छत्तीसगढ़
भाजपा के पूर्व विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की, सुरक्षा व्यवस्था पर जताई आपत्ति।
रायपुर: भाजपा के पूर्व विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि भया दोहन कर कांग्रेसी सरकार सत्ता हासिल करना चाहती है. आदिवासी क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायकों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ कर उसे प्रभावहीन करने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. इस संबंध में राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व विधायकों ने कहा कि एक ओर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भाजपा के नेताओं, जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग हो रही है. वहीं प्रदेश सरकार उनकी सुरक्षा कम करने का षड्यंत्र रच रही है.
पूर्व भाजपा विधायकों के एक शिष्टमंडल ने शुक्रवार को राजधानी में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से भेंट कर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के पूर्व विधायकों की सुरक्षा की व्यवस्था यथावत बहाल करने की मांग की है. शिष्टमंडल में डॉ. सुभाऊ कश्यप, भोजराज नाग, लच्छू कश्यप, बैदू कश्यप, पिंकी शिवराज शाह और श्रवण मरकाम शामिल थे. भाजपा के पूर्व विधायकों ने राज्यपाल हरिचंदन को इस आशय का एक ज्ञापन भी सौंपा.
भाजपा के पूर्व विधायकों के शिष्टमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कई जिले एवं विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं. प्रदेश का एक हिस्सा वामपंथ उग्रवाद से भी प्रभावित है. इसके अतिरिक्त प्रदेश में आगामी महीनों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे समय में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के उन पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कमी करने का निर्णय लिया है, जो संवेदनशील क्षेत्र में या तो निवास करते हैं या इन क्षेत्रों में इनका प्रवास होता है.
राज्यपाल हरिचंदन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने दिनांक 16 जून, 2023 को एक पत्र जारी करते हुए पूर्व विधायकों की सुरक्षा कम करने का निर्देश दिया है. सरकार ने इस निर्देश को लेकर 22 मई, 2023 को प्रोटेक्शन रिव्यू ग्रुप की बैठक के बाद की गई अनुशंसा को आधार बनाया है. पूर्व विधायकों ने यह आरोप लगाया है कि प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से प्रदेश की कांग्रेस सरकार खिलवाड़ कर रही है. पूर्व विधायकों का कहना है कि जिस प्रकार से संवेदनशील क्षेत्रों में राजनीतिक रूप से सक्रिय विपक्षी भाजपा नेताओं की सुरक्षा को कम किया गया है, वह भी किसी राजनीतिक कुनीति और षड्यंत्र की ओर संकेत देता है.
ज्ञापन में पूर्व जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों के पूर्व विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को कम करने के कारण अब उनके जान-माल की हानि का खतरा बढ़ चुका है. इस संबंध में आंकड़े पेश करते हुए पूर्व विधायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले 4 वर्षों में नक्सली माओवादी समूह द्वारा की गई जनप्रतिनिधियों की हत्याएं भी इसकी गवाही देती है. पूर्व विधायकों द्वारा रखे गए आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2019 से लेकर मार्च 2023 तक छत्तीसगढ़ में माओवादियों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में कुल 33 जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों की हत्या की गई है. पिछले 6 माह में ही भाजपा के चार कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग हुई है. ऐसे में पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कमी करना मानवीयता की दृष्टि से भी अनुचित है.
पूर्व विधायकों के शिष्टमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इस महत्वपूर्ण एवं जीवन-मृत्यु से जुड़े विषय को संज्ञान में लें एवं प्रदेश की सरकार को इस विषय से अवगत कराएं कि संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व विधायकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. जिनकी सुरक्षा कम की गई है उसे पूर्व की भांति बहाल किया जाए. पूर्व विधायकों ने कहा कि राज्यपाल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को यह भी संदेश दें कि पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं विधायकों का जीवन किसी भी तरह की राजनीति या चुनाव से अधिक मूल्यवान है.
उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने स्टेट नोडल एजेंसी के कार्यों की समीक्षा की, आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के भुगतान में तेजी के दिए निर्देश।
राज्य में अब तक 1.99 करोड़ लोगों के आयुष्मान कॉर्ड बनाए गए
रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राज्य नोडल एजेंसी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत अस्पतालों द्वारा किए गए इलाज के दावों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दावों के लंबित भुगतान के शीघ्र निराकरण के लिए एजेंसी में कार्यरत डॉटा एंट्री ऑपरेटर्स का समुचित प्रशिक्षण कराने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान और चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने दोनों योजनाओं के अंतर्गत भुगतान के थर्ड पार्टी ऑडिट की जानकारी ली। श्री सिंहदेव ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य नोडल एजेंसी के उप संचालक डॉ जी.जे. राव ने बताया कि राज्य की करीब 75 प्रतिशत आबादी का आयुष्मान कॉर्ड बनाया जा चुका है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 99 लाख लोगों से अधिक के कॉर्ड बनाए जा चुके हैं। डॉ. राव ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए 3572 मरीजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। राज्य शासन द्वारा इन मरीजों के लिए कुल 113 करोड़ 43 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं।
न्यू विजन पब्लिक स्कूल देवपुरी में आशा देवी रेखचंद लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नेत्र जांच शिविर
आशा देवी रेख चंद लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट रायपुर द्वारा आज ए एस जी नेत्र चिकित्सालय की टीम ने न्यू विजन पब्लिक स्कूल देवपुरी के छात्र छात्राओं का निःशुल्क परिक्षण किया एवं परामर्श दिया गया एवं आंखों से बचाव का उपाय बताया
इस शिविर में प्रमुख रूप से पीयूष जैन श्रीमती सुनीता साहू संचालिका न्यू विजन पब्लिक स्कूल देवपुरी शाला की प्राचार्या श्रीमति एकता शुक्ला एवं विद्यालय की शिक्षिकाये ऐ एस जी नेत्र चिकित्सालय टीम से श्री शोभराम पटेल श्री सचिन साहू विनोद कुमार भूषण कुमार आदि विसेष रूप से उपस्थित थे
छत्तीसगढ़ स्टेट पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ स्टेट पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने हाल ही में अनुपूरक बजट के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा शासकीय कर्मियों के हित में की गई घोषणाओं के लिए उनका आभार जताया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय कर्मियों के लिए चार प्रतिशत डीए में वृद्धि के साथ ही सातवें वेतनमान के मुताबिक गृह भाड़ा भत्ता देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून तथा शंाति व्यवस्था बनाए रखने में हमेशा चौकन्ना रहकर तत्परतापूर्वक कार्य के लिए कहा। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री ओ.पी. शर्मा, उपाध्यक्ष श्री तारकेश्वर पटेल सहित सर्वश्री अभिषेक महेश्वरी, सुखनंदन राठौर, आकाश राव, पीताम्बर सिंह पटेल, धीरेन्द्र पटेल, सुशील नायक, मनोज ध्रुव, उदयन बेहार, जितेन्द्र चन्द्राकर, सुश्री कल्पना वर्मा, गुरू प्रधान, पंकज शुक्ला, सुश्री अमृता शोरी, सुमीत गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बुनकरों को हाथकरघा वस्त्र उत्पादन को बढ़ावा: छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ के साथ मुख्यमंत्री की सौजन्य मुलाकात
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान संघ द्वारा राज्य के बुनकरों को हाथकरघा वस्त्र उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की पहल की सराहना की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बुनकरों को प्रोत्साहित करते हुए राज्य में हाथकरघा उद्योग न केवल हमारे नियमित रोजगार का साधन है, बल्कि ये हमारी धरोहर एवं संस्कृति भी है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में हाथकरघा उद्योग के माध्यम से रोजगार की असीम संभावना को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा बुनकरों के हित में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बुनकरों को हाथकरघा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक तथा अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया, ताकि उन्हें अधिक से अधिक रोजगार और आय प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री विशाल राम देवांगन, शैलेश देवांगन, अवधराम देवांगन, लखनलाल, खोरबाहरा देवांगन, शंकरलाल डडसेना, कामता प्रसाद साहू तथा चेतनलाल देवांगन आदि उपस्थित थे।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों के परिवारों को हुई बचत 210.54 करोड़ रुपये
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल ‘‘क्वालिटी एजुकेशन एट जीरो कॉस्ट‘‘ का सफल मॉडल बन कर उभरा है। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिल रही है। शासन की शिक्षा के क्षेत्र में की गई इस नवाचारी पहल से जुड़कर प्रदेश के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 01 लाख 20 हजार 778 बच्चों के परिजनों द्वारा फीस के रूप में खर्च की जाने वाली लगभग 210 करोड़ 54 लाख रूपए राशि की बचत हुई है। परिजनों को निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस के कारण होने वाले आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिली है। ये सभी बच्चे गरीब व निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों से है, जिन्होंने आर्थिक कारणों से निजी स्कूलों को छोड़कर शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूलों में दाखिला लिया है।
स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से भी बेहतर अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश स्तर पर योजना की सूक्ष्म समीक्षा कर इसके क्रियान्वयन का सतत आंकलन किया जा रहा है। आंकलन के दौरान पाया गया कि निजी स्कूलों के भारी भरकम फीस की वजह से गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा पाना संभव नहीं था। यदि ये परिजन अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा रहे होते तो उन्हें अपने बच्चों के लिए लगभग 210 करोड़ रूपए की फीस भरनी पड़ती। ऐसे में इन परिजनों के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल बड़ा सहारा बना और अब उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिल रही है।
गौरतलब है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से आए 96 हजार 226 विद्यार्थियों के परिजनों को लगभग 180 करोड़ 74 लाख रूपए की बचत तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से आए 24 हजार 552 विद्यार्थियों के परिजनों को लगभग 29 करोड़ 79 लाख रूपए की बचत हुई है। प्रदेश में 727 स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं।
कृषि छात्रों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं: डॉ. चंदेल
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षां में कृषि क्षेत्र का व्यवसायीकरण होने के कारण अब कृषि छात्रों के लिए अच्छे कैरियर की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व तथा आजादी के बाद भी कई वर्षां तक कृषि की भूमिका देश की जनता को भोजन उपलब्ध कराने तक की सीमित थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षां में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उपरान्त बाजार आधारित कृषि व्यवस्था का विकास होने लगा है, जिससे कृषि छात्रों के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों तथा निजी क्षेत्र में कैरियर विकास के अवसर बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत से कृषि छात्र अपना स्टार्टअप प्रारंभ कर स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित हो रहे हैं। डॉ. चंदेल आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के अंतर्गत कैरियर डेवलपमेन्ट सेन्टर द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘‘कृषि छात्रों के लिए कैरियर संभावनाएं’’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विस्तार शिक्षा संस्थान आणनंद गुजरात के डॉ. केयुर गरधरिया ने छात्रों को संवाद कौशल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर विकास में संवाद की अहम भूमिका होती है। आपके पास जितनी अच्छी संवाद क्षमता होगी जीवन के हर क्षेत्र में आप उतने ही अधिक सफल हो सकेंगे। कार्यशाला के दूसरे मुख्य वक्ता एजुकेशन एलायन्स एग्रीकल्चर भिलाई के संचालक अभिषेक सिंह राजपूत ने कृषि स्नातकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाआें एवं कैरियर विकास के संबंध में जानकारी दी।
दोनो मुख्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सामाधान भी किया। कार्यशाला को कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने भी संबोधित किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्लेसमेन्ट प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. अकरम खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभा बैनर्जी ने किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में कृषि महाविद्यालय रायपुर के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध छात्र उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री द्वारा 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की शिलान्यास समारोह आज, छत्तीसगढ़ को दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी
रायपुर: छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने कल 29 जुलाई को कोरबा में 1320 मेगावाट सुपर क्रिटिकलव थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल रखेंगे। यह छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के मामले में सर्वोच्च बनाए रखने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ आने वाले भविष्य में अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर हो सकेगा।
कोरबा घंटाघर मैदान में कल 29 जुलाई को सुबह 10.30 बजे शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, श्री दीपक बैज, विधायक श्री मोहित राम, श्री पुरूषोत्तम कंवर, श्री ननकीराम कंवर, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। समारोह में कोरबा के मेडिकल कालेज भी आधारशिला रखी जाएगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 2978.7 मेगावाट है। राज्य स्थापना के समय उत्पादन क्षमता 1360 मेगावाट थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ जीरो पॉवर कट स्टेट बना हुआ है। प्रदेश में तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660 मेगावाट के दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। यह 1320 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर हम बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगे दूसरी ओर रोजगार के नए सृजित होंगे। हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में इसके लिए पर्याप्त भूमि है। यहां कन्वेयर बेल्ट से कोयले की सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।
माननीय मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त 2022 को इस संयंत्र की स्थापना का निर्णय लिया था। जिस पर तेज गति से कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी आवश्यक अनुमति एवं स्वीकृतियां प्राप्त की। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से टर्म ऑफ रिफसेन्स और कोयला मंत्रालय से कोल आबंटन प्रदान कर दिया गया है, जिसके बाद इसके लिये भूमिपूजन का कार्यक्रम तय किया गया है। इन दोनों संयंत्रों से 2029 और 2030 तक बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। समाचार क्रमांक- पीआरओ 2023/150
99 परीक्षार्थियों के चयन में दायित्व सरकार का या भ्रष्टाचार का खेल? - संजय श्रीवास्तव का आरोप
आखिर ये 99 परीक्षार्थी कौन है? क्या यह वही है सरकार के चहेते होने के कारण जिन का चयन किया जाना था? - संजय श्रीवास्तव
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने पत्रकार वार्ता लेकर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के खजाने का जो पैसा बेरोजगार युवाओं के खाते में जाना था वह पूरा पैसा राजीव मितान क्लब के नाम पर सिर्फ कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं पर लुटाया जा रहा है। यह कांग्रेस का राजनीतिक षड्यंत्र है। शुक्रवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने शासनकाल में युवाओं के साथ बेरोजगारी भत्ता और रोजगार के नाम पर छलावा ही किया।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अब शिक्षक भर्ती में अनियमितता करके प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी युवाओं के साथ अन्याय किया है। पीएससी घोटाला,व्यापम, पुलिस भर्ती में अनियमितता जैसे विषयों का जिक्र करते हुए श्री श्रीवास्तव ने शिक्षक भर्ती अनियमितता के संबंध में बताया कि प्रदेश के आदिवासी बहुल बस्तर व सरगुजा संभाग के युवाओं को भर्ती के नियमों की छूट का लाभ नहीं दिया गया आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिए 12,489 शिक्षकों की भर्ती के लिए 4 मई 2023 को विज्ञापन निकाला गया। यह विज्ञापन बस्तर व सरगुजा के लिए निकला था और इन भर्ती परीक्षाओं के विषयों को समाप्त कर दिया गया। इस तरह विज्ञान विषय के लिए कला संकाय का अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकता था। श्री श्रीवास्तव ने शासन प्रशासन से जानना चाहा कि कला संकाय से स्नातक या स्नातकोत्तर अभ्यर्थी विज्ञान के विषय किस तरह पढ़ा पाएगा? आश्चर्य है कि जब विज्ञापन जारी हुआ तब इस तरह की कोई व्यवस्था या नियम नहीं था कि विषय की बाध्यता समाप्त कर दी जाए। सरकार इस तरह युवाओं के साथ खेल कर रही है। यह सीधे छत्तीसगढ़ के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने कहा कि 12,489 पदों के लिए परीक्षाएं 10 जून को हुई और 2 जुलाई को परीक्षा परिणाम घोषित हुए तब तक विषय वार व्यवस्था थी। लेकिन 6 जुलाई को मंत्रिपरिषद ने विषयवार व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया। ऐसा यह पहली बार हुआ यह निर्णय 11 जुलाई को राजपत्र में प्रकाशित हुआ। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई निर्णय पहले सबको विश्वास में लेकर करना था, हालांकि देशभर में ऐसी कोई मिसाल देखने को नहीं मिलती। इस तरह भर्ती कभी नहीं हुई। श्री श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार को बेहोशी की हालत में काम करने वाली बताते हुए कहा कि जब यह परीक्षा तब उसमें 1,46,176 परीक्षार्थी उसमें सम्मिलित हुए थे और परिणाम जब घोषित हुए तो यह संख्या 1,46,275 हो गई । 99 अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित हुआ। आखिर ये 99 परीक्षार्थी कौन है? क्या यह वही है सरकार के चहेते होने के कारण जिन का चयन किया जाना था? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि यह पूरी तरह से भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा है।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि जब यह परीक्षा होगी तो उसमें जितने प्रश्न पूछे गए थे उसकी तो आंसर शीट घोषित हुई इसमें 15 से 20 प्रश्नों का उत्तर ही गलत पाया। इससे जिस परीक्षार्थी ने प्रश्न पत्र सही हल किया उसे इस आंसर शीट के आधार पर गलत बताकर मूल्यांकन किया गया और परिणाम प्रभावित हुआ। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जो सरकार युवाओं को अवसर नहीं दे पाई, युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई, वह सरकार अब पात्र व योग्य अभ्यर्थियों के साथ मजाक कर रही है। शासन-प्रशासन इन गलतियों की सुनवाई तक नहीं कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस ने 2018 में जो षड्यंत्र सत्ता में आने के लिए रचा वह अभी तक जारी है।
प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल व अभ्यार्थी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस के शासनकाल में किसानों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण समय: कितने किसान और उनके परिवार जीत रहे हैं आत्महत्या की जंजीरों में?
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कहा है कि खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छुइहा के एक किसान कन्हैया सिन्हा द्वारा आत्महत्या करने के कारण एक बार फिर प्रदेश की कांग्रेस सरकार का घोर किसान विरोधी चरित्र बेनक़ाब हो गया है। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल में अब तक 657 किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है, यानी प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में हर तीसरे दिन एक किसान ने आत्महत्या की है। दुर्भाग्यपूर्ण तो यह है कि कांग्रेस सरकार में आत्महत्या करने वाले किसानों को मानसिक रोगी तक बताया गया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने शुक्रवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले विधानसभा चुनाव में की गई घोषणाओं को पूरा नहीं करने के कारण प्रदेश के किसान हलाकान हो चले हैं और हताश होकर आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। छुइहा के किसान की आत्महत्या का मामला इसकी तस्दीक करता है। मृतक किसान की जेब से मिले सुसाइड नोट से किसानों की कर्जमाफी के सरकारी दावों की पोल खुल गई है। श्री गुप्ता ने मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। श्री गुप्ता ने कहा कि आत्महत्या से पूर्व मृत किसान ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने वादे के बावजूद उसका कर्ज माफ नहीं किया। मृतक किसान का ऐक्सिस बैंक में ऋण खाता है। कन्हैया सिन्हा एक तो कर्ज न चुका पाने के कारण परेशान था, वहीं लो-वोल्टेज के चलते उसकी चार एकड़ की रबी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। भाजपा बिजली आपूर्ति की समस्या पर सतत प्रदेश सरकार को आगाह करती रही है। पिछले तीन-चार सालों से फसल नहीं होने, कर्जमाफी नहीं होने और साथ ही फसल बीमा नहीं होने के कारण कन्हैया चहुँओर परेशानी से घिरा हुआ था। अपने सुसाइड नोट में मृतक किसान ने दाने-दाने के लिए मोहताज होने और पाई-पाई के लिए परेशान होने की बात भी कही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने कहा कि कन्हैया का कोई और विकल्प नहीं होने की बात कहकर आत्महत्या करना प्रदेश के लिए एक कलंकपूर्ण व दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रदेश की भूपेश सरकार जिस तरह किसानों के नाम पर लगातार झूठ बोलती आ रही है, उसके मुँह पर कन्हैया की आत्महत्या एक करारा तमाचा है। ऐसी किसान विरोधी झूठी सरकार को एक क्षण भी सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार मृतक किसान के शोक-संतप्त परिवार को तत्काल 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करे। श्री गुप्ता ने कटाक्ष किया कि अपने ‘खानदानी राजनीतिक आकाओं’ की चाटुकारिता करने के लिए उत्तर प्रदेश में जाकर 50-50 लाख रुपए का मुआवजा बाँटने वाले मुख्यमंत्री बघेल को छत्तीसगढ़ के किसानों की जरा भी फिक्र नहीं है। जब भी छत्तीसगढ़ के किसानों को राहत राशि देने का मौका आता है, मुख्यमंत्री बघेल किसानों की जिंदगी की कीमत पाँच-दस हजार रुपए आँकते हैं। मुख्यमंत्री अब अपने इस ढोंग से बाज आएँ।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के करीब 21 लाख किसानों का केवाईसी अपडेट नहीं होने से प्रदेश के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हैं, जिसके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। प्रदेश सरकार ने विधानसभा में स्वयं ही स्वीकारा है कि 2019 में 233, 2020 में 227, 2021 में 71, 2022 में 133 और 1 जनवरी 2023 से 20 जून तक 13 किसानों ने आत्महत्या की है। कुल मिलाकर, कांग्रेस शासनकाल में अब तक प्रदेश में 657 किसानों ने आत्महत्या की है। भाजपा की ओर से महासमुंद में हुई किसान आत्महत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच के लिए एक पाँच सदस्यीय दल बनाया गया जिसमें विधायक एवं पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर को संयोजक एवं सांसद महासमुंद चुन्नीलाल साहू, प्रवक्ता संदीप शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को सदस्य बनाया गया है।
भाजपा महिला मोर्चा ने गृह मंत्री के निवास का घेराव करके प्रदर्शन किया: बच्ची की सुरक्षा पर उठाई सवाल
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत के नेतृत्व में प्रदेश के गृह मंत्री के निवास का घेराव कर जंगी प्रदर्शन किया और सुकमा जिले के पोटा केबिन बालिका छात्रावास में एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारी महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने बेरीकेट्स लगा रखे थे, लेकिन महला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने उन अवरोधों को पार करके मंत्री के निवास का घेराव किया।
इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश में बढ़ते अपराध का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस है। आज प्रदेश में छोटी छोटी बच्चियां भी सुरक्षित नहीं है। लगातार प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाएँ घटित हो रही हैं जिस पर न तो प्रदेश सरकार और न ही उसके मंत्रिमंडल के किसी भी मंत्री की नज़र हैं। महिला मोर्चा प्रभारी सरला कोसरिया ने कहा कि सुकमा जिले के एर्राबोर स्थित बालिका छात्रावास में 5 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार की घटना बताती है कि प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा देने के बजाय अपराधियों को संरक्षण देने का काम प्रदेश की कांग्रेस सरकार कर रही है। श्रीमती राजपूत ने बताया कि जब भाजपा का जांच दल सुकमा के एर्राबोर स्थित बालिका छात्रावास पहुंचा तो पुलिस प्रशासन द्वारा जांच दल को बालिका छात्रावास में अंदर जाने से रोक दिया गया।
बाद में जब ग्रामीण आक्रोशित हुए तो कुछ लोगों को ही अंदर जाने के लिए कहा गया। भाजपा जांच दल जब अंदर पहुंचा तो देखा कि बालिका छात्रावास में ना तो सीसीटीवी कैमरा लगे हुए हैं और ना ही वहां पर बालिकाओं के रहने के लिए उचित व्यवस्था है। 450 की क्षमता वाले उस बालिका छात्रावास में एक कमरे में 40 से 50 बच्चियां रह रही हैं। घटना के बाद बच्चियां इतनी डरी हुई थीं कि वह किसी को कुछ कह नहीं पा रही थीं। भाजपा जांच दल जब पीड़ित बच्ची के परिवार वालों से मिला तब पता चला कि यह बात मीडिया में ना फैले, इसी वजह से बच्ची को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया था। श्रीमती राजपूत ने कहा कि जब एक कक्ष में 40 से 50 बच्चियां रह रही थीं तो वहां पर एक महिला शिक्षक की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? बालिका छात्रावास में जितने भी कर्मचारी कार्यरत हैं, सभी अंशकालीन कर्मचारी हैं। श्रीमती राजपूत ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस के राज में हर तरफ दुराचार छेड़छाड़ एवं अपहरण की घटना बढ़ी है।
रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकार है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद महिला अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। प्रदेश उपाध्यक्ष ममता साहू ने कहा आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक महिला अपराध की घटना ने प्रदेश को शर्मसार करके रख दिया है। कहीं किसी महिला के साथ दुराचार करके उसे जलाकर मार दिया जाता है, तो कहीं बच्चियों को अपराधी अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं। प्रदेश महामंत्री श्रीमती विभा अवस्थी ने कहा कि अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि दुराचार करने के बाद पीड़ित पक्ष को जान से मारने तक की धमकी दे रहे हैं। लेकिन प्रदेश की पुलिस प्रशासन अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय रिपोर्ट दर्ज करने गए पीड़ित परिवार के ऊपर ही कार्रवाई करने लगता है।
भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित घेराव आंदोलन में श्रीमती चन्नी वर्मा, माया बेलचंदन, मिनी पांडे, डॉ. किरण बघेल, कृतिका जैन, शैलेंद्री परगनिया. प्रीति धनिया, हरशीला आशा दुबे, सीमा साहू, सरोज चंद्रवंशी, सुधा साहू, दिव्या कलहारी, स्वीटी कौशिक, सरिता जैन, विजयलक्ष्मी सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी व कार्यकर्ता काफी संख्या में मौजूद रहीं।
"अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस" पर मनाई गई पोदार इंटरनेशनल स्कूल में बाघों की रक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम
पोदार इंटरनेशनल स्कूल, माना बस्ती, रायपुर में पोदार प्रेप 28 जुलाई 23 को हेडमिस्ट्रेस संगीता बोस जी के नेतृत्व में "अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस" को "बाघों को बचाने के लिए सभी एकजुट हों" के रूप में मनाया गया ताकि बच्चों को पुस्तक पढ़ने के माध्यम से हमारे राष्ट्रीय पशु की रक्षा करने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया जा सके: "द डॉ. स्वाति पोपट वत्स द्वारा "टाइगर, द बी, द स्पैरो", उन्हें सभी प्राणियों के महत्व का एहसास कराने और मनोरंजक गतिविधियों के साथ-साथ बाघ को विलुप्त होने से बचाने के लिए है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है।
हालाँकि, वे अब एक लुप्तप्राय प्रजाति हैं और दुनिया भर में उनकी संख्या चिंताजनक दर से घट रही है। भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। हालाँकि, अब उन्हें लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, और दुनिया भर में उनकी संख्या तेजी से घट रही है। हालाँकि हम इस तथ्य पर सांत्वना और गर्व कर सकते हैं कि भारत में इन जंगली बिल्लियों की सबसे बड़ी आबादी रहती है, लेकिन उनकी घटती संख्या हमारे देश में भी चिंता का एक बड़ा कारण रही है।
इनकी घटती संख्या का प्रमुख कारण घटते वन क्षेत्र और अवैध शिकार है।
यदि बाघ विलुप्त हो गये तो जंगल निश्चित रूप से नष्ट हो जायेंगे। इससे मानसून में बाढ़ आ जाएगी क्योंकि बारिश को सोखने के लिए कोई जंगल नहीं बचेगा, जिसके परिणामस्वरूप बारिश बंद होने पर सूखा पड़ेगा।
हमारे राष्ट्रीय पशु को बचाने के लिए, भारत सरकार ने 1973 में "प्रोजेक्ट टाइगर" लॉन्च किया। हमारी आने वाली पीढ़ियाँ बाघों को केवल तस्वीरों में ही देख पाएंगी यदि वे उनकी सुरक्षा की आवश्यकता के बारे में संवेदनशील नहीं हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर CM बघेल ने IG-DIG की बैठक के दौरान गुंडे-बदमाशों के खिलाफ कड़ाई से रोक के निर्देश दिए
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में प्रदेश के सभी रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षकों और उप महानिक्षकों की बैठक लेकर प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक में प्रदेश में कानून और व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली. उन्होंने गुंडों बदमाशों, सट्टा, जुआ और ऑनलाइन गेमिंग के संबध में की जा रही कार्रवाई की जानकारी लेते हुए इन पर कड़ाई से प्रभावी रोकथाम लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं.
पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा आज शाम 4 बजे पुलिस मुख्यालय में सभी रेंज के महानिरीक्षकों की बैठक लेकर मुख्यमंत्री बघेल द्वारा दिए गए निर्देशों की विस्तृत और गहन समीक्षा करेंगे.
राशनकार्ड के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी की तिथि 31 अगस्त तक बढ़ाई गई
रायपुर: भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी की कार्यवाही की तिथि अब बढ़ाकर 31 अगस्त तक 2023 तक किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा इस आशय का पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेज दिया गया है।
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है। राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने तथा आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है। विभागीय डेटाबेस में जिन हितग्राहियों का आधार दर्ज है, उनके आधार की जानकारी का प्रमाणीकरण के लिए ई-केवाईसी की कार्यवाही की जा रही है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवाईसी की कार्यवाही पूर्णतः निःशुल्क है। ई-केवाईसी की कार्रवाई के लिए राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपने-अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फ्रिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि शत्-प्रतिशत ई-केवाईसी अभियान को क्रेन्द्र शासन द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है तथा सप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों द्वारा 2.66 करोड़ हितग्राहियों में 1.56 करोड़ हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया गया है, जिसमें से 31.75 लाख़ हितग्राहियों का सत्यापन हो चुका है एवं 1.24 करोड़ हितग्राहियों का सत्यापन की कार्रवाही जारी है। वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए ई-केवाईसी की कार्यवाही की समय-सीमा पूर्व में 31 जुलाई थी, जिसमें 31 अगस्त 2023 तक वृद्धि की गयी है। ई-केवाईसी की कार्यवाही के दौरान निरंतर खाद्यान्न वितरण जारी रहेगा, किसी भी स्थिति में खाद्यान्न वितरण बाधित नहीं होगा ।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में ड्रॉप आउट दर राष्ट्रीय औसत से कम हुई, शिक्षा में सुधार के दायरे में उत्साहजनक परिणाम
रायपुर: भारत सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्कूलों में पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉप आउट) वाले छात्रों के लिए यूडाइस आंकड़े जारी किए गए हैं। इसमें अन्य राज्यों और राष्ट्रीय दर की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहतर और उत्साहजनक है।
छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद तेजी से शिक्षा के स्तर में सुधार किया गया है, जिससे ड्रॉप आउट की संख्या घटी है। वर्ष 2018-19 में छत्तीसगढ़ का ड्रॉप आउट रेट प्राथमिक स्तर के लिए 3.4 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक के लिए, 7 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक के लिए 19.8 प्रतिशत था। वहीं 2021-22 के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ का ड्रॉप आउट रेट तेजी से कम हुआ है। प्राथमिक स्तर के लिए यह दर 0.8 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक के लिए, 4.1 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक के लिए 9.7 प्रतिशत है, जबकि पूरे भारत के लिए प्राथमिक स्तर पर यह दर 1.5 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक पर 3 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 12.6 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या तेजी से कम हुई है। यह आंकड़े स्कूल स्तर के आधार पर छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग जारी किए गए हैं।
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से तुलना में छत्तीसगढ़ में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की दर बहुत कम है। मध्यप्रदेश का ड्रॉप आउट रेट प्राथमिक स्तर के लिए जहां 3.1 प्रतिशत है। वहीं छत्तीसगढ़ में यह दर 0.8 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश में ड्रॉप आउट रेट उच्च प्राथमिक के लिए 8.8 प्रतिशत और उच्चतर माध्यमिक के लिए 10.1 प्रतिशत है, जो कि छत्तीसगढ़ की तुलना में अधिक है। वर्ष 2021-22 के लिए जारी भारत सरकार के डेटा के अनुसार उच्चतर माध्यमिक स्तर पर सर्वाधिक ड्रॉप आउट की दर ओड़िसा में 27.3 प्रतिशत इसके बाद बिहार में 21.7 प्रतिशत दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बजट में शिक्षा के लिए ज्यादा राशि खर्च की जा रही है। इससे शैक्षणिक संस्थाओं की अधोसंरचना बेहतर हो रही है। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई का बेहतर माहौल देने के लिए स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, इसके लिए स्कूलों में सबसे पहले आधारभूत संरचना को मजबूत किया गया है। पुरानी बिल्डिंग का पुनरुद्धार कर उसे एक नया रूप दिया गया है। शैक्षणिक संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों के खुलने से राज्य में शिक्षा के प्रति फिर से रूझान बढ़ा है और प्रत्येक वर्ग के लोग अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। बालवाड़ी योजना के तहत 5 हजार 1 सौ 73 बालवाड़ी की शुरूआत की गयी है। स्कूल शिक्षा में निरंतर बेहतरी के प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ को कई पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है। आँगन म शिक्षा पहल के लिए छत्तीसगढ़ को 2022 का स्कॉच अवार्ड प्रदान किया गया था। इसी तरह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय स्तर के एमबिलीयंथ अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
जगदलपुर में 1700 से अधिक मरीजों को डायलिसिस सुविधा, अस्पताल में उपयुक्त उपकरणों से हो रहा उपचार
रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दूरस्थ अंचल के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। जरूरतमंद मरीजों को सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं नजदीक के अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। जगदलपुर के महारानी जिला अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। एक साल में 1700 से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल चुका है। स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से जिला अस्पताल ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
बस्तर का महारानी जिला अस्पताल अब दूर दराज के वनांचल में निवासरत नागरिकों को सर्वसुविधायुक्त युक्त आपरेशन की सुविधा दे रही है। डायलिसिस करने की सुविधा से मरीजों को जहां सर्वसुविधायुक्त ऑपरेशन थियेटर, अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जटिल ऑपरेशन तथा अन्य उपचार को संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है।
महारानी जिला अस्पताल में स्थापित डायलिसिस सेंटर में मरीजों की अत्याधुनिक उपकरणों से इलाज की सुविधा दी जा रही है। इस सेंटर में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1722 मरीजों ने स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लिया है। महारानी अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होने के चलते अब बस्तर अंचल के जरूरतमंद मरीजों को राज्य के दूसरे अस्पतालों में जाकर महंगी उपचार से निजात मिली है और उनके समय एवं धनराशि दोनों की बचत हो रही है। सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक महारानी अस्पताल डॉ. संजय प्रसाद बताते हैं कि महारानी जिला अस्पताल में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध होने से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को सबसे ज्यादा सहूलियत हो रही है। यहां पर बस्तर अंचल के साथ ही अन्य जिलों से जरूरतमंद मरीज आकर स्वास्थ्य सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं।
कंजेक्टिवाइटिस के बढ़ते मामलों के लिए CM भूपेश बघेल ने आयोजित की अधिकारियों की बैठक
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में कंजेक्टिवाइटिस की रोकथाम के उपायों की समीक्षा कर रहे हैं |
बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन सहित स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं।
छत्तीसगढ़ में कंजेक्टिवाइटिस (conjunctivitis) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेशभर में सप्ताहभर में कंजेक्टिवाइटिस के 19 हजार 155 मरीज सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मोतियाबिंद के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है. नेत्र विभाग के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के आंखों का चेकअप करने का निर्देश जारी किया गया है.