छत्तीसगढ़ / रायपुर

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को लिखा खुला पत्र

मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक ने वन अधिकार पट्टा के फर्जी दस्तावेज से हासिल की अवैधानिक जमीन

कांग्रेस विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने उठाए सवाल

रायपुर: कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल पर वन अधिकार पट्टा एवं फर्जी दस्तावेज के माध्यम से सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है उनका कहना है कि भाजपा के पूर्व विधायक ने आदिवासियों की अधिकार की जमीन को अनाधिकृत रूप से पत्नी और मां के नाम पर दर्ज करा कर सैकड़ों एकड़ जमीन का घोटाला किया है |

उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है साथ ही डॉ विनय जायसवाल ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को एक खुला पत्र लिखकर इस फर्जी घोटाले की जानकारी पर जवाब मांगा है उनका कहना था कि भाजपा स्वयं को आदिवासियों का हित चिंतक बताती है लेकिन वास्तविकता में आदिवासियों के हितों के नाम पर शोषण करती रही है|

राजीव भवन में मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल ने कहा की भाजपा के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जयसवाल ने मां चंद्र वती और पत्नी कांति जायसवाल के नाम पर जमीन का घोटाला किया है उन्होंने कहा कि 4 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर कब्जा किया गया है जबकि नियर में कहते हैं की तीन पीढ़ी से 13 दिसंबर 2005 के पूर्व 75 वर्ष के निवास प्रमाण पत्र की वैधता के बाद ही जमीन अधिकार दिया जा सकता है जो कि नहीं है मां और पत्नी के द्वारा जमीन पर काबिज होने के बी प्रमाणिक दस्तावेज नहीं पाए गए हैं विधायक ने अपना नाम छिपाए रखने के लिए पत्नी के नाम से आवेदन किया जो कि नियम विरुद्ध है |

उनका कहना था कि पत्नी कांति जायसवाल के नाम पर खंड गवा मैं 45 एकड़ जमीन पर कब्जा किया गया है राशन कार्ड में श्याम बिहारी जयसवाल के परिवार की सदस्य मां के रूप में मां चंद्र वती का नाम अंकित है लेकिन जमीन पर कब्जा पत्नी के नाम पर हुआ है ग्राम पंचायत खंड गवा रतनपुर बरहमपुर मझौली और बेल पहरा में उक्त घोटाले सामने आए हैं यही नहीं विधायक ने स्वयं के नाम पर 40 एकड़ जमीन पर कब्जा किया हुआ है पत्नी कांति जायसवाल के नाम 45 एकड़ जमीन पर कब्जा है उनका आरोप है मां और पत्नी के नाम से फर्जी दस्तावेजों और कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से 10 एकड़ से ज्यादा वन भूमि पर वन अधिकार पट्टा के लिए आवेदन कर जमीन पर कब्जा किया गया है जो कि गलत है दो अलग-अलग प्रकरण में पहली प्रकरण में पत्नी के प्रकरण में राशन कार्ड लगाया गया है |

लेकिन मां के प्रकरण में पहचान के लिए राशन कार्ड नहीं लगाया गया है क्योंकि वन अधिकार पट्टा के अधिनियम के अनुसार व्यक्तिगत पट्टा परिवार के लिए जारी किया जाता है एक परिवार के लिए 2 सदस्यों का पट्टा नहीं बनाया जा सकता हालांकि इनके द्वारा तीन पीढ़ियों के कब्जे का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं हुआ है अपना नाम छुपाने के लिए पूर्व विधायक ने मां और पत्नी के नाम से वन अधिकार पट्टा का बड़ा फर्जीवाड़ा किया है मां और पत्नी मातृ पक्ष की है विवाह उपरांत तीन पीढ़ी का राशन कार्ड नहीं हो सकता जबकि ऐसा दर्शाया जा रहा है |

नियंता 10 एकड़ से अधिक भूमि स्वामित्व परिवार वन अधिकार पट्टा के लिए पात्रता नहीं रखता है इसलिए उनकी मांग है कि भाजपा के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जयसवाल द्वारा किए गए जमीन घोटाले की जांच होनी चाहिए इसीलिए डॉ विनय जायसवाल ने प्रधानमंत्री को शिकायत पत्र की कॉपी तैयार कर एसडीएम को सौंपी है ताकि इस पर निष्पक्ष जांच कराई जा सके और उनका कहना था कि केवल श्याम बिहारी जयसवाल ने नहीं बल्कि बल्कि भाजपा के पूर्व विधायक राम विचार नेताम ने भी वन अधिकार पट्टा का गलत तरीके से उपयोग कर जमीन पर कब्जा करके रखा हुआ है 

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