छत्तीसगढ़
संजीवनी विक्रय केंद्र तथा सी-मार्ट में उपलब्ध है शुद्ध एवं स्वादिष्ट शहद
*शहद प्रसंस्करण केेंद्र: कानन पेंडारी में तैयार हो रहा है शुद्ध और स्वादिष्ट शहद*
*आदिवासी वर्ग के कच्चा शहद संग्राहकों को समर्थन मूल्य योेजना से 31 लाख रूपए का लाभ*
*शहद हृदय रोग और मोटापा के लिए है लाभकारी*
*विदेशों में शहद विक्रय की योजना पर चल रही है कार्य*
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले स्थित कानन पेंडारी शहद प्रसंस्करण केन्द्र शुद्ध और स्वादिष्ट शहद तैयार कर अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इस क्षेत्र के आदिवासी वर्ग के शहद संग्राहकों को राज्य सरकार की समर्थन मूल्य योजना के तहत 31 लाख रूपए का लाभ हुआ है। प्रसंस्करण केन्द्र से तैयार शहद संजीवनी विक्रय केन्द्रों और सी-मार्ट में उपलब्ध है, जो युवाओं और सीनियर सिटीजन को खासा लुभा रही है।
उल्लेखनीय है कि शहद प्रसंस्करण केेंद्र, कानन पेंडारी जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित वन मंडल बिलासपुर की स्थापना वित्तीय वर्ष 2006-2007 में किया गया था, जिसका संचालन जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित वन मंडल बिलासपुर द्वारा किया जा रहा है। शहद प्रसंस्करण केंद्र कानन पेंडारी में बिलासपुर वृत्त के बेलगहना, खुड़िया, कोटा, कटघोरा, कोरबा, धरमजयगढ़, मरवाही से कच्चा शहद संग्राहकों द्वारा संग्रहित कर लाया जाता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रसंस्करण केन्द्र में कच्चा शहद संग्राहकों में ज्यादातर आदिवासी वर्ग के हैं। कच्चा शहद संग्रहण से राज्य सरकार की समर्थन मूल्य योजना से इन्हंे 31 लाख रूपए का लाभ हुआ है। कच्चा शहद संग्राहकों को ग्रामोपयोगी विज्ञान केंद्र वर्धा (महाराष्ट्र) से विनाश विहीन पद्धति द्वारा संग्रहण हेतु प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि शहद उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो सके और संग्राहकों की आय बढ़ सके।
अधिकारियों ने बताया कि शहद प्रसंस्करण कंेद्र कानन पेंडारी के जंगली शहद के कई गुण है। इस शहद मंे किसी प्रकार का मिलावट नहीं किया जाता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक होता है। अलग-अलग सीजन में अलग-अलग फ्लेवर के शहद होता है। जो हृदय रोग, मोटापा तथा प्रतिरोधी क्षमता में बढ़ोत्तरी इत्यादि हेतु लाभकारी होता है। अधिकारियों ने बताया कि शहद प्रसंस्करण केंद्र कानन पेंडारी के मशीन की प्रसंस्करण क्षमता 300 किलो ग्राम/प्रतिदिन है, जिसमें शहद को फिल्टर तथा नमी की मात्रा 18 से 19 तक लाया जाता है, ताकि शहद की गुणवत्ता अच्छी हो सके।
प्रसंस्करण पश्चात् 21 दिनों तक शहद को भण्डारण टंकी में सेटल होने के लिए रखा जाता है। उसके बाद इसे 200 ग्राम, 300 ग्राम, 600 ग्राम, 800 ग्राम, 1200 ग्राम तथा 5 किलोग्राम के बोतल साइज में पैक किया जाकर मार्ट बिलासपुर भेज दिया जाता है, जहां से संजीवनी विक्रय केंद्र तथा सी-मार्ट में विक्रय हेतु प्रदाय किया जाता है। शहद प्रसंस्करण केंद्र कानन पेंडारी में शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है जैसे- शहद प्रसंस्करण केंद्र में पहले शहद की जांच की जाती है, फिर टेस्ट (केमिकल टेस्ट) किया जाता है कि शहद में किसी प्रकार का मिलावट न हो साथ ही नमी जांच हेतु रेफ्रेक्टोमीटर द्वारा जांच किया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि शहद प्रसंस्करण केंद्र कानन पेंडारी के शहद की एक अलग पहचान बनी हुई है, जिसे हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं। युवा एवं सीनियर सिटीजन वर्ग के ग्राहक इसे खास पसंद करते हैं।
गौरतलब है कि शहद प्रसंस्करण केंद्र कानन पेंडारी को वर्ष 2021-2022 से ऑर्गनिक लाइसंेस प्राप्त है तथा आर्गेनिक नियमों का पालन कर संग्रहण, प्रसंस्करण तथा पैकिंग किया जाता है एवं विदेश निर्यात हेतु निर्यात प्रमाणीकरण भी कराया जा रहा है, जो अभी प्रक्रिया में है। जल्द ही शहद प्रसंस्करण केंद्र कानन पेंडारी से शहद विदेशों में भी विक्रय किये जाने की योजना है।
बिजली सरप्लस स्टेट छत्तीसगढ़ को कांग्रेस ने अंधेरे के युग में धकेल दिया : बृजमोहन
रायपुर: वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेशभर में हो रही लगातार अघोषित बिजली कटौती को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। श्री अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अब शहरों में सैकड़ों बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश सरकार का नाकारापन सामने आ गया है।
भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि बिजली विभाग के स्टेटस ऑफ टेक्नीकल कम्पलेंट्स में दर्ज शिकायतें इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ को अंधकार-युग में धकेल दिया है। अकेले बिलासपुर शहर में एक दिन में 323 बार बिजली आपूर्ति बंद हो रही है। सिटी सर्किल में दो माह में 19,423 शिकायतें दर्ज हुई हैं। ऊर्जाधानी कहे जाने वाले कोरबा में तो हालात और बदतर हैं जहां हर रोज बिजली बंद होने की 155 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि जब शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती का यह आलम है, तो ग्रामीण इलाकों की हालत क्या होगी, यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है। पूरे प्रदेश में बिजली कटौती से हर वर्ग त्रस्त है और प्रदेश की कांग्रेस सरकार को घोटाले, भाष्ट्राचार करके तिजोरियां भरने से फुर्सत नहीं है।
भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ का हर मामले में बेड़ा गर्क कर रखा है। बिजली कटौती के चलते अस्पतालों में इलाज करा रहे बच्चों की मौतों का कलंक तक प्रदेश को शर्मसार कर चुका है, लेकिन प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता अपनी जगह कायम रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बिजली बिल हाफ करने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने पूरी बिजली ही साफ कर रखी है।
प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने जिस मनोयोग से छत्तीसगढ़ को बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट बनाकर जीरो पॉवर कट की आदर्श व्यवस्था स्थापित की थी और अपनी जरूरत की बिजली का उपयोग करके अन्य राज्यों को बिजली की आपूर्ति की थी, उस समूची व्यवस्था को कांग्रेस की भूपेश सरकार ने तहस-नहस करके रख दिया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बिजली कटौती को लेकर जब भी सरकार के खिलाफ आवाज उठी तो सरकार ने राजद्रोह जैसे आरोप में गिरफ्तारियां करके अपने अहंकार और आतंक का पोषण किया है। यह भी जाँच का विषय है कि बार-बार की इस बिजली कटौती का कहीं किसी घोटाले और कमीशनखोरी से कनेक्शन तो नहीं है?
भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में अनाप-शनाप बिजली दरें बढ़ाकर और उसी तर्ज पर बिजली बिलों का वितरण करके भी बिजली बिल हाफ के नाम पर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी कर रही है। बिजली कटौती से हैरान-परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करने के लिए बनाए गए फ्यूज कॉल सेंटर्स का कोई सिस्टम तक यह प्रदेश सरकार विकसित नहीं कर पाई है और कोरी डींगें हाँकने में लगी हुई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि जो पॉवर प्लांट बंद हुए, उनके बदले कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था करने या फिर नए पॉवर प्लांट स्थापित करने की भी प्रदेश सरकार ने कोई पहल नहीं की। अब यह बात तो तय है कि छत्तीसगढ़ को अंधेरा परोसने वाली कांग्रेस और उसकी भूपेश सरकार का राजनीतिक भविष्य अंधकार के गर्त में जाने से कोई नहीं रोक सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को लिखा खुला पत्र
मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक ने वन अधिकार पट्टा के फर्जी दस्तावेज से हासिल की अवैधानिक जमीन
कांग्रेस विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने उठाए सवाल
रायपुर: कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल पर वन अधिकार पट्टा एवं फर्जी दस्तावेज के माध्यम से सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है उनका कहना है कि भाजपा के पूर्व विधायक ने आदिवासियों की अधिकार की जमीन को अनाधिकृत रूप से पत्नी और मां के नाम पर दर्ज करा कर सैकड़ों एकड़ जमीन का घोटाला किया है |
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है साथ ही डॉ विनय जायसवाल ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को एक खुला पत्र लिखकर इस फर्जी घोटाले की जानकारी पर जवाब मांगा है उनका कहना था कि भाजपा स्वयं को आदिवासियों का हित चिंतक बताती है लेकिन वास्तविकता में आदिवासियों के हितों के नाम पर शोषण करती रही है|
राजीव भवन में मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल ने कहा की भाजपा के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जयसवाल ने मां चंद्र वती और पत्नी कांति जायसवाल के नाम पर जमीन का घोटाला किया है उन्होंने कहा कि 4 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर कब्जा किया गया है जबकि नियर में कहते हैं की तीन पीढ़ी से 13 दिसंबर 2005 के पूर्व 75 वर्ष के निवास प्रमाण पत्र की वैधता के बाद ही जमीन अधिकार दिया जा सकता है जो कि नहीं है मां और पत्नी के द्वारा जमीन पर काबिज होने के बी प्रमाणिक दस्तावेज नहीं पाए गए हैं विधायक ने अपना नाम छिपाए रखने के लिए पत्नी के नाम से आवेदन किया जो कि नियम विरुद्ध है |
उनका कहना था कि पत्नी कांति जायसवाल के नाम पर खंड गवा मैं 45 एकड़ जमीन पर कब्जा किया गया है राशन कार्ड में श्याम बिहारी जयसवाल के परिवार की सदस्य मां के रूप में मां चंद्र वती का नाम अंकित है लेकिन जमीन पर कब्जा पत्नी के नाम पर हुआ है ग्राम पंचायत खंड गवा रतनपुर बरहमपुर मझौली और बेल पहरा में उक्त घोटाले सामने आए हैं यही नहीं विधायक ने स्वयं के नाम पर 40 एकड़ जमीन पर कब्जा किया हुआ है पत्नी कांति जायसवाल के नाम 45 एकड़ जमीन पर कब्जा है उनका आरोप है मां और पत्नी के नाम से फर्जी दस्तावेजों और कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से 10 एकड़ से ज्यादा वन भूमि पर वन अधिकार पट्टा के लिए आवेदन कर जमीन पर कब्जा किया गया है जो कि गलत है दो अलग-अलग प्रकरण में पहली प्रकरण में पत्नी के प्रकरण में राशन कार्ड लगाया गया है |
लेकिन मां के प्रकरण में पहचान के लिए राशन कार्ड नहीं लगाया गया है क्योंकि वन अधिकार पट्टा के अधिनियम के अनुसार व्यक्तिगत पट्टा परिवार के लिए जारी किया जाता है एक परिवार के लिए 2 सदस्यों का पट्टा नहीं बनाया जा सकता हालांकि इनके द्वारा तीन पीढ़ियों के कब्जे का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं हुआ है अपना नाम छुपाने के लिए पूर्व विधायक ने मां और पत्नी के नाम से वन अधिकार पट्टा का बड़ा फर्जीवाड़ा किया है मां और पत्नी मातृ पक्ष की है विवाह उपरांत तीन पीढ़ी का राशन कार्ड नहीं हो सकता जबकि ऐसा दर्शाया जा रहा है |
नियंता 10 एकड़ से अधिक भूमि स्वामित्व परिवार वन अधिकार पट्टा के लिए पात्रता नहीं रखता है इसलिए उनकी मांग है कि भाजपा के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जयसवाल द्वारा किए गए जमीन घोटाले की जांच होनी चाहिए इसीलिए डॉ विनय जायसवाल ने प्रधानमंत्री को शिकायत पत्र की कॉपी तैयार कर एसडीएम को सौंपी है ताकि इस पर निष्पक्ष जांच कराई जा सके और उनका कहना था कि केवल श्याम बिहारी जयसवाल ने नहीं बल्कि बल्कि भाजपा के पूर्व विधायक राम विचार नेताम ने भी वन अधिकार पट्टा का गलत तरीके से उपयोग कर जमीन पर कब्जा करके रखा हुआ है
*महंत एवं विप्र कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में नई शिक्षा नीति के परिपेक्ष में शिक्षण कला पर कार्यशाला प्रारंभ*
*अपनी संस्कृति और सभ्यता के साथ जुड़कर विकास के साथ आत्मनिर्भर होना नई शिक्षा नीति का आधार_: डॉ. संजीव पराशर*
रायपुर: महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय एवं विप्र कला ,वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नई शिक्षा नीति के परिपेक्ष में शिक्षण कला विषय पर 15 जून से 24 जून तक आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन समारोह मुख्य अतिथि डॉ. संजीव पराशर (प्राध्यापक भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर), कार्यक्रम अध्यक्ष प्रमोद दुबे (सभापति नगर पालिक निगम रायपुर )विशिष्ट अतिथि अजय तिवारी (अध्यक्ष शिक्षा प्रचारक समिति ),अनिल तिवारी (सचिव शिक्षा प्रचारक समिति) के गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुरुकुल महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता एवं अग्रसेन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू .एन. राजपूत विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में प्रमोद दुबे ने कहा कि अपने देश के साथ विदेश में भी अपने बौद्धिक क्षमता का परचम लहराने वाले डॉ. संजीव पराशर जैसे विषय विशेषज्ञों के माध्यम से निश्चित ही यह कार्यशाला सफल रहेगा और प्राध्यापक इसका लाभ उठाकर अपने शिक्षण कला को उन्नत करने के साथ विद्यार्थियों को निश्चित तौर पर नई शिक्षा नीति के अंतर्गत आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करने योग्य बनाएंगे। अजय तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत प्राध्यापकों के शिक्षण कला में विकास के हर प्रयास को प्रबंध समिति पूरा सहयोग प्रदान करेगा ताकि छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश में रायपुर एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो सके।
विप्र कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मेघेश तिवारी ने कहा कि रायपुर शहर के निजी महाविद्यालयों द्वारा मिलकर संयुक्त आयोजन के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में विकास के नए अवसरों को खोजना एवं अपने प्राध्यापकों को अपडेट कर नई शिक्षा नीति के अनुसार विकसित करना हमारा उद्देश्य है। महेंद्र कॉलेज के प्रचार डॉ देवाशीष मुखर्जी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. संजीव पराशर जैसे विषय विशेषज्ञों के माध्यम से यह कार्यशाला निश्चित रूप से अपने उद्देश्य को प्राप्त करेगा और आने वाले सत्र में इसका लाभ निश्चित ही विद्यार्थियों को प्राप्त होगा । इसके बाद कार्यशाला के प्रथम दिवस विषय विशेषज्ञ डॉ. संजीव पराशर ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारतीय युवाओं को अपनी सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप आत्मनिर्भर बनाना है ।
इस शिक्षा की शुरुआत घर में मां के द्वारा होती है। एक व्यक्ति के व्यवहार और उसके आचरण से आप पहचान सकते हैं कि उसकी मां ने उसका लालन पोषण किस प्रकार किया है। जापान और इजराइल जैसे देश से हम सीख सकते हैं कि देश में संसाधनों की कमी के बाद भी किस प्रकार आत्मनिर्भर बना जा सकता है। इन देशों की तुलना में हमारे देश या छत्तीसगढ़ राज्य में ही संसाधन की कमी नहीं है, पर ईमानदारी के साथ मेहनत करना और आत्मनिर्भर बनना यह गुण हमें सीखने की आवश्यकता है ।उन्होंने वेद, गीता और महाभारत कथा के उदाहरणों से समझाया कि अपने बच्चों को अपने ऐतिहासिक कहानियों के माध्यम से शिक्षित करते हुए आदर्श नागरिक बनने की शिक्षा दी जा सकती है।
उनका कहना था किशिक्षकों में हैरी और संयम के साथ व्यक्तित्व विकास की भी बातें अपने विद्यार्थियों को शिक्षित करनी चाहिए तभी शिक्षक अपने वास्तविक गुण के साथ शैक्षणिक स्किल से जोड़ते हुए विद्यार्थी को व्यक्तित्व वान बनाने में सहायक होगा इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन महंत लक्ष्मण दास महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक प्रीतम दास द्वारा किया गया वहीं आयोजन के दौरान सहायक प्राध्यापक डॉ श्रुति तिवारी एवं डॉ मेघा सिंह ने क्रमशः संचालन में भूमिका निभाई साथ चलने वाली कार्यशाला में आने वाले दिनों में नई शिक्षा नीति के कई विभिन्न पक्षों में बारीकियों से बातचीत रखी जाएगी फैकल्टी डेवलपमेंट के बाद ऐसा पहला कार्यक्रम है जो शिक्षकों को नई शिक्षा नीति से जोड़ने की बात करता है
संत रामदास वार्ड क्र.25 अंतर्गत कबीर चौक के पास मार्गों में डामरीकरण कार्य का हुआ भूमि पूजन
*वार्ड क्र.25 अंतर्गत आम जनमानस से किये जनसंपर्क - विकास उपाध्याय*
रायपुर (छत्तीसगढ़): संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आम जनों के मांगों के अनुरूप निरन्तर विकास कार्यों की सौगातें प्रदान कर रहे हैं। आज सुबह से संत रामदास वार्ड क्र.25 अंतर्गत रामनगर स्थित कबीर चौक के पास पहुँचकर स्वीकृत डामरीकरण कार्य का भूमि पूजन आमजनों के द्वारा करवाया गया। आमजनों की मांगे थी कि इस क्षेत्र में मार्ग अत्यंत जर्जर हो गई थी, जिसका शीघ्र निराकरण कराया जाये और उसी के अनुरूप यह कार्य शीघ्र स्वीकृत कराकर आज भूमि पूजन कर डामरीकरण कार्य शुरू करने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया।
तत्पश्चात् संत रामदास वार्ड क्र.25 अंतर्गत आमजनों से मुलाकात भी किये एवं उनसे हाल-चाल जाना एवं वार्ड के कार्यों की समीक्षा कर और अन्य विकास कार्यों के बारे में सुझाव भी मांगे। आज विधायक विकास उपाध्याय के साथ जोन अध्यक्ष एवं पार्षद मनीराम साहू, ब्लॉक अध्यक्ष देव कुमार साहू, संतोष साहू, तरूण श्रीवास, ईश्वरी नामदेव, हरपाल भामरा, विकास अग्रवाल, अजीत जगत, विकास पाठक, होरीलाल साहू, सोहन साहू, रूक्मणी यादव, रामजी यादव, भागवत साहू, रतन डोंगरे, मुन्ना साहू, सुमित्रा सोनी, जीत्तू श्रीवास, भूषण साहू, चित्ररेखा दीदी, जानकी जंघेल, पार्वती साहू, पूर्णिमा ध्रुव सहित काफी संख्या में आमजन सम्मिलित हुए।
साल तथा मिश्रित लकड़ी के अवैध चिरान जप्त
*वन विभाग की लकड़ियों के अवैध संग्रहण और परिवहन पर निरंतर कार्रवाई जारी*
रायपुर: वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में वन विभाग द्वारा वन अपराधों, लकड़ियों के अवैध संग्रहण और परिवहन की रोकथाम के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कटघोरा वनमंडल के ग्राम खम्हरिया में अवैध रूप से रखे गए मिश्रित प्रजाति के 129 नग चिरान तथा एक आरा मशीन को जप्त किया गया है।
वनमंडलाधिकारी कटघोरा वनमंडल श्रीमती प्रेमलता यादव के निर्देश पर गठित उड़नदस्ता टीम द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर छापा मार कार्रवाई की गई। टीम द्वारा की गई कार्रवाई में ग्राम खम्हरिया के सौखी लाल एवं प्रमोद की बाड़ी से 129 नग मिश्रित प्रजाति के चिरान तथा एक आरा मशीन पाया गया, जिसके वैध दस्तावेज संग्रहणकर्ता के पास नहीं थे। उड़नदस्ता टीम ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में नशा मुक्ति हेतु व्यापक जन-जागरण अभियान आरंभ करने के दिए निर्देश
*मुख्य सचिव को दिए निर्देश*
*समाज कल्याण विभाग एक माह में नशा मुक्ति जन-जागरण अभियान की विस्तृत कार्ययोजना करे प्रस्तुत*
*अभियान हेतु नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे ख्यातिनाम व्यक्तियों और संस्थाओं से किया जाए परामर्श*
*एन.जी.ओ., सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का प्राप्त किया जाए सक्रिय सहयोग*
*विद्यार्थियों में जन जागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में आयोजित किए जाएं सेमीनार*
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में नशे के दुष्प्रभावों से समाज को बचाने के लिए व्यापक जन-जागरण अभियान आरंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नशा मुक्ति जन-जागरण अभियान की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने देश में नशा मुक्ति हेतु कार्य कर रहे ख्यातिनाम व्यक्तियों एवं संस्थाओं से आवश्यक रूप से परामर्श किया जाए। समाज कल्याण विभाग एक माह में नशा मुक्ति जन-जागरण अभियान की विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा है कि इस अभियान में शासकीय प्रयासों के साथ ही एन.जी.ओ., सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जारी निर्देश में कहा है कि नशा एक ऐसी गंभीर सामाजिक बुराई है, जिससे मनुष्य का अनमोल जीवन गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है तथा वह अकाल मृत्यु का भी शिकार बन जाता है। नशे के लिए लोगों द्वारा गांजा, भांग, जर्दा गुड़ाखू, तंबाकू, शराब, गुटका, धूम्रपान, चरस, अफीम, स्मैक, कोकीन और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों का सेवन किया जाता है। छत्तीसगढ़ पुलिस इस पर लगातार कार्यवाही कर रही है तथा छत्तीसगढ़ सरकार भी इसे रोकने का प्रयास कर रही है, किन्तु जब तक हम इस अभियान को जनमानस से नहीं जोड़ेंगे तथा जन-जन तक नहीं पहुंचायेंगे, तब तक यह अभियान सफल नहीं हो पाएगा। युवा पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ना अत्यधिक चिंताजनक विषय है।
समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने, युवा पीढ़ी को बर्बादी से बचाने तथा उनकी संपूर्ण ऊर्जा का राष्ट्र निर्माण में उपयोग करने के लिए आवश्यक है कि नशा मुक्ति हेतु बड़ा जन-जागरण अभियान आरंभ किया जाये। उच्चतर माध्यमिक शालाओं, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के छात्रों में जागरूकता हेतु सेमीनार आयोजन किए जायें। शासकीय प्रयासों के साथ ही एन.जी.ओ. सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जाये।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि समाज कल्याण विभाग एक माह में नशा मुक्ति अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। इस हेतु देश में नशा मुक्ति हेतु कार्य कर रहे ख्यातिनाम व्यक्तियों एवं संस्थाओं से अवश्य परामर्श किया जाये।
मुख्यमंत्री ने ‘मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ के तहत चेक वितरित किया
*मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्रमिक परिवार के 10 मेधावी छात्रों को एक-एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया*
*स्कूटी खरीदने के लिए अलग से एक-एक लाख रूपए देेने की घोषणा*
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड में प्रावीण्य सूची में टॉप-10 में जगह बनाने वाले श्रमिक परिवार के बच्चों को एक-एक लाख का चेक का प्रतीक स्वरूप प्रदान किया। छात्रों की खुशी उस समय दोगुनी हो गई, जब मुख्यमंत्री ने इन होनहार बच्चों की आगे की पढ़ाई में सुविधा हेतु स्कूटी खरीदने के लिए एक-एक लाख देने की घोषणा करते हुए एक प्रतीक चेक अलग से प्रदान किया।
आज शाम रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल के नेतृत्व में 10वीं एवं 12वीं प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राएं एवं श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभी छात्र-छात्राओं की हौसला अफजाई करते हुए उनकी सराहना की। इस दौरान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन भी मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के प्रति बेहतर वातावरण का निर्माण हुआ। इससे गरीब परिवार के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके इसलिए हमारी सरकार स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोल रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि यहां के बच्चे अच्छे अंक लाकर अपने गांव, जिले एवं प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए श्रमिक परिवार के बच्चों को हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की सचिव श्रीमती सविता मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पंजीकृत निर्माण श्रमिक हेतु संचालित ‘मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की कक्षा में टॉप-10 में आने पर श्रमिक के बच्चों को प्रोत्साहन राशि के तहत एक लाख रूपए की राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत 2021 में टॉप-10 में जगह बनाने वाले 10वीं एवं 12वीं के तीन छात्र-छात्राएं एवं 2022 में भी तीन छात्र-छात्राएं एवं इस वर्ष 2023 में 10 छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक लाख रूपए प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में कुमारी मीनाक्षी साहू 10वीं में 6वां स्थान, रितेश कुमार देवांगन 12वीं में तीसरा स्थान, राहुल यादव 10वीं में पहला स्थान, योगेश सिंह 10वीं में 6वां स्थान, दिव्यांशु 10वीं में 9वां स्थान, कुमारी ख्याति साहू 12वीं 9वां स्थान, कुमारी बिदिया प्रधान 10वीं में 8वां स्थान, कुमारी न्याशा देवांगन 12वीं में चौथा स्थान, ऋषभ देवांगन 10वीं में 9वां स्थान, कुमारी झरना साहू 12वीं में 6वां स्थान पाने वाले श्रमिक परिवार के इन छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक-एक लाख रूपए का चेक प्रतीक स्वरूप प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें स्कूटी के लिए भी एक-एक लाख रूपए का चेक प्रतीक स्वरूप दिया गया। इस अवसर पर श्रमायुक्त सह सचिव बीओसी मंडल, सहायक श्रमायुक्त श्री अनिल कुजूर, श्रम पदाधिकारी श्री आर. के. प्रधान सहित श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
शिव सेना द्वारा खरोरा तिगड्डा चौक में पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया
खरोरा ब्लॉक तथा खरोरा नगर पंचायत के आस पास गावो में अवैध रूप से गंजा,दारू सट्टा,जुआ जैसे अवैध कार्यों के विरोध में शिव सेना द्वारा खरोरा तिगड्डा चौक में पुतला दहन कर प्रदर्शन किया गया
पिछले दिनों अवैध रूप से चल रहे इन काम काजो के लिए खरोरा तहसील दार को ज्ञापन के जरिए सूचना दिया गया था जिसके बाद कोई करवाही की स्थिति सामने नहीं आई और अभी भी खरोरा तथा आस पास गावों में धड्डले से अवैध रूप कार्य हो रहे है जिससे आप पास के नवयुवक तथा तथा माता बहनों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तथा आस पास का माहौल बिगड़ रहा है जिसके विरोध में शिव सेना द्वारा पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया आगे करवाही ना होने की स्थिति बड़ी आंदोलन की चेतावनी दी है
जिला सचिव चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि कुछ दिनों पहले तहसील दार जी को ज्ञापन के माध्यम से इन अवैध काम काजों के बारे में अवगत कराया गया था और आज भी कई गांवों में यह अवैध काम धड्डले से खुलेआम चल रहे हैं जिसका शिव सेना विरोध करती है अभी भी अगर संज्ञान में नहीं लिया जाता तो भविष्य में बड़ी आंदोलन होगी जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन को होगी
मुख्य रूप से शिव सेना प्रदेश सचिव एचएन सिंह पलिवार जी,जिला अध्यक्ष बल्लू जांगड़े जी, जिला महासचिव राहुल सोनवानी जी, चंद्रकांत वर्मा,आकिब खान , खिलेश बंजारे,तामेश्वर मरकाम,खूबी मरकाम,विष्णु यदु उपस्थित रहे
स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की
*मातृत्व व शिशु स्वास्थ्य की रिपोर्टिंग दुरुस्त करने के दिए निर्देश*
रायपुर: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वरिष्ठ अधिकारियों और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ बैठक कर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में मैदानी स्तर पर आ रही समस्याओं और उनके निदान पर भी बैठक में चर्चा की गई। श्री सिंहदेव ने इस दौरान गैर शासकीय चिकित्सालयों में हो रही डिलीवरी की रिपोर्टिंग को और सुदृढ़ करने के साथ डॉटा एंट्री में हो रही समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री जयप्रकाश मौर्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रकांत वर्मा और महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा भी बैठक में शामिल हुए। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, संभागीय संयुक्त संचालक, जिलों में पदस्थ विभागीय उप संचालक, ज़िला कार्यक्रम प्रबन्धक तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
*पोषण पुनर्वास केंद्र में बेहतर परिणाम के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर कार्य करने के निर्देश दिए*
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने बैठक में शिशु और मातृ मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने मातृत्व स्वास्थ्य की रिपोर्टिंग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। किसी भी रोग के संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया। श्री सिंहदेव ने पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बेहतर परिणाम के लिए मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों और डॉक्टरों को संवेदनशीलता के साथ काम करने कहा।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बैठक में सभी जिलों के अधिकारियों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में आ रही समस्याओं को जाना। उन्होंने अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों तथा दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी ली। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग, पीसीपीएनडीटी एक्ट, ब्लड-बैंक, सिकलसेल प्रबंधन तथा मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएं: मंत्री डॉ. टेकाम
*रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग की समीक्षा*
रायपुर: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने वन अधिकार पत्र वितरण के प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों एवं अन्य आनुषंगिक कार्यों में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा है विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को सभी विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। इनके वन अधिकार पट्टे की भूमि पर मनरेगा के तहत अभिसरण से कार्य कराया जाए। जिला समन्वय समिति बनाकर विभागों को कार्य का लक्ष्य दिया जाए।
जिन गांवों में वन अधिकार के अधिक पट्टे दिए गए हैं उन्हें आदर्श गांव घोषित कर इन वर्गो के लिए कार्य कराया जाए। आदर्श गांवों की सूची सभी विभागों को दी जाए तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करवाएं। मंत्री डॉ. टेकाम आज यहां आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्तो एवं परियोजना प्रशासकों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह और आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित वरिष्ट अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि वर्तमान में मौसम को देखते हुए वन अधिकार पट्टेधारियों की भूमि पर पौधा रोपण करवाएं। यहां सब्जी, फल के पौधो का वितरण भी किया जाए। विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह ने कहा कि गतवर्ष हर गांव में सामुदायिक भवन अधिकार पत्र वितरण का लक्ष्य दिया गया था, इस कार्य को भी पूरा करें। विशेष पिछड़ी जनजातियों के वन अधिकार पट्टेधारियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण, पेंशन योजना और राशनकार्ड वितरण कर लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही इन वर्गो के बच्चों के शिक्षा का विशेष ध्यान दें। आजीविका के लिए लघु वनोपज संग्रहण कार्य से भी जोड़ा जाए। वन अधिकार मान्यता के लिए आवेदकों की संख्या बढ़ाएं।
मंत्री डॉ. टेकाम ने विभागीय योजनाओं के लक्ष्य को पूरा करने, निर्माण कार्यो को स्थल पर निरीक्षण कर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के साथ केन्द्रीय योजनाओं के कार्यो को भी समय पर पूरा करें। देवगुड़ी आदिवासियों के आस्था का केन्द्र है। समुदाय का इससे जुड़ाव होना चाहिए। देवगुड़ी निर्माण के सभी स्वीकृत कार्यो को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने कहा कि विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के लिए आवास भी बनाए जाने है, इसके लिए इन वर्गो के मुखिया और हितग्राहियों से चर्चा कर उनके संस्कृति के अनुरूप घर बनाया जाए। आवास का निर्माण वैध जमीन पर ही किया जाए और वहां बिजली पानी की मूलभुत सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षा सत्र 2023-24 के लिए मेस संचालन, खेल सामग्री क्रय करने की कार्रवाई नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। इन विद्यालयों में कक्षा 10 वीं और 12 वीं के विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिले के सहायक आयुक्त इसके लिए इन स्कूलों का अकादमी कैलेण्डर तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करवाए। इन स्कूलों के शिक्षकों को विषय-वस्तु के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए। इन स्कूलों के बच्चों का प्रत्येक माह यूनिट टेस्ट लेकर बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का आकलन करें। विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित क्रीडा परिसरों में स्वीकृत लघु निमार्ण कार्यो का मौके पर मुआयना कर इन कार्यो को शीघ्र ही पूरा करवाए। क्रीडा परिसरों में बच्चों की समय पर भर्ती हो। इन क्रीडा परिसरों में खेल विधाओं के अनुसार कैम्प लगाकर बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाए।
बैठक में सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों एवं उन्नयन किये गए छात्रावास-आश्रमों की मौके पर जाकर समीक्षा करें। विभाग अंतर्गत संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अनुरक्षण, लघु मद अन्तर्गत किए गए कार्यो की समीक्षा भी की गई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा के अंतर्गत गणवेश आपूर्ति, पाठ्यपुस्तक तथा विद्यालयवार, शिक्षकवार बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं अतिथि शिक्षकों की भर्ती की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। सीबीएसई पैटर्न के आधार पर बच्चों को पढ़ाने वाले अच्छे शिक्षकों की नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2022-23 में प्रवेश एवं परीक्षा परिणाम तथा नवीन प्रारंभ प्रयास स्कूलों की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अन्तर्गत चयनित ग्रामों में स्वीकृत कार्यो की प्रगति की समीक्षा भी गई। चयनित ग्रामों में किए गए कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश सहायक आयुक्तों को दिए गए। इसके अलावा अत्याचार निवारण अधिनियम, न्यायालयीन प्रकरणों, भर्ती, पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार परियोजना प्रशासकों से आदिग्राम पोर्टल में आवश्यक जानकारी की प्रगति को शीघ्र दर्ज करने के निर्देश दिए। संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह अभिकरण, प्रकोष्ठ के कार्यो में वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की समीक्षा गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की समीक्षा हेतु तीन चरणों में होने वाली इस बैठक के तृतीय चरण में सरगुजा संभाग की समीक्षा बैठक 15 जून को की जाएगी।
*छत्तीसगढ़ के 297 हज यात्रियों का दूसरा जत्था हज के लिए रवाना*
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असलम खान ने बताया की, हज 2023 के लिए आज नागपुर के अंतरराष्ट्रीय विमानतल से फ्लायनास की फ्लाइट नंबर एक्स वाए 5578 से राज्य के 297 हज यात्रियों का दूसरा जत्था हज के लिए रवाना हुआ। हज हाउस नागपुर से बसों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया, साथ ही छत्तीसगढ़ की खुश हाली और तरक्की की दुआ करने हज यात्रियों से को कहा गया।
इस अवसर पर विशेष रुप से अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष श्री हाफिज खान, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री अल्ताफ अहमद, रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री शिव सिंह ठाकुर, मोहम्मद शाहिद ने उपस्थित होकर प्रदेश के हज यात्रियों को यात्रा की दिली मुबारक बाद दी। इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असलम खान, हज कमेटी के कार्यपालन अधिकारी सचिव श्री साजिद मेमन, हज कमेटी सदस्य मौलाना कारी अशफाक अंजुम, मौलाना कारी इमरान अशरफी, मोहम्मद इमरान, श्री अब्दुल रज्जाक खान, डॉ. रुबीना अल्वी, लुतरा दरगाह कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री अकबर बख्सी. मोहम्मद रियाज, श्री अब्दुल इमरान जावेद नाना अब्दुल कय्यूम असलम, मोहम्मद जमील, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद अनवर मोहम्मद यूसुफ, सलीम अशरफी, मोहम्मद हुसैन मलकानी उपस्थित थे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल केे संरक्षा विभाग के द्वारा दिनांक 10.06.23 से 16.06.23 तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है
दिनांक 14.06.23 को निम्नलिखित कार्यों को संपादित किया गया
रायपुर: दिनांक 10.06.23 से 16.06.23 तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग के द्वारा *समपार फाटक जागरूकता अभियान* चलाया जा रहा है , जिसके तहत दिनांक 14.06.23 को संरक्षा अधिकारियों , संरक्षा सलाहकारों एवं सिविल डिफेंस वोलैंटियर के द्वारा रिसामा स्टेशन, भिलाई पावर हाउस, हथबंद , रायपुर एवं सरस्वती नगर स्टेशन सहित कुल 6 स्टेशन एवं विभिन्न समपार फाटकों जैसे जामूल गेट, गेट नंबर डी डी 19, डी डी 24, हथबंद गेट, उरकुरा गेट, खमतराई गेट एवं खुर्सीपार गेट सहित कुल 09 गेट तथा इसके अलावे जामुल पेट्रोल पंप, हथबंद पेट्रोल पंप तथा हथबंद , गुंडरदेही बाजार एवं जांजगीरी, रिसामा, ओटेबंद एवं हथबंद गांव के अलावे रायपुर बिलासपुर मेमु में जाकर लोगों को पंपलेट वितरण करके , स्टीकर चिपका कर एवं बैनर लगाकर लोगों की काउंसलिंग की गई तथा समपार फाटक को सही तरीके से पार करने एवं इससे संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान किया गया। इस अवसर पर रायपुर मंडल के विभिन्न स्टेशनों में ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान किया जा रहा है ।
अब कांग्रेस के नेता भी मान रहे कि कांग्रेस की हार निश्चित है : भाजपा
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस की आपसी कलह और सिर-फुटौव्वल के हालात पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता-सिंहासन से मुंह के बल गिर जाएगी, पूरे प्रदेश को अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है। श्री साव ने कहा कि कांग्रेस खुद अपने कृत्यों, कलह और वादाखिलाफी के चलते छत्तीसगढ़ को कांग्रेस मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में चल पड़ी है और प्रदेश का जनमानस आगामी विधानसभा चुनाव में इस बात पर मुहर लगाने प्रतिबद्ध है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता जब-तब भाजपा की बेजा फिक्र में दुबले होते नजर आते हैं, जबकि पहले उन्हें अपना घर सम्हालने की जरूरत हैं। मुख्यमंत्री बघेल सत्ता के अहंकार में चूर होकर चाहे जितना बड़बोलापन प्रदर्शित कर लें, लेकिन उन्हें भी यह आभास हो गया है कि अपने शासनकाल में किए गए भ्रष्टाचार और घोटालों ने उन्हें अब अपने ‘खानदानी आकाओं’ से दूर कर दिया है। श्री साव ने कहा कि संभागीय सम्मेलनों से कुछ पहले प्रदेश कांग्रेस प्रभारी शैलजा का अकस्मात छत्तीसगढ़ प्रवास इसी सोच और रणनीति का हिस्सा थी ताकि मुख्यमंत्री बघेल का विकल्प तलाशा जाए। कांग्रेस के लोग अब खुद यह मानने लगे हैं कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी की अब कोई गुंजाइश नहीं रह गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि सिर्फ भ्रष्टाचार और घोटाले ही नहीं, कांग्रेस में सत्ता और संगठन में चल रही आपसी कलह भी कांग्रेस के राजनीतिक अस्तित्व को पलीता लगा रही है। कांग्रेस की यह कलह लगातार सामने आ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पहले ही कह दिया है कि कांग्रेस अगला विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कई मौकों पर अपमान का घूंट पी चुके मरकाम की पीड़ा के अपने मायने हैं, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत चाहते हैं कि मोहब्बत की एक दुकान छत्तीसगढ़ की राजनीतिक नफरतों के बाजार में भी खुलनी चाहिए। मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे मंत्री टीएस सिंहदेव तो अपने एक विभाग से इस्तीफा देकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर हमला बोल ही चुके हैं, और अब वे भी मान रहे हैं कि सत्ता के गलियारों में संगठन की कोई अहमियत रह ही नहीं गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि कांग्रेस के लोग मुंगेरीलाल की तरह सत्ता में वापसी के लाख हसीन सपने देखकर खुश होते रहें, लेकिन जमीनी सच्चाई और प्रदेश सरकार के कार्यकाल की नाकामियां इन सपनों को पंख नहीं लगाने देगी। छत्तीसगढ़ के खजाने को लूटकर जिस तरह प्रदेश को कांग्रेस का एटीएम बनाने का काम पिछले साढ़े चार सालों में हुआ है, भ्रष्टाचार-घोटालों के अलावा प्रदेश के हर वर्ग के साथ प्रदेश सरकार ने जो छलावा किया है, शांति, जन सुरक्षा, कानून-व्यवस्था से माफियाओं ने जैसा खिलवाड़ करके जंगलराज कायम किया है, अपने इन कृत्यों के चलते कांग्रेस अपनी तयशुदा पराजय की इबारत अभी से वक्त की दीवार पर साफ-साफ पढ़ रही है। प्रदेश की जनता नवंबर में इस पर अपनी मुहर लगा देगी।
अब बाल देख रेख संस्थाओं के बच्चे बन सकेंगे डॉक्टर,इंजीनियर, सी ए वकील और कलाकार
*मुख्यमंत्री बाल उदय योजना - बाल देखरेख संस्था से 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर बाहर जाने वाले बालकों को मिलेगा सुनहरा भविष्य*
बाल देखरेख संस्थाओं के 18 वर्ष आयु के *चिन्हांकित बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ*
*बच्चों के पुनर्सस्थापन एवं समुचित पुनर्वास और एक सफल नागरिक बनने में मददगार होगी मुख्यमंत्री बाल उदय योजना: डॉ. किरणमयी नायक*
*राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न*
रायपुर: छत्तीसगढ़ में बाल देखरेख संस्था से बाहर जाने वाले 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बालकों के जीवन को सही दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री बाल उदय योजना शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बालकों की समुचित देखरेख, उपयुक्त पुनर्वास और एक सफल नागरिक के रूप में उनको स्थापित करना है। योजना के तहत राज्य में संचालित 69 बाल देखरेख संस्थाओं के 108 बच्चों को प्रथम चरण में लाभान्वित किये जाने हेतु चिन्हांकित किया गया है। यह जानकारी आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से रायपुर के लाभांडी में मुख्यमंत्री बाल उदय योजना पर आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में दी गई। यहां योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के साथ उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक ने किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बाल उदय योजना छत्तीसगढ़ की अनूठी योजना है, जो बच्चों को अपराधी बनने से रोक कर एक सुनहरे भविष्य की ओर आगे बढ़ाती है। योजना के तहत बच्चों की परवरिश समुचित रूप से होने से वे एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे और भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास में भी सहयोग करेंगे। उन्होंने हायर सेकेण्डरी स्कूलों और कॉलेजों में प्री-मैरिज कॉउंसलिंग की व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव भी दिया, जिससे परिवारों में आ रहे बिखराव को कम किया जा सके।
विभागीय संचालक श्रीमती दिव्या मिश्रा ने बताया कि बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य द्वारा उल्लास, उजियार, उम्मीद और उमंग एवं उदय कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसे आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया के मार्गदर्शन में उदय अर्थात मुख्यमंत्री बाल उदय योजना एक अप्रैल 2023 से शुरू की गई है। यह बाल देखरेख संस्थाओं से बाहर जाने वाले बालकों के भविष्य के उदय का सूचक है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बच्चों के आफ्टर केयर के लिए 4 हजार रूपए के आर्थिक सहयोग का प्रावधान है। राज्य के 12 बच्चे पोषण देखरेख कार्यक्रम अंतर्गत परिवारों को दिए गए हैं। राज्य के गैर-संस्थागत देखरेख के 600 से अधिक बच्चों को विकास और शिक्षा के लिए प्रतिमाह 4 हजार रूपए प्रवर्तकता कार्यक्रम अंतर्गत दिए जा रहे है।
बच्चों के संस्थाओं से निकलने के बाद पहली जरूरत आवास और फिर जीवन यापन की होती है। मुख्यमंत्री बाल उदय योजना के तहत संस्थाओं से बाहर निकलने वाले बच्चों के,तकनीकी शिक्षा, कौशल उन्नयन, उच्च शिक्षा सहित व्यावसायिक प्रशिक्षण की भी व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। साथ ही आवास हेतु एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया गया है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत दिए जा रहे 4 हजार रूपए के अतिरिक्त 3 हजार रूपए मुख्यमंत्री बाल उदय योजना से लाभान्वित बालकों को दिया जाएगा।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में व्यावसायिक और कौशल प्रशिक्षण संबंधित जानकारी देने के साथ प्रारूपों और दस्तावेजीकरण पर चर्चा की गई और जिला अधिकारियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का निराकरण भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री बाल उदय योजना के राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक ,उप संचालक द्वारा योजना क्रियान्वयन के प्रत्येक बिंदु की जानकारी दी,एवं प्रतिभागियों की जिज्ञासा के उत्तर दिए।कार्यक्रम में पुलिस विभाग,उच्च शिक्षा विभाग, अनुसूचित जाति,जनजाति कल्याण विभाग,पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा सक्रिय भागीदारी कर योजना के समन्वय के विषयों पर जानकारी दी गई।
इस अवसर पर यूनिसेफ के स्टेट हेड श्री जॉब जकारिया सहित ,राज्य बाल संरक्षण समिति के अधिकारी,जिलों से आए जिला कार्यक्रम अधिकारी,जिला महिलाव एवं बाल विकास अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक, प्रभारी, बाल कल्याण अधिकारी उपस्थित थे।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारियों, कर्मचारियों को माननीय न्यायालय के आदेष के अनुरूप 58 प्रतिषत पदोन्नति / आरक्षण का लाभ दिलवाने, वार्डो में विकास कार्यो को लेकर चर्चा व विचार विमर्ष
निगम अजा, अजजा कल्याण विभाग सलाहकार समिति की बैठक में जाति प्रमाण पत्र के सरलीकरण का अधिकाधिक पात्रों को वांछित लाभ दिलवाना सुनिष्चित करने के सभापति श्री प्रमोद दुबे के निर्देष
रायपुर: आज नगर पालिक निगम रायपुर के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की विभागीय सलाहकार समिति की बैठक विभाग के अध्यक्ष श्री सुन्दरलाल जोगी की अध्यक्षता एवं निगम सभापति श्री प्रमोद दुबे की विषेष उपस्थिति सलाहकार समिति सदस्य जोन 7 अध्यक्ष श्री मनीराम साहू, जोन 8 अध्यक्ष श्री घनष्याम छत्री, पार्षद श्रीमती नीलम नीलकंठ जगत, श्री धनेष बंजारे, श्री रवि धु्रव, श्री प्रकाष जगत, अपर आयुक्त श्री अरविंद शर्मा, विभाग की प्रभारी अधिकारी उपायुक्त श्रीमती कृष्णा देवी खटीक जोन 3 के प्रभारी जोन कमिष्नर श्री लोकेष चंद्रवंषी, जोन 9 के सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा सहित संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में हुई।
विभागीय सलाहकार समिति की बैठक में सभापति श्री प्रमोद दुबे ने अधिकारियों को निर्देषित किया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल एवं छ.ग. शासन के निर्देषानुसार जाति प्रमाण पत्र बनाने किये गये नियमानुकुल सरलीकरण का अधिकाधिक संख्या में पात्रों का जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार बनवाकर उन्हें वांछित लाभ सहजता से प्रदान करने का कार्य प्राथमिकता से सुनिष्चित करवाये।
सभापति ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने आवेदक द्वारा संबंधित जोन में संबंधित जोन सहायक राजस्व अधिकारी को आवेदन देने से लेकर जाति प्रमाण पत्र बनवाने निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी ली एवं अधिक से अधिक संख्या में पात्र लोगो को जाति प्रमाण पत्र बनवाकर देने प्रक्रिया की जानकारी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगो को समुचित रूप से देना प्रषासनिक तौर पर सुनिष्चित करने के निर्देष दिये।
सभापति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि नियमो में सरलीकरण पष्चात नगर निगम रायपुर द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र 23 लोगो को नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र बनाकर दिये जा चुके है। सभापति ने इसी प्रकार इसमें शासन की लोककल्याणकारी मंषा के अनुरूप निरंतरता बनाये रखकर अजा एवं अजजा वर्ग के पात्र व्यक्तियों को प्रक्रिया के तहत जाति प्रमाण पत्र बनाकर देने का कार्य प्राथमिकता से करवाने का सुझाव दिया।
सलाहकार समिति की बैठक में अध्यक्ष श्री सुन्दरलाल जोगी सहित सदस्य पार्षदों ने जाति प्रमाण पत्र के सरलीकरण से संबंधित नियमों को सर्वसम्मति से पारित करवाने का निर्णय हेतु समिति की ओर से प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल, नगरीय प्रषासन एवं विकास मंत्री डाॅ. षिव कुमार डहरिया, महापौर श्री एजाज ढेबर, सभापति श्री प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मीनल चैबे, सभी पार्षदगणों, एल्डरमेनगणों को हार्दिक धन्यवाद दिया।
वहीं विकास कार्य हेतु नगर निगम रायपुर के बजट में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 50 लाख रू. का प्रावधान करने हेतु महापौर श्री एजाज ढेबर एवं सभापति श्री प्रमोद दुबे को समिति की ओर से बैठक में हार्दिक धन्यवाद दिया गया। बैठक में अध्यक्ष एवं सभी उपस्थित सदस्य पार्षदों ने माननीय न्यायालय के आदेष का पालन करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमानुसार 58 प्रतिषत पदोन्नति / आरक्षण के संबंध में चर्चा एवं विचार विमर्ष किया गया। वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य वार्ड क्षेत्रों के समुचित विकास हेतु राषि आबंटन के संबंध में चर्चा एवं विचार विमर्ष किया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि 16 जून से 25 जून तक बढ़ायी गई
*छत्तीसगढ़ में स्कूल 26 जून से प्रारंभ होंगे*
*स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश*
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने के दिए गए निर्देश के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया गया है। ग्रीष्म कालीन अवकाश की अवधि 16 जून से 25 जून तक बढ़ा दी गई है। स्कूल 26 जून से प्रारंभ होंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी व लू को दृष्टिगत रखते हुए, राज्य शासन ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में 16 जून 2023 से 25 जून 2023 तक वृद्धि करता है। प्रदेश में शालाएं 26 जून 2023 से प्रारंभ होंगी।