स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:जैसे पेड़ छाया, फल-फूल, लकड़ी देकर लाभ पहुंचाता है, वैसे ही हमें भी निस्वार्थ भलाई करनी चाहिए
26 Nov 2025
परमार्थ ईश्वर का स्वाभाविक स्वरूप है, इसलिए मनुष्य को भी दूसरों की भलाई के काम करते रहना चाहिए। जैसे वृक्ष छाल, छाया, गोंद, हरितिमा, गंध, फल-फूल, जड़ें और लकड़ियों से किसी न किसी रूप में संसार को लाभ पहुंचाता है। वृक्ष से उत्पन्न नमी और आद्रता बादलों को आकर्षित करती है, जो वर्षा के रूप में जल प्रदान करते हैं। इस प्रकार वृक्ष निस्वार्थ भाव से सृष्टि का कल्याण करते हैं। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए प्रकृति हमें क्या संदेश देती है? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।