्कुलर के औचित्य पर सवाल उठाते हुए इस सर्कुलर को वापिस लेने का आग्रह किया है। कैट ने इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत करने के लिए श्री मांडवीय एवं श्री राजेश भूषण से मिलने का समय भी माँगा है।
कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने बताया कि कैट एवं ऑल इंडिया ऐल्यूमिनियम यूटेंसिल्स मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन ने कहा की सरकार के आदेश से एल्युमीनियम बर्तन उद्योग पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा की एक तरफ़ तो ऐल्यूमिनियम से बने प्रेशर कुकर एवं अन्य बरतों को बीआईएस की परिधि में लाया गया है, ऐसे में केवल मिड डे मील के लिए ऐल्यूमिनियम के बर्तनों का उपयोग हानिकारक कैसे हो गया, यह समझ से परे की बात है। देश की एक बहुत बड़ी जनसंख्या आज भी इन बर्तनों के सस्ता होने के कारण इनका उपयोग करती है। देश में हर कोई स्टेनलेस स्टील अथवा क्राकरी का इस्तेमाल नहीं कर सकता है ऐसे में इन बर्तनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा की आज मिड डे मील के लिए उपयोग में लाने वाले बर्तनों पर रोक लगी है तो कल यही रोक सभी प्रकार के ऐल्यूमिनियम के बर्तनों पर भी लग सकती है। इस बारे में स्टेकहोल्डर्स से कोई सलाह मशवरा नहीं किया गया ।
श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने कहा की एल्युमीनियम कुकवेयर में खाना पकाना हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है। वास्तव में, यह खाना पकाने के लिए सबसे अच्छी धातु है एवं इसको प्रमाणित करने के लिए टेस्ट रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध है। ऐल्यूमिनियम के बर्तन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, ये अफवाहें मुख्य रूप से प्रतिस्पर्धी धातुओं के बर्तनों के निर्माताओं द्वारा फैलाई गई प्रतीत होती हैं। देश में गरीब लोग ऐल्यूमिनियम बर्तनों का ही उपयोग करते हैं , इस बात को क़तई भूलना नहीं चाहिए। इस दृष्टि से तर्कहीन आदेश को तुरंत वापिस लेना चाहिए।
धन्यवाद
"पोषण बाड़ी योजना से मिल रहे लोगों को हरी सब्जियां, भगवन्तीन बाई को महीने में 30 हजार का मुनाफा"
रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के अन्तर्गत उद्यान विभाग के माध्यम से संचालित पोषण बाड़ी योजना से लोगों तक हरी और ताजी साग सब्जी आसानी से मिल रही है। गांव की धरोहर नरवा गरवा घुरूवा और बाडी को सहेजने का कार्य छत्तीसगढ़ शासन कर रही है। इसी क्रम में गरियाबंद जिले में ग्रामीण महिलाएं पोषण बाड़ी योजना का लाभ उठाकर अपनी बाडी में हरी सब्जियां की पैदावार कर रही हैं। महिलाएं ताजी सब्जियों को स्थानीय हाट बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। इन्हीं महिलाओं में ग्राम देवरी की श्रीमती भगवन्तीन बाई भी है। अपनी बाड़ी में सब्जी उत्पादन से हर माह अच्छा मुनाफा कमा रही है।
उन्होंने बताया कि पहले वे अपने खेत में पारम्परिक तरीके से खेती किसानी करती थी। जिससे अधिक कमाई नहीं हो पाती थी। उन्होंने अपने बाड़ी में सब्जियों की खेती करने के विचार से उद्यानिकी विभाग द्वारा गांव में बाड़ी विकास के लिए कराये जा रहे सर्वे में अपना नाम दर्ज करवाया विभाग ने उन्हें विभिन्न सब्जियों के बीज सब्जियों का थरहा वरमी कम्पोस्ट खाद उपलब्ध कराये गये। भगवन्तीन बाई ने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में अपने 0.20 हेक्टेयर रकबा के बाड़ी में अपनी मेहनत और लगन से सब्जी लगाई। उन्होंने बताया कि सब्जी की अच्छी पैदावार से स्थानीय हाट बाजार में विक्रय से प्रतिमाह 25 से 30 हजार लाभ कमा रही है।इसके साथ अपनी बाड़ी से ही उन्हें साल भर के लिए सब्जी मिल जा रही है। साथ ही अपने परिवार के अन्य सदस्यों को रोजगार भी मिल गया है।
"डॉ सीताराम साहू ने सात्विक पद्धति द्वारा मधुमेह प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया, आहार को औषधि की तरह लेने का महत्व बताया"
रायपुर : सात्विक जीवन पद्धति न केवल रोगों को दूर रखकर शरीरिक समस्या से बचाता है बल्कि मानसिक परेशानियों को भी हमसे दूर रखता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में सात्विक पद्धति से मधुमेह प्रबंधन विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी मुख्य अभियंता ( प्रशिक्षण) डॉ सीताराम साहू ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मधुमेह आधुनिक जीवन शैली से उपजी वैश्विक बीमारी है। भारत में विशेषकर इसके मरीज बड़ी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यह न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है बल्कि मानसिक रूप से निर्बल कर देता है। केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान,गुढ़ियारी में विगत दिवस आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक ( मानव संसाधन) श्री अशोक वर्मा, मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र तंवरधारी, श्री हर्ष मेश्राम, वरिष्ठ कल्याण अधिकारी श्री के बी एल चौकसे सहित पॉवर कंपनी के विभिन्न कार्यालयों के 50 अधिकारी- कर्मचारी शामिल हुए।
प्राकृतिक चिकित्सक एवं विपश्यना ध्यान के आचार्य डॉ सीताराम साहू ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वस्थ जीवन के लिए तन और मन के पोषण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के नियम अचूक एवं अटूट हैं। यदि तन एवं मन में विकार होता है तो प्रकृति दण्ड देती है जो कि रोग, दुःख एवं बेचैनी के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा कि सात्विक जीवन में आहार तथा विचारों की सात्विकता शामिल है। उन्होंने कहा कि आहार औषधि की तरह लेनी चाहिए अन्यथा औषधि को आहार की तरह लेने की जरूरत पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि कोई शारीरिक रोग हो जाए तो ऐसे विकार को दूर करने के लिये प्राकृतिक चिकित्सा एवं मन के विकार को दूर करने के लिये विपश्यना ध्यान कारगर उपाय है। श्री साहू ने बताया कि पैर गरम, पेट नरम और सिर ठंडा होना एक स्वस्थ व्यक्ति की प्राथमिक पहचान है।
श्री सीताराम साहू ने प्रतिभागियों को मन को शांत रखने के लिए सहज स्वाभाविक श्वांस के आधार पर आनापान ध्यान का अभ्यास करवाया तथा जानकारी दी कि थोड़ी देर के आनापान के अभ्यास से बेचैनी दूर होती है, मन मजबूत होता है तथा याददाश्त तेज होता है।
"आदिवासी नेता सरजू टेकाम के भड़काऊ बयान पर बीजेपी नेता साव का पलटवार, सरकार को भय का माहौल बनाने का आरोप"
रायपुर: आदिवासी नेता सूरजु टेकाम के मोहला-मानपुर में प्रदर्शन के दौरान “चुनाव के समय भाजपाई आए तो काट डालो“ वाले बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में भय का माहौल बना रही है. राज्य सरकार इस हद तक डरी है कि सार्वजनिक रूप से बीजेपी के कार्यकर्ताओं को काटने की धमकियां दिलाई जा रही है.
अरुण साव ने कहा कि संघ और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को धमकाया गया है. बीजेपी कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग की गई है. यह बताता है कि राज्य में कानून व्यवस्था के क्या हालात है. यह घटना दुर्भाग्यजनक है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की भाषा का उपयोग किया गया है, उस पर तत्काल FIR दर्ज की जाए और गिरफ्तारी हो. राज्य सरकार इस प्रकार के कृत्य करवा रही है.
बता दें कि सोमवार को मोहला-मानपुर जिले के मानपुर ब्लॉक मुख्यालय में मणिपुर में आदिवासी महिला के साथ घटी घटना और वहां के हालात को लेकर आदिवासियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था. इस दौरान आयोजित धरना के दौरान सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष सूरजु टेकाम ने भाजपाइयों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
अरुण साव ने इसके साथ मुख्यमंत्री के युवा संवाद कार्यक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि पौने 5 साल युवाओं के सपने को तोड़ने का काम किया. आज छत्तीसगढ़ का युवा आक्रोशित है. इस सरकार को उखाड़ फेंकने का तय कर लिया है. इस संवाद से कोई लाभ कांग्रेस को नहीं मिलेगा.
बीजेपी के विधानसभा स्तर के कार्यक्रमों और यात्राओं पर अरुण साव ने कहा कि सभी चुनाव को दृष्टि से तैयारियां चल रही है. शक्ति केंद्र स्तर पर लाभार्थी सम्मेलन करेंगे. विधानसभा स्तर पर आरोप पत्र सरकार के खिलाफ जारी करेंगे.
"बीएल संतोष छत्तीसगढ़ दौरे पर, भाजपा के संगठन में संयुक्त बैठक की तैयारियां"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है. राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारी में जुट गई है. वहीं भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं का प्रदेश में दौरा शुरू हो गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. बुधवार को बीएल संतोष भाजपा के हर एक मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे.
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. बीएल संतोष बुधवार को बीजेपी के चुनाव समिति, संभाग प्रभारी और मोर्चा की संयुक्त बैठक लेंगे. इस बैठक में हर मोर्चा को अलग-अलग टास्क दिया जाएगा. हर विधानसभा के लिए बीजेपी एक्शन प्लान बना रही है. इस बैठक में राष्ट्रीय संगठक वी सतीश, राष्ट्रीय महामंत्री सीटी रवि, प्रदेश प्रभारी प्रभारी ओम माथुर और सह प्रभारी नितिन नवीन भी मौजूद होंगे.
"भाजपा नेताओं का आरोप: छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के विकास का झूठ-फरेब कर रही है कांग्रेस सरकार?"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने 12 जनजाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा झूठा श्रेय बटोरने की प्रवृत्ति की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री बघेल के पत्र लिखने के बाद 12जनजातियों को सूची में शामिल करने संबंधी दावे को निरा हास्यास्पद बताते हुए श्री गागड़ा ने कटाक्ष करते हुए पूछा है कि लोकसभा में तत्संबंधी संशोधन विधेयक ही सन 2016 में पेश हुआ और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार 2018 में बनी तो मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र किसको लिखा था? श्री गागड़ा ने संशोधन विधेयक की प्रतियाँ जारी कर कांग्रेस के झूठ-फरेब से भरे राजनीतिक आचरण की चर्चा की और मुख्यमंत्री बघेल को याद दिलाया कि जुलाई में राज्यसभा में बिल आया तो कांग्रेस ने पीठ दिखाने का काम जरूर किया था। सूची में शामिल 12 जनजातियों के आदिवासी भाई-बहनों के साथ-साथ प्रदेश की जनता ने देखा है कि कौन शोषित-वंचित आदिवासियों के साथ कौन खड़ा है और कौन नहीं? सब को पता है भाजपा ने इन आदिवासियों के साथ न्याय करके उन्हें उनका हक दिलाया है तो क्रेडिट तो भाजपा को मिलनी ही है।
भाजपा नेता व पूर्व मंत्री श्री गागड़ा ने कहा कि 2016 का विधेयक संख्या 325 संविधान (अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां आदेश (संशोधन) पेश हुआ था, तो किस आधार पर मुख्यमंत्री बघेल पहल करने की बात करते हैं? भाजपा पहले भी आदिवासी समाज के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और हमेशा खड़ी रहेगी। श्री गागड़ा ने कहा कि मात्रात्मक त्रुटि सुधार कर लाभ देने की कोशिश की गई थी तो पर्दे के पीछे से जाकर हाईकोर्ट से स्टे लेने का काम हुआ। जो लोग हाईकोर्ट गए थे, उन्हें मुख्यमंत्री बघेल ने लाभ के पदों से नवाजा है। प्रदेश की जनता और 12 जनजाति समाज को यह सच भी भलीभांति पता है। भाजपा की सरकार ने स्कूल, आश्रम, छात्रावासों में प्रवेश और छात्रवृति की भी सुविधा जारी रखी थी, लेकिन मुख्यमंत्री बघेल ने तो सबसे वंचित रखा । श्री गागड़ा ने कहा कि आज बस्तर, सरगुजा से स्थानीय भर्ती को खत्म कर दिया गया है, साथ ही विभागीय पदोन्नति को को भी भूपेश सरकार ने अटकाकर रखा है। मेडिकल कॉलेजों में भर्ती में सैकड़ों बच्चों को प्रदेश कांग्रेस की भूपेश सरकार वंचित कर रही है। आदिवासी समाज और प्रदेश की जनता अब मुख्यमंत्री बघेल के झूठ-फरेब के ऐसे झाँसों में नहीं आने वाली और भविष्य में प्रदेश कांग्रेस की यह नाकारा सरकार सत्ता से बेदखल होने के बाद अपने कर्मों को गिनती हुई दिखेगी।
"कांग्रेस संचार विभाग के फर्जी दावों का पर्दाफाश: महिला की स्थिति छत्तीसगढ़ में बेहतर नहीं है - रंजना साहू"
रायपुर: भाजपा विधायक एवं प्रवक्ता श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं की स्थिति बेहतर नहीं है फिर कांग्रेस किस आधार पर महिलाओं की स्थिति को बेहतर बता रही है। अब लापता महिलाओं को लेकर कांग्रेस ने फर्जी आंकड़े जारी कर वाहवाही लूट रही है। छत्तीसगढ़ में पूरे समय महिलाओं की हालत गंभीर है। जिस तरह से महिलाओं के साथ घटनाएं हुई है वह किसी से छिपी नहीं है। इसके बाद भी कांग्रेस किस आधार पर कह रही है कि छत्तीसगढ़ में महिला हिंसा की स्थिति बेहतर है। वही लापता महिलाओं की सकुशल वापसी हो चुकी है तो कांग्रेस को इसके आंकड़े जारी करनी चाहिए। पूरे घटना पर कांग्रेस केवल बयानबजी कर रही है जिसे पर्दा उठाना जरूरी है।