शिक्षा

प्राइवेट स्कूल फीस में कैसे करते हैं हेराफेरी? शिक्षा विभाग के फॉर्म 6 में खुली पोल

 Private School Fees in Haryana: शिक्षा विभाग ने फीस बढ़ोतरी की सूचना न देने वाले निजी स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने फॉर्म 6 जारी किया है। यह फॉर्म निजी स्कूलों को 31 मई तक भर कर शिक्षा विभाग में जमा कराना है। यदि स्कूल प्रबंधकों ने निर्धारित तिथि तक जमा नहीं कराया तो कार्यवाही की जाएगी।

 
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल ने बताया कि स्कूलों को 2021 से अब तक की फीस और अन्य जानकारी देनी होगी। Form 6 में 2021 से अब तक की स्टाफ सैलरी, प्राइवेट स्कूल फीस स्ट्रक्चर और अन्य खर्चों का पूरा विवरण देना होगा। इसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।
 
School Fees: पहले दिखाई चालाकी, अब फंसे
विभागीय सूत्रों के मुताबिक स्कूलों का नया सत्र शुरू शुरू होने से पहले ही निजी स्कूलों को फार्म छह भरने के आदेश दिए गए थे। लेकिन स्कूलों ने जो जानकारी दी वह सही नहीं मिली। जिसके बाद विभाग ने दोबारा से MIS Portal खोल दिया। इसके लिए अब फॉर्म 6 का फॉर्मेट जारी किया गया है। नए फॉर्मेट के आधार पर ही स्कूलों को अब फीस की जानकारी देनी होगी। यही नहीं, अब स्कूल स्टाफ की सैलरी वेतन, भत्तों की भी जानकारी देनी होगी। यदि निर्धारित समय में जानकारी नहीं दी गई तो एक्शन लिया जाएगा।
 
Private School Fees: ऐसे होती है हेराफेरी
पलवल में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक श्रेणी (प्राइमरी, सेकंडरी, हायर और सीनियर सेकंडरी) के 300 से अधिक स्कूल हैं। शिक्षा विभाग को सूचना मिली है कि निजी स्कूल संचालक फॉर्म 6 में दिखाया गया वेतन स्टाफ को नहीं देते हैं। वे Form 6 में टीचर की सैलरी अधिक दिखाते हैं, और वेतन उन्हें कम दिया जाता है।
 
ऐसे में स्टाफ के हस्ताक्षर अधिक वेतन पर करा लेते हैं। इसके अतिरिक्त चेक पर भी हस्ताक्षर करा लेते हैं। अभिभावकों से अधिक फीस लेते हैं। फॉर्म छह में कम फीस दिखाते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अशोक बघेल ने बताया कि फॉर्म छह आने के बाद सभी तथ्यों की जांच की जाएगी।
 

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