"शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सात दिवसीय रिसर्च मैथडलॉजी कोर्स का आयोजन"
शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर में आयोजित रिसर्च मैथडलॉजी पर सात दिवसीय कोर्स का आयोजन किया गया।विषय विशेषज्ञों ने शोध की प्रवधि पर विस्तृत चर्चा की। महाविद्यालय की प्राचार्य ने शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा शोध की सम्पूर्ण प्रक्रियाओं को समझने के बाद ही शोधार्थी सही दिशा में अपने कार्य को अंजाम दे सकते हैं। विषय विशेषज्ञ डॉ. धवल मेहता,प्राध्यापक, सूरत ने कहा कि जब ग्रुप दो से अधिक होता है तब उसका एनालिसिस होता है।वही हमारा रिसर्च है।हमारे शोध में डाटा महत्वपूर्ण है।
उससे महत्वपूर्ण हमारा हाइपोथीसिस है जिसके माध्यम से हमारा शोध पूर्ण होता है। सहायक प्राध्यापक,हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने शोधार्थियों को परफैक्ट रिसर्च जर्नल्स में अपने शोध पत्र को कैसे छपवाया जाए। हमारा व्यवहार रिसर्च पेपर छपवाने में अपना एक अलग महत्व रखता है। नकारात्मक एवं सकारात्मक व्यवहार हमारे शोध पत्र की संक्षिप्ति को दर्शाता है।हमारी युवा पीढ़ी थोड़े से संघर्ष से परेशान हो जाता है। हमें शोध पत्र लिखते समय अंत तक संघर्ष करना है। कई बार असफलता के बाद ही सफलता मिलती है।
उन्होंने आगे कहा जर्नल्स का सेलेक्शन कैसे करे?नकल से बचने के लिए अपने शोध पत्र की संक्षिप्ति को जर्नल्स में पहले भेज देते हैं। JIF के माध्यम से किसी जर्नल्स में कितने पेपर पब्लिश हुए ये देखा जा सकता है। रिसर्च पेपर के लिए जरूरी है शीर्षक, जो प्रभावी और आकर्षक हो।सारांश,मेथड के माध्यम से डाटा कलेक्ट किये जाते हैं।परिचय देना होता है।डिस्कशन में विचारक के डिस्कशन के अतिरिक्त शोधार्थी का नया क्या है बताना। उसमे हाइपोथीसिस का मैच होना ज़रूरी है। संदर्भ हमे उसी का लेना चाहिए जो हमारे विषय से संबंधित हो। एक्नॉलेजमेंट में ऑथर वही होगा जो विषय से संबंधित हो।
फिगर उसी को लेना चाहिए।जिसमें फ़ोटो नही डायग्राम सब सही हो। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. उषाकिरण अग्रवाल ने विविध प्रकार के ज्ञान वर्धक एक्सरसाइज के माध्यम से प्रतिभगियों में ऊर्जा का संचार किया। विषय विशेषज्ञ का शॉल एवं श्रीफल से सह - संयोजक ने स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।