‘विकसित भारत—मेरे सपनों का भारत’ पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
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07 Oct 2026
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 6 अक्टूबर। सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय भाषण, चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए विकसित भारतमेरे सपनों का भारत थीम पर अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की, वहीं चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों एवं कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जीवंत रूप दिया। बच्चों ने शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, तकनीकी विकास, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को अपनी प्रस्तुतियों में प्रमुखता से शामिल किया।
कार्यक्रम के दौरान सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रंगोली एवं चित्रकला का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से उनकी कलाकृतियों के विषय में जानकारी लेते हुए विकसित भारतमेरे सपनों का भारत पर संवाद किया। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि वे भविष्य के भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपने सपनों एवं कल्पनाओं को साझा करते हुए शिक्षित, स्वच्छ, आत्मनिर्भर, आधुनिक एवं विकसित भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की।
कलेक्टर ने बच्चों की रचनात्मकता एवं विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के सपनों और कल्पनाओं में ही देश के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर दिखाई देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने तथा राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में धनीराम बारसे, जिला अध्यक्ष भाजपा सुकमा, हूंगाराम मरकाम, अध्यक्ष नगर पालिका सुकमा, हूंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य, विश्वराज सिंह चौहान, जिला महामंत्री भाजपा, रीना पेद्दी, साईं रेड्डी, दिलीप पेद्दी एवं संजय सोढ़ी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा, मुन्नी मडक़ामी, सरपंच झापरा, उपेंद्र नायक, तथा श्री रंजीत बारठ, आदि उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी जी. आर. मंडावी, डीएमसी विजेंद्र सिंह राठौर, एडीपीओ आशीष राम, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र सिंह भदौरिया, एपीसी आर. कसीम, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर सोरी, बीआरसी दीपक बारसे सुकमा, बीआरसी वीरभद्र राव कोंटा, कमलेश सलाम, सहायक प्राध्यापक, टी. दास, उद्घोषक, सिदार, प्राचार्य तथा नारायण वर्मा, प्रधान अध्यापक सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
धनीराम बारसे एवं विश्वराज सिंह चौहान ने बच्चों से संवाद करते हुए विकसित भारतमेरे सपनों का भारत विषय पर उनकी कल्पनाओं एवं विचारों को जाना। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपने सपनों के भारत की तस्वीर प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे ऐसा भारत देखना चाहते हैं जो शिक्षित, स्वच्छ, आत्मनिर्भर, विकसित, तकनीकी रूप से सशक्त और प्रत्येक नागरिक के लिए समान अवसरों से भरपूर हो। अतिथियों ने बच्चों की सकारात्मक सोच एवं कल्पनाशीलता की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चों के सपने ही कल के विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी रचनात्मक सोच, विचारों एवं अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करती हैं। विकसित भारतमेरे सपनों का भारत जैसी थीम बच्चों में राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी, सकारात्मक सोच और भविष्य के भारत की कल्पना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। प्रतियोगिता ने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को समझने और अपने सपनों को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, निर्णायकों, आयोजन समिति एवं समस्त सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।