"मुख्यमंत्री के आश्वासन पर दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों ने स्थगित किया धरना"
रायपुर: राजधानी के बूढ़ा तालाब स्पोर्ट्स कंपलेक्स धरना स्थल पर पिछले 308 दिनों से आंदोलित दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों के संघ ने आंदोलन स्थगित कर दिया है बुधवार के दिन आंदोलन स्थगित करने का ऐलान करते हुए घर वापस लौट गए हैं वही आंदोलन समाप्त करने के पहले संघ की अध्यक्ष माधुरी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन पर धरना स्थगित किया गया है उनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने कलेक्टर दर पर नियुक्ति दिए जाने का भरोसा दिया है इस संबंध में सूची मांगी है जो संघ के माध्यम से जल्द शासन को सौंप दी जाएगी आंदोलन स्थगित होने और मांग पर सहमति बनने के आसार दिखलाई देने पर प्रदर्शनकारियों में खुशी थी इन लोगों ने कहा कि अंततः प्रदर्शन की जीत हुई
बता दे की छत्तीसगढ़ में पंचायत शिक्षक के नियुक्ति पर काफी संख्या में शिक्षक काम कर रहे थे जो कतिपय कारणों से पिछले दिनों दुर्घटना के शिकार हुए और मृत्यु हो गई ऐसे सभी दिवंगत शिक्षकों के विधवा और परिजन लगातार बूढ़ा तालाब स्पोर्ट्स कंपलेक्स धरना स्थल पर एक सूत्री मांग को लेकर आंदोलन पर धरनारत थे इस दौरान 308 दिनों तक पानी बरसात धूप की मार झेलते हुए प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया शासन के स्तर पर कई स्तर पर बातचीत हुई लेकिन नतीजा सफल नहीं हो पा रहा था परेशान आंदोलनकारी शासन पर बार-बार बात पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे परंतु नियम और शर्तों के आधार के कारण बातचीत पीपल हो जा रही थी अंततः पंचायत शिक्षकों के परिजनों के संघ को एकमात्र अवसर लगा की चुनावी वर्ष में सरकार अवश्य उनकी मांगों पर ध्यान दे सकती है इसलिए आंदोलन पर बनी रहे
कई तरह से मांगों को पहुंचाने के लिए तारिका अपनाया और बात रखी परंतु बात अधूरी रह जा रही थी इस बीच सोमवार के दिन शासन के प्रतिनिधि एडीएम रायपुर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और बात रखने का प्रयास किया इस पर प्रदर्शन कार्यो ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की इच्छा जाहिर की और आश्वासन की बात रखी जिसमें मंगलवार के दिन दोपहर में मुख्यमंत्री निवास में संघ की अध्यक्षता करने वाली माधुरी सीएम की बातचीत हुई या सार्थक रही सीएम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनने के बाद कहा कि आप सभी को योग्यता के अनुसार नियुक्ति दी जाएगी और कलेक्टर दर पर नियुक्तियां दी जाएंगी इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया इसके बाद चेहरे पर खुशी थी और अंततः ऐसे परेशान परिवारों को भी अब राहत की बात मिले जा रही थी