छत्तीसगढ़
"पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह बोले, 'छत्तीसगढ़ में चुनाव का बिगुल बज चुका है, बीजेपी कमजोर थी पर इस बार उल्टा नजारा देखने को मिलेगा'"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा, आज आचार संहिता लागू हो गई है. मतदाताओं से आग्रह है ज्यादा से ज्यादा मतदान में हिस्सा लें. उन्होंने BJP में जीत का आधार नरेंद्र मोदी को बताया है.
पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा, बीजेपी ने अपने चुनाव अभियान को 2 तरीके से प्रभावित करने का प्रयास किया. दंतेवाड़ा और जशपुर से 2 यात्राएं शुरू की. परिवर्तन यात्रा की अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की. चुनाव तारीख के एलान के बाद दूसरी लिस्ट आने में विलंब नहीं होगा. हर विधानसभा में लोग दावा पेश करते हैं. उम्मीद करते है टिकट मिल जाए पर सबको टिकट देना सम्भव नहीं है. उनसे बातचीत लगातार कर रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री .डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, छत्तीसगढ़ में 5 साल में विकास शांत हो गया है.
जनता इंतजार कर रही थी आचार सहिंता लागू हो तो अधिकारी स्वतंत्र काम कर सके. चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस ने रणनीति में परिवर्तन किया. कांग्रेस में भी कोई चेहरा सामने करके चुनाव लड़ रहे ऐसा नही हैं. सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे.
रमन सिंह ने कहा, फेस 1 में 20 विधानसभा में चुनाव होंगे. दूसरे फेस में 70 सीटों पर चुनाव होगा. बस्तर में मैंने यात्राओं में देखा है. बस्तर सरगुजा में बीजेपी कमजोर थी, सीट नहीं जीत पाई थी. इस बार उल्टा नजारा देखने को मिलेगा. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ में चुनाव का बिगुल बज चुका है. पहला चरण 7 और दूसरा चरण 17 नवंबर को होगा. 3 दिसंबर को मतगणना होगी. 18 लाख नए मतदाता शामिल होंगे, 1 करोड़ 2लाख 39 हजार महिला मतदाता हैं, जो पुरुषों से अधिक है. 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक वोटरलिस्ट में संशोधन किया जाएगा. आज आचार संहिता लागू हो गई है. सभी ज्यादा से ज्यादा मतदान करें.
बीजेपी कितनी तैयार वाले सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हमने दोनों दिशाओं से यात्रा निकाली. हमारे केंद्रीय नेतृत्व यहां पहुंचे. हमारे सभी कार्यक्रम सफल रहे. छत्तीसगढ़ में वातावरण बीजेपी ने बनाया. इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेकेंगे. 20 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान होंगे, बस्तर के सभी 12 सीट और राजनांदगांव लोकसभा की 8 सीटों पर पहले चरण में मतदान होंगे, बाकी 70 सीटों पर दूसरे चरण में मतदान किए जाएंगे.
"पहले चरण में इन 20 सीटों पर होंगे चुनाव,ये सीटें हैं शामिल…"
भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 की घोषणा कर दी है. जिसमें पहला चरण 7 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 17 नवंबर को होगी. जिसमें छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होना है. जिसमें पहले चरण में 20 सीटों पर और दूसरे चरण में 70 सीटों पर वोटिंग की जाएगी. पांचों राज्यों के चुनाव नतीजे एक साथ 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे. अब चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही पांचों चुनावी राज्यों में आदर्श आचार सहिंता लागू हो गई है.
बता दें कि, पहले चरण में पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, मानपुर-मोहला, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोड़ागांव, नाराय़णपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा में चुनाव होंगे. वहीं दूसरे चरण में बाकी 70 विधानसभा सीटों पर मतदान 17 नवंबर को होंगे.
"इस बार 60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया"
चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश में 17 नवंबर, राजस्थान में 23 नवंबर को एक फेज में चुनाव होगा. छत्तीसगढ़ में दो फेज में 7 नवंबर और 17 नवंबर को चुनाव होगा. वहीं मिजोरम में दो फेज में 7 नवंबर और 3 दिसंबर को चुनाव होगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन राज्यों में कुल 16.14 करोड़ मतदाता हैं. इनमें 8.2 करोड़ पुरुष मतदाता, 7.8 करोड़ महिला मतदाता होंगे. इस बार 60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे. पांचों राज्यों के रिजल्ट 3 दिसंबर को आएंगे.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 17,734 मॉडल पोलिंग स्टेशन, 621 पोलिंग स्टेशन के प्रबंधन का जिम्मा पीडब्ल्यूडी स्टाफ के पास होगा. 8,192 पोलिंग स्टेशन का जिम्मा महिलाएं संभालने वाली हैं. पांच राज्यों के 679 विधानसभा सीटों में 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे.
"छत्तीसगढ़ में चुनाव की घोषणा के बाद सरकारी गाड़ियों को वापस भेजने का प्रमुख निर्देश, अचार संहिता के तहत कोई भी सरकारी वस्त्र या साधनों का उपयोग नहीं कर सकेगा"
रायपुर: छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों में सोमवार को चुनाव की तारीख का ऐलान किया जाएगा, इससे ठीक पहले स्टेट मोटर गैरेज ने सभी मंत्रियों से सरकारी गाड़ियों को वापस भेजने का पत्र भेजा है. सभी मंत्रियों को गैरेज की गाड़ियां गैरेज और विभागों से अटैच गाड़ियां सम्बंधित विभागों को भेजनी होगी.
बता दें कि मंत्री अपने आधिकारिक दौरे को चुनाव प्रचार कार्य में सरकारी गाड़ियों को शामिल नहीं कर सकेंगे और न ही चुनाव प्रचार कार्य में किसी सरकारी तंत्र का प्रयोग करेंगे. अचार संहिता के दौरान किसी भी सरकारी वाहन का उपयोग किसी भी दल के उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के लिए उपयोग नहीं होता. किसी भी मंत्री को चुनाव के दौरान निजी या आधिकारिक दौरे पर पायलट कार या किसी रंग की बीकन लाइट के उपयोग की अनुमति नहीं होगी.
गौरतलब है कि अचार संहिता लगने के बाद कोई भी केन्द्र या राज्य सरकार का मंत्री आधिकारिक चर्चा के लिए निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारी को नहीं बुला सकेगा. वहीं किसी मंत्री को निजी मकान पर खाने-पीने के लिए आमंत्रित किया जाता है तो कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी उसमें शामिल नहीं होंगे. चुनाव के दौरान योजना के तहत निधि MP-MLA फंड से जारी नहीं होगी. सरकारी राशि का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं किया जा सकेगा. सरकारी विमान या सरकारी बंगले का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता. सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास पर रोक लग जाती है. कोई भी नेता चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांग सकता.
"लाइव: चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 5 राज्यों के चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव...देखे लाइव"
"छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में हलचल, पेंडिंग कार्यों को तेजी से समाप्त करने के निर्देश"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में जल्द विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है. ऐसे में माना जा रहा रहा है कि 10 अक्टूबर से आचार संहिता लग सकती है. इसे देखते हुए सरकारी कार्यालयों में पेंडिग कार्यों को जल्द समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं. सूत्रों की मानें तो सभी विभागों में तेजी से काम खत्म किए जा रहे हैं.
वहीं रायपुर कलेक्ट्रेट में प्रमुखता से मंत्रालय के लंबित पड़े कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है. वर्क ऑर्डर जारी करने, ट्रांसफर पोस्टिंग करने, एजेंसियों का पेमेंट क्लियर करने जैसे काम किए जा रहे हैं.
वोटरलिस्ट का प्रकाशन
बता दें कि बीते बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई वोटरलिस्ट का अंतिम प्रकाशन कर दिया है. राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी भी दी थी.
राज्य में 50 प्रतिशत से ज्यादा महिला मतदाता
वोटरलिस्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ी है. पहली बार महिला मतदाताओं ने 50 फीसदी के आंकड़े को पार किया है. राज्य में कुल मतदाताओं में से 50.29 फीसदी महिला मतदाता है. वहीं पुरुष मतदाताओं की संख्या 49.70 प्रतिशत है. महिला वोटिंग का रुझान लगातार बढ़ रहा है.
"चुनाव आयोग द्वारा तारीखों का आज ऐलान: छत्तीसगढ़ भाजपा के अरुण साव का उत्साह और आशा का संकेत"
रायपुर: भारत निर्वाचन आयोग आज चुनाव के तारीखों का ऐलान करेगा. इसे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि चुनाव आयोग आज चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगी. भारतीय जनता पार्टी तैयार है, छत्तीसगढ़ की जनता को इंतजार है कि छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार मुक्त हो, छत्तीसगढ़ अपराध मुक्त हो, छत्तीसगढ़ खुशहाल और तरक्की की ओर बढ़े.
उन्होंने कहा कि इसके लिए चुनाव का इंतजार छत्तीसगढ़ की जनता को था. आज चुनाव आयोग तारीख की घोषणा कर सकती है. छत्तीसगढ़ की जनता तैयार है, भारतीय जनता पार्टी तैयार है और निश्चित रूप से एक नया सवेरा आने वाला है. वादा खिलाफी करने वाली सरकार के जाने का समय हो गया है.
बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग आज पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान करेगा. इस संबंध में आयोग 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इस साल छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसकी तारीखों की घोषणा आज भारत निर्वाचन आयोग करेगा.
"पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज होगा ऐलान, चुनाव आयोग की तरफ से आए नए निर्देश"
रायपुर: मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज ऐलान होगा. चुनाव आयोग इसे लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा. सूत्रों के मुताबिक, नवंबर दूसरे हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते तक अलग-अलग तारीखों और चरणों में इन राज्यों में मतदान हो सकता है. पिछली बार की तरह राजस्थान, मध्य प्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में एक चरण में चुनाव कराए जाने की संभावना है. वहीं, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान कराया जा सकता है. हालांकि, मतदान की तारीख अलग-अलग होने की उम्मीद है. लेकिन सभी चुनावी राज्यों की मतगणना एक साथ कराने का निर्णय लिया जा सकता है.
चुनाव प्रक्रिया से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए सभी अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक रहती है। यदि किसी अधिकारी का ट्रांसफर जरूरी हो तो इसके लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
मंत्री अपने आधिकारिक दौरे को चुनाव प्रचार कार्य में शामिल नहीं कर सकेंगे और न चुनाव प्रचार कार्य में सरकारी तंत्र का प्रयोग करेंगे।
किसी भी सरकारी वाहन का उपयोग किसी भी दल के उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के लिए उपयोग नहीं होता।
कोई भी केन्द्र या राज्य सरकार का मंत्री आधिकारिक चर्चा के लिए निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारी को नहीं बुला सकेगा।
किसी भी मंत्री को चुनाव के दौरान निजी या आधिकारिक दौरे पर पायलट कार या किसी रंग की बीकन लाइट के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
चुनाव के दौरान योजना के तहत निधि MP-MLA फंड से जारी नहीं होगी।
सरकारी राशि का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं किया जाता।
सरकारी विमान या सरकारी बंगले का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता।
सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास पर रोक लग जाती है। कोई भी नेता चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांग सकता।
"मुंगेली में महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों पर धांधली का आरोप, सभापति ने इस्तीफा देने की चेतावनी दी"
मुंगेली: मुंगेली जिला में महिला एवं बाल विकास विभाग एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार विभाग के अधिकारियों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए हो रही भर्ती में खुलेआम धांधली का आरोप लगा है। विभाग के अधिकारियों के द्वारा भर्ती प्रकिया में एकरूपता न कर मनमाने तरीके से नियमों में बदलाव किया जा रहा है, जिससे पात्र अभ्यर्थी का चयन न होकर अपात्र अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर कांग्रेसी नेता और मुंगेली जिला पंचायत के महिला एवं बाल विकास विभाग के सभापति वसिउल्लाह खान ने विभाग के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में कारवाई नही होने पर अपने पद से इस्तीफा देने की चेतावनी दे दी है।
गौरतलब है कि चुनावी साल में मुंगेली जिला का महिला एवं बाल विकास विभाग एक बार फिर सुर्खिया बटोर रहा है। इस बार विभाग पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती में जमकर धांधली करने का आरोप है। जिसे लेकर कांग्रेस के साथ ही बीजेपी भी मैदान में सामने आ गयी है। इस भर्ती प्रकरण को लेकर आरोप लगाये जा रहे है कि मुंगेली जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी भर्ती में गड़बड़ी कर प्रदेश सरकार और मुंगेली जिला प्रशासन की छवि को धूमिल किया जा रहा है। मुंगेली जिला पंचायत के महिला एवं बाल विकास विभाग के सभापति वसिउल्लाह खान ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारियों के द्वारा पैसे का लेनदेन कर भर्ती प्रकिया में जमकर धांधली किया जा रहा है।
उन्होंने मीडिया को भर्ती प्रकिया गड़बड़ी से संबंधित शिकायतो का पुलिंदा सौंपते हुए कहा कि इस विभाग के सभापति होने के नाते कई अभ्यर्थियों ने उनसे संपर्क कर विभाग में जिस तरह से गड़बड़ियों को अंजाम दिया जा रहा है, उससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के मुंगेली विकासखण्ड कार्यालय को लेकर सभापति वशिउल्लाह खान ने बड़ा आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि यहाँ विभाग के अधिकारियो ने भ्रष्टाचार में कर अपात्र अभ्यर्थियों से पैसा लेकर उन्हे पात्र बनाने की कवायद की जा रही है। उन्होनें बताया कि अधिकारियों ने जिस तरह से भर्ती प्रकिया नियम बना रखा है, वह खुद ही उनके गले का फांस बन जायेगा। उन्होंने कहा कि मुंगेली के इस ब्लॉक परियोजना कार्यालय में दो सेक्टर है जहां सेक्टर-2 में बीपीएल का छह नंबर तभी अभ्यर्थी को दिया जा रहा है ।
जब जनपद सीईओ द्वारा प्रमाणित किया गया हो, जबकि ठीक इसके उलट इसी ब्लॉक परियोजना कार्यालय के सेक्टर -1 में सरपंच-सचिव के द्वारा बीपीएल को प्रमाणित किये जाने को मान्य किया जा रहा है। सभापति वसिउल्लाह खान ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में पीड़ित अभ्यर्थियों के द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष लिखित में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती में हो रही गड़बड़ियों की शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा उनके द्वारा खुद जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में दो बार इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया। जिसके बाद शिकायतों की जांच के लिए जांच कमेटी जरूर बनाई गई है, लेकिन भर्ती में गड़बड़ी का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है।
ऐसे में नाराज होकर उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक में मैंने भर्ती प्रकिया में एकरूपता लाने, गलत तरीके से की गई भर्ती को निरस्त करने,गड़बड़ी करने वालो पर कार्रवाई की मांग की है। यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्होने सभापति पद से इस्तीफा देने की चेतावनी दे दी है। उधर इस पूरे मामले पर बीजेपी ने भी पलटवार कर सवाल उठाये है। मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि उन्हे भी आंगनबाड़ी केंद्रों में गलत तरीके से भर्ती करने की शिकायत मिल रही है। उन्होने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार जब पीएससी भर्ती घोटाला कर रही है, तो यह तो महिला एवं बाल विकास विभाग में चल रही भर्ती तो एक छोटा नमूना है।
"पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आचार संहिता आज से प्रभावशील हो जाएगी"
रायपुर: पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आचार संहिता आज से प्रभावशील होने जा रही है इस संबंध में केंद्रीय चुनाव आयुक्त दोपहर को 12:00 मीडिया को संबोधित करेंगे इसमें पांच राज्यों राजस्थान छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश और मिजोरम और तेलंगाना में दिसंबर 2023 में चुनाव होने वाले हैं इस संबंध में विधिवत कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की जाएगी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने के साथ ही आचार संहिता प्रभावशील हो जाएगी छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं इसलिए दोपहर बाद छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयुक्त चुनाव कार्यक्रम की अधिकृत घोषणा कर जानकारी देंगे और चुनाव आचार संहिता राज्य में लागू हो जाएगी
"प्रेमचंद की कहानी 'लांछन' का मंचन: नाटक में स्त्रियों की दर्दनाक कहानी का प्रस्तुतिकरण"
रायपुर: प्रेमचंद की कहानी लांछन मौजूदा समय में स्त्रियों पर हो रहे जुल्म और अत्याचार की व्यथा को दर्शाता है साथ ही स्त्रियों पर बेवजह शक करने से किस तरह घर बिखर जाता है इसको भी प्रमुखता से नाटक में दर्शाया गया है... यानी समाज में स्त्री को छले जाने की कहानी है लांछन। यह नाटक एक महिला के इर्द गिर्द घूमती है। एक महिला अपने घर में सफाई करने वाले की माली हालात पर तरस खाकर उसकी आर्थिक सहायता करती है। लेकिन महिला का पति बेवजह उसपर शक करता है पति के बार-बार शक करने की प्रवृत्ति से महिला परेशान हो जाती है। इससे पति-पत्नी के बीच रोजाना झगड़े होते हैं। अंत में पति की असलियत सामने आती है और है और महिला घर छोड़कर चली जाती है। और घर बिखर जाता है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला नाटक लांछन में।
"पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा चुनाव सुरक्षा के लिए बैठक आयोजित"
रायपुर पुलिस: पुलिस महानिरीक्षक शहर, जिला रायपुर श्री आर.एल. डांगी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा सिविल लाईन स्थित सी/4 के सभाकक्ष में समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों सहित समस्त थाना प्रभारियों की बैठक ली गई।
पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए चुनावी रैलियों, वीआईपी व्यक्तियों के प्रवास, प्रदर्शन इत्यादि के दौरान कानून व्यवस्था ड्यूटी को अलर्ट रहकर संयम पूर्वक करने कहा गया। चुनावी आमसभाओं व चुनाव से संबंधित हर छोटी-छोटी घटनाओं को ध्यान रखते हुए हुए आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
"न्यायालय के फैसले से प्रदेश की कांग्रेस सरकार का दुर्भावनापूर्ण आरोप: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने बिरनपुर मामले में सत्र न्यायालय के शनिवार को आए फैसले के मद्देनजर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर बहुसंख्यक हिन्दू समाज के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयों के लिए जमकर लताड़ लगाई। श्री साव ने बताया कि भुनेश्वर साहू की हत्या के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करके प्रदेश की भूपेश सरकार जिस प्रकार अन्य मामलों में हिन्दू युवकों के खिलाफ झूठे मामले कायम करके उन्हें प्रताड़ित कर रही थी, सत्र न्यायालय ने उन सभी 8 आरोपियों के दोषमुक्त करके पूरी जाँच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं और तात्कालिक एसपी कल्याण एलेसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल व विवेचना अधिकारी भानु प्रताप पटेल पर घोर उपेक्षा व लापरवाही के लिए जांच की अनुशंसा भी की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने रविवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि गत 8 अप्रैल को बिरनपुर में एक निर्दोष युवक भुनेश्वर साहू की बेदर्दी से हत्या कर दी गई थी। लगातार उस क्षेत्र में लव जिहाद की घटनाएँ हो रही थीं, यही भुनेश्वर साहू की हत्या की वारदात की पृष्ठभूमि थी। इस घटना के बाद मृतक भुनेश्वर साहू का दाह संस्कार किन परिस्थितियों में हुआ, यह भी पूरा प्रदेश जानता है। 10 अप्रैल को वह (श्री साव स्वयं) भुनेश्वर साहू के परिजनों से मिलने जा रहे थे, लेकिन मिलने देने के बजाय सरकार ने उन्हें (श्री साव को) 6 घंटे हिरासत में रखा और लगातार भूपेश सरकार ने इस मामले में इकतरफा कार्रवाई की। अनेक अवसरों पर भाजपा ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार बहुसंख्यक हिन्दू समाज के खिलाफ इकतरफा कार्रवाई कर रही है। श्री साव ने कहा कि एक तरफ मृतक भुनेश्वर के परिजनों ने 40-41 अभियुक्तों का नाम दिया, उनमें से सिर्फ 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई, शेष अभियुक्तों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ने कभी आगजनी के मामले को लेकर अपराध दर्ज किया तो कभी धारा 302 का मामला कायम किया और हिन्दू समाज के लोगों को लगातार प्रताड़ित किया, परेशान किया, पुलिस उनके घरों में पहुँची। ऐसा करके बहुसंख्यक हिन्दू समाज में दहशत और दबाव का माहौल बनाने का काम किया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने सत्र न्यायालय के फैसले को पढ़कर सुनाते हुए कहा कि मात्र 6 माह के अल्प समय में न्यायालय ने बिरनपुर की परिस्थितियों में हुई आगजनी की घटना में शासन द्वारा झूठे फंसाए गए बहुसंख्यक वर्ग के निर्दोष लोगों को बाइज्जत बरी किया। यह सत्र न्यायालय का जो फैसला आया है, उससे भाजपा के कथन और आरोपों की पुष्टि हुई है कि किस प्रकार सरकार ने बहुसंख्यक हिन्दू समाज के खिलाफ इकतरफा कार्रवाई की? और दूसरी तरफ भुनेश्वर के पिता व भाई ने जो अभियुक्त बताए थे, संख्या बताई थी, आज तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है और न उनसे पूछताछ की गई। वे अभियुक्त आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं दूसरी ओर निरपराध हिन्दू समाज के नौजवानों को झूठे मुकद्दमे में फँसाकर उनको जेल में डाला गया। सत्र न्यायालय ने अपने फैसले में जो कहा है, वह इस बात को आईने की तरह साफ करता है कि बहुसंख्यक हिन्दू समाज के खिलाफ कांग्रेस की इस भूपेश सरकार ने किस तरह अन्याय किया! भाजपा ने लगातार इस मामले में जो कहा, वह इस फैसले से प्रमाणित हो गया है। श्री साव ने कहा कि यह फैसला बताता है कि राज्य की सरकार किस प्रकार बहुसंख्यक हिन्दू समाज के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और मूल आरोपियों को बचाने का काम कर रही है। आज भी प्रदेश सरकार ने भुनेश्वर साहू की हत्या के मामले में बताए गए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था के हालात को इस पूरी घटना और उससे संबंधित सत्र न्यायालय के फैसले के परिप्रेक्ष्य में आसानी से समझा जा सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि भाजपा लगातार इस बात को कहती और इस मुद्दे को लेकर लड़ती रही है कि सरकार पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर बहुसंख्यक हिन्दू समाज को दबाने व तोड़ने का काम करके तुष्टीकरण के अपने राजनीतिक एजेंडे को अमल में ला रही है। चाहे वह कबीर धाम की घटना हो, बिरनपुर की घटना हो, खुर्सीपार की घटना हो, नारायणपुर में धर्मांतरण की विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ झूठा मामला बनाने का काम हो, लगातार ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश की यह भूपेश सरकार बहुसंख्यक हिन्दू समाज के प्रति दुर्भावना का परिचय दे रही है।
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता द्वय केदारनाथ गुप्ता व अमित साहू, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी और प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।
"शराब के सरकारीकरण पर भाजपा नेत्रियों की मौनता: कांग्रेस का सवाल"
रायपुर: प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व रमन सरकार ने 138 साल पुरानी आबकारी नीति को बदलकर शराब का सरकारीकरण किया तब भाजपा की नेत्रियां मौन क्यों थी? रमन सरकार के दौरान गाँवो में विद्यालय बंद कर मदिरालय खोला गया था। गांवो के राशन दुकानों में राशन नही पहुँचता था लेकिन रमन की सरकारी शराब दुकान शराब की पेटियों से भरी रहती थी।शराब के गोरखधंधे में भाजपा के नेता कोचियागिरी करते थे। रमन सरकार के दौरान होटलों ढाबो हाइवे के किनारे अवैध शराब बेरोकटोक बिकता था, जिसे रमन सरकार का संरक्षण था।
तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने अवैध शराब पकड़ने गृहमंत्री स्काड बनाया था जिसे रमन सिंह ने दबाव पूर्वक बन्द करवाकर अवैध शराब बेचने वाले माफियाओं को संरक्षण दिया था।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शराब बंदी पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली भाजपा नेत्रियों को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि जब राज्य सरकार ने शराब बंदी के लिए कमेटी का गठन किया तो भाजपा के विधायक उस कमेटी में शामिल क्यों नहीं हुये? भाजपा शराबबंदी के लिए ईमानदारी से बात कर रही है तो केंद्र में उनकी सरकार है पूरे देश में शराबबंदी, नशाबंदी लागू क्यों नहीं करती है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा शराब बंदी के लिए तीन कमेटीया बनाई गई है राजनीतिक सामाजिक और प्रशासनिक इन कमेटियों का रिपोर्ट बता रही है की प्रदेश में नोटबंदी की तरह शराबबंदी करने से जनहानि होगी। प्रदेश में 100 से अधिक शराब दुकान बंद किया जा चुका है शराब तस्करी करने वाले लोगों के गिरफ्तारी हुई है भाजपा के कई नेता शराब तस्करी करते पकड़े गए हैं। रमन सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति शराब की खपत के मामले में गोवा के बाद देश में दूसरे नंबर पर था आज 18वां नंबर पर है। शराब बंदी के लिए गठित कमेटियों के सिफारिश पर जन जागरूकता के माध्यम से शराब बंदी की दिशा में काम करना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुई जब शराब नहीं मिलने के चलते लोगों ने तारपीन,या अन्य पदार्थों को पीकर अपने जान दी है और यही सबसे बड़ी चिंता राज्य सरकार की है। छत्तीसगढ़ जो कई राज्यों से घिरा हुआ है यदि छत्तीसगढ़ में शराब बंदी होती है तो आजू-बाजू के राज्यों से शराब की तस्करी शुरू हो जाएगी मादक पदार्थों की अवैध बिक्री शुरू हो जाएगी जो जान माल के लिए खतरा है। कांग्रेस सरकार शराबबंदी को नोटबंदी के समान त्रासदी नहीं बनाना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में मादक पदार्थों की बेरोकटोक बिक्री हो रही है प्रधानमंत्री का गृह राज्य गुजरात में विदेश से ड्रग्स पहुंच रहा हैं हजारों करोड़ों का ड्रग्स पकड़ जा चुका है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित भाजपा शासित राज्यों में अवैध शराब और गांजा की जखीरा पकड़ा जाता है नशीली दवाइयां मिलती है। मध्य प्रदेश में महिलाओं के लिए शराब की दुकान खोली जा रही है घरों में शराब बियर रखने के लिए लाइसेंस दिया जा रहा है भाजपा ने आंध्र प्रदेश में चुनाव जीतने पर सस्ते दर पर शराब उपलब्ध कराने का वादा किया है। किस मुंह से बीजेपी छत्तीसगढ़ में शराब बंदी पर सवाल पूछ रही है जब भाजपा की नीति में शराब बेचना है? भाजपा नेताओं में दम है शराब बंदी की पक्षधर हैं तो पूरे देश में नोटबंदी की तरह एक दिन में शराब बंदी कराये कांग्रेस सरकार नशाबंदी की दिशा में आगे बढ़ रही है छत्तीसगढ़ में रमन सरकार के दौरान खोले गए हुक्का बार को बंद किया गया है अवैध नशीली के कारोबारी पर कड़ी कार्यवाही की गई है।
"दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा चलाया जा रहा 'विशेष अभियान 3.0' लंबित फाइलों का तेजी से निपटारा करने के लिए"
रायपुर/बिलासपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने के लिए ‘विशेष अभियान 3.0’ चलाया जा रहा है । अभियान की शुरुआत एक प्रारंभिक चरण से हुई ,जिसे अभियान अवधि के दौरान प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्यों की पहचान करने के उद्देश्य से 15 सितंबर 2023 को शुरू किया गया था । मुख्य अभियान 2 अक्टूबर, 2023 से शुरू हुआ और 31 अक्टूबर, 2023 तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रत्येक विभाग और कार्यालय चयनित श्रेणियों में लंबित मामलों की पहचान करेंगे और अभियान स्थलों को अंतिम रूप देंगे । यह पोर्टल 31 अक्टूबर, 2023 तक खुला रहेगा । अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक शिकायतों का प्रभावी निपटान, संसद सदस्यों के संदर्भ, संसद के आश्वासन, स्वच्छता अभियान, स्क्रैप का निपटान फाइलों की छंटाई और अन्य स्वच्छता संबंधी गतिविधियों पर है । इस विशेष अभियान 3.0 को सफल बनाने के लिए जोनल मुख्यालय, प्रत्येक विभाग, मंडल, कार्यालयों में नोडल ऑफिसर नामित किये गए हैं । विशेष अभियान 3.0 के लिए मंडलों और विभागों में स्वच्छता के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों और दूरवर्ती स्थानों की पहचान की गई और समीक्षा के लिए फाइलें और ई-फाइलों की पहचान की गई है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में नियमित आधार पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है और विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में स्क्रैप की पहचान की जा रही है । विशेष अभियान से जुड़ी सभी आवश्यकताओं को समय से पहले ही पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है । इसे सुनिश्चित करने के लिए नियमित आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जा रही है । इस अभियान में अभी तक फाइल रिकॉर्ड मैनेजमेंट के अंतर्गत 4700 से अधिक फाइलों की समीक्षा की गई, वीडिंग के लिए 3100 से अधिक फाइलों को चिन्हित किया गया, 470 से अधिक ई- फाइलों का निपटारा किया गया । स्वच्छता अभियान और कार्यालयों से स्क्रैपके निपटारा के तहत 466 साईट की सफाई की गई, इसके अतिरिक्त 418 कार्यालयों की सफाई की गई , इससे अभी तक 7300 किलोग्राम से अधिक के स्क्रैप का निपटारा किया गया जिससे कि 870 वर्ग मीटर की जगह खाली हुई । रेलवे स्टेशन तथा अन्य 196 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया।
विशेष अभियान 3.0 के प्रारंभिक चरण के दौरान कार्यालय परिसर में सभी चिन्हित स्वच्छता स्थलों का निरीक्षण किया गया और सभी कार्यालय प्रमुखों को अभियान अवधि के दौरान लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने का निर्देश दिया गया । स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में सभी अधिकारियों को स्वच्छ और कचरा मुक्त भारत बनाने के लिए स्वच्छता शपथ दिलाई गई । एक समर्पित टीम द्वारा दैनिक प्रगति की निगरानी की जा रही है और प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा बनाए गए एससीपीडीएम पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। सभी कार्यालयों, मंडलों, विभागों द्वारा इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया जा रहा है और इसे स्वच्छता उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया की सहायता से इस अभियान के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ।
"अंकों में विसंगति होने पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति के साथ दर्ज कर सकते हैं: आयोग"
रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि विगत कुछ दिनों से आयोग द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रियाओं पर कुछ सोशल मीडिया व प्रिंट मीडिया के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं (प्रश्न के आधे-अधूरे उत्तरों को स्क्रीनशॉट इमेज क्लिप तैयार कर) वायरल किए जा रहे हैं कि प्रश्न के अनुरूप उत्तर न होने पर भी अंक प्रदान किए गए हैं, यदि ऐसा किसी अभ्यर्थी के साथ घटित हुआ हो तो उक्त संबंध में आयोग कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अवर सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2022 में कुल 2661 अभ्यर्थी शामिल थे। अतः सोशल मीडिया में प्रसारित उत्तर पुस्तिकाओं के 1 या 2 पृष्ठ (प्रश्न के आधे-अधूरे उत्तरों के स्क्रीनशॉट इमेज क्लिप) के आधार पर उक्त उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी के है, यह आयोग स्तर पर पहचान किया जाना संभव नहीं है और न ही उक्त तथ्यों की जाँच किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः मीडिया में प्रसारित उत्तर पुस्तिकाओं के पृष्ठ से संबंधित अभ्यर्थी अपने उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति के साथ आयोग कार्यालय में अभ्यावेदन प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही किया जा सके।
"कांग्रेस चुनाव समिति बैठक: पहली लिस्ट पर मुहर लगाने की तैयारी, मुख्यमंत्री बघेल और कुमारी सैलजा आज होंगे दिल्ली रवाना"
रायपुर : कांग्रेस में पहली पहली लिस्ट जारी होने से पहले फाइनल बैठकों का सिलसिला शुरू हो गयाहै। मुख्यमंत्री निवास में आज प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हो रही है। वहीं कल केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी। इसी बैठक में कांग्रेस की पहली लिस्ट पर मुहर लगेगी। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल CWC की बैठक और CEC की बैठक में भाग लेने के लिए आज दिल्ली रवाना होंगे। शाम 6 बजे की फ्लाइट से मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होंगे। उसके साथ कुमारी सैलजा भी दिल्ली रवाना होगी।
इधर आज स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के पहले चुनाव समिति की एक और बैठक हो रही है। ये बैठक मुख्यमंत्री निवास में सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रभारी कुमारी सैलजा, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पीसीसी चीफ दीपक बैज, स्पीकर चरणदास महंत मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में प्रत्याशी के नाम पर फाइनल चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि कांग्रेस की CWC की बैठक 9 अक्टूबर को होने वाली है। सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी, जिसमें कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी कर दी जायेगी।
इस बीच कांग्रेस के प्रत्याशी की एक लिस्ट सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। इस लिस्ट में 12 मौजूदा विधायकों के नाम नहीं है, बाकि विधायकों के टिकट को यथावत रखा गया है। रायपुर ग्रामीण, पत्थलगांव, बलौदा बाजार, बिलाईगढ़, जगदलपुर, प्रेमनगर, चित्रकोट, नारायणपुर में नए को मौका दिया गया है।