अर्नब का असर: स्कूल-आंगनबाड़ी और बाजार रहे बंद
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30 Oct 2026
धान फसल को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
पखांजूर, 29 अक्टूबर।उत्तर बस्तर कांकेर जिले में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव और सक्रिय मौसम प्रणाली के चलते पिछले 24 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। बुधवार को जिलेभर में दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाओं का दौर लगातार जारी रहा, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। वहीं आज दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही।
खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण बच्चों के आवागमन में होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लिया। जिला कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार, 28 अक्टूबर बुधवार को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था।
प्रशासन के स्पष्ट निर्देशानुसार यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए था, जबकि विद्यालयों में शिक्षकों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति नियमानुसार बनी रही।एक तरफ जहां पूरा जनजीवन घरों में सिमटा रहा, वहीं दूसरी तरफ जिले के अन्नदाता किसान अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए खेतों में संघर्ष करते नजर आए। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के बीच किसान दिनभर अपने खेतों में सक्रिय दिखे ताकि जलभराव से पकी हुई धान की फसल को बचाया जा सके।
हालांकि, इस बेमौसम बारिश और चक्रवाती प्रभाव के चलते धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
मौसम के कड़े तेवर को देखते हुए कापसी, पखांजूर और बांदे के व्यापारियों और आम नागरिकों ने बेहतरीन सूझबूझ का परिचय दिया। खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच संभावित खतरे को भांपते हुए स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें सामान्य समय से काफी पहले ही बंद कर दीं और सुरक्षित अपने घरों की ओर लौट आए।
नागरिकों ने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए खुद को और अपने परिवारों को घरों में सुरक्षित रखा, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।