छत्तीसगढ़
गोधन न्याय योजना: अब तक हो चुका 526 करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने हरेली तिहार के मौके पर पशुपालक किसानों और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 16.29 करोड़ रूपए की दी सौगात
तेजी से स्वावलंबी हो रहे गौठान योजना की उपलब्धि का प्रतीक
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज 17 जुलाई को हरेली तिहार के अवसर पर गौठानों में गोबर बेचने वाले ग्रामीण पशुपालक किसानों सहित गौठान समितियों और महिला समूहों को 16 करोड़ 29 लाख रूपए की राशि का अंतरण सीधे उनके बैंक खातों में किया। गोधन न्याय योजना के तहत ऑनलाईन राशि अंतरण का यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हरेली तिहार उत्सव के अवसर पर आज शाम आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इनमें जुलाई माह की प्रथम पखवाड़े में गौठानों में गोबर विक्रय करने वाले 59,729 किसानों को 3 करोड़ 96 लाख रूपए तथा गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 12 करोड़ 33 लाख रूपए की राशि जारी किया। गौठानों में जुलाई माह के प्रथम पखवाड़े में एक लाख 98 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी गोधन न्याय योजना के तहत की गई है। गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत आज 17 जुलाई को 16.29 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद हितग्राहियों को अब तक 526.37 करोड़ रूपए का भुगतान हो चुका है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हरेली तिहार को रोजगार और आय से जोड़ते हुए गोधन न्याय योजना की शुरूआत हरेली के ही दिन 20 जुलाई 2020 को हुई थी। आय यह योजना अपनी सफलता के लिए एक नजीर बन चुकी है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने 2 रूपए किलों में गोबर खरीदकर उससे जैविक खाद का निर्माण किया, बिजली बनाई, प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया। इस सब कामों के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने देश को महिला सशक्तिकरण की नई राह दिखाई। देश के अनेक राज्य हमारी गोधन न्याय योजना का लगातार विस्तार किया है। गोबर से जैविक खाद बनाने के साथ-साथ गोमूत्र से जैविक वृद्धिवर्धक और जैविक कीटनाशक भी बना रहें है।
उन्होंने अवगत कराया कि अब अपने गौठानों को हम रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में उन्नत कर रहें है। प्रदेश में रीपा योजना शुरू की गई है। इस योजना में 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना की गई है। गोधन न्याय योजना से 03 लाख 58 हजार से ज्यादा किसानों को लाभ हो रहा है। 17 हजार 834 स्व-सहायता समूहों के 02 लाख 09 हजार 750 सदस्यों कों इस योजना से आजीविका मिल रही है। इस योजना ने हमारी माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाकर उनका आत्मविश्वास मजबूत किया है। प्रदेश में 10 हजार 327 गौठान स्वीकृत किए गए है, जिनमें से 10 हजार 263 गौठानों को निर्माण पूरा हो चुका है। याने 99.38 प्रतिशत गौठानों का निर्माण हमने कर लिया है। हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह हैै कि हमारे गौठान तेजी से स्वावलंबी भी हो रहे है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस गौठानों द्वारा स्वयं की राशि से गोबर की खरीदी की जा रही है अभी तक 5 हजार 960 स्वावलंबी गौठानों द्वारा 66 करोड़ 96 लाख रूपए के गोबर की खरीदी की जा चुकी है। गोधन न्याय योजना मे अभी तक कुल 125.54 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इसकी एवज में 251 करोड़ रूपए का भुगतान गोबर विक्रेताओं को किया जा चुका है। इसी तरह गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 257 करोड़ 29 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. अय्याज एफ. तम्बोली, संचालक पशुधन श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी आदि उपस्थित थें।
उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक
प्रभार संभालने के बाद पहली बैठक में विद्युत उत्पादन की नई संभावनाओं की समीक्षा
रायपुर: उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालने के बाद समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में विद्युत उत्पादन और आपूर्ति की जानकारी ली और भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उत्पादन, पारेषण और वितरण की क्षमता बढ़ाने की दिशा में योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आ रही नई तकनीक को अपनाते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति की दिशा में काम करने पर जोर दिया। श्री सिंहदेव ने साप्ताहिक एवं पाक्षिक बैठकें लेकर प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाफ बिजली बिल योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
न्यू सर्किट हाउस में आयोजित लगभग साढ़े तीन घंटे चली बैठक में ऊर्जा विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज, क्रेडा, राज्य विद्युत निरीक्षालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ऊर्जा सचिव एवं पॉवर कंपनी के चेयरमेन श्री अंकित आनंद ने उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया और विभाग की विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने सभी अधिकारियों से व्यक्तिगत परिचय प्राप्त किया।
उन्होंने ट्रांसमिशन और जनरेशन कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहतर होने पर खुशी जताई और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े होने के कारण वितरण कंपनी का कार्य अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ योजना से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कोरबा में प्रस्तावित 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट के बारे में जानकारी ली। साथ ही पानी का कई बार उपयोग करके पंप स्टोरेज तकनीक से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिये।
उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि लाइन लास पहले की तुलना में काफी कम हुआ है। इसे और कम किया जाए ताकि इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिले। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी उपभोक्ता को अधिक बिल दे दिया जाता है, तो उसकी जाँच करने की व्यवस्था करें। इसका ध्यान रखें कि ऐसी मुस्तैदी के बिलिंग की जाए कि इस तरह की शिकायतें न आए।
पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्जवला बघेल, पॉवर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री मनोज खरे ने विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 62 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस साल अधिकतम मांग 5869 मेगावाट अप्रैल में थी, जिसकी आपूर्ति बिना किसी कटौती के राज्य के भीतर उत्पादित बिजली से की गई। जनरेशन कंपनी ने देश में सर्वश्रेष्ठ विद्युत उत्पादन के मामले में पहला स्थान हासिल किया है। इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 85.71 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर के साथ विद्युत उत्पादन किया है।
बैठक में पॉवर कंपनी के निदेशक श्री केएस रामाकृष्णा, कार्यपालक निदेशक भीम सिंह कंवर, आरए पाठक, उपसचिव ऊर्जा मनोज कोशले तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आगामी खरीफ वर्ष में धान खरीदी के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक 18 जुलाई को
रायपुर: आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-2024 में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की नीति की समीक्षा कर सुझाव देने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक 18 जुलाई को होगी। यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में दोपहर 1.30 बजे से आहूत की गई है।
मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में मंत्रीगणों के अलावा कृषि, वित्त, राजस्व, सहकारिता, खाद्य विभाग के साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन, चिप्स, अपैक्स बैंक और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं फैसलों के कारण विगत चार सालों में किसानों की संख्या और रकबा में लगातार वृद्धि हुई है। कृषि उत्पादन भी तेजी के साथ बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव के कारण धान का निष्पादन आसानी से संपन्न हुआ है। इस वर्ष भी किसानों को सहुलियत प्रदान करने और धान विक्रय के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही है।
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष सरकार को घेरने में तैयार, सदन में हंगामा के आसार
रायपुर: आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र 2023 (CG Vidhansabha Mansoon Session) की शुरुआत हो रही है. ये सत्र 21 जुलाई तक चलेगा. ये 5वीं विधानसभा का 17वां सत्र होगा. इस सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश कर सकती है. इसके साथ ही सदन में कुछ अहम फैसले की उम्मीद है. सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को घेरने की विपक्ष की पूरी तैयारी है. छत्तीसगढ़ सरकार की विफलता, जन विरोधी काम और घोषणा पत्र के झूठे वादे याद दिलाएंगे. प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, पीएससी घोटाला, राशन घोटाला, जमीन घोटाला के मुद्दे पूरे तर्क के साथ सदन में उठाएंगे.
चंदेल ने कहा कि रेत के अवैध खनन से पुल और पुलिया कमजोर हो रहा है. सरकार रेत माफियाओं को सरंक्षण दे रही है. ये सारे मुद्दे तर्क के साथ उठाएंगे. प्रदेश के 45 हजार सविंदा कर्मचारी सड़को पर सरकार के खिलाफ नारा बुलंद कर रहे हैं.
ये सभी मुद्दे जोर शोर से इस सत्र (CG Vidhansabha Mansoon Session) के दैरान उठाएंगे.
वहीं राजधानी में आईटी के छापे को लेकर नारायण चंदेल ने कहा कि करप्शन करेंगे, लोक धन की लूट करेंगे तो पुरस्कार तो मिलेगा नहीं. बता दें कि राजधानी में वंदना ग्लोबल ग्रुप के ठिकानों पर छापा पड़ा है. आईटी की टीम जांच कर रही है.
राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए कर रही है निरंतर प्रयास: मंत्री श्री अमरजीत भगत
संस्कृति मंत्री ने स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का किया अनावरण
राजनांदगांव में उत्साह से मनाया गया हरेली तिहार
रायपुर: खाद्य और संस्कृति मंत्री तथा राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री अमरजीत बघेल की मुख्य आतिथ्य में जिले में छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली पर्व धूम-धाम से मनाया गया। मंत्री श्री भगत ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मंत्री श्री भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने निरंतर प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है और इसे पूरे उत्साह के साथ प्रदेश भर में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हरेली तिहार के दिन आज से ही छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इससे हमारी प्राचीन संस्कृति, रीति-रिवाज पुनर्जीवित हुई है। अपने संस्कृति पर गर्व करने वालों की पहचान हमेशा बनी रहेगी। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए विशेष कार्य कर रही है। जिसकी वजह से देश-विदेश में छत्तीसगढ़ कि संस्कृति की खास पहचान बनी है। विदेशों में भी यहां की कला और संस्कृति को लोग आत्मसात करने लगे हैं।
मंत्री श्री भगत ने इस मौके पर शहर के स्वामी विवेकानंद चौक में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन एवं कार्य युवाओं के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरक है। उन्होंने कहा है कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। सभी को मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
इस अवसर पर जिला राजनांदगांव की महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, नगर पालिक निगम के अध्यक्ष श्री हरिनारायण पप्पू धकेता, नेता प्रतिपक्ष श्री किशन यदु, कलेक्टर श्री डोमन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अमित कुमार, नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता सहित पार्षदगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि व शहरवासी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के शुभंकर बछरू को किया लाँच
मुख्यमंत्री ने बछरू के साथ ली सेल्फी
लोगों को पसंद आया बछरू का अंदाज
हरेली तिहार से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की हुई शुरूआत
30 लाख से अधिक लोग छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में लेंगे हिस्सा
एकल और दलीय श्रेणी की 16 खेलों में होगी स्पर्धा
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के शुभंकर बछरू को लाँच किया। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के गाने पर बछरू की शानदार एंट्री ने दर्शकों का ध्यान खींचा। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली कार्यक्रम के दौरान बछरू को लाँच किया गया, जहां मुख्यमंत्री सहित जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने बछरू के साथ सेल्फी ली। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के गानों को भी लोगों ने खूब सराहा और इस गाने पर थिरकते बछरू का अंदाज भी लोगों को पसंद आया। 36 नंबर की जर्सी और गले में सोहई की माला पहना बछरू छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की पहचान बनने के साथ-साथ छत्तीसगढ़िया संस्कृति को भी प्रदर्शित कर रहा है।
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का हुआ शानदार आगाज
हरेली लोगों के लिए इस बार दोगुनी खुशी लेकर आया, क्योंकि आज से ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शानदार आगाज हुआ। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में लोग बडे़ उत्साह से भाग लेते हैं। खासकर गांवों में इसका अलग ही रौनक देखने को मिलता है। पिछले बार के ओलंपिक में पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाआंे एवं बच्चों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। गांव-गांव मंे पारंपरिक खेलों के प्रति एक अच्छा वातावरण निर्मित हुआ। इस प्रतियोगिता के कई ऐसे क्षण देखने को मिले जो लोगों के लिए एक प्रेरणादायी बनी।
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 में 16 खेल प्रतियोगिताएं
छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय व एकल दो श्रेणी में आयोजित होगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं।
राजीव युवा मितान क्लब से शुरू होगी प्रतियोगिता
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सबसे पहले राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर प्रतियोगिता 17 जुलाई से 22 जुलाई तक नॉकआउट पद्धति से होगा। वहीं दूसरा स्तर जोन है, जिसमें 8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा। इसका आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन 7 अगस्त से 21 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 04 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आयोजन 10 सितंबर से 20 सितंबर तक होगा और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिसका की आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।
प्रत्येक आयु वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18-40 वर्ष आयु सीमा तक और तीसरा वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग में प्रतिभागी भाग ले सकेंगे।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुआ कार्यक्रम, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने की शिरकत
भाजपा महिला मोर्चा ने मनाया हरेली महोत्सव
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में छत्तीसगढ़ के पहले ‘हरेली तिहार’ के पावन अवसर पर ‘हरेली महोत्सव’ का आयोजन किया। महिला मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव भी शामिल हुए।
इस दौरान श्री साव ने भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत एवं महिला मोर्चा की बहनों के साथ किसानी के प्रतीक नागर (हल) का छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार विधि-विधान से पूजन किया। बाद में श्री साव ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ के प्रथम त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यह हम सभी के लिए गौरवान्वित करने वाला पल होता है जब हम खेती किसानी से जुड़े औजारों का छत्तीसगढ़ी परंपरा अनुसार पूजन करते हैं। छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार छत्तीसगढ़ में विभिन्न पर्व मनाए जाते हैं जिसमें हरेली एक प्रमुख त्योहार है। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव गेड़ी भी चढ़े। उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप भी इस पल के साक्षी बने।
भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा हरेली महोत्सव के मौके पर खेल का भी आयोजन किया गया, जिसमें सुआ नृत्य के साथ ही फुगड़ी आदि प्रतियोगिताएँ हुईं जिनकी विजेता प्रतिभागियों के नाम निम्नानुसार हैं : गेड़ी प्रतियोगिता में संध्या तिवारी, फुगड़ी प्रतियोगिता में प्रीति गहने, जागृति साहू, संगीता यादव, छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में निया साहू, प्रीति गहने, जागृति यादव, सीमा साहू, शीलू साहू। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाकर लाए गए।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली का पावन त्यौहार छत्तीसगढ़ का प्रथम त्योहार है। इस दिन छत्तीसगढ़ महतारी के पुत्र किसान भाई अपनी किसानी में लगने वाले औजारों की छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार पूजा करते हैं, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों चीला, भजिया, सोहारी से औजारों को भोग लगाते हैं और पूजा करने के बाद ही अन्य कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रभारी सलीम राज, कोषाध्यक्ष नंदन जैन, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष जयंती भाई पटेल, महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी सरला कोसरिया, प्रदेश महामंत्री विभा अवस्थी, रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे, ममता साहू, शीतल नायक, भावना बोहरा, संध्या तिवारी, मिनी पांडे, मोर्चा की प्रदेश मीडिया प्रभारी किरण बघेल, आयुषी पांडे, आशा दुबे, रायपुर ग्रामीण से श्रीमती चंद्रकांति वर्मा, अमेरिका, संगीता शर्मा, सरोज चंद्रवंशी, सविता चंद्राकर, ललिता वर्मा आदि भारी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता उपस्थित थीं।
छत्तीसगढ़ में प्रथम त्यौहार हरेली के शुभ अवसर पर जिला स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल के उद्घाटन एवं हेरली त्यौहार को भव्य बनाने विधायक विकास उपाध्याय को बिलासपुर का दिया प्रभार
छत्तीसगढ़वासी मन ला पहिली तिहार हरेली के गाड़ा-गाड़ा बधाई एवं शुभकामनाएँ
रायपुर पश्चिम विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में आज शाम 5ः00 बजे गेड़ी प्रतियोगिता का आयोजन - विकास उपाध्याय
रायपुर (छत्तीसगढ़): आज छत्तीसगढ़ के प्रथम त्यौहार हरेली के शुभ अवसर पर प्रदेश की सरकार ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का उद्घाटन कार्यक्रम जिला स्तर पर आयोजित करने आदेश दिया था। जिसकी शुरूआत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा रायपुर एवं संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय द्वारा बिलासपुर सहित अन्य विधायकों एवं मंत्रियों द्वारा अलग-अलग जिलों में प्रभारी के रूप में इस पावन त्यौहार को भव्य रूप से मनाया गया। साथ ही सभी अपने प्रभार क्षेत्र में गणमान्य नागरिकों व संबंधित जिले के अधिकारियों के साथ इस पावन त्यौहार के शुभ अवसर पर जिला स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का उद्घाटन भी किये। संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में पश्चिम विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में आज शाम 5ः00 बजे गेड़ी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें समस्त वार्डवासियों को सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
विधायक विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़वासियों को प्रथम त्यौहार हरेली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। वे आज सुबह से ही बिलासपुर शहर में पहुँचकर हरेली त्यौहार के आयोजन करने हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये, तत्पश्चात् शासन के निर्देशानुसार जिले के आला अधिकारियों व गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर जिला स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का उद्घाटन किया। विधायक विकास उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ का प्रथम त्यौहार है, इस दिन घर में सुबह से हमारी माँ, दादी, दीदी, भाभी, चाची उठ कर चावल का चीला बनाने का प्रबंध करती हैं। आज हमारे अधिकतर किसान भाई के घरों एवं सभी प्रदेशवासियों के घरों में फावड़ा, कुदारी, नांगर, गैति आदि में चिला रोटी चढ़ाकर पूजा की जाती है। छत्तीसगढ़ के किसान हरेली त्यौहार के दिन अपनी खेतों में काम आने वाले औजारों को धोकर लाते हैं और उसके साथ-साथ गाय, बैल, भैंस को भी साफ सुथरा करने नहलाते हैं। जिसके बाद खेती में काम आने वाले औजारों को अपने घर के आंगन अथवा पूजा करने के स्थान पर रखकर पूजा की जाती है साथ ही अपने कुल देवी-देवताओं की भी पूजा करते हैं।
विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि हरेली पर्व पर गेड़ी का बहुत ही महत्व है। प्रत्येक घर में गेड़ी का निर्माण किया जाता है, घर में जितने युवा बच्चे होते हैं उतनी ही बड़ी गेड़ी का निर्माण किया जाता है। हरेली के दिन से गेड़ी का भादो में तीजा, पोला के समय ही समापन होता है। घर के प्रत्येक व्यक्ति युवा, बच्चे सब गेड़ी चढ़कर इस पर्व को धूम-धाम से मनाकर आनंद लेते हैं। गेड़ी का एक महत्वपूर्ण पक्ष है कि इसका प्रचलन वर्षा ऋतु में ही होता है, वर्षा के कारण कई रास्तों में कीचड़ हो जाते हैं, जिसमें बच्चे एवं युवा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ गेड़ी चढ़कर उस कीचड़नुमा रास्ते को पार कर इस त्यौहार को और भी आनंदमय बनाते हैं। इसके साथ कई स्थानों के तालाबों में नारियल फेक प्रतियोगिता के साथ-साथ अन्य प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती है। संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में पश्चिम विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में आज शाम 5ः00 बजे गेड़ी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, उन्होंने इस प्रतियोगिता के प्रदर्शन में समस्त वार्डवासियों को सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
कृषि हितैषी योजनाओं ने लौटाया हरेली का उत्साह: मुख्यमंत्री श्री बघेल
हरेली उल्लास का त्योहार, उल्लास के लिए वातावरण जरूरी, कृषि हितैषी योजनाओं से किसानों में आई आर्थिक समृद्धि से बना उल्लास का वातावरण
प्रदेश की संस्कृति को सहेजने के साथ ही लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करने का कार्य किया छत्तीसगढ़ सरकार ने
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि हरेली त्योहार केवल गेड़ी चढ़ने का त्योहार नहीं है। यह जीवन के उल्लास का त्योहार है। जीवन में उल्लास ऐसे ही नहीं आता। इसके लिए वातावरण बनाना होता है। हमारे प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पिछले पौने पांच सालों में हमारी सरकार ने कृषि हितैषी नीतियां बनाईं जिससे किसान के घर खुशियां लौटीं हैं। आज हरेली के त्योहार पर जो अपूर्व उल्लास किसानों के बीच छलक रहा है उससे बहुत खुशी हो रही है। हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने निवास में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने किसान-मजदूर को लक्षित कर योजनाएं बनाईं। इससे कृषि का रकबा बढ़ा और अब तो प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने के निर्णय से यह उल्लास अपने चरम पर है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति बेहतर होने से त्योहार का उल्लास अपने चरम पर है।
उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेली त्यौहार की शुभकामनाएं देते हुए अच्छी फसल और किसानों की समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हरेली में किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं और पशुधन को लोंदी खिलाया जाता है। इस तरह से हम अपने पशुधन को सहेजते हैं और उनके माध्यम से हमारी तरक्की का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि आज आदिवासी क्षेत्रों में भी खुशी का माहौल है। हमारे पूर्वजों द्वारा बरसों से तैयार की गई संस्कृति नष्ट हो रही थी। इसे सहेजने-संरक्षित करने का प्रयास हमने किया है और बहुत बढ़िया काम हो रहा है। आदिवासी अंचल में आस्था केन्द्रों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है। नारायणपुर में घोटुल का संरक्षण किया गया है। बस्तर के आसना में बादल के माध्यम से आदिम संस्कृति को सहेजने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारे आदिवासी जीवन की परंपरा बहुत समृद्ध है। इन परंपराओं के बारे में हम सोचे तो चकित हो जाते हैं। यह ऐसी संस्कृति है जो अपने देवी-देवताओं के साथ रहती है। उनसे गहन लगाव रखती है। हमने इसे संरक्षित करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमने स्वामी आत्मानंद स्कूल आरम्भ किये। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा मिल रही है। रामायण मण्डलियों के माध्यम से हम लोगों के जीवन में भगवान राम का आदर्श उतारने की कोशिश कर रहे हैं। रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव को बहुत लोकप्रियता मिली। चंदखुरी, शिवरीनारायण और राजिम जैसे धार्मिक केन्द्रों के साथ ही राम वनगमन पथ को विकसित करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़िया संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के लिए हम शुरू से ही कार्य कर रहे है। मजदूरों, किसानों का परंपरागत भोजन बारे-बासी अब फाइव स्टार होटल तक पहुंच गया है। अपनी संस्कृति को सम्मान और पहचान मिलने से गौरव महसूस कर रहे हैं और छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया वाक्य चरितार्थ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने हरेली त्योहार के साथ प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राम सुंदर दास, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री कुलदीप जुनेजा, श्री रामपुकार सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरिश देंवांगन, राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामकुमार पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य उद्योग विकास निगम के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साय, अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री महेंद्र छाबड़ा, सिरपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सतीश जग्गी, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री संदीप साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह सहित कृषि, संस्कृति व पशुधन विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
हरेली त्योहार पर सीएम बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना "15 साल में ना राजकीय गीत बनाया, ना मनाए तीज-त्योहार, हमारी सरकार बढ़ा रही है छत्तीसगढ़ की परंपरा..."
रायपुर: 15 साल तक भाजपा को मौका मिला था। ना छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर बनाई, ना राजकीय गीत बनाया, और ना ही तीज-त्योहार मनाए। जब से हमारी सरकार बनी है, छत्तीसगढ़ की परंपरा से जुड़े तीज-त्योहारों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के हरेली त्योहार मनाए जाने पर तंज कसते हुए कही।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित हरेली कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में खुशहाली का वातावरण है। भाजपा के कार्यकाल में किसान आत्महत्या करने को बाध्य होते थे। आज किसान चिंता से मुक्त है। छत्तीसगढ़ के गांव-शहर में खुशी का वातावरण माहौल बना हुआ है। प्रधानमंत्री के मंच में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल अमित शाह हरेली के दिन आए, उन्होंने गौ माता की पूजा की, वह भी हमारा नकल कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ी अस्मिता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़िया हीनभावना से ग्रसित नहीं है। आज छत्तीसगढ़िया बासी खाकर खुशी महसूस करता है। "छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया" का नारा पूरे प्रदेश और देश दुनिया में जाना जा रहा है। वहीं विपक्षी दलों की बेंगलुरु में हो रही बैठक को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी उम्मीद है और पूरा विश्वास है। बेंगलुरु की बैठक के बहुत अच्छे नतीजे आएंगे।
फिर से पत्थरबाजी: वंदे भारत एक्सप्रेस में पत्थरबाजों ने तोड़ा खिड़की का कांच
पत्थरबाजी बार बार: वंदे भारत एक्सप्रेस में फिर से पत्थरबाजों द्वारा ट्रेन की खिड़की का कांच टूटा
वंदे भारत एक्सप्रेस में पत्थरबाजी का अस्थायी रूप से थमना संभव नहीं है। फिर से पत्थरबाजों द्वारा वंदे भारत ट्रेन में पत्थरबाजी की घटना घटी है। अपराधियों ने पत्थर मारकर ट्रेन की खिड़की का कांच क्रैक किया है। जांच टीम ने C-3 के बर्थ की शीशा में क्रैक का पता लगाया है। अज्ञात पत्थरबाजों के खिलाफ भाटापारा और राजनांदगांव में अपराध दर्ज किया गया है।
सूचना के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस की 20826 गाड़ी संख्या वाली ट्रेन में एक ही दिन में दो अलग-अलग सेक्शनों में पत्थरबाजी की घटना हुई है। राजनांदगांव और तिल्दा-हथबंद रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन में पत्थरबाजी का संघटन हुआ है। इस पत्थरबाजी के चलते C3 कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई है। इस घटना के बाद आरपीएफ टीम ने जांच कार्रवाई शुरू कर दी है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भाटापारा और राजनांदगांव में अपराध दर्ज किया गया है।
पहले दिन पत्थरबाजी हुई थी: वन्दे भारत एक्सप्रेस में पहले दिन ही राजनांदगांव के पास पत्थरबाजी हुई थी। जिसके कारण ट्रेन की खिड़की का कांच क्रैक हो गया था। ट्रेन गार्ड की जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई को लगभग 5 बजे घटना हुई थी। C3 के बर्थ नंबर 50, 51, 52 के चेकिंग में भी क्रैक का पता चला था, जिसकी सूचना वेटर सत्यम सिंह ने 6:38 बजे दी थी। फिलहाल, इस मामले में रेलवे पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरेली त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया,प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि हरेली तिहार सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए। अपने शुभकामना संदेश में बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां के उत्सवों में प्रमुखता से दिखाई देती है।
छत्तीसगढ़ का लोक तिहार हरेली छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है। इसमें अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों की पूजा की जाती है। इस दिन धरती माता की पूजा कर हम भरण पोषण के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हरेली तिहार को गांवों में बड़े उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई और पूजा की जाती है। प्राचीन मान्यता के अनुसार सुरक्षा के लिए घरों के बाहर नीम की पत्तियां लगाई जाती हैं।
पारंपरिक तरीके से लोग गेड़ी चढ़कर हरेली की खुशियां मनाते हैं। इस वर्ष वन विभाग के माध्यम से सी-मार्ट में गेड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई है। इससे अपनी पुरातत्व परंपराओं से शहरी लोग भी जुड़ सकेंगे और ग्रामीणों की आर्थिक उन्नति में सहभागी बनेंगे। सीएम बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हरेली त्यौहार के दिन सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। इसके पीछे राज्य सरकार की मंशा छत्तीसगढ़ के लोगों को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ना है। यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के लोक पर्व हरेली का उत्साह और उमंग अब विदेशों में भी रंग जमाने लगा है। प्रवासी भारतीय हर साल इसे उत्साह से मनाकर अपनी संस्कृति को दूर-दूर तक पहुंचा रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी संस्कृति और परम्परा को सहेजने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। हरेली के दिन ही तीन साल पहले प्रदेश की महत्वाकांक्षी और अनूठी ‘गोधन न्याय योजना’ का शुभारंभ हुआ है।
पिछले साल 2022 में हरेली तिहार के दिन से प्रदेश में जैविक खेती और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अध्याय की शुरूआत करते हुए ‘‘गो-मूत्र खरीदी’’ प्रारंभ की गई है। इसे आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष हरेली तिहार के दिन से छत्तीगढ़िया ओलंपिक शुरू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जब किसान खुशहाल और समृद्ध होता है, तो आम लोगों के जीवन मे भी खुशहाली और संपन्नता आती है। छत्तीसगढ़ में नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना, गोधन न्याय योजना, और रोका-छेका अभियान के माध्यम से पारंपरिक संसाधनों को पुनर्जीवित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है।
गौठानों को ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि विकास के साथ-साथ परंपराओं का भावी पीढ़ी तक प्रवाह सामूहिक उत्तरदायित्व का काम है। आशा है सभी प्रदेशवासी गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए सहभागी बनेंगे।
मुख्यमंत्री श्री बगेल ने अपने निवास में सपरिवार कृषि यंत्रों की पूजा कर इस साल अच्छी खेती और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
अपने नाती पोतों के साथ मुख्यमंत्री अपूर्व उत्साह की बेला। पारंपरिक गाजे बाजे के साथ उल्लास से भरे लोग। मुख्यमंत्री निवास में चारों ओर महक रही छत्तीसगढ़ी संस्कृति की महक। मुख्यमंत्री निवास में हरेली का अपूर्व उत्साह चारों ओर छलक रहा। पूरा परिवार मौके पर उपस्थित। पत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बगेल भी मौजूद। पूजा समाप्त हुई और लोक गायकों की सुंदर हुंकार। अतिथियों से मिल रहे मुख्यमंत्री। गौमाता की पूजा के लिए आगे बढ़े। लोक गायकों ने सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। छत्तीसगढ़ महतारी और गौमाता की आराधना से रची बसी सुंदर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बगेल। हर तरफ उत्सव का माहौल। जो लोग हरेली के शानदार माहौल को विस्मृत कर चुके थे, उनके लिए यह पल पुनः अतीत की बहुत सी स्मृतियों को जगा गया है।
हरेली पर्व पर नगर निगम जोन 9 के कर्मचारियों एवं स्वच्छता दीदियों ने गौमाता एवं गौ वंश को चारे के रूप में गुड़ एवं आटा खिलाकर सेवा की
रायपुर: आज छत्तीसगढ़ राज्य के पहले सांस्कृतिक पर्व हरेली के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार लोकप्रिय गौ धन न्याय योजना के अन्तर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 9 के क्षेत्र के तहत संचालित फुण्डहर गौठान में नगर निगम जोन क्रमांक 9 के कर्मचारियों एवं महिला स्वसहायता समूह की स्वच्छता दीदियों ने गौ माता एवं गौ वंश की गुड़ एवं आटा चारे के रूप में खिलाकर सेवा की. यहां यह उल्लेखनीय है कि फुण्डहर गौठान में गौ सेवकों द्वारा समय- समय पर विभिन्न अवसरों पर गौ माता एवं गौ वंश के चारे के रूप में सब्जी, चारा आदि का दान करके सेवा की जाती है.
मुख्यमंत्री से साराडीह एवं कलमा बैराज के प्रभावित किसानों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में चन्द्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव के नेतृत्व में साराडीह एवं कलमा बैराज के प्रभावित किसानों ने सौजन्य मुलाकात की । उन्होंने मुख्यमंत्री को बैराज निर्माण के दौरान हुए मुआवजा वितरण से जुड़ी विसंगतियों से अवगत कराया । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए । इस अवसर पर श्री कमल किशोर पटेल, श्री तरुण साहू, श्री तुलेश्वर जुलाहा एवँ किसान उपस्थित थे ।
मुख्यमंत्री ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा की
तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लाभांश की 466 करोड़ रूपए की राशि का होगा वितरण
नरवा विकास अंतर्गत वनांचल के 6 हजार 755 नालों में 25 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में भू-उपचार का कार्य जारी
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज शाम यहां राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के काम-काज की गहन समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान विभागीय अधिकारियों की छत्तीसगढ़ में वनों के सरंक्षण-संवर्धन सहित वनवासियों के उत्थान हेतु समन्वित होकर कार्य करने के लिए विशेष जोर दिया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि राज्य में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित वृहद स्तरीय कार्यक्रम में तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लाभांश लगभग 466 करोड़ रूपए की राशि का जिलों में हितग्राहियों को वितरण किया जाएगा। इनमें वन प्रबंधन समितियों के वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक की अवधि के 44 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है। इसी तरह तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक अंतर्गत 422 करोड़ रूपए की राशि में से वर्ष 2021 के 163 करोड़ 59 लाख रूपए तथा वर्ष 2022 के अंतर्गत 258 करोड़ 17 लाख रूपए की राशि शामिल है।
बैठक में समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वन विभाग द्वारा राज्य में वनों संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य हो रहे हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप वृक्षारोपण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसमें फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता से लिया गया है। राज्य में वर्ष 2023-24 में विभागीय वृक्षारोपण अंतर्गत समस्त योजनाओं में 7 हजार 695 हेक्टेयर रकबा में 70 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें कैम्पा मद के वृक्षारोपण के अंतर्गत 3 हजार 68 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 18 लाख पौधरोपण का लक्ष्य शामिल है। गौरतलब है कि इनमें चालू वर्षा ऋतु के दौरान 2 हजार 121 हेक्टेयर रकबा में 6 लाख 47 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा।
बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’’ की प्रगति के संबंध में समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 23 हजार 603 कृषकों द्वारा 36 हजार 140 एकड़ रकबा में पौधरोपण किया जाएगा। इनमें प्रजातिवार सागौन, बांस, नीलगिरी, चंदन तथा मिलिया डूबिया के 2 करोड़ 25 लाख 52 हजार 941 पौधों का रोपण होगा। इसी तरह नरवा विकास के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में भी विस्तार से समीक्षा की गई। नरवा विकास अंतर्गत राज्य में वर्तमान में वनांचल के 6 हजार 755 नालों में 25 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबा में भू-उपचार का कार्य प्रगति पर है। इसके लिए 1 करोड़ 80 लाख भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण जारी है।
बैठक में आगे छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, वन्यप्राणी, संयुक्त वन प्रबंधन समिति, औषधि पादक बोर्ड और राज्य जैव विविधता बोर्ड के कार्यों तथा प्रगति के बारे में गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा श्री अंकित आनंद, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल राय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरूण पांडेय तथा श्री सुनील कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ओपी यादव तथा श्री जे. ए. सी. एस. राव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
मैराथन बैठकों में मंडाविया ने तैयार की चुनाव जीतने की रणनीति
भाजपा की मैराथन बैठकों में बनी चुनावी रणनीति
कांग्रेस की हवा निकाल देंगे- मंडाविया
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज मैराथन बैठकें कर कांग्रेस की हवा निकाल कर रख देने का अभियान तेज कर दिया। प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सारे दिन बैठकों का दौर चला। सुबह 10.30 बजे से शुरू बैठकों का सिलसिला शाम तक चलता रहा। जिसमें सोशल मीडिया, आईटी सेल, मीडिया टीम की बैठक, घोषणा पत्र संयोजक सहसंयोजक की बैठक, नरेटिव टीम के साथ बैठक हुई।
बैठकों में प्रदेश चुनाव सह प्रभारी मनसुख मंडाविया ने मार्गदर्शन दिया कि किस तरह कार्य करना है और कांग्रेस की हवा निकाल कर रख देना है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए कांग्रेस कोई चुनौती नहीं है। भाजपा हर चुनौती से पार पाने की क्षमता रखती है। हम विजय के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। चुनाव सह प्रभारी के मार्गदर्शन में रणनीतिक मंथन किया गया।
चुनाव सह प्रभारी केंद्रीय मंत्री श्री मंडाविया के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन सह प्रभारी नितिन नबीन, महामंत्री संगठन पवन साय ने बैठक ली।
प्रदेश चुनाव सह प्रभारी के साथ एक विषय बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी, पंकज झा, प्रशांत सिंह ठाकुर, सोमेश चंद्र पांडे, मिथुन कोठारी, सुनील पिल्लई, आदित्य कुरील, संदीप उपारकर ने भागीदारी की।एक अन्य बैठक में आरोप पत्र समिति के संयोजक अजय चंद्राकर, केदार गुप्ता, अमित चिमनानी, अनुराग अग्रवाल, रसिक परमार, हेमंत पाणिग्रही ने प्रदेश चुनाव सह प्रभारी के साथ बैठक में भाग लिया। चुनाव घोषणा पत्र समिति की बैठक में संयोजक विजय बघेल, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा, ओपी चौधरी, पंकज झा ने प्रदेश सह प्रभारी के साथ रणनीति पर चर्चा की।