छत्तीसगढ़ /

डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचाने गरियाबंद पुलिस का गांव-गांव जागरूकता अभियान

छत्तीसगढ़ संवाददाता गरियाबंद, 31 अगस्त। वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गरियाबंद पुलिस द्वारा 30 अगस्त से 5 सितंबर तक विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग या फर्जी पार्सल के मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग करते हैं। वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती पुलिस जागरूकता अभियान के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से समझाया जा रहा है कि पुलिस अथवा कोई भी जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धमकी देता है तो तुरंत कॉल काट दें और किसी भी परिस्थिति में पैसे ट्रांसफर न करें। गोपनीय जानकारी न साझा करें ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड विवरण, पिन , सीवीवी और यूपीआई पिन किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या किसी के कहने पर मोबाइल में अनजान ऐप डाउनलोड न करने की अपील की गई है। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने और वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। गरियाबंद पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहने और अन्य लोगों को सतर्क करने की अपील की है।

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