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Manipur Violence: मणिपुर में फिर तनाव, उपद्रवियों ने फूंका BJP नेता का घर, इधर CM एन बीरेन सिंह के ऑडियो को लेकर सड़कों पर उतरे कुकी

 Manipur Violence: देश का पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर पिछले साल ही हिंसा की आग में जल रहा है। कुकी (Kuki) और मैतेई (Meitei) समुदाय के बीच हिंसा की आग नहीं थम रही है। राज्य के चूड़ाचांदपुर में तुइबोंग उप-मंडल के पेनियल गांव में उपद्रवियों ने BJP नेता का घर फूंक दिया। वहीं दूसरी तरफ कुकी समुदाय ने आदिवासी बहुल इलाकों में तीन रैलियां निकालीं। इन रैलियों में उन्होंने अलग प्रशासन की मांग की और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) के कथित वायरल ऑडियो क्लिप के खिलाफ विरोध जताया, जिसमें कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां सुनाई दे रहीं हैं। इससे हिंसा की आग और भड़क सकती है।



कुकी-जो की तरफ से ये रैलियां आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों के क्रमशः लीशांग, कीथेलमनबी और मोरेह में आयोजित की गईं। कुकी छात्र संगठन (केएसओ) और ज़ोमी छात्र संघ (जेडएसएफ) की ओर से बुलाई गई इस रैली के मद्देनजर जिले के सभी बाजार और स्कूल बंद रहे. कांगपोकपी में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कीथेलमैनबी मिलिट्री कॉलोनी से शुरू हुई रैली में हिस्सा लिया और 8 किमी की दूरी तय करने के बाद थॉमस ग्राउंड पर रैली समाप्त हुई।


वहीं अज्ञात बदमाशों ने चूड़ाचांदपुर में तुइबोंग उप-मंडल के पेनियल गांव में भाजपा प्रवक्ता माइकल लामजाथांग के पैतृक आवास में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि हमले के दौरान घर के परिसर में खड़ी एक कार को भी आग के हवाले कर दिया।



इस हमले को लेकर सीम एन. बीरेन सिंह ने एक्स पर लिखा, “हमारे लोगों (इस मामले में थाडू) को बार-बार शांति रैलियों की आड़ में अक्सर निशाना बनाना, एक बेहद परेशान करने वाली प्रवृत्ति है। इस तरह की उकसावे वाली हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी जताया विरोध

वहीं दूसरी ओर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुकी स्टूडेंट्स संगठन के तत्वावधान में शनिवार को जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले कुकी समुदाय के लोग भी जुटे। सभी प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थी, जिसमें मणिपुर के मुख्यमंत्री की फोटो छपी हुई थी। ये लोग सीएम बीरेन सिंह के उस कथित ऑडियो का विरोध कर रहे हैं, जिसमें वह कुकी समुदाय के लिए गलत बोल रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सीएम पर हमला करते हुए कहा कि वह मैतई समुदाय के मुख्यमंत्री हैं। हमारे साथ बीते 16 महीने में कई अत्याचार हुए। हमारे समुदाय की महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया, उन्हें मारा गया। हम मुख्यमंत्री बीरेन सिंह का इस्तीफा नहीं चाहते हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि उन पर कार्रवाई हो।

मई 2023 से जारी हिंसा में 200 से ज्यादा लोग मारे गए
मणिपुर में 3 मई, 2023 से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच आरक्षण को लेकर हिंसा चल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिंसा की अब तक 226 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 65 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं।
 

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