छत्तीसगढ़
"2024 में चुनावों के लिए सामंजस्य की कमी, छत्तीसगढ़ में राजनीतिक दलों की चर्चा जोर"
रायपुर: वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को समाप्त हो जाएगा उससे पहले आम चुनाव होने जा रहे हैं सभी राजनीतिक दल देश के अंदर एलाइंस तैयार कर चुनाव की राजनीति शुरू कर दी है जहां तक छत्तीसगढ़ में आम चुनाव 2024 की बातचीत है आज इस मुद्दे पर चर्चा के अंतर्गत ज्वलंत सवाल सामने रखने जा रहे हैं पिछले दिनों विधानसभा चुनाव 2023 समाप्त हुए हैं छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को प्रत्याशी जीत मिली है कांग्रेस आश्चर्य में है पराजय किस तरह मिला इस सवाल का उत्तर सभी कांग्रेसियों के पास है लेकिन उत्तर को लेकर सामंजस की कमी फिर नजर आने लगी है
2023 में मिली हार के महत्वपूर्ण प्रश्न में बूथ मैनेजमेंट ओवर कॉन्फिडेंस वरिष्ठ नेताओं का प्रमुख रहा है क्या इन सवालों का उत्तर कांग्रेस ने ढूंढ लिया नहीं विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की कमान प्रदेश में बदल गई नई नेतृत्व राजस्थान के सचिन पायलट को दी गई है जो राजस्थान के साथ छत्तीसगढ़ के भी प्रभारी हैं कुमारी शैलजा को हटा दिया गया प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज नहीं बदले गए कांग्रेस को लगता है दीपक में दम है रोशनी 2011 की सामने आएगी लेकिन आज भी सामंजस की कमी है अब तक सभी वरिष्ठ चुनाव के बाद से एक मंच में चिंतन और मनन के लिए नहीं बैठ पाए हैं आखिरकार अंतिम मौका है
कई चेहरे सामने आ रहे हैं चुनाव लड़ने की तैयारी चल रही है मगर एक बार फिर से उन बातों पर विचार कर लेना चाहिए नहीं तो 2024 बाद में मौका नहीं मिलेगा भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित है तैयारी भी है अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह अवसर खुल के और आगे आ गया है छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव के नेतृत्व में टीम भाजपा अच्छा काम कर रही है संघ का अच्छा तालमेल है लोकसभा की 11 सीट पर तैयारी चल रही है क्या भाजपा विधानसभा चुनाव का प्रैक्टिकल लोकसभा में कर सकती है यह प्रश्न है जिस तरह से चेहरे बदलकर विधानसभा चुनाव जीत लिया गया उससे तो स्पष्ट है की 11 सीट पर भाजपा चेहरे बदलेगी राजनांदगांव लोकसभा से अभिषेक सिंह को उम्मीदवारी मिलती है या नहीं प्रश्न चिन्ह है परंतु विजय बघेल को दुर्ग से अवश्य मौका मिलेगा रणनीतिकार ऐसा मानते हैं
विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को जो चुनौती दी गई विजय बघेल की चुनौती महत्वपूर्ण है इसलिए पार्टी सांसद विजय बघेल को अनदेखा नहीं कर सकती लेकिन लेकिन रायपुर लोकसभा से सांसद सुनील सोनी और सरगुजा से गोमती साईं इतिहास रिपीट करने के लिए तैयार हैं क्या चेहरे बदल देंगे कांग्रेस में रायपुर से दो प्रमुख नाम की चर्चा चल रही है संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला और हाल ही में विधानसभा चुनाव के अंदर बलौदा बाजार से हर का सामना करने वाले शैलेश त्रिवेदी को टिकट मिलेगी या नहीं चर्चा में है क्योंकि हर बार यह कहा जाता है पार्टी टिकट का बंटवारा करती है
चुनाव तो पार्टी लड़ती है ऐसे में पार्टी लाइन में चलने वाले ही चेहरे सामने में होंगे चिकित्सा क्षेत्र से भी जुड़े अनुभवी कांग्रेस नेता को रायपुर लोकसभा का उम्मीदवार बनाया जा सकता है चर्चा यह भी है एक प्रमुख व्यक्ति ने डॉक्टर से चर्चा की है कानों कान होने वाली चर्चा में डॉक्टर विधानसभा में भी संभावित में शामिल थे टिकट नहीं मिली 20 करोड़ के लोकसभा चुनाव में दिग्गज कवच और चुनौती देनी चाहिए तभी चुनाव दिलचस्प हो पाएगा कांग्रेस सचिन पायलट के नेतृत्व में लोकसभा लड़ने जा रही है छत्तीसगढ़ राजस्थान में कोऑर्डिनेशन किस तरह से कर पाएंगे यह उनके लिए चुनौती है लेकिन कि कांग्रेस के डॉ शिवकुमार डहरिया और डॉक्टर चरण दास महंत अमरजीत भगत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सिंह देव के नाम दीपक बच के साथ आवश्यक चर्चा में रहेंगे
उधर रायपुर लोकसभा से श्री चंद्र सुंदरानी उम्मीद में है रायपुर दुर्ग बिलासपुर सभी 11 लोकसभा सीट पर प्रमुखता की प्रतिद्वंद्वी पार्टी भाजपा और कांग्रेस के पास चिंतन के लिए समय नहीं है फरवरी की शुरुआत हो गई है अप्रैल में जमीन पर उतरकर चुनाव की चुनौती को स्वीकार करना होगा लेकिन दोनों ही के पास एक सवाल आवश्यक मौजूद है क्या सामंजस्य है या सूचना होगा पार्टी के भीतर कई तरह की उथल-पुथल है कांग्रेस में शैलजा ने छोड़ दिए सवाल भाजपा में जगदलपुर की किरण देव को अरुण साहू की जगह नेतृत्व मिलने के बाद समीकरण बदल सकते हैं
रायपुर: महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन
रायपुर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि शहीद दिवस 30 जनवरी को प्रात: 11 बजे गांधी चबूतरे, उनके चित्र पर पुष्पांजलि एवम् दो मिनट मौन श्रद्धांजलि अर्पित कर छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद के केन्द्रीय कार्यालय शुक्ल भवन बूढापारा में मनाई गई.
ज्ञात हो कि महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कुछ दिन शुक्ल भवन में ठहरे थे. कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी अमर रहें..., जब तक सूरज चांद रहेगा, महात्मा गांधी जी का नाम रहेगा...घोष भी किया.
इस अवसर पर महामंत्री रामअवतार देवांगन, प्रवक्ता नितिन कुमार झा, अधिवक्ता मनोहर जेठानी, विकास गुप्ता, देवमणि पाण्डेय, रवि शर्मा, हमीद खान आदि उपस्थित रहे.
महात्मा गाँधी के 76वें निर्वाण दिवस पर रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर और अन्य नेता ने अर्पित की आदरांजलि
रायपुर: आज महात्मा गाँधी के 76 वें निर्वाण दिवस पर नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से आयोजित संक्षिप्त पुष्पांजलि कार्यक्रम में पहुंचकर राजधानी शहर रायपुर के प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम के महापौर श्री एजाज ढेबर ने समस्त राजधानीवासियों की ओर से महात्मा गाँधी को उनके 76 वें निर्वाण दिवस पर ऐतिहासिक टाउन हाल प्रांगण में उनके मूर्ति स्थल पर सादर नमन करते हुए आदरांजलि अर्पित की.
इस अवसर पर रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री आकाश तिवारी ने महात्मा गाँधी को निर्वाण दिवस पर उनके मूर्ति स्थल पर सादर पुष्पांजलि दी.
"मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन, शहीद दिवस पर अमर सेनानियों को दी श्रद्धांजलि"
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ राज्य अतिथि गृह पहुना में राष्ट्रपिता स्वर्गीय महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । इस अवसर पर तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी सहित देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता।
भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी के अतुल्य योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने पूरी दुनिया को दिखाया कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर डटे रहकर किस तरह बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी विश्व के लिए न सिर्फ उपयोगी हैं, बल्कि उनके विचारों और दर्शन में अनेक समस्याओं का समाधान भी छिपा है।
उन्हीं की प्रेरणा से नए और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। हम सभी गांधी जी के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का प्रण लें और राष्ट्र के विकास में योगदान दें। यही गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
"वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने शासकीय निवास कार्यालय में आम जनों से मुलाकात की, समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश"
रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज अपने शंकर नगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में आम जनों से मुलाकात की और लोगों की समस्याएं सुनी।
वित्त मंत्री से मिलने के लिए राज्य भर के विभिन्न संगठनों के अलावा ग्रामीण, छात्र तथा आमजन पहुंचे थे। वित्त मंत्री ने सभी को समय देते हुए उनकी बातों को ध्यान पूर्वक सुना और उनके आवेदनों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कहते हुए आवश्यक आवेदनों के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए।
श्री ओपी चौधरी ने आम लोगों की समस्याओं को सुनते हुए कहा कि वो आम लोगों की सेवा करने के लिए सदैव उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार आम लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उनकी सेवा में हमेशा उपस्थित है।
"छत्तीसगढ़: आज की मुख्य खबरें - सीएम साय कई कार्यक्रमों में शामिल, बीजेपी का 'गांव चलो अभियान' और लोकसभा चुनाव की तैयारियों में कांग्रेस की बैठक"
रायपुर: छत्तीसगढ़ की आज की प्रमुख खबरें जो आपको जाननी जरूरी है. सीएम साय आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस दौरान सीएम साय मंत्रालय में अधिकारियों कर्मचारियों की बैठक लेंगे. साथ ही रायपुर केंद्रीय चुनावी कार्यालय का शुभारंभ करेंगे. वहीं 1 फरवरी यानी आज से बीजेपी का गांव चलो अभियान भी शुरू होगा. वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सुकमा और दंतेवाड़ा में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. इसके अलावा प्रदेश में कोरोना के नए मरीज मिलने से लोगों की टेंशन बढ़ने वाली है. साथ ही प्रदेश में आज कई गतिविधियां रहने वाली हैं. जिन्हें आपको जानना चाहिए.
11 लोकसभा क्षेत्र में खुलेंगे चुनावी कार्यालय
मुख्यमंत्री साय आज रायपुर केंद्रीय चुनावी कार्यालय का शुभारंभ करेंगे. 30 और 31 जनवरी तक सभी 11 लोकसभा क्षेत्र में चुनावी कार्यालय खुलेंगे. कार्यालयों में लोकसभा चुनाव का संचालन होगा.
बीजेपी का गांव चलो अभियान
आज यानी 1 फरवरी को बीजेपी का चलेगा गांव चलो अभियान शुरू होगा. इस अभियान में मंडल स्तर तक लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी कार्यशाला का आयोजन करेगी.
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब एक्टिव मोड पर नजर आ रही है. पीसीसी चीफ दीपक बैज दोपहर 12 बजे सुकमा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा करेंगे. वहीं दोपहर 3 बजे दंतेवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक होगी. बैठक से पहले दीपक बैज 11 बजे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज किरण सिंह देव के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात करेंगे.
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर व्याख्यान
हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में विधि और नैतिकता गांधीवादी परिप्रेक्ष्य विषय पर व्याख्यान होगा. भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और HNLU में प्रतिष्ठित न्यायविद प्रोफेसर न्यायमूर्ति यूयू ललित व्याख्यान देंगे. कार्यक्रम का आयोजन शाम 4.30 बजे विश्वविद्यालय सभागार में होगा.
कोरोना के मिले 8 नए मरीज
प्रदेश में 2 हजार 958 सैंपलों की जांच में कोरोना के 8 नए मरीज मिले हैं. जिससे सक्रिय मरीजो की संख्या बढ़कर 33 हो गई है. पॉजिटिविटी दर 0.27 प्रतिशत पर पहुंच गई है.
"स्वदेशी मेला आत्मनिर्भर भारत को साकार करने जैसा: खेल मंत्री श्री वर्मा"
रायपुर: राजस्व एवं खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने स्वदेशी मेला के आयोजन की तारीफ करते हुए कहा कि यह मेला प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को साकार करने जैसा है। उन्होंने स्वदेशी मेले में राज्य सरकार की विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों तथा स्वदेशी उत्पाद के की बिक्री के लिए स्टालों का अवलोकन किया।
गौरतलब है कि स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा राजधानी रायपुर के विज्ञान महाविद्यालय मैदान में 25 जनवरी से 31 जनवरी तक स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों का विक्रय भी किया जा रहा है। मेला स्थल में प्रतिदिन विभिन्न संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं। हजारों की संख्या में लोग परिवार के साथ प्रतिदिन यहां पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों की खरीदी के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं।
"कृषि एवं किसानों के विकास के लिए उपयुक्त है समन्वित कृषि प्रणाली: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय वार्षिक समूह बैठक"
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज समन्वित कृषि प्रणाली पर अखिल भारतीय समन्वित कृषि अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का शुभारंभ किया गया। 31 जनवरी तक चलने वाली इस समूह बैठक में इस परियोजना के अंतर्गत संचालित देश के 74 अनुसंधान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए हैं। वार्षिक समूह बैठक के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. एस.के. चौधरी थे तथा समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का आयोजन भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मोदीपुरम, मेरठ) तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस बैठक में समन्वित कृषि प्रणाली परियोजना के अंतर्गत देश भर के विभिन्न केन्द्रों में संचालित अनुसंधान गतिविधियों, समन्वित कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉडलों, चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विचार-मंथन किया जाएगा तथा भविष्य हेतु रणनीति तैयार की जाएगी।
वार्षिक समूह बैठक का शुभारंभ करते हुए उप महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. एस.के. चौधरी ने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली आज के दौर में पूरे विश्व की आवश्यकता है और दुनिया के विभिन्न देशों में इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है। उन्हांने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से कृषि के उपलब्ध संसाधनों का समुचित तथा प्रभावी उपयोग हो पाता है, उत्पादकता बढ़ती है तथा खेती की लागत कम होती है। समन्वित कृषि प्रणाली फसल उत्पादन के साथ-साथ उद्यानिकी, वानिकी, पशुपालन, मछली पालन तथा कृषि से संबंधित सभी पहलुओं का समन्वित उपयोग कर अधिक उत्पादन एवं आय प्राप्त करने का उपयुक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि समन्वित समन्वित कृषि प्रणाली के द्वारा ही कृषि के क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों जैसे खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी असंतुलन आदि का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष पूर्व शुरू की गई यह परियोजना उस समय भी प्रासंगिक थी और आज और भी ज्यादा प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संचालित देश के विभिन्न केन्द्रों में समन्वित कृषि प्रणाली के विविध मॉडलों पर अनुसंधान किया जा रहा है तथा जलवायु सहनशील मॉडलों का विकास किया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि एवं कृषकों के विकास के समन्वित कृषि प्रणाली एक बेहतरीन मॉडल है। इस प्रणाली के तहत किसान के पास उपलब्ध समस्त संसाधनों - मानव संसाधन, पशु संसाधन, यंत्र एवं उपकरण, बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई जल आदि का समुचित उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को और अधिक सफल बनाने के लिए इसमें कृषि के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स आदि का भी उपयोग किया जाना चाहिए। डॉ. चंदेल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों एवं उनके उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा समन्वित कृषि प्रणाली के क्षेत्र में किये जा रहे अनुसंधान कार्यां के बारे में भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में डॉ. एन. रविशंकर, परियोजना समन्वयक, अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परियोजना (समन्वित कृषि प्रणाली), डॉ. सुनील कुमार, निदेशक, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, डॉ. पी.के. घोष, निदेशक, राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर तथा डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के दौरान समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो किसानों श्री नरसिंह राठौर, पिपरहटा, आरंग तथा श्री निरंजन जांगडे, परसदा, आरंग को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समन्वित कृषि प्रणाली अनुसंधान परियोजना के तहत उल्लेखनीय कार्य करने वाले कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान समन्वित कृषि प्रणाली विषय पर प्रकाशित विभिन्न प्रकाशनों, वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख सस्य वैज्ञानिक एवं कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. आदिकांत प्रधान ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।
"पर्यावरण संरक्षण के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने सभी कोचों में बायो-टायलेट लगाये गए"
रायपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी लगभग 900 पारंपरिक शौचालययुक्त यात्री कोचों में बायोटायलेट लगाए गए है । स्टेशन परिसर, प्लेटफार्म, गाडी तथा रेलवे ट्रैक को गंदगी से मुक्त रखने व वातावरण को साफ-सुथरा रखने एवं हरित विकास को बढ़ावा देने हेतु रेलवे द्वारा यह पहल की गई है । भारतीय रेलवे एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बॉयो-टायलेट पर्यावरण के अनुकुल है इसमें मानव अवशिष्ट 6 से 8 घंटे में हानिरहित पानी और गैस में तब्दील होकर वातावरण में मिल जाता है । इसमें सीधे टैंक से किसी भी प्रकार के अवशिष्ट का डिस्चार्ज नही होता है, जिससे स्टेशन एवं पटरी के आस पास स्वच्छता बनाये रखने में आसानी होती है । बायोटॉयलेट लगाने के बाद ट्रैक पर होने वाली गंदगी में तकरीबन 80 से 90 फीसदी की कमी आई है ।
बायो टॉयलेट रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है । बायो टॉयलेट्स में शौचालय के नीचे बायो डाइजेस्टर कंटेनर में एनेरोबिक बैक्टीरिया होते हैं जो मानव मल को पानी और गैसों में बदल देते हैं ।
बायो टॉयलेट्स के फायदे
1. रेल पटरियों पर गंदगी और पटरियों की धातु को नुकसान से बचत ।
2. वैक्यूम आधारित बॉयो टॉयलेट में फ्लश से पानी की बचत ।
3. स्टेशनों पर बदबूरहित स्वच्छ वातवरण सहित कई बीमारियों की रोकथाम की दिशा में अच्छी पहल।
4. स्टेशनों पर मच्छर, कॉकरोच और चूहों की संख्या में कमी ।
5. पटरियों की साफ-सफाई में आसानी ।
यात्रियों से अपील
बायो-टैंक के सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि इस प्रकार के टायलेट में चाय के कप, पानी के बोतल, गुटका पाउच, पॉलीथीन, डायपर इत्यादि इनमें ना डाले । इनके डाले जाने से बॉयों-टायलेट जाम होकर यह सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पाता है जिससे ओवर फ्लो होकर गंदगी बाहर आ जाती है, एवं यात्रियो को परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है ।
"बरौनी-गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस को यूसुफपुर रेलवे स्टेशन में प्रायोगिक ठहराव की सुविधा"
रायपुर: रेलवे प्रशासन द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मण्डल से चलाने वाली गाड़ी संख्या 15231/15232 बरौनी-गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस का यूसुफपुर रेलवे स्टेशन में प्रायोगिक ठहराव की सुविधा दिनांक 30 जनवरी, 2024 से प्रदान की जा रही है । यह ठहराव प्रायोगिक तौर पर छ: माह के लिए दिया जा रहा है ।
दिनांक 31जनवरी, 2024 से बरौनी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस का यूसुफपुर रेलवे स्टेशन में 17.02 बजे पहुचकर 17.04 बजे रवाना होगी । इसी प्रकार विपरीत दिशा में दिनांक 30 जनवरी, 2024 से गोंदिया से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस का यूसुफपुर रेलवे स्टेशन में 22.54 बजे पहुचकर 22.56 बजे रवाना होगी ।
"पटना और सिकंदराबाद के बीच स्थित स्पेशल ट्रेन का परिचालन 29 अप्रैल, 2024 तक विस्तारित"
बिलासपुर: रेल यात्रियो की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन के द्वारा एक स्पेशल ट्रेन 03253/ 03256 पटना-सिकंदराबाद-पटना के मध्य चल रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन दिनांक 29 अप्रैल, 2024 तक विस्तार किया गया है ।
यह गाड़ी पटना से प्रत्येक सोमवार एवं बुधवार को ट्रेन नंबर 03253 पटना-सिकंदराबाद समर स्पेशल ट्रेन दिनांक 31 जनवरी, 2024 तक चल रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन में दिनांक 29 अप्रैल, 2024 तक विस्तार किया गया तथा सिकंदराबाद से प्रत्येक शुक्रवार को ट्रेन नंबर 07256 सिकंदराबाद-पटना समर स्पेशल ट्रेन नम्बर के साथ दिनांक 02 फरवरी, 2024 तक चल रही स्पेशल ट्रेन के परिचालन में दिनांक 26 अप्रैल, 2024 तक विस्तार किया गया है ।
इस स्पेशल ट्रेन में 2 एसएलआर, 03 सामान्य, 12 स्लीपर, 04 एसी थ्री, 02 एसी-टू श्रेणी सहित कुल 23 कोच रहेगी । यह गाड़ी पूरी तरह आरक्षित है एवं केवल कंफर्म टिकट यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति रहेगी ।
"धान खरीदी की तिथि को एक महीना बढ़ाने की मांग: प्रदेश कांग्रेस कमेटी"
रायपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि धान खरीदी की तिथि एक महिना और बढ़ाया जाना चाहिये। अभी तक प्रदेश के 5 लाख से अधिक किसान ने अपना धान नहीं बेचा है, तो ऐसे में धान खरीदी की समय सीमा बढ़ानी चाहिये। सरकार गलत बोलती है कि लक्ष्य प्राप्त हो गया यह लक्ष्य तो भूपेश बघेल की सरकार ने निर्धारित किया था 130 से 140 लाख मीट्रिक टन का था, तब 20 क्विंटल प्रतिएकड़ की खरीदी के हिसाब से लक्ष्य था जब घोषित कर दिया प्रतिएकड़ 21 क्विंटल लिया जायेगा तो यह लक्ष्य बढ़कर 150 लाख मीट्रिक टन हो जायेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने कम से कम एक महिने धान खरीदी और बढ़ानी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि साय सरकार के दुर्भावना और किसान विरोधी षड़यंत्रों के चलते प्रदेश के किसान परेशान है। मौसम की खराबी का बहाना बनाकर अनेकों संग्रहण केंद्रों में तौलाई रोक दी गयी। टोकन जारी करने में लेटलतीफी सर्वविदित है। तौलाई की धीमी रफ्तार बारदानों की कमी के चलते किसान अपना धान नहीं बेच पाये है। व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाय भाजपा सरकार के इशारे पर रकबा समर्पण करा के अनेकों संग्रहण केंद्रों में धान की खरीदी बंद करा दी गयी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अपनी आदत के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से किसानों को धोखा दिया है। इसके पहले भी 2008, 2013 में इनकी सरकार बनी थी तब भी इन्होंने किसानों से धोखा किया था। इस बार भी किसानों से वादा किया 3100 रू. प्रतिक्विंटल का एकमुश्त भुगतान करेंगे। धान खरीदी समाप्त होने वाली है अभी तक 3100 रू. प्रतिक्विंटल के बारे में 6 बार मंत्रिमंडल की बैठक होने के बाद कोई निर्णय नहीं लिया गया। प्रत्येक गांव में 3100 रू. प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त भुगतान करने भुगतान केंद्र खोलने की मोदी की गारंटी कब पूरी होगी? या यह भी जुमला था? विधानसभा का सत्र आहूत किया गया लेकिन धान खरीदी के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसका सीधा-सीधा मतलब ये है कि भाजपा किसानों को 3100 रू. प्रतिक्विंटल देने के मूड में नहीं है।
"जड़ी-बूटियों के नादर वैद्य श्री हेमचंद मांझी को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया"
आयुर्वेद में एक कहानी बताई जाती है। तक्षशिला विश्वविद्यालय में जब चरक और साथियों की गुरुकुल में शिक्षा पूरी हुई तो उनके गुरु ने अंतिम परीक्षा के लिए उन सभी को बुलाया। उनसे कहा कि ऐसे पौधे लाकर दें जिसमें औषधीय गुण हों और जिसके बारे में अब तक बताया न गया हो। सभी विद्यार्थी कुछ पौधे लेकर आये, केवल चरक कुछ नहीं लाये। जब चरक से गुरू ने पूछा कि पौधे क्यों नहीं लाए। चरक ने कहा कि मुझे सभी पौधों में कुछ न कुछ औषधीय गुण मिले, चूंकि सभी को लाना संभव नहीं था, इसलिए मैं खाली हाथ आया। गुरु जी ने कहा कि परीक्षा में केवल चरक उत्तीर्ण हुए। संसार में हर पौधे में कुछ न कुछ औषधीय गुण मौजूद हैं। यह कहानी बताती है कि जड़ी-बूटी के क्षेत्र में अनुसंधान की बड़ी गुंजाइश होती है।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रहने वाले वैद्य श्री हेमचंद मांझी ने अपना पूरा जीवन इन्हीं जड़ी-बूटियों की खोज की और लगभग पांच दशकों से हजारों लोगों को ठीक किया है। आम जनता की इस अहर्निश सेवा के चलते केंद्र सरकार ने इन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में श्री मांझी का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। आपने परंपरागत जड़ी-बूटियों के माध्यम से अनेक बीमारियों में लोगों का उपचार किया है। अमेरिका जैसे देशों से भी पेशेंट आपके पास आये हैं। यह ऐसी विद्या है जिसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है।
उल्लेखनीय है कि श्री मांझी ने छोटे डोंगर में ऐसे समय में लोगों का जड़ी बूटियों से इलाज करने का निर्णय लिया जब यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल नहीं थी। परिवार में किसी के वैद्य के पेशे में नहीं होने के बावजूद उन्होंने सेवाभाव के चलते यह निर्णय लिया। उनके अनुभव के चलते उनका ज्ञान बढ़ता गया और नारायणपुर के अलावा दूसरे जिलों के मरीज भी उनके पास आने लगे। वैद्य मांझी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम तो सेवा का कार्य कर रहे थे। लोगों का उपचार कर रहे थे और खुश थे। जब पता चला कि मोदी जी ने पद्मश्री के लिए चुनने का निर्णय लिया है तो पहले तो आश्चर्य हुआ। हमें लगा कि दिल्ली में भी बैठकर मोदी जी की सरकार पूरे देश में हो रहे अच्छे कामों पर नजर बनाये हुए हैं और सेवा का काम करने वालों को सम्मानित करते जा रही है।
मांझी ने बताया कि बस्तर की वनौषधियों में जादू है। हम जंगल से अलग-अलग तरह की जड़ी-बूटी इकट्ठी करते हैं। इन्हें उचित अनुपात में मिलाते हैं और अलग-अलग तरह की बीमारियों का इस तरह से उपचार करते हैं। नाड़ी देखकर मर्ज का पता लगाते हैं और इसके मुताबिक इलाज करते हैं। कई बार जब एलोपैथी से लोग कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के संबंध में हतोत्साहित हो जाते हैं तब वे यहां आते हैं और ईश्वर की अनुकंपा से हमारी औषधियों के कमाल से वो ठीक हो जाते हैं।
मांझी के पास हर दिन अमूमन सौ से अधिक मरीज पहुँचते हैं। कल भी असम और आंध्रप्रदेश से कुछ मरीज पहुंचे थे। श्री मांझी यह सब मामूली शुल्क में करते हैं। जो खर्च वे लेते हैं वो दवाइयों के बनाने में लगता है। उन्होंने बताया कि वनौषधियों में उपयुक्त मात्रा में शहद, लौंग एवं अन्य मसाले डालने होते हैं। उनका खर्च हम मरीजों से लेते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक साँसों में साँस हैं तब तक यह सेवा का काम करता रहूँगा।
मुख्यमंत्री ने मांझी से कहा कि आप सेवा का काम कर रहे हैं। ये बहुत पुण्य का काम है। आपकी विद्या से बहुत सारे लोग ठीक हो रहे हैं। आपको पद्मश्री मिलने से आपकी ख्याति और भी फैलेगी। आप आने वाली पीढ़ी को इसकी शिक्षा दें। यह बहुत मूल्यवान विद्या है इसे आपकी पीढ़ी में ही समाप्त नहीं होना चाहिए। श्री मांझी ने कहा कि आपसे मिले सम्मान से मेरा उत्साह और बढ़ गया है। अभी नई पीढ़ी को नाड़ी से मर्ज जानना सिखा रहा हूँ अब जड़ी-बूटी के गुणों के बारे में भी बताऊंगा।
बिरहोर समुदाय के सेवाभावी कार्यकर्ता जागेश्वर यादव को पद्मश्री से सम्मानित किया गया
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर कुछ सालों पहले तक इतने संकोची थे कि जूते-चप्पल पहने हुए किसी को आता देखकर भाग जाते थे। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने जागेश्वर यादव ने जीवन भर जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प किया ताकि वे मिलने से सकुचाये नहीं। धीरे-धीरे वे बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हुए और अभी बिरहोरों की पहली पीढ़ी शिक्षित हो गई है। वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आगे बढ़ रहे हैं। जब जागेश्वर यादव 21 वर्ष के थे तब उन्होंने बिरहोर जनजाति के लोगों की दुर्दशा देखी और उनकी सेवा का संकल्प लिया। आज चार दशक हो गये हैं और उनका सेवा कार्य अनवरत जारी है।
राज्य अतिथि गृह पहुना में मुख्यमंत्री साय ने जागेश्वर यादव को छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने के लिए किया सम्मानित
संकल्पित भाव से बिरहोर जनजाति की सेवा करने वाले और पिछड़े वर्ग से आने वाले इस जननायक और सेवाभावी कार्यकर्ता का सम्मान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। यादव ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे रास्ते में आपका भरपूर सहयोग मिला जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। आपने बिरहोर भाइयों के साथ बैठकर पतरी में चावल खाया। उनकी शिक्षा के लिए जो भी योजनाएं हम आपके पास लेकर गये। आपने कहा कि ये अच्छा काम है इसे आगे बढ़ाइये, मैं इसमें आपकी मदद करूंगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली ही कैबिनेट में आवासीहीनों को आवास उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है। उससे सभी बिरहोरों को पक्का मकान मिल पाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर यादव को पद्मश्री के लिए सम्मानित किये जाने का केंद्र सरकार का निर्णय सेवा भाव से संकल्पित एक कार्यकर्ता का सम्मान है। जब प्रदेश में कोरोना फैला और मोदी ने वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई तब बिरहोर लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर आशंकाएं थीं और प्रशासन के अनेक बार आग्रह करने पर भी उन्होंने इसके लिए मना कर दिया। फिर जागेश्वर यादव को इसके लिए बिरहोरों को तैयार करने भेजा गया। बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं। जब श्री जागेश्वर यादव ने आग्रह किया तो सब तैयार हो गये, ये उनकी बिरहोरों की बीच गहरी पैठ का प्रमाण है। पाली विकासखंड में उन्होंने 3 कार्यक्रम बिरहोरों के लिए कराए और हर बार मैं इन कार्यक्रमों में शामिल हुआ। इनके सम्मान की जब जानकारी मुझे मिली तो मुझे बहुत खुशी हुई।
उल्लेखनीय है कि जागेश्वर यादव के प्रयासों से न केवल बिरहोर लोग शिक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने खेती भी करना आरंभ कर दिया है। जो बिरहोर भिक्षावृत्ति से जुड़े थे वे आज धान बेच रहे हैं। धरमजयगढ़ के ग्राम खलबोरा के केंदा राम अब धान बेच रहे हैं। बिरहोरों के लिए श्री जागेश्वर यादव ने धरमजयगढ़ में आश्रम भी आरंभ किया है। उनको पद्मश्री मिलने पर बिरहोरों में भी काफी खुशी का माहौल है।
थल सेना और वायु सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीयन की तारीखें घोषित
महासमुंद : कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने अग्निवीर भर्ती अभियान के लिए स्कूल और महाविद्यालयों में 17 1/2 से 21 वर्ष आयु वर्ग के अध्ययनरत स्कूली, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए निर्धारित तिथि तक ऑनलाईन पंजीयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज वन विद्यालय के प्रशिक्षण केन्द्र में जिले के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह जिले के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। प्रत्येक संस्थान कम से कम 50 विद्यार्थियों का पंजीयन अनिवार्य रूप से करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाए। उन्होंने जिला रोजगार अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि हायर सेकेण्डरी एवं महाविद्यालयों में जो बच्चे अध्ययनरत है अथवा उस आयु वर्ग में शामिल है, ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर शारीरिक दक्षता एवं मानसिक दक्षता के लिए विशेष कैम्प लगाकर प्रशिक्षण देवें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोक सेवा केन्द्रों एवं च्वॉईस सेंटर में अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की फीस प्रति आवेदन 30 रुपए से अधिक न हो इसका ध्यान रखा जाए। बैठक में थल सेना के सहायक भर्ती अधिकारी श्री सतीश सिंह, जिला रोजगार अधिकारी ए.ओ. लॉरी, रेखराज शर्मा मौजूद थे।
भारतीय थलसेना द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं को भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। उप संचालक रोजगार श्री लॉरी ने बताया कि भारतीय थलसेना में ऑनलाईन पंजीयन एवं आवेदन 8 फरवरी से 21 मार्च 2024 तक किया जा सकता है। पंजीयन के लिए 31 अक्टूबर 2024 की स्थिति में 17 1/2 से 21 वर्ष के मध्य होना चाहिए। भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी जिसमें कम्प्यूटर आधारित लिखित परीक्षा एवं शारीरिक परीक्षा एवं चिकित्सा परीक्षा शामिल है। इसी तरह वायु सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए 2 जनवरी 2004 से 2 जुलाई 2007 के बीच जन्म लेने वाले उम्मीदवार भारतीय वायु सेना की वेबसाईट में 6 फरवरी 2024 तक ऑनलाईन पंजीयन एवं आवेदन कर सकते हैं। चयन की स्थिति में उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। इसके लिए भर्ती की प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी।
पहले चरण में ऑनलाईन कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा ली जाएगी। ऑनलाईन परीक्षा का आयोजन 17 मार्च 2024 से शुरू होगा। इसके अंतर्गत विज्ञान विषय भौतिकी, गणित एवं अंग्रेजी विषयों में 10+2 सीबीएसई सिलेबस पर आधारित 60 मिनट की ऑनलाईन परीक्षा होगी। विज्ञान विषय के अलावा अंग्रेजी तथा तार्किक योग्यता एवं सामान्य ज्ञान विषय के 10+2 सीबीएसई के अनुसार 45 मिनट की ऑनलाईन परीक्षा होगी। दूसरे चरण में सभी के लिए निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप शारीरिक दक्षता परीक्षण ली जाएगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले आवेदकों को आवश्यक टेस्ट उत्तीर्ण करना होगा। जिसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा की आवेदक भारतीय वायु बल एवं सैनिक जीवन में अपने आप को व्यवस्थित कर सकता है या नहीं। तीसरे चरण में चिकित्सा परीक्षण के तहत एजिबिलिटि टेस्ट 2 उत्तीर्ण करने वाले आवेदकों को चिकित्सा परीक्षा उत्तीर्ण करना होगा। जिसके दौरान विभिन्न प्रकार के शारीरिक एवं बॉयोकेमिकल जांच की जाएगी।
अग्निवीर वायु सैनिक पदों पर भर्ती के संबंध में नियम एवं अन्य विस्तृत जानकारी वायु सेना के वेबसाईट agnipathvayu.cdac.in एवं थल सेना भर्ती के लिए वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in तथा दूरभाष क्रमांक 0771-2965212, 2965213 तथा जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद व कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07723-223625 से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।
गुलाम भारत में अंग्रेज और राजा जो बोलते थे वही सत्य था - कुलाधिपति श्री आई. पी. मिश्रा
भिलाई: श्री शंकराचार्य प्रोफेसनल यूनिवर्सिटी, भिलाई में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर झंडारोहण किया गया तथा विद्यार्थियों को पुरस्कार भी वितरण किये गये. कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एंव वक्ता विश्वविद्यालय के कुलाधिपतिश्री आई पी.मिश्रा के द्वारा झंडारोहण के पश्चात् किया गया |
इस अवसर पर श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी,भिलाई के कुलपति प्रो. (डॉ.)ए.के.झा कुलसचिव श्री पी.के.मिश्रा तथा एसएसटीसी निदेशक डॉ. पी.बी.देशमुख की गरिमामयी उपस्थिति रही. सारा राष्ट्र आज गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा हुआ है भारतीय संविधान ने न हमें सिर्फ जीने का अधिकार दिया है बल्कि हर तरह की स्वतंत्रता का भी अधिकार दिया है.
आज हम खुली हवा में अमन से सांस ले रहे है तो इसके पीछे अनगिनत क्रांतिकारियों का बलिदान है. उक्त उद्बोधन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आई पी.मिश्रा जीके द्वारा दिया गया.
उन्होंने समस्त विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें कुछ भी बोलने ,खाने,पहननेका जो अधिकार है उसके लिए हमने लंबा संघर्ष किया है. आज़ादी के पहले अंग्रेज जो बोलते थे वही सत्य था और वही कानून भी. देश के राजा बस कठपुतली मात्र थे .विश्वविद्यालय और शिक्षा पर अपने विचार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश दिन-प्रतिदिन विकास कर रहा है. तकनीकी ने हमारी सोच और विकास कीदशा को बदल दिया है ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी और बढ़ चुकी है.
परन्तु तकनीकी कितना भी विकसित क्यों न हो जाये युवाओं को अपने गुरुओं का आदर नहीं भूलना चाहिए उन्होंने आगे कहा कि गूगल आपकी हर समस्या का हल नहीं हो सकता. शिक्षक और विद्यालय का महत्त्व न कभी कम हुआ है न होगा. संस्था के विषय पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि आज हमारा शंकराचार्य छत्तीसगढ़ में एक गौरवशाली प्रतिक बन चूका है.
आज पांच हजार से ज्यादा हमारी संस्था से जुड़े है. कार्यक्रम के पश्चात् हर वर्ष की भांति कुलाधिपति महोदय के कर कमलों से गत वर्ष के सफल विद्यार्थियों में साक्षी जगदाले, मुहम्मद मसूद अली. कशिश गुप्ता, मुस्कान बागडे, सौम्या सिंह, ईशा अग्रवाल, अंजली गहेरवाल, आर. श्रीधर, आंकना सेन, हर्षा कुकरेजा, हिमांशु देवांगन , पल्लवी वर्मा , सौम्या अग्रवाल को मेडल, प्रमाणपत्र एंव नगद राशि प्रदान किया गया तथा संस्था के शोध के क्षेत्र में सर्वोच्च प्रदर्शन करने हेतु शिक्षकों को भी प्रमाण पत्र तथा नगद पुरस्कार राशि दी गयी. इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सभी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रहीं.
दिल्ली: आम आदमी पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में हसदेव के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा, प्रियंका शुक्ला ने जमकर निशाना साधा
दिल्ली/ छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ में हसदेव क्षेत्र में काटे जा रहे जंगलों को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। इस प्रेस कांफ्रेंस में आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता व प्रदेश सचिव प्रियंका शुक्ला ने प्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला।
प्रियंका शुक्ला ने बोला कि हसदेव के जंगलों की कटाई और आदिवासी किसानो पर बर्बरता के लिए राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकार दोषी है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ की सत्ता में नई सरकार के काबिज होते ही हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के युवा साथी रामलाल करियाम (ग्राम हरिहरपुर), जयनंदन पोर्ते (सरपंच ग्राम घाटबर्रा) और ठाकुर राम सहित अन्य आंदोलनकारी साथियों को पुलिस घर से उठाकर ले गई है और गांव में भारी पुलिस फोर्स को तैनात करके परसा ईस्ट केते बासेन कोयला खदान के लिए पेड़ों की कटाई शुरू कर दी । भाजपा सरकार की इस दमनात्मक कार्रवाई का हम विरोध करते हैं और आदिवासी साथियों पर की गई बर्बरता की कड़ी निन्दा करते हुए हसदेव के जंगल विनाश पर रोक लगाने की मांग करते है।
प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहें है। जब पत्रकारों ने उनसे हसदेव कटाई पर सवाल पूछा तो उन्होंने आसानी से कह दिया कांग्रेस के सरकार के समय आदेश दिया गया था। जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने आदेश दिया था जिसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर हसदेव कटाई पर रोक लगा दिया और केंद्र सरकार को अनुरोध भी किया था कि इसपर रोक लगाया जाये। अफसोस आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और हसदेव का जंगल फिर से उजड़ रहा है। छत्तीसगढ़ महतारी पर प्रहार हो रहे हैं।
प्रियंका शुक्ला ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, चुनाव से पहले मोदी जी कहते थे जब तक आपका चौकीदार है, आपके जल जंगल और जमीन कोई हाथ नहीं लगा सकता, सत्ता में आने के बाद सैकड़ों मशीनें लगा कर पेड़ कटाई चल रही है। हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ का समृद्ध वन क्षेत्र है, जहां हसदेव नदी और उस पर मिनीमता बांगो बांध का कैचमेंट है, जिससे 4 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। केंद्र सरकार के ही एक संस्थान "भारतीय वन्य जीव संस्थान" ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हसदेव अरण्य में कोयला खनन से हसदेव नदी और उस पर बने मिनीमाता बांगो बांध के अस्तित्व पर संकट होगा। प्रदेश में मानव-हाथी संघर्ष इतना बढ़ जाएगा, जिसे संभालना नामुमकिन जैसा होगा।
प्रियंका शुक्ला ने कहा, जिस जंगल के नाम पर मोदी जी ने आदिवासी समाज का वोट लिया आज उसे बीजेपी खत्म कर रही है। इतना ही नहीं प्रियंका ने आगे कहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 26 जुलाई 2022 को सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया था कि हसदेव अरण्य को खनन मुक्त रखा जाए। पूरा क्षेत्र पांचवी अनुसूची में आता है और किसी भी ग्रामसभा ने खनन की अनुमति नहीं दी है। परसा ईस्ट केते बासेन कोयला खदान के दूसरे चरण के लिए खनन वनाधिकार कानून, पेसा अधिनियम और भू-अर्जन कानून – तीनों का उल्लंघन है। जिन जंगलों का विनाश किया जा रहा है, उसके प्रभावित गांव घाटबर्रा गांव को मिले सामुदायिक वन अधिकार पत्र को गैरकानूनी रूप से तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा ही निरस्त किया गया था, जिसका मामला पुनः बिलासपुर उच्च न्यायालय में लंबित है साथ हाल में ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( NGT) ने भी अखबार की खबर के आधार पर मध्य भारत के इस हसदेव के जंगल के मामले को भी संज्ञान लिया है।
प्रियंका ने केंद्र की मोदी और प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 12 वर्षों से लड़ रहे स्थानीय आंदोलनकारियों के साथ हो रही बर्बरता और ग्रामीण किसानो पर अत्त्याचार बीजेपी को लोकसभा चुनाव में भारी पड़ेगी। नव निर्वाचित भाजपा सरकार को जिस विश्वास के साथ इस प्रदेश और खासकर सरगुजा के आदिवासियों ने सत्ता सौंपी है, उनके साथ यह कृत्य विश्वासघात है। यदि हसदेव के जंगलों की कटाई नहीं रोकी गई, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जायेगा।