छत्तीसगढ़ / बस्तर
Bastar Pandum 2026 : बस्तर पंडुम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
रायपुर। बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पंडुम का समापन समारोह 9 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे।
बस्तर पंडुम संभाग स्तरीय : राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी शुभारंभ, केंद्रीय गृहमंत्री शाह समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल
रायपुर. बस्तर पंडुम संभाग स्तरीय में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आएंगे. 7 फरवरी को बस्तर पंडुम संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगे. वहीं समापन कार्यक्रम (8 फरवरी) में गृहमंत्री अमित शाह शिकरत करेंगे.
‘पंडुम’ शब्द पर आदिवासी समाज की आपत्ति… रबी सीजन में सिंचाई के लिए जल वितरण की चुनौती… मुर्गा लड़ाई के दौरान व्यक्ति घायल… 47 परिवारों ने की मूल धर्म में वापसी… गन्ने की घटती खेती का गुड की कीमतों पर असर
बस्तर. बस्तर ब्लॉक के ग्राम सालेमेटा स्थित कोसारटेडा जलाशय क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनरेखा माना जाता है. इस जलाशय से दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 11 हजार हेक्टेयर खेतों को खरीफ और रबी सीजन में सिंचाई का पानी मिलना तय है. खरीफ में अल्पवर्षा होने पर ही पानी की मांग रहती है, लेकिन रबी सीजन में फसल तैयार होने तक पानी अनिवार्य होता है. यही वह समय है जब दूरस्थ गांवों के किसान सबसे ज्यादा परेशान नजर आते हैं. जलाशय के आसपास के गांवों तक पानी पहुंच जाता है, लेकिन अंतिम छोर के किसान रबी फसल से वंचित रह जाते हैं. स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जिले की यह एकमात्र माध्यम सिंचाई परियोजना है. समय के साथ जलाशय की भूमिका बदली और अब इससे पेयजल आपूर्ति भी की जा रही है. फ्लोराइड प्रभावित गांवों को शुद्ध पानी देने के लिए फिल्टर प्लांट लगाया गया है. हालांकि इस सीजन जलाशय में पर्याप्त पानी मौजूद है, फिर भी संतुलन बड़ी चुनौती बना हुआ है. नजदीकी गांवों में किसान मक्के जैसी कम पानी वाली फसलें ले रहे हैं. नीचले हिस्सों में पानी भराव के कारण विकल्प सीमित हैं. किसानों का कहना है कि रबी सीजन में समान वितरण की ठोस व्यवस्था जरूरी है. वरना सिंचाई परियोजना का लाभ कुछ गांवों तक ही सिमट कर रह जाएगा.
*कांगेर घाटी में मिली अनोखी ग्रीन गुफा जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार*
छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।
ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।
घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
बस्तर ओलंपिक 2025 का आगाज : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह होंगे शामिल, महान बॉक्सर मैरी कॉम और भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया होंगे विशेष आकर्षण
Bastar Olympics 2025: रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का संभाग स्तरीय आयोजन आज 11 से 13 दिसंबर तक शुरू हो रहा है. इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
एसआईआर प्रक्रिया से बहुओं को परेशानी… एमबीबीएस छात्रों की सड़क दुर्घटना में मौत से खड़े हुए सवाल… दलपत सागर की बदहाली पर जनता का गुस्सा… बस्तर ओलंपिक 2025 की जोरदार शुरुआत
जगदलपुर। एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा करीब आते ही जगदलपुर में कई बहुओं के लिए यह प्रशासनिक अभ्यास बड़ी चुनौती बन गया है. खासकर वे महिलाएँ जो 20-22 साल पहले बस्तर आई थीं, अब अपने मायके के पुराने रिकॉर्ड जुटाने में असमर्थ दिख रही हैं.
माओवाद खत्म होने के कगार पर – डॉ. रमन सिंह, गरज-चमक के साथ हो रही मानसून विदाई, रावघाट रेल लाइन पर काम ठप, करवा चौथ पर शुभ संयोग, बस्तर ओलंपिक की तैयारियां तेज…
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि बस्तर से माओवाद का खात्मा अब नजदीक है. उन्होंने कहा, जिस दिन बस्तर में शांति की घोषणा होगी, उसी दिन से यह क्षेत्र देश का बड़ा पर्यटन केंद्र बन जाएगा.
बस्तर दशहरा का आज होगा समापन, आईईडी लगाने वाले तीन नक्सली गिरफ्तार, पार्षद की दबंगई पर भड़के निगम कर्मचारी, बाढ़ के डेढ़ माह बाद भी टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं…
जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का समापन मंगलवार को मावली माता की डोली और दंतेश्वरी माई की छत्र की विदाई के साथ होगा. इससे पहले मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ किया जाएगा, जिसमें राजपरिवार के कमलचंद्र भंजदेव भी शामिल होंगे.
मांई दंतेश्वरी मंदिर की अद्भुत विरासत, नक्सल संगठन में दरारें गहरी, फूल रथ की आखिरी परिक्रमा पूरी, सुरक्षा बलों ने बरामद किए 5 आईईडी, इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण की योजना अटकी…
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा का प्रसिद्ध मांई दंतेश्वरी मंदिर सागौन के 24 स्तंभों पर टिका हुआ है, जिन पर ओडिशा के कलाकारों की बेमिसाल नक्काशी देखने को मिलती है। मंदिर में दंतेश्वरी माता की मूर्ति के साथ संगमरमर से बनी सिंहवाहिनी और लकड़ी से निर्मित भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित है।
जगदलपुर स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश, पीडीएस घोटाले में 3.55 करोड़ का अनाज गायब, बस्तर दशहरे में शामिल हो सकते हैं गृह मंत्री अमित शाह, वन अतिक्रमण पर 10 आरोपी भेजे गए जेल,
जगदलपुर। बस्तर में पहली बार इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए. इसमें जगदलपुर में 350 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना शामिल है, जिसके लिए रायपुर की कंपनी को आमंत्रण पत्र जारी किया गया है.
बस्तर की सिंचाई क्षमता को मिलेगा नया जीवन: कोसारटेडा परियोजना के मुख्य नहर के जीर्णाेद्धार हेतु 41 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति….
रायपुर: बस्तर अंचल के कृषकों के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर में संचालित कोसारटेडा मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्य नहर के 0 से 24 किलोमीटर खंड के जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 41 करोड़ 32 लाख 58 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 01 मई 2025 की दर के आधार पर दी गई है।
इस योजना का उद्देश्य नहर की वर्तमान सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापित कर कृषकों को अधिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है। वर्तमान में परियोजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 11,120 हेक्टेयर है, जबकि वास्तविक उपयोग 6,622.40 हेक्टेयर ही हो पा रहा है। यह जीर्णाेद्धार कार्य इस कमी को पूरी तरह से दूर करने हेतु निर्णायक साबित होगा।
राज्य शासन द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से बस्तर अंचल के कृषकों को सिंचाई की सुलभ एवं समुचित सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही क्षेत्रीय कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। यह पहल विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों की जल संसाधन संरचनाओं को सशक्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने विजयी प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने विजयी प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
बस्तर जिले को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग द्वारा 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार
जगदलपुर। बस्तर जिले ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने, नवीन शैक्षणिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन और शिक्षक-छात्र संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग ने बस्तर जिले को 3 करोड़ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए कहा कि बस्तर जिले के विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और हमारी सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता ने जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार आकांक्षी जिलों में बुनियादी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की समावेशी एवं नवाचारयुक्त नीति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में संपूर्ण शिक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा बस्तर में बौद्धिक और शैक्षणिक विकास को नया आयाम देने के लिए राज्य सरकार को और अधिक प्रेरित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि न केवल बस्तर जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
विकास की शंखनाद: जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब सुनाई देता है विकास का शंखनाद – मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर: – माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है। जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है। हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात में भी की। हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क” (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री गौरव राय, डीएफओ श्री सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सनी लियोनी को भी मिल रहा महतारी बंदन योजना का लाभ, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना के नाम पर शासन को चूना लगाने का मामला सामने आया है। दिसंबर महीने की शुरुआत में ही सीएम साय ने प्रदेश भर की महिलाओं के खाते में 10वीं किस्त जारी की है। लेकिन इस बीच दरअसल, महतारी वंदन योजना के तहत सनी लियोनी के नाम से पैसे का आहरण किया जा रहा है। हैरानी की बात तो ये है कि महतारी वंदन योजना के पोर्टल में दर्ज सनी लियोनी के पति का नाम जॉनी सिन्स दिखाया गया है। पूरे मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। लेकिन पूरे मामले में सोचने वाली बात तो ये है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गहन जांच के बाद महिलाओं का नाम योजना के लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया है, फिर ऐसी गड़बड़ी कैसे हो गई।
फिलहाल मामला सामने आने के बाद जगदलपुर कलेक्टर हरीश एस ने संज्ञान लेते हुए प्राथमिक जांच के बाद दोषी पर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में क्या सामने आता है।
वहीं, इस महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों में सनी लियोनी का नाम सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है। दीपक बैज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ चुका है। सनी लियोनी के नाम से राशि जारी हो रही है। कल करीना कपूर का नाम भी सामने आएगा। सरकार मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराए।
सुकमा जिला प्रशासन की बदइंतजामी! बस्तर ओलंपिक में नाश्ते– खाने तक का नहीं पर्याप्त इंतजाम, व्यवस्था पर भड़के खिलाड़ियों ने कही बड़ी बात
सुकमा। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य बस्तर संभाग में अपार नैसर्गिक क्षमता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है. अच्छे उद्देश्य से सुकमा मिनी स्टेडियम में किए जा रहे इस महती आयोजन में जिला प्रशासन की बदइंतजामी भारी पड़ रही है.