छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : 1 से 5 नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी शानदार प्रस्तुतियां, मुख्यमंच और शिल्पग्राम मंच में कलाकार बिखेरेंगे मनमोहक छटा
रायपुर |
31-Oct-2025
रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत महोत्सव में देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी. एक नवम्बर से 5 नवम्बर तक मुख्यमंच के अलावा शिल्पग्राम मंच पर भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. राज्योत्सव में इस बार छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकारों के साथ ही देश के जाने-माने कलाकार, हंशराज रघुवंशी, आदित्य नारायण, अंकित तिवारी, कैलाश खेर, सु भूमि त्रिवेदी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे.
राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में बनाये गए मुख्यमंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह 11 बजे सु ऐश्वर्या पंडित के गायन से होगी. इसके बाद पीसी लाल यादव, सु आरू साहू, दुष्यंत हरमुख, मती निर्मला ठाकुर तथा शाम 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार हंशराज रघुवंशी की प्रस्तुति होगी. इसी प्रकार 2 नवम्बर को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक आदित्य नारायण प्रमुख आकर्षण के केन्द्र होंगे. उनके द्वारा गीतों की प्रस्तुति रात्रि 9 बजे से दी जाएगी. इस दिन सांस्कृति कार्यक्रमों की शुरूआत शाम 6.30 बजे से होगी. सबसे पहले सुनील तिवारी, सु जय नायर चिन्हारी द गर्ल बैंड, पद्म डोमार सिंह कंवर नाचा दल का कार्यक्रम होगा.
इसी प्रकार 3 नवम्बर को पार्श्व गायिका सु भूमि त्रिवेदी रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगी. इस दिन सांस्कृति संध्या में शाम 6 बजे से पद्म उषा बारले पण्डवानी, राकेश शर्मा सूफी-भजन गायन, कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुति होगी तथा 4 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक अंकित तिवारी प्रस्तुति देंगे. इस दिन शाम 6 बजे कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, मती रेखा देवार की लोकगीत, प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति होगी. इसी प्रकार 5 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे. सांस्कृतिक संध्या में शाम 6 बजे से मती पूनम विराट तिवारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कार्यक्रम होगा.
शिल्पग्राम मंच की प्रस्तुतियां-
शिल्पग्राम मंच में 1 नवम्बर को मोहम्मद अनस पियानो वादन, मती बासंती वैष्णव द्वारा कत्थक, सु रमादत्त जोशी और मती सोनाली सेन का गायन, सु स्वीटी पगारिया कत्थक, मंगलूराम यादव की बांसगीत, सु चारूलता देशमुख भारत नाट्य, दुष्यंत द्विवेदी की पण्डवानी, लोकेश साहू की भजन, मती बॉबी मंडल की लोक संगीत तथा चन्द्रभूषण वर्मा लोकमंच की प्रस्तुति होगी.
2 नवम्बर को मती रेखा जलक्षत्रीय की भरथरी, ईकबाल ओबेराय की म्यूजिक ग्रुप, बसंतबीर उपाध्याय मानस बैंड, सं दीपाली पाण्डेय की कत्थक, लिलेश्वर सिंहा की लोक संगीत, सु अंविता विश्वकर्मा भारतनाट्यम, सु आशिका सिंघल कत्थक, प्रांजल राजपूत भरथरी, सु प्रसिद्धि सिंहा कत्थक, जीवनदास मानिकपुरी लोकमंच एवं जितेन्द्र कुमार साहू सोनहा बादर की प्रस्तुति होगी.
3 नवम्बर को सुरेश ठाकुर भजन, डॉ. आरती सिंह कत्थक, मती राखी राय भरतनाट्यम, पुसउराम बंजारे पण्डवानी, सु इशिका गिरी कत्थक, गिरवर सिंह ध्रुव भंुजिया नृत्य, सु राधिका शर्मा कत्थक, मती शांतिबाई चेलक पण्डवानी, दुष्यंतकुमार दुबे सुआ नृत्य, मती गंगाबाई मानिकपुरी पण्डवानी, सु संगीता कापसे शास्त्रीय नृत्य, महेन्द्र चौहान की चौहान एव बैंड तथा घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति होगी.
4 नवम्बर को सु भुमिसूता मिश्रा ओडिसी, चैतुराम तारक नाचा दल, सु आशना दिल्लीवार कत्थक, सु पुष्पा साहू लोक संगीत, महेन्द्र चौहान पण्डवानी, सु प्रिति गोस्वामी कत्थक, सु पृथा मिश्रा शास्त्रीय गायन, महेश साहू लोकमंच, विजय चंद्राकर लोक संगीत तथा तिलक राजा साहू लोकधारा की प्रस्तुति होगी.
5 नवम्बर को सु दुर्गा साहू पण्डवानी, सु डाली थरवानी कत्थक, संजय नारंग लोकसंगती, सु सारिका शर्मा कत्थक, सु महेश्वरी सिंहा लोकमंच, चंद्रशेखर चकोर की लोक नाट्य, नीतिन अग्रवाल लोकसंगीत, द्वारिकाप्रसाद साहू की डंडा नृत्य, सु महुआ मजुमदार की लोकसंगीत तथा नरेन्द्र जलक्षत्रीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे.