छत्तीसगढ़
श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को हाइवा ने मारी टक्कर, 25 यात्री हुए घायल, 20 की हालत गंभीर…
बिलासपुर। रतनपुर-बेलगहना रोड पर श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक को सामने से आ रहे हाइवा ने टक्कर मार दी. दुर्घटना में मालवाहक में सवार महिला बच्चे समेत 25 लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए रतनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए 20 लोगों को सिम्स रिफर किया गया है.
राजधानी में पुलिस वाहन चलाते युवक का वीडियो हुआ वायरल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है. इस वीडियो में एक युवक पुलिस वाहन चलाते हुए दिख रहा है. जबकि एक नाबालिग ड्राइवर सीट के बगल वाली सीट अपर बैठा दिख रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस वाहन में कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है. जब वीडियो बनाने वाला युवक पुलिस वाहन में सवार युवकों से पूछता है कि पुलिस गाड़ी कैसे चला रहे हो तो वह गाड़ी की स्पीड बढ़ाकर आगे निकल जाता है.
राजधानी के करीब हुआ बड़ा हादसा, 40 लोगों से भरी बस में लगी आग
रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर से बड़ी खबर सामने आई है. यात्रियों से भरी AC बस में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और अफरा-तफरी मच गई. आग लगने के बाद ड्राइवर, कंडेक्टर समेत सभी यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई. जिस बस में आगजनी हुई है वह महेंद्रा ट्रेवल्स की है. बस में करीब 40 यात्री सवार थे, सभी सुरक्षित हैं.
चिंतन शिविर के दूसरे दिन CM साय समेत सभी मंत्रियों को IIM के एक्सपर्ट देंगे टिप्स, 21 जिलों में लू के लिए येलो अलर्ट जारी, मैग्नेटो माल में मैंगो मेनिया का आयोजन
प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार की नवा रायपुर स्थित आईआईएम (IIM) में मैनेजमेंट के गुर सीखने की क्लास लग रही है. इस क्लास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत सभी मंत्री शामिल हैं. नवा रायपुर के आईआईएम में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर की शुरुआत शुक्रवार को हुई. पहले दिन सभी मंत्रियों की क्लास सुबह 10 से पांच बजे तक लगी. वहीं आज फिर 10 बजे से मुख्यमंत्री और मंत्री मैनेजमेंट की पढ़ाई करेंगे.
राजधानी के गुढ़ियारी में बनेगा सरकारी कॉलेज, पूर्व मंत्री राजेश मूणत की मांग पर बजट में किया गया प्रावधान
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को जल्द ही एक नई सौगात मिलने वाली है. पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक राजेश मूणत ने बताया कि जल्द ही रायपुर शहर के गुढ़ियारी क्षेत्र में एक करोड़ की लागत से शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी का नया भवन बनेगा. उन्होंने बताया कि इस महाविद्यालय के निर्माण के लिए सामुदायिक भवन के पास रिक्त शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है. अब उसको उच्च शिक्षा विभाग के नाम से आबंटित करने तथा अग्रिम आधिपत्य देने के लिए कलेक्टर रायपुर से चर्चा की जाएगी .अग्रिम आधिपत्य मिलने के बाद उसका प्राक्कलन तैयार करा कर प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही की जाएगी.
चिंतन शिविर का दूसरा दिन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ किया योगा,
रायपुर। नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर का आज दूसरा दिन है. वहीं सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ योग किया. योग के बाद फिर से आईआईएम के एक्सपर्ट सभी मंत्रियों को टिप्स देंगे.
उफ! ये जानलेवा गर्मी, गला सूखने से हुई युवक की मौत, मरने वालों का आंकड़ा छह तक पहुंचा…
जिले में इन दिनों सूरज आग उगल रहा है, जिसका जानलेवा असर नजर आ रहा है. कवर्धा में तेज धूप और भीषण गर्मी की वजह से गला सूखने से एक युवक की जान चली गई. इस तरह से प्रदेश में अब तक गर्मी-लू की वजह से छह लोगों की मौत हो चुकी है.
विद्युत सब स्टेशन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, मची अफरातफरी, बिजली कर्मियों ने दिखाई तत्परता
सूर्य की तेज तपिश से अब विद्युत व्यवस्था भी जवाब देने लगे हैं. जिसका परिणाम देर रात सुहेला विघुत सब स्टेशन में देखने को मिला. जहां 220 केवी लाईन में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गयी और हडकंप मच गया. वहीं कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाई और तत्काल कुछ देर के लिए लाइन काटकर आग बुझा लिया और एक बड़ी घटना को टालकर विघुत व्यवस्था बहाल किया. आग लगने कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है.
चिंतन शिविर का दूसरा दिन : सीएम विष्णुदेव साय ने मंत्रियों के साथ IIM परिसर का किया भ्रमण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ योगाभ्यास किया. मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास के बाद मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ भारतीय प्रबंध संस्थान परिसर का भ्रमण किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान परिसर स्थित स्पोर्ट्स कैंपस (अखाड़ा), हॉस्टल मेस, फाउंडेशन स्टोन (आधारशिला), प्रशासनिक भवन (कर्मशीला), जैव विविधता के लिए निर्मित परिसर और क्वींस पैलेस का भ्रमण किया. उन्होंने क्वींस पैलेस से आईआईएम के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया.
राजधानी के करीब हुआ बड़ा हादसा, 40 लोगों से भरी बस में लगी आग
राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर से बड़ी खबर सामने आई है. यात्रियों से भरी बस में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और अफरा-तफरी मच गई. आग लगने के बाद ड्राइवर, कंडेक्टर समेत सभी यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई. जिस बस में आगजनी हुई है वह महेंद्रा ट्रेवल्स की है. बस में करीब 40 यात्री सवार थे, सभी सुरक्षित हैं.
तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम
हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप से मनाया जाता है। इस अवसर पर, संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन ने तंबाकू के उपयोग के हानिकारक और घातक प्रभावों और सेकेंड हैंड स्मोक एक्सपोजर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ किसी भी रूप में तंबाकू के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन के फाउंडर एवं सीनियर कैंसर सर्जन डॉ यूसुफ मेमन, रक्त रोग एवं ब्लड कैंसर विशेषज्ञ डॉ विकास गोयल, क्लिनिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ अनिकेत ठोके, सीनियर कैंसर सर्जन डॉ अर्पण चतुर्मोहता व डॉ दिवाकर पांडेय, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ राकेश मिश्रा, रेडियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ रमेश कोठारी एवं डॉ सतीष देवांगन, पेन एवं पैलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ अविनाश तिवारी ने लोगों को तंबाकू सेवन के गंभीर हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।
डॉ. युसूफ मेमन ने बताया कि तंबाकू के सेवन से भारत में हर साल 13 लाख से अधिक मौतें होती हैं, जो प्रति दिन 3500 मौतों के बराबर है। तम्बाकू से होने वाली मौतों और बीमारियों के अलावा देश के आर्थिक और सामाजिक विकास पर भी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि न केवल तंबाकू का उपयोग कई प्रकार के कैंसर और बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है, बल्कि धूम्रपान करने वाले स्वयं अकेले नहीं हैं जिन्हें तंबाकू के धुएं से कैंसर हो सकता है। उनके आसपास के लोग, जिनमें उनके बच्चे, साथी, दोस्त, सहकर्मी और अन्य लोग शामिल हैं, सेकेंड हैंड धूम्रपान के शिकार हो जाते हैं।
डॉ. अर्पण चतुरमोहता एवं डॉ दिवाकर पांडेय ने तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों पर विस्तार से बताते हुए कहा कि जब तंबाकू के हानिकारक प्रभावों पर आमतया लोग केवल फेफड़ों के कैंसर के बारे में सोचते हैं। हालांकि तंबाकू का सेवन (सिगरेट और सिगार सहित) फेफड़ों के कैंसर के दस में से नौ मामलों का कारण बनता है, इस बात की जागरूकता जरूरी है कि तम्बाकू का उपयोग आपके शरीर में लगभग कहीं भी, मूत्राशय(ब्लैडर), रक्त और फेफड़े (एक्यूट मायलोइड ल्यूकेमिया) सहित कैंसर का कारण बन सकता है। गर्भाशय ग्रीवा(सर्विक्स), बृहदान्त्र(कोलोन) और मलाशय(रेक्टम), अन्नप्रणाली(इसोफेगस), गुर्दे(ब्लैडर) और रेनल पेल्विस, यकृत(लिवर), फेफड़े, ब्रांकाई और श्वासनली, मुंह और गले, अग्न्याशय(पैंक्रियाज), पेट और आवाज बॉक्स(लैरिंक्स) मानव शरीर के सभी भाग हैं जिनमें टोबैको की वजह से कैंसर हो सकता है।
डॉ विकास गोयल एवं डॉ अनिकेत ठोके ने साझा किया कि सिगरेट, सिगार और पाइप से निकलने वाले धुएं में कम से कम 70 रसायन कैंसर का कारण बन सकते हैं। जब कोई व्यक्ति उस धुएं में सांस लेता है, तो रसायन उनके ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश करते हैं, जहां वे अपने शरीर के सभी हिस्सों में जाते हैं। इनमें से कई रसायन आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जो यह नियंत्रित करता है कि आपका शरीर कैसे नई कोशिकाओं का निर्माण करता है और प्रत्येक प्रकार की कोशिका को अपना काम करने के लिए निर्देशित करता है। क्षतिग्रस्त डीएनए, कोशिकाओं को उन तरीकों से बढ़ने का कारण बन सकता है जिनकी अपेक्षा नहीं की जा सकती है। इन असामान्य कोशिकाओं में कैंसर में विकसित होने की काफी संभावना होती है।
डॉ. राकेश मिश्रा एवं डॉ अविनाश तिवारी ने लोगों को तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तंबाकू छोड़ने के बाद के कुछ लाभों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 20 मिनट के बाद रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और नाड़ी की दर (पल्स रेट) सामान्य हो जाती है, हमारे शरीर के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर आठ घंटे के बाद सामान्य हो जाता है, दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम होने लगता है, 24 घंटे के बाद कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर से बाहर निकल जाती है, स्वाद और गंध की इंद्रियों में सुधार होता है, 72 घंटे के बाद सांस लेना आसान हो जाता है, फिर हमारे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ने लगता है। आमतया तीन से नौ महीने बाद, खांसी, सांस की तकलीफ और घरघराहट दूर हो जाती है। दिल का दौरा पड़ने का रिस्क, पांच साल बाद, धूम्रपान करने वालों की तुलना में लगभग आधा हो जाता है। दस वर्षों के बाद, फेफड़ों के कैंसर होने का रिस्क धूम्रपान करने वालों की तुलना में लगभग आधा होने की संभावना होती है।
डॉ रमेश कोठारी एवं डॉ सतीष देवांगन ने साझा किया कि धूम्रपान तम्बाकू सेवन के बहुत से रूपों में से एक है। सिर्फ सिगरेट पीना ही नहीं बल्कि धूम्रपान रहित तंबाकू उत्पाद, (जैसे कि चबाने वाला तंबाकू) भी कैंसर का कारण बन सकता है, जिसमें एसोफेजिएल, मुंह और गले, और अग्नाशय का कैंसर भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, स्वाद और रसायनों वाले तरल को गर्म करके एक धुंध(मिस्ट) उत्पन्न करती है, जिनमें से कई काफी हानिकारक रसायन भी होते हैं, इसीलिए लोगों को किसी भी प्रकार के तंबाकू प्रोडक्ट से दूर रहना चाहिए।
इस कार्यक्रम में उपस्थित शहर के जागरूक लोगों ने कैंसर विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्वयं को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने और समाज के लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
ट्रेन में अतिरिक्त कोच 31 मई से चार जून तक उपलब्ध रहेगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाले वाली ट्रेनों में अतिरिक्त एसी-3 कोच सुविधा दी जा रही है। यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रशासन ने हावड़ा-पुणे-हावड़ा और हावड़ा-सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस में एक-एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा दी है। इससे यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी। ट्रेन में अतिरिक्त कोच 31 मई से चार जून तक उपलब्ध रहेगी। रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा और यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलने वाली गाड़ी संख्या 12262/12261 हावड़ा एसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस और 12222/12221 हावड़ा-पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस में एक-एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
गांजा तस्करी करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देश पर रायपुर पुलिस द्वारा निजात अभियान के तहत नशे के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें समस्त थाना एवं एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रहीं है। नारकोटिक्स एक्ट पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की विशेष टीम का गठन किया गया है साथ ही समस्त थाना प्रभारियों को नशे की सामाग्री बिक्री करने वालों एवं सप्लाई करने वालों पर कठोर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है।
भीषण गर्मी से 3 लोगों की मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग संभाग के विभिन्न जिलों में लू चल रही है और लू के कहर से तीन लोगों की अब तक मौत भी हो गई है। गुरुवार को प्रदेश में मुंगेली सर्वाधिक गर्म रहा, एडब्ल्यूएस मुंगेली का अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी प्रकार रायपुर का अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री दर्ज किया गया,जो सामान्य से 4.7 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिन भी झुलसाने वाले रहेंगे तथा अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। हालांकि मध्य व उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ क्षेत्रों लू का कहर बरसेगा।
शहर में लूट व चैन स्नैचिंग के बढ़ते मामले चिंतनीय
रायपुर। शहर में संचालित हो रहे ऑटो में सवारी करने वालों के साथ लगातार हो रही लूट व चैन स्नैचिंग के मामलों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब तो वे ऑटो में सवारी करने से भी डरने लगे हैं लेकिन क्या करें शहरी सीमा क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का यही तो एकमात्र माध्यम हैं। सराफा,कपड़ा,इलेक्ट्रानिक्स जैसे मुख्य बाजार व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक आने:जाने के लिए उपभोक्ता वर्ग ऑटो का ही उपयोग करते हैं। जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से प्रयास किये जाने के बाद भी घटनाओं में कमी न आना और इनके न पकड़े जाने का कारण तो ऐसा लगता है कि कोई गेंग सुनियोजित तरीके से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने में सक्रिय है।
आईआईएम रायपुर में दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य ले रहे हिस्सा
प्रथम सत्र के आरंभ में नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम ने दिया संबोधन
तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम
तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम
हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप से मनाया जाता है। इस अवसर पर, संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन ने तंबाकू के उपयोग के हानिकारक और घातक प्रभावों और सेकेंड हैंड स्मोक एक्सपोजर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ किसी भी रूप में तंबाकू के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन के फाउंडर एवं सीनियर कैंसर सर्जन डॉ यूसुफ मेमन, रक्त रोग एवं ब्लड कैंसर विशेषज्ञ डॉ विकास गोयल, क्लिनिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ अनिकेत ठोके, सीनियर कैंसर सर्जन डॉ अर्पण चतुर्मोहता व डॉ दिवाकर पांडेय, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ राकेश मिश्रा, रेडियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ रमेश कोठारी एवं डॉ सतीष देवांगन, पेन एवं पैलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ अविनाश तिवारी ने लोगों को तंबाकू सेवन के गंभीर हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।
डॉ. युसूफ मेमन ने बताया कि तंबाकू के सेवन से भारत में हर साल 13 लाख से अधिक मौतें होती हैं, जो प्रति दिन 3500 मौतों के बराबर है। तम्बाकू से होने वाली मौतों और बीमारियों के अलावा देश के आर्थिक और सामाजिक विकास पर भी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि न केवल तंबाकू का उपयोग कई प्रकार के कैंसर और बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है, बल्कि धूम्रपान करने वाले स्वयं अकेले नहीं हैं जिन्हें तंबाकू के धुएं से कैंसर हो सकता है। उनके आसपास के लोग, जिनमें उनके बच्चे, साथी, दोस्त, सहकर्मी और अन्य लोग शामिल हैं, सेकेंड हैंड धूम्रपान के शिकार हो जाते हैं।
डॉ. अर्पण चतुरमोहता एवं डॉ दिवाकर पांडेय ने तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों पर विस्तार से बताते हुए कहा कि जब तंबाकू के हानिकारक प्रभावों पर आमतया लोग केवल फेफड़ों के कैंसर के बारे में सोचते हैं। हालांकि तंबाकू का सेवन (सिगरेट और सिगार सहित) फेफड़ों के कैंसर के दस में से नौ मामलों का कारण बनता है, इस बात की जागरूकता जरूरी है कि तम्बाकू का उपयोग आपके शरीर में लगभग कहीं भी, मूत्राशय(ब्लैडर), रक्त और फेफड़े (एक्यूट मायलोइड ल्यूकेमिया) सहित कैंसर का कारण बन सकता है। गर्भाशय ग्रीवा(सर्विक्स), बृहदान्त्र(कोलोन) और मलाशय(रेक्टम), अन्नप्रणाली(इसोफेगस), गुर्दे(ब्लैडर) और रेनल पेल्विस, यकृत(लिवर), फेफड़े, ब्रांकाई और श्वासनली, मुंह और गले, अग्न्याशय(पैंक्रियाज), पेट और आवाज बॉक्स(लैरिंक्स) मानव शरीर के सभी भाग हैं जिनमें टोबैको की वजह से कैंसर हो सकता है।
डॉ विकास गोयल एवं डॉ अनिकेत ठोके ने साझा किया कि सिगरेट, सिगार और पाइप से निकलने वाले धुएं में कम से कम 70 रसायन कैंसर का कारण बन सकते हैं। जब कोई व्यक्ति उस धुएं में सांस लेता है, तो रसायन उनके ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश करते हैं, जहां वे अपने शरीर के सभी हिस्सों में जाते हैं। इनमें से कई रसायन आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जो यह नियंत्रित करता है कि आपका शरीर कैसे नई कोशिकाओं का निर्माण करता है और प्रत्येक प्रकार की कोशिका को अपना काम करने के लिए निर्देशित करता है। क्षतिग्रस्त डीएनए, कोशिकाओं को उन तरीकों से बढ़ने का कारण बन सकता है जिनकी अपेक्षा नहीं की जा सकती है। इन असामान्य कोशिकाओं में कैंसर में विकसित होने की काफी संभावना होती है।
डॉ. राकेश मिश्रा एवं डॉ अविनाश तिवारी ने लोगों को तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तंबाकू छोड़ने के बाद के कुछ लाभों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 20 मिनट के बाद रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और नाड़ी की दर (पल्स रेट) सामान्य हो जाती है, हमारे शरीर के रक्त में ऑक्सीजन का स्तर आठ घंटे के बाद सामान्य हो जाता है, दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम होने लगता है, 24 घंटे के बाद कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर से बाहर निकल जाती है, स्वाद और गंध की इंद्रियों में सुधार होता है, 72 घंटे के बाद सांस लेना आसान हो जाता है, फिर हमारे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ने लगता है। आमतया तीन से नौ महीने बाद, खांसी, सांस की तकलीफ और घरघराहट दूर हो जाती है। दिल का दौरा पड़ने का रिस्क, पांच साल बाद, धूम्रपान करने वालों की तुलना में लगभग आधा हो जाता है। दस वर्षों के बाद, फेफड़ों के कैंसर होने का रिस्क धूम्रपान करने वालों की तुलना में लगभग आधा होने की संभावना होती है।
डॉ रमेश कोठारी एवं डॉ सतीष देवांगन ने साझा किया कि धूम्रपान तम्बाकू सेवन के बहुत से रूपों में से एक है। सिर्फ सिगरेट पीना ही नहीं बल्कि धूम्रपान रहित तंबाकू उत्पाद, (जैसे कि चबाने वाला तंबाकू) भी कैंसर का कारण बन सकता है, जिसमें एसोफेजिएल, मुंह और गले, और अग्नाशय का कैंसर भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, स्वाद और रसायनों वाले तरल को गर्म करके एक धुंध(मिस्ट) उत्पन्न करती है, जिनमें से कई काफी हानिकारक रसायन भी होते हैं, इसीलिए लोगों को किसी भी प्रकार के तंबाकू प्रोडक्ट से दूर रहना चाहिए।
इस कार्यक्रम में उपस्थित शहर के जागरूक लोगों ने कैंसर विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्वयं को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने और समाज के लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।