छत्तीसगढ़ /

अंतिम यात्रा की राह आसान नहीं, हाईकोर्ट के आदेश के एक साल बाद नहीं बदली सूरत

छत्तीसगढ़ संवाददाता बेमेतरा, 31 अगस्त। नगर पंचायत नवागढ़ में बस स्टैंड से रेस्ट हाउस मार्ग स्थित मुख्य मुक्तिधाम में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। परिसर में वर्षा के मौसम में जलभराव, गंदगी और खरपतवार के कारण लोगों को आवागमन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नवागढ़ क्षेत्र में छह से अधिक मुक्तिधाम स्थित हैं, लेकिन रखरखाव की कमी बनी हुई है। हाईकोर्ट के निर्देश और दिशा-निर्देश उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2025 को बिलासपुर (बिल्हा) स्थित एक मुक्तिधाम की अव्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की पीठ ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की थी कि सम्मानजनक अंतिम संस्कार प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है। इसके पश्चात 6 अक्टूबर 2025 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत राज्य के सभी मुक्तिधामों में निम्नलिखित कार्य अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे-नियमित सफाई और ग्रीन फेंसिंग। बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) का निर्माण। वाशरुम, बिजली एवं पेयजल की व्यवस्था। सभी 33 जिलों के कलेक्टरों से तस्वीरों के साथ अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश शासन के इन निर्देशों और समय-सीमा के बीत जाने के बाद भी नवागढ़ के मुक्तिधामों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

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