छत्तीसगढ़
"दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर रेल मंडल में ऑनलाइन संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया"
रायपुर: को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग के द्वारा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन हेतु परिचालन , विद्युत परिचालन, सिगनल एवं दूरसंचार, यांत्रिक तथा इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों के साथ ऑनलाइन संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई-
स्पैड से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियां एवं हवन ऑन अवस्था में अवस्था में ऑटो सिग्नल को पास करना, शंटिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां एवं एक ब्लॉक सेकसन में इंजीनियरिंग एवं ओ एच ई ब्लॉक के दौरान स्टेशन मास्टर के द्वारा ली जाने वाली सावधानियां , शीतकालीन सावधानियां एवं नॉन इंटरलॉकिंग समपार फाटक पर गेटकीपर का कर्तव्य , रोड साइड स्टेशन एवं साइडिंग में क्रु, गार्ड एवं स्टेशन कर्मचारी के द्वारा लोड क्लियर करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां , प्वाइंट्स एवं सिग्नल फेलुअर के दौरान स्टेशन एवं सिग्नल कर्मचारियों के द्वारा ली जाने वाली सावधानियां , हाल ही में हुई दुर्घटनाओं का विश्लेषण एवं ट्रेन में आग से बचाव तथा अग्निशमन यंत्र का उपयोग एवं प्रदर्शन ।
इस संरक्षा सेमिनार में डॉ. डी. एन. विश्वाल /वरि मंडल संरक्षा अधिकारी/रायपुर , श्री बी. एन. पटेल/वरि. मंडल विद्युत अभियंता परिचालन/रायपुर तथा श्री प्रवीण कुमार/ सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी/ रायपुर तथा संरक्षा सलाहकार , सुपरवाइजर, एवं फील्ड कर्मचारियों को मिलाकर कुल 62 लोगों ने संरक्षा संगोष्ठी में भाग लिया।
"हैदराबाद से रक्सौल और सिकंदराबाद के बीच चल रही साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का विस्तार"
रायपुर: रेल यात्रियों की सुविधाओं एवं मांग को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर जाने वाली 07051/07052 हैदराबाद –रक्सौल-सिकंदराबाद साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की सुविधा दिनांक 28 नवम्बर, 2023 तक चल रही है । इस गाड़ी के परिचालन में विस्तार दिनांक 30 जनवरी, 2024 तक किया गया है ।
यह गाड़ी 07051 हैदराबाद – रक्सौल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन प्रत्येक शनिवार को हैदराबाद से 02, दिसम्बर,2023 से 27 जनवरी, 2024 तक चलेगी । इसी प्रकार विपरीत दिशा में भी 07052 रक्सौल-सिकंदराबाद साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन प्रत्येक मंगलवार को रक्सौल से 05 दिसम्बर, 2023 से 30 जनवरी, 2024 तक चलेगी ।
इस गाड़ी में 05 एसी थ्री, 02 एसी टू टायर, 08 स्लीपर, 04 सामान्य एवं 02 एसएलआर, 01 अन्य कोच सहित कुल 22 कोच रहेंगे ।
"छत्तीसगढ़ चुनाव: मुख्यमंत्री का चेहरा तय होने से पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चा उच्चतम स्तर पर"
रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश का नया मुख्यमंत्री कौन होगा इसकी चर्चा तेज हो गई है राजनीतिक गलियारों में विश्लेषण शुरू कर दिए गए हैं आंकड़ों के आधार पर राज्य की दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने दावे में सरकार बनाने की बात कह दी है वही 3 दिसंबर को मतगणना के साथ ही मुख्यमंत्री का चेहरा भी स्पष्ट हो जाएगा लेकिन उससे पहले व्यापारिक वर्ग के साथ सभी तरह के वर्ग में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जो चर्चा चल रही है
उसमें कई नए नाम सामने आ गए हैं परंतु विशेष सूत्र केवल यही कहते हैं की विधायक दल की बैठक और पार्टी हाई कमान के निर्णय के आधार पर मुख्यमंत्री तय होगा बहरहाल यह तो तय है की छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय कांग्रेस में से ही एक दल के प्रमुख चेहरा राज्य का मुख्यमंत्री होगा हालांकि पार्टी के दावों में भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है तो कांग्रेस ने भी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा कर रही है ऐसे में अन्य क्षेत्र दलों की भूमिका प्रमुख हो जाती है क्योंकि फिलहाल कई प्रकार की सर्वे से जो पिक्चर निकाल कर सामने आ रही है उसमें यह भी कहा जा रहा है कि इस बार छत्तीसगढ़ का चुनावी परिणाम चौंकाने वाला होगा एक्सपर्ट मानते हैं की खंडित जनादेश भी सामने आ सकता है हालांकि राजनीतिक दल मानने से इनकार करते हैं और कहते हैं की पूर्ण बहुमत की सरकार होगी फिलहाल चर्चाओं में मुख्यमंत्री का नया चेहरा छत्तीसगढ़ वासियों केइंतजार में है
उल्लेखनीय है कि राज्य की 90 विधानसभा सीट के लिए दो चरणों में मतदान डाले गए पहले चरण में 7 नवंबर को राज्य की 20 विधानसभा सीटों के लिए मतदान डाले गए जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने 12 सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा किया है जबकि कांग्रेस भी इसी आंकड़े के साथ दावा करते दिखाई पड़ती है स्पष्ट है कि दोनों को ही 12 सीट नहीं मिल सकती है किसी का आंकड़ा कम होगा वहीं दूसरे दौर में 17 नवंबर को मतदान डाले गए इस बार राज्य के 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ और सर्वाधिक चर्चित चेहरों ने भाग लिया अब इस 70 सीट में जो चेहरों ने भाग लिया है उन चेहरों में से ही एक राज्य को मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है 3 दिसंबर को चुनाव मतगणना शुरू होगी भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है यानी कि सरकार बनाने के लिए आवश्यक 46 सीटों का आंकड़ा पार कर लेगी जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी केवल 15 सीटों पर विजय दर्ज कर पाई थी और 15 साल के शासन के बाद जनता ने पूरी तरह से नकार दिया था 5 सालों में क्या परिवर्तन हुआ है और क्यों भारतीय जनता पार्टी का यह दावा पुख्ता होते दिखाई पड़ रहा है या तो 3 दिसंबर को तय हो जाएगा लेकिन वर्तमान की छत्तीसगढ़ की कांग्रेस शासित सरकार दल कांग्रेस ने भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया है 5 साल के कार्यकाल को लेकर यह दावा किया जा रहा है
ऐसे में दोनों ही दलों के दावों को लेकर जनता में है चुनावी सर्वे और अप्रत्यक्ष चर्चाओं के बीच लोगों ने धीरे-धीरे चर्चा शुरू कर दी है इन चर्चाओं में खंडित जनादेश की चर्चा भी है क्योंकि दोनों ही डाल दावा कर रहे हैं कहीं ना कहीं क्षेत्रीय दलों की भी भूमिका बड़ी हो सकती है जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ आम आदमी पार्टी बहुजन समाज पार्टी जय जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और हमारराज पार्टी ने चुनाव में पूरी ताकत से भाग लिया है ऐसे में 10 सीटों का आंकड़ा बहुत बड़ा अंतर ला सकता है इसीलिए चुनाव विश्लेषण करता है मान रहे हैं कि छत्तीसगढ़ का इस बार का चुनाव परिणाम आश्चर्य में डालने वाला होगा और खंडित जनादेश भी आ सकता है फिलहाल इस चुनावी चर्चा में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा हो रही है भारतीय जनता पार्टी के तमाम सूत्रधारों के जो चर्चा में नाम मिल रहे हैं उसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहू डॉ रमन सिंह और विष्णु देव साईं के नाम सामने आ रहे हैं
पिछले 15 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह रहे हैं इसलिए शायद इस बार पार्टी पुनरावृत्ति न करें लेकिन विशेषज्ञ इस बात को जानकारी नहीं रहे हैं कि एक बार फिर से मौका दिया जा सकता है क्योंकि पूरा चुनाव पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहू के नेतृत्व में लड़ा गया है और ओबीसी वर्ग को भी रिप्रेजेंट करते हैं तो लगभग यह तय है कि भारतीय जनता पार्टी से मुख्यमंत्री का चेहरा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं हालांकि यह बात भी सुर्खियों में है कि आदिवासी वर्ग से विष्णु देव की प्राथमिकता कोनाकारा नहीं जा सकता वह इसलिए क्योंकि वास्तव और सरगुजा से ही सरकार तय होते रही है और यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य माने जाते हैं लिहाजा जाता है कि इस क्षेत्र को ही प्राथमिकता पार्टी देगी और नए चेहरे में विष्णु देव मुख्यमंत्री का नया चेहरा हो सकते हैं वहीं कांग्रेस की बात करें तो पिछले 5 साल में छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया कई चुनावी रैलियां में मुख्यमंत्री ने अगवाई की है वही पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर दीपक बैज ने नेतृत्व दिया है कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी शैलजा ने पहले ही कई मौके पर स्थिति को स्पष्ट कर दिया था कि इस बार छत्तीसगढ़ को नया चेहरा मिल सकता है इतिहास से दीपक बैज और भूपेश बघेल को प्राथमिकता में रखा जा रहा है कई जन उपयोगी महत्वाकांक्षी योजनाओं से भूपेश बघेल का चेहरा पूर्व प्रदेश में चर्चित रहा है इसलिए नकारा भी नहीं जा सकता दूसरे नंबर पर सरगुजा को चर्चा में बनाए रखना भी जरूरी है
इस दृष्टि से प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सिंह देव को भी मुख्यमंत्री का चेहरा माना जा रहा है क्योंकि पिछली सरकार में यह तय हुआ था की भूपेश बघेल और सिंह देव को ढाई ढाई साल सरकार चलाने का अवसर दिया जाना था जो नहीं हो पाया नाराजगी भी दिखाई थी इस बार शायद पार्टी इस व्यवस्था को फिर से लागू न करें और सीधे मुख्यमंत्री का तक दे हालांकि चर्चाओं में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत को भी चर्चा में रखा जा रहा है उनके साथ में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी चर्चा में बने हुए हैं 2018 के इलेक्शन के बाद कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत ताम्रध्वज साहू और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली दरबार में मौजूद थे और फिर तय हुआ था मुख्यमंत्री इस बार फिर यही नाम कांग्रेस से चर्चा में है और हो सकता है कि इन नाम को हटा दिया जाए तो तीसरे नाम पर कोई और नाम नहीं है फिलहाल चर्चा गरम है हालांकि सरकार बनने की स्थिति में सहयोगी दलों की भूमिका मुख्य होगी और चेहरा भी तय करने में भूमिका निभा सकते हैं ऐसे में अब परिणाम महत्वपूर्ण हो सके की आंकड़े ही तय करेंगे कि राज्य को नया मुख्यमंत्री कौन से चेहरा का मिलेगा और किस दल से होगा
"राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतिष्ठान ने किसानों को फसल बीमा क्षतिपूर्ति की राशि देने के आदेश जारी किए, बैंक खाते में ₹3000 का भुगतान करने का भी निर्देश"
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित लोहारसी को एक आदेश प्रसारित कर 15 किसानों को फसल बीमा क्षतिपूर्ति की राशि प्रदान प्रदान करने के आदेश प्रसारित किए हैं साथ ही आयोग ने किसानों को इस दौरान न्यायालय खर्चे में आने वाली परेशानी के साथ रकम ₹3000 भुगतान करने के आदेश दिए हैं
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण सेवा सहकारी समिति लोहारसी के किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड खाता संचालित किया गया जा रहा था यह संस्था केंद्र सरकार और राज्य सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत स्वामित्व वाले और कब्जे वाले ग्राम लोहारसी के किसानों की फसल का खरीफ फसल का बीमा बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से किया था इसमें बीमा के अंतर्गत किसानों के बीमित राशि की प्रीमियम की कटौती की गई थी वर्ष वर्ष 2018 में ग्राम लोहारसी में अकाल पड़ने के कारण निर्धारित मापदंड से कम फसल होने के कारण आधार बनाकर बर्बादी गण ग्राम लोहारसी के 185 किसानों को बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई थी लेकिन 15 किसानों को जिसमें कोमल साहू और अन्य शामिल थे राशि प्रदान नहीं की गई इसके लिए जिला उपभोक्ता फोरम में किसानों ने परिवाद दायर किया था दायर किया था
जिसे प्रमाणित नहीं पाया फोरम ने परिवाद को खत्म कर दिया था ऐसे में परेशान 15 किसानों ने राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष तर्क के साथ अपील पेश की जिसमें जिसमें विश्लेषण के दौरान आयोग ने पाया कि अधिसूचित उपज के उत्पादन में कोई गिरावट नहीं थी कोई कमी नहीं आई थी जिसके कारण किसी भी किसान को क्षति धन प्रदान नहीं किया गया है इसलिए परिवारिक गन भी कोई क्षतिपूर्ति राशि पाने के अधिकारी नहीं है जबकि अंतिम तर्क के दौरान ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित लोहारसी की ओर से शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा खोपरा 15 किसको को वर्ष 2020 में ही फसल बीमा क्षेत्रीपुर की राशि प्रदान कर दिया जाना व्यक्त किया है इस संबंध में दस्तावेज भी प्रस्तुत किया है
जबकि आयोग के समक्ष अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरडिया के संज्ञान में लाया गया की शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा खोपरा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन के आधार पर यह पाया गया है कि 15 किसानों को 2020 में ही उनकी बैंक खाते में फसल बीमा क्षतिपूर्ति की राशि जमा की जा चुकी है कि तू इस संबंध में बीमा कंपनी और ग्रामीण सेवा सहकारी समिति द्वारा कोई सूचना प्रदान नहीं की गई इस वजह से किसान परेशान होते रहे और अपील दायर करना पड़ा ऐसे में अदालत ने और आयोग ने यह फैसला दिया कि सभी 15 किसानों को बीमा राशि पाने के हकदार हैं तथा उनकी राशि का समायोजन उनके खाते में किया जा चुका है आयोग ने कहा कि प्रत्येक किसानों को बीमा कंपनी पृथक पृथक से 15 अप्रैल के लिए तीन ₹3000 सभी 15 किसानों को राशि प्रदान करें सरकार डाल दे
"टी-20 मैच के मद्देनजर, रायपुर पुलिस ने स्टेडियम में प्रतिबंधित और अनुमत सामान की सूची जारी की, दर्शकों के लिए वाहन और पार्किंग का भी व्यवस्थित प्लान"
01 दिसम्बर 2023 को शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर में भारत बनाम आस्ट्रेलिया टी-20 सीरिज के चौथे मैच का आयोजन होना प्रस्तावित है। इस दौरान क्रिकेट मैच देखने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलो से आने वाले दर्शकों तथा खिलाड़ियों के सुगम व सुरक्षित आवागमन हेतु यातायात पुलिस रायपुर द्वारा मार्ग एवं पार्किंग व्यवस्था निर्धारित किया गया है, जो निम्नानुसार हैः-
01. रायपुर शहर से होकर क्रिकेट स्टेडियम जाने हेतु मार्ग:-
रायपुर शहर से होकर क्रिकेट स्टेडियम जाने के लिए तेलीबांधा थाना तिराहा नेशनल हाइवे क्र-53 होकर सेरीखेड़ी ओव्हरब्रीज से नया रायपुर मार्ग होकर स्टेडियम तिराहा से सांई अस्पताल रोड होकर सांई अस्पताल पार्किंग व सेंध तालाब पार्किग में अपना वाहन पार्क कर स्टेडियम पैदल पहुंचेगे।
02. बिलासपुर- सिमगा की ओर से स्टेडियम आने वाले दर्शको के लिए मार्ग व्यवस्था:-
बिलासपुर की ओर से होकर क्रिकेट स्टेडियम आने वाले दर्शकगण बिलासपुर-रायपुर मार्ग से होकर धनेली नाला से रिंग रोड नम्बर-03 होकर विधानसभा चौक, राजू ढाबा रिंग रोड नंम्बर-03 जंक्शन होकर नेशनल हाइवे क्र-53 से मंदिर हसौद होकर नवागांव से स्टेडियम टर्निग होकर स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा पार्किंग एवं कोसा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर पैदल स्टेडियम पहुचेंगे।
03. बलौदाबाजार-खरोरा की ओर से स्टेडियम आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्थाः-
बलौदा बाजार-खरोरा मार्ग से होकर स्टेडियम आने वाले दर्शक बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग में विधानसभा ओव्हरब्रीज चौक से रिंग रोड नम्बर-03 होकर विधानसभा चौक, राजू ढाबा रिंग रोड नंम्बर-03 जंक्शन होकर नेशनल हाइवे क्र-53 से मंदिर हसौद होकर नवागांव से स्टेडियम टर्निग होकर स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा पार्किंग एवं कोसा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर पैदल स्टेडियम पहुचेंगे।
04. बालोद, काँकेर व धमतरी की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्था:-
धमतरी-जगदलपुर की ओर से आने वाले दर्शक अभनपुर से केन्द्री, उपरवारा, मंत्रायल चौक, कोटराभाठा, सेंध तालाब होकर सांई अस्पताल पार्किंग व सेंध तालाब पार्किग में अपना वाहन पार्क कर स्टेडियम पैदल पहुंचेगे।
05. राजनांदगाँव- दुर्गकी ओर से आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्था:-
दुर्ग व राजनांदगाँव की ओर से आने वाले दर्शक टाटीबंध से रिंग रोड 01 होकर पचपेढ़ीनाका- लालपुर- माना- तूता से नया रायपुर मार्ग होकर सत्यसांई अस्पताल पार्किंग व सेंध तालाब पार्किग में अपना वाहन पार्क कर स्टेडियम पैदल पहुंचेगे।
06. महासमुंद-सरायपाली की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए मार्ग व्यवस्था:
महासमुंद सरायपाली की ओर से आने वाले दर्शकों के लिए आरंग से सीधे स्टेडियम टर्निग होकर स्टेडियम के पूर्व दिशा स्थित परसदा पार्किंग एवं कोसा पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर पैदल स्टेडियम पहुचेंगे।
पासधारी वाहनों के लिए मार्ग एवं पार्किंग:-
पासधारी वाहन जिन्हे पार्किंग A, B, C, D, E व रिजर्व का पास जारी हुआ है वे सेरीखेड़ी ओव्हर ब्रीज होकर नया रायपुर प्रवेश मार्ग से स्टेडियम टर्निंग, डॉ खूबचंद बघेल चौक, कयाबांधा चौक (सेक्टर 15/21) कोटराभांठा चौक (सेक्टर-17/20) से ग्राम सेंध सेक्टर-04/10 होकर स्टेडियम पार्किंग A, B, C, D, E व रिजर्व में अपना वाहन पार्क कर सकेंगे।
मध्यम/भारी माल वाहनों का आवागमन प्रतिबंध:-
दिनांक 01.12.2023 को भारत बनाम आस्ट्रेलिया टी-20 क्रिकेट मैच आयोजन के दौरान सुगम सुरक्षित यातायात व्यवस्था हेतु नया रायपुर के सभी प्रवेश मार्गो पर मध्यम/भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश अपरान्ह 04:00 बजे से रात्रि 012:00 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। असुविधा से बचने हेतु इस मार्ग स्थान पर वैकल्पिक मार्गो का प्रयोग कर सकते है।
दिनांक 01.12.2023 को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परसदा नवा रायपुर में भारत V/S ऑस्ट्रेलिया के मध्य T-20 क्रिकेट मैच में आमजन को अपने साथ निम्न सामग्री ले जाना प्रतिबंधित है -
- - शराब, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा, पान मसाला इत्यादि।
- - माचिस, लाइटर, लेजर लाईट, पटाखा, इत्यादि अग्नि सामग्री।
- - चाकू, कैंची, कटर, नेलकटर, पिन, सिक्के,ऑलपिन, पेचकस, पलाश, सेल्फी स्टिक, एवं अन्य कोई भी धारदार वस्तुएं।
- - पानी का बोतल, कोल्ड ड्रिंक्स बोतल, कैन, समस्त प्रकार के बोतलबंद पेय पदार्थ एवं ज्वलनशील सामग्री।
- - लाउड हैलर, सिटी, हार्न रेडियो, भड़काउ व संकट पैदा करने वाले संकेत
- - व्यक्तिगत महिला पर्स के अलावा और कोई भी बैग
- - खाने पीने की वस्तुएं, टिफीन डिब्बा, थैला इत्यादि।
- //स्टेडियम अन्दर अनुमत वस्तुओ की सूची//
- - कैमरो के साथ फोन
- - छोटे निजी कैमरा
- - महिलाओं का मेकअप (लिपस्टिक, लीपग्लास, पाउडर, कॉम्पैक्ट, आदि)
- - परफ्यूम, लिक्विड नेल पॉलिस और 3 0z (100 मिली) से कम ऐसे अन्य तरल
"रायपुर पुलिस की तरफ से लगातार चेकिंग अभियान कार्यवाही, शराब पीने वालों एवं गुटबाजों पर नजरें"
रायपुर पुलिस: अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर नकेल कसने सहित सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के मद्देनज़र वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री लखन पटले के नेतृत्व में रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों सहित, क्राईम प्रिवेंशन पेट्रोलिंग (सी.पी.पी.) व 112 की टीमों द्वारा थाना क्षेत्रो में पेट्रोलिंग कर भीड़-भाड़ वाले स्थान, सार्वजनिक स्थान/सूनसान स्थान में जमवाड़ा लगाकर नशा करने वालों, गुटबाजी/अड्डेबाजी करने वालों, संदिग्ध व्यक्तियों, असमाजिक तत्वों, संदिग्ध व्यक्तियों के वाहनों की डिक्की, धारदार/बटनदार चाकू रखकर घुमने वालों सहित आम स्थानों पर शराब पीने, शराब पीने हेतु स्थान उपलब्ध कराने, सार्वजनिक मैदान, पार्क, चौक - चौराहों एवं सार्वजनिक स्थान पर चार पहिया वाहन के अंदर बैठकर शराब पीने वालों की लगातार चेकिंग की जा रहीं है।
इसके साथ ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, रेलवे ट्रैक के आस पास , होटल, लॉज एवं ढाबों की भी चेकिंग की जा रही है l
"प्रदेश में बंगाल के खाड़ी से आ रही नमी के कारण 30 नवंबर को हल्की वर्षा और गरज चमक की संभावना, तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं"
प्रदेश में बंगाल के खाड़ी से निम्न स्तर पर नमी का आगमन लगातार जारी है जिसके कारण प्रदेश में कल दिनांक 30 नवंबर को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है किंतु वृद्धि का क्रम बनने की संभावना है।
अधिकतम तापमान में वृद्धि संभावित है ।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण आकाश में हल्के बादल बने रहने की सम्भावना है ।
एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण अंडमान सागर के उपर स्थित है । यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और ज्यादा प्रबल होकर अवदाब के रूप में 30 नवंबर को दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के उपर पहुंचने की सम्भावना है । इसके बाद यह और ज्यादा प्रबल होकर गहरा अवदाब और फिर चक्रवाती तूफान (मिचौंग) के रूप में 02 दिसम्बर को दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की सम्भावना है ।
प्रदेश में इसका असर 03 दिसम्बर से प्रारंभ होने की सम्भावना है । जो बस्तर संभाग से प्रारंभ होगा । 04 दिसम्बर से मध्य छत्तीसगढ (दुर्ग रायपुर और बिलासपुर संभाग के जिलों में) में भी असर की शुरुआत होने की सम्भावना है ।
"रायपुर पुलिस ने भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया T20 मैच के टिकट कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की"
रायपुर पुलिस: शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परसदा रायपुर में आयोजित होने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच के टिकटों की कालाबाजारी के संबंध में सूचनायें प्राप्त हो रही थी। सूचना को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा गंभीरता से लेते हुए समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियो सहित प्रभारी एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट को उक्त क्रिकेट मैच के टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के संबंध में जानकारी एकत्र कर आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया।
जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 29.11.2023 को थाना कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग स्थानो में टिकटों की कालाबाजारी करते तुलसी बाराडेरा मंदिर हसौद निवासी अनिल जांगड़े, आकाश कुमार धीवर तथा सिविल लाईन निवासी बबलू नायक एवं आशीष मिश्रा को पकड़कर उनके कब्जे से 13 नग टिकट जप्त कर दोनो व्यक्तियों के विरूद्ध थाना कोतवाली में प्रतिबंधात्मक धाराआंे के तहत् कार्यवाही की गई।
रायपुर पुलिस द्वारा टिकटों की कालाबाजारी करने वालों पर पैनी नजर रखीं जा रहीं है, टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
व्यक्तियों का नाम
01.अनिल जांगड़े पिता हेमलाल जांगड़े उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम तुलसी बाराडेरा थाना मंदिर हसौद जिला रायपुर।
02.आकाश कुमार धीवर पिता स्व. जगतुराम धीवर उम्र 23 निवासी ग्राम तुलसी बाराडेरा थाना मंदिर हसौद जिला रायपुर।
03.बबलू नायक पिता गंगाधर नायक उम्र 29 साल निवासी पंचशील नगर सिविल नगर थाना सिविल लाईन रायपुर।
04.आशीष मिश्रा पिता आर.पी. मिश्रा उम्र 28 साल निवासी कटोरा तालाब सिविल लाईन थाना सिविल लाईन रायपुर।
"छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: मतगणना में उतरी भाजपा की रणनीति पर कांग्रेस का तंज, नियमतिकरण पर भी हुआ हलचल"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए दो चरणों में 90 सीटों में मतदान हो चुका है. पहले चरण में 20 सीटों में 7 नवंबर और दूसरे चरण में 17 नवंबर को 70 सीटों में मतदान हुआ. चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 3 दिसंबर को होगा. जिसमें पता चलेगा की प्रदेश में किसकी सरकार आएगी. इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. वहीं मतगणना को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है. पीसीसी संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आंनद शुक्ला ने भाजपा की मतगणना को लेकर रणनीति पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि मनसुख मंडाविया या चाणक्य अमित शाह आ जाये, छत्तीसगढ़ में सरकार तो कांग्रेस की ही बनेगी. इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों के नियमतिकरण पर कहा कि जो कर्मचारी बचे हैं उनके हित में आगे निर्णय लिया जाएगा.
मतगणना को लेकर भाजपा की रणनीति पर कांग्रेस ने तंज कसा है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आंनद शुक्ला ने कहा कि भाजपा मुगालते पालकर बैठी हैं कि वो सरकार बनाने जा रही. ढाई के अंक तक मुश्किल से पहुंचेगी, कोई भी रणनीति बना ले सब धरी के धरी रह जाएगी. छत्तीसगढ़ में चाहे मनसुख मंडाविया आ जाये या चाणक्य अमित शाह आ जाये, सरकार तो कांग्रेस की ही बनेगी.
नियमतिकरण की आस में बैठे कर्मचारी पर सुशील आंनद ने कहा, भाजपा के 15 साल की सरकार में कर्मचारियों का अन्याय, शोषण हुआ. हमारी सरकार के समय में कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई, बहुत से कर्मचारियों को नियमित भी किया. जो कर्मचारी बचे हैं उनके हित में संसाधनों और बजट को देखते हुए आगे निर्णय लिया जाएगा.
मतगणना को लेकर भाजपा की तैयारी पर सुशील आंनद शुक्ला ने कहा, मतगणना में गड़बड़ी करना भाजपा का चरित्र रहा है. मध्यप्रदेश में कलेक्टर ने बैलेट पेपर खुलवा दिया. भाजपा चुनाव हार रही है. इसलिए उनके नेता पटकथा लिख रहे हैं. हारने के बाद पट कथा बताएंगे कि मतगणना में गड़बड़ी हुई है.
भाजपा पर धान के मूल्य को लेकर कांग्रेस हमलावर रही हैं. इस पर सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, केंद्र में भाजपा की सरकार है छत्तीसगढ़ राज्य में चुनाव के समय जनता को ठगने के लिए धान का मूल्य 3100 किया. देश के बाकी राज्यों के किसानों ने क्या गुनाह किया हैं? मध्यप्रदेश में धान की कीमत 1500 क्यों दे रहे? छत्तीसगढ़ में 3100 दे सकते हैं तो बाकी राज्यो में किसानों का क्या गुनाह है? छत्तीसगढ़ में ग़रीबो को 500 में सिलेंडर देने की बात कर रहे. ये देश के बाकी ग़रीबो के साथ अन्याय हैं, सभी गरीबों को मिलना चहिए. ठगने के लिए ये सब घोषणा किये हैं. भाजपा का घोषणा एक बड़ा मुद्दा होगा. समर्थन मूल्य नही दिया, सिलेंडर के दाम बढ़ेंगे, लोकसभा में उसे हम बड़ा मुद्दा बनाएंगे.
"छत्तीसगढ़: ठंड बढ़ने से बदले मौसम, कई स्थानों में बारिश और घना कोहरा"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से बदले मौसम के कारण ठंड बढ़ गई है. प्रदेश में छाए रहे बादल के साथ मंगलवार को कई हिस्सों में बारिश हुई. जिससे तापमान में गिरावट आई है. ठंड बढ़ते ही लोग अलाव जलाना शुरू कर दिए है. वहीं आज सुबह घने कोहरे छाए दिखाई दिए. कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है. वाहनों से मार्गों में आने-जाने वालों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग ने प्रदेश के अनेक स्थानों पर आज हल्की बारिश होने की संभावना जताई है. वहीं एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के ऊपर 3.1 किलोमीटर से ऊपरी क्षोभमंडल तक एक अक्ष (axis) के रूप में स्थित है, इसके प्रभाव से एक प्रेरित ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण राजस्थान और उससे लगे पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. आज एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. प्रदेश में अधिकतम तापमान में वृद्धि तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट संभावित है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः उत्तर छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है.
जशपुर जिले के पंडरापाठ, छिछली, रौनी क्षेत्र में सुबह घना कोहरा छाया रहा. विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा है. वहीं देर रात से पहाड़ी क्षेत्रों सहित सन्ना मार्ग पर कोहरे का असर दिखाई दे रहा है.
बिलासपुर जिले में मौसम के बदले मिजाज से तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ गई है और रात को घना कोहरा छाया रहा. वहीं बढ़ी ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखे.
"निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष मतगणना के लिए प्रतिबद्ध किया, इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की सुरक्षा में बदलाव की तैयारियाँ"
रायपुर: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा है कि निर्वाचन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतगणना के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य किया जा रहा है। ईवीएम एवं डाकमतपत्रों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ईवीएम हेतु स्ट्रांगरूम में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
बीजापुर जिले में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन स्ट्रांग-रूम में संधारित न होकर खुले में रखे पाए जाने की शिकायत निराधार है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रशिक्षण हेतु निर्धारित इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन जिनके सीरियल क्रमांक की जानकारी उम्मीदवारों को पूर्व से ही दी गई है, उन्हें प्रशिक्षण हेतु निर्धारित प्रशिक्षण स्थल कलेक्टरेट सभाकक्ष बीजापुर में लाया गया था तभी दूर से फोटो लिया गया है।
साथ ही मौके पर मतपेटियों के खुली पाए जाने तथा फटे मतपत्र चारों-ओर बिखरे पड़े होने एवं मत-पेटियों तथा मतपत्रों से छेड़-छाड़ के संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि विधान सभा निर्वाचन में डाक मतपत्र के लिफ़ाफ़े गुलाबी रंग के हैं, जबकि प्रचारित फोटो और विडियो में भूरे रंग के लिफ़ाफ़ों को दर्शाया गया है, जिस से स्पष्ट है कि यह डाक मतपत्र या उनके लिफ़ाफ़े नहीं हैं। वास्तव में ये जिला निर्वाचन अधिकारी बीजापुर के कार्यालय में वीवीपेट के पर्चियों की गणना के लिए आवश्यक तैयार किए जा रहे पिजन होल में लगाए जा रहे प्रतीक चिन्ह के फोटो है। जो स्टील पेटियाँ फोटो मे दिखाई गई हैं वो जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की स्टील पेटियाँ हैं जिसमें विविध निर्वाचन सामग्री रखी जाती हैं। अतः यह फोटो और विडियो जिसके आधार पर शिकायत की गई है भ्रामक एवं निराधार है।
"मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, रायपुर को मुंबई में आयोजित संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन में तृतीय पुरस्कार प्राप्त"
रायपुर: राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रति वर्ष क्षेत्रवार राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया जाता है जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों के अधीन आने वाले विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को राजभाषा में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है ।
इस वर्ष गृह मंत्रालय द्वारा पश्चिम एवं मध्य क्षेत्र के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन दिनांक 23.11.2023 को न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, चेंबूर, मुंबई में किया गया।
इस गरिमामय समारोह में ‘क’ क्षेत्र में स्थित 50 से अधिक कार्मिकों वाले कार्यालयों की श्रेणी में वर्ष 2022-23 के दौरान राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर को मुख्य अतिथि, महामहिम राज्यपाल, महाराष्ट्र श्री रमेश बैस एवं माननीय केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, भारत सरकार श्री अजय कुमार मिश्रा के करकमलों द्वारा तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया ।
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, रायपुर की ओर से श्री निकेश कुमार पाण्डेय, राजभाषा अधिकारी ने उक्त शील्ड ग्रहण किया । मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, रायपुर को उक्त पुरस्कार प्राप्त होने पर मंडल रेल प्रबंधक श्री संजीव कुमार तथा अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा.) श्री आशीष मिश्रा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंडल के समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों तथा राजभाषा विभाग, रायपुर को बधाई दी तथा आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के सम्मानित पुरस्कार मंडल को प्राप्त होंगे ।
"छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: 90 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना की तैयारियाँ पूरी, प्रेक्षकों की निगरानी में हर विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 टेबलों पर होगी मतगणना"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो चरणों में हुए मतदान के बाद आगामी 3 दिसम्बर को मतगणना होगी। इसके लिए सभी 33 जिला मुख्यालयों में तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों में प्रेक्षकों की निगरानी में होने वाली मतगणना के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 टेबल लगाए गए हैं। मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू होगी जिसमें सबसे पहले सेवा मतदाताओं के मतों की गणना होगी। सबसे पहले ईटीपीबीएस (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलैट सिस्टम) से प्राप्त मतों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग की जाएगी। उसके बाद डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। साढ़े आठ बजे के बाद सभी टेबलों पर एक साथ मतगणना शुरू होगी। प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से कवर्धा में सबसे अधिक 30 चक्रों में मतगणना होगी। इसके बाद कसडोल में 29 चक्र होंगे। वहीं सबसे कम मनेन्द्रगढ़ एवं भिलाई नगर में 12 चक्रों में मतगणना होगी।
श्रीमती कंगाले ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना केन्द्रों में होने वाली मतों की गिनती के दौरान बिना प्राधिकार पत्र के किसी भी व्यक्ति को मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि 1181 अभ्यर्थियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला 7 नवम्बर और 17 नवम्बर को ईव्हीएम में बंद हुआ था। आगामी 3 दिसम्बर को मतों की गिनती के साथ ही इनके परिणाम आएंगे। मतगणना के दौरान अभ्यर्थी किसी भी टेबल पर जाकर मतगणना को देख सकेंगे जबकि अभ्यर्थी के अभिकर्ता सिर्फ निर्धारित टेबल पर ही मतगणना का निरीक्षण करेंगे। मतगणना की पूरी कार्यवाही मतगणना प्रेक्षक तथा सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति तथा निगरानी में होगी। इस दौरान प्रत्येक राउंड की समाप्ति पर अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता की उपस्थिति एवं प्रेक्षक की निगरानी में रैंडम आधार पर किसी दो कंट्रोल यूनिट की जाँच की जाएगी। इसके अलावा सभी चक्रों की गणना पूर्ण होने पर पाँच वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (व्हीव्हीपेट) का ड्रा के माध्यम से चयन कर मतों का सत्यापन किया जाएगा।
मतदान के बाद ईवीएम को सभी जिला मुख्यालयों में स्ट्रांग रूम में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पूरी मतगणना प्रक्रिया की रिकार्डिंग भी रखी जाएगी। इस दौरान प्रेक्षक तथा रिटर्निंग ऑफिसर को छोड़कर मतगणना कक्ष में किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कोई भी अन्य व्यक्ति अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण यथा आईपेड, रिकार्डर, वीडियो कैमरा जैसे अन्य उपकरण नहीं ले जा सकेंगे।
"छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: 90 क्षेत्रों में मतगणना की तैयारियाँ पूरी, 3 दिसम्बर को होगी आखिरी चरण"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो चरणों में हुए मतदान के बाद आगामी 3 दिसम्बर को मतगणना होगी। इसके लिए सभी 33 जिला मुख्यालयों में तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों में प्रेक्षकों की निगरानी में होने वाली मतगणना के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 टेबल लगाए गए हैं। मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू होगी जिसमें सबसे पहले सेवा मतदाताओं के मतों की गणना होगी। सबसे पहले ईटीपीबीएस (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलैट सिस्टम) से प्राप्त मतों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग की जाएगी। उसके बाद डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। साढ़े आठ बजे के बाद सभी टेबलों पर एक साथ मतगणना शुरू होगी। प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से कवर्धा में सबसे अधिक 30 चक्रों में मतगणना होगी। इसके बाद कसडोल में 29 चक्र होंगे। वहीं सबसे कम मनेन्द्रगढ़ एवं भिलाई नगर में 12 चक्रों में मतगणना होगी।
श्रीमती कंगाले ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना केन्द्रों में होने वाली मतों की गिनती के दौरान बिना प्राधिकार पत्र के किसी भी व्यक्ति को मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि 1181 अभ्यर्थियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला 7 नवम्बर और 17 नवम्बर को ईव्हीएम में बंद हुआ था। आगामी 3 दिसम्बर को मतों की गिनती के साथ ही इनके परिणाम आएंगे। मतगणना के दौरान अभ्यर्थी किसी भी टेबल पर जाकर मतगणना को देख सकेंगे जबकि अभ्यर्थी के अभिकर्ता सिर्फ निर्धारित टेबल पर ही मतगणना का निरीक्षण करेंगे। मतगणना की पूरी कार्यवाही मतगणना प्रेक्षक तथा सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति तथा निगरानी में होगी। इस दौरान प्रत्येक राउंड की समाप्ति पर अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता की उपस्थिति एवं प्रेक्षक की निगरानी में रैंडम आधार पर किसी दो कंट्रोल यूनिट की जाँच की जाएगी। इसके अलावा सभी चक्रों की गणना पूर्ण होने पर पाँच वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (व्हीव्हीपेट) का ड्रा के माध्यम से चयन कर मतों का सत्यापन किया जाएगा।
मतदान के बाद ईवीएम को सभी जिला मुख्यालयों में स्ट्रांग रूम में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पूरी मतगणना प्रक्रिया की रिकार्डिंग भी रखी जाएगी। इस दौरान प्रेक्षक तथा रिटर्निंग ऑफिसर को छोड़कर मतगणना कक्ष में किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कोई भी अन्य व्यक्ति अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण यथा आईपेड, रिकार्डर, वीडियो कैमरा जैसे अन्य उपकरण नहीं ले जा सकेंगे।
"छत्तीसगढ़: भाजपा के 76% आरक्षण विधेयक को रोकने पर कांग्रेस का सवाल"
रायपुर:प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने विगत 2 दिसंबर 2022 से राजभवन में लंबित आरक्षण विधेयक को लेकर भारतीय जनता पार्टी के रवैया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के बहुसंख्यक आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति सहित सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली जनता से भारतीय जनता पार्टी को आखिर इतनी नफरत क्यों है? भारतीय जनता पार्टी के नेता आखिर क्यों नहीं चाहते कि छत्तीसगढ़ के निवासियों को उनकी संख्या के अनुसार उनका हक मिले। स्थानीय जनता के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक तरक्की से भाजपाइयों को इतनी हिकारत क्यों है? भाजपा के नेता और केंद्र की मोदी सरकार क्यों नहीं चाहती की स्थानीय जनता को शिक्षा और रोजगार में प्राथमिकता मिले?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में है वहां पर राज्य सरकारों के द्वारा विधानसभा में पारित विधेयकों को राजभवन की आड़ में लटकाने का षड्यंत्र रचने का काम लगातार कर रही है। छत्तीसगढ़ में एक तरफ जहां आरक्षण विधेयक के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सहमति जताते हुए सर्वसम्मति से पारित करवाया लेकिन तत्काल बाद से राजभवन के आड़ में रोकने का षड्यंत्र रचे। विगत लगभग 1 साल से राज भवन में इतना महत्वपूर्ण विधेयक लंबित है, लेकिन भाजपा का कोई भी नेता राजभवन से उक्त विधेयक पर अनुमोदन के लिए तत्परता बरतने की अपील करता हुआ नहीं दिखा, उल्टे समय समय पर छत्तीसगढ़ के भाजपाई लंबित आरक्षण विधेयक को लटकाए जाने की वकालत करते रहे है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल भाजपा को अवसर मिला था कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, समृद्धि और स्थानीय बहुसंख्यक आबादी के हितों का संरक्षण और संवर्धन करते, लेकिन भाजपाइयों ने स्थानीय छत्तीसगढ़िया जनता के हितों की सदैव उपेक्षा ही किया है। भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ में सर्व समाज को आरक्षण देने का काम पूरी ईमानदारी से किया है। 15 साल रमन राज में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ। भूपेश सरकार ने न केवल कमेटी गठित की बल्कि मोबाइल एप और वेबसाइट के माध्यम से आंकड़े जुटाकर स्थानीय निकाय के सामान्य सभा में अनुमोदित भी कराया, आधार से वेरिफिकेशन करके डेटाबेस तैयार किया।
विधि विभाग से परीक्षण के उपरांत 76 प्रतिशत नवीन आरक्षण विधेयक पारित किया गया। विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27, अनुसूचित जाति के लिए 13 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उक्त विधेयक का समर्थन विधानसभा के भीतर भाजपा की विधायकों ने भी किया। यह भाजपा के राजनीतिक पाखंड का ही नमूना है कि एक तरफ समर्थन का ढोंग करते हैं, दूसरी तरफ राजभवन में षड्यंत्र करके विधेयक को लटकाए रखने की साजिश रचते हैं। छत्तीसगढ़ की स्थानीय आबादी से आखिर किस बात का बदला लेना चाहते हैं भाजपाई?
"कांग्रेस का दावा: भाजपा के दिग्गज नेताएं चुनावों में हार रहे हैं"
रायपुर: तीन दिसंबर को जैसे ही चुनाव परिणाम आयेगे भाजपा क़े अनेक दिग्गज नेता धाराशायी हो जायेगे। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग क़े अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला नें कहा कि भारतीय जनता पार्टी बुरी तरह से चुनाव हारने वाली है भाजपा क़े अनेको दिग्गज नेता रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, अरुण साव, नारायण चंदेल, अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, राजेश मूणत जैसे नेता चुनाव हार रहे है। चुनाव मे भारतीय जनता पार्टी क़े छत्तीसगढ़ क़े नेताओं पर उनके आलाकमान नें भी भरोसा नहीं जताया पूरे चुनाव मे भाजपा मे छत्तीसगढ़ का एक भी ऐसा नेता नहीं था जिसने पूरे राज्य मे चुनाव प्रचार क़े लिए भेजा गया हो सारे क़े सारे दिग्गज भाजपाई अपने ही सीटों पर फंसे पड़े थे। भाजपा क़े प्रदेश अध्यक्ष तो पूरे चुनाव प्रचार क़े दौरान अपनी विधानसभा से बाहर निकलने कि हिम्मत नहीं दिखा पाए अजय चंद्राकर जैसे बड़बोले नेता कुरुद मे चुनाव हार रहे है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग क़े अध्यक्ष सुशील सुशील आनंद शुक्ला नें कहा कि भाजपा क़े विपरीत कांग्रेस मजबूती से अपने राज्य के नेतृत्व को आगे कर चुनाव लड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नें पूरे राज्य कि सभी 90 विधानसभा क्षेत्रो मे धुंआधार सभा किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य क़े अकेले नेता थे जिनकी प्रचार मे पूरे प्रदेश मे मांग थी। भाजपा क़े डेढ़ दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्री और आधादर्जन मुख्यमंत्री तो नुक्कड्सभाओ को सम्बोधित कर क़े गए। भाजपा क़े चाणक्य मानें जाने वाले अमित शाह क़े कार्यक्रम मे राजधानी मे दीनदयाल स्टेडियम भी पूरा नहीं भर पाया। कांग्रेस क़े पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी नें देश की सबसे बड़ी युवाओं की सभा किया जिसमें 3 लाख से अधिक युवा इकट्ठा हुए। कांग्रेस अध्यक्ष माल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गाँधी की ऐतिहासिक सभाओ क़े सामने प्रधानमंत्री मोदी की सभाए फीकी रही। चुनाव क़े दौरान ही जनता क़े मूड से साफ हो गया था की राज्य मे फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।
"डेस्टिनेशन शादियों के लिए देश में सैंकड़ों स्थान उपलब्ध - कैट नेता अमर पारवानी"
देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, एवम कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि विदेश में डेस्टिनेशन शादियों पर जिस तरह गंभीरता से चिंता की गई, वो देश भर में लोगों के मन एवं मस्तिष्क में बैठ गई है और प्रदेश सहित देशभर में इस पर न केवल मीडिया में बल्कि आम लोगों के बीच एक चर्चा शुरू हो गई है।
विदेशों में भारतीय लोगों द्वारा डेस्टिनेशन शादियों के बारे में अभी तक कोई अधिकृत सर्वे नहीं हुआ है, इसलिए यह अन्दाज़ लगाना मुश्किल हैं कि यह कारोबार कितना होगा लेकिन फिर भी जब मामले को खंगालने की कोशिश हुई तो यह मोटा अनुमान निकलता है कि प्रतिवर्ष लगभग 5 हज़ार डेस्टिनेशन शादियाँ विदेशों में होती होंगी जिसमें लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया जा सकता है ।
कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने बताया की विदेश में डेस्टिनेशन शादियों पर जो चिंता व्यक्त की गई है, उस पर यदि सार्थक चर्चा हो तो यह देश के घरेलू व्यापार एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में एक संभावित बदलाव लाने की पहल हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह एक सर्वविदित तथ्य है कि भारत में धनाढ्य लोगों का एक वर्ग विदेशों में डेस्टिनेशन शादियाँ कर रहा है जो देश में शादी समारोह करने की बजाय विदेश में शादी करना अपनी शान समझा जाता है एवं जिसके कारण भारत के लोगों का एक बड़ा व्यापार विदेश को मिल जाता है।बेहतर हो यदि यह वर्ग विदेशों के बजाय भारत में ही यह शादियाँ आयोजित करे।
दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि यूँ तो अब देश के प्रत्येक शहर के बाहर उपयुक्त शादी स्थल बन गये हैं जिनका डेस्टिनेशन शादी के रूप में उपयोग बहुतायत में होता है लेकिन देश के विभिन्न राज्यों में कुछ प्रमुख स्थान ऐसे हैं जहां बड़े पैमाने पर डेस्टिनेशन शादियाँ होती हैं जिनमें मुख्य रूप से गोवा, महाराष्ट्र में लोनावाला, महाबलेश्वर, मुंबई, शिरडी, नासिक, नागपुर, गुजरात में द्वारिका, अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा, मध्य प्रदेश में ओरछा, ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, इंदौर, छत्तीसगढ़ में रायपुर , राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, पुष्कर, उत्तर प्रदेश में मथुरा, वृंदावन, आगरा, वाराणसी, कानपुर, दक्षिण भारत में चेन्नई, यादगिरी हिल, ऊटी, बंगलौर, हैदराबाद, तिरूपति, कोचीन, त्रिची, कोयंबतूर, पॉण्डिचेरी सहित दिल्ली एनसीआर में दिल्ली, नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, गुड़गाँव, मानेसर, बहादुरगढ़, फ़रीदाबाद तथा पंजाब-हरियाणा में चंडीगढ़, मोहाली, अमृतसर तथा जम्मू के नाम उल्लेखनीय हैं ।
श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने कहा कि ये सभी स्थान माध्यम बजट से लेकर किसी भी बड़े बजट की डेस्टिनेशन शादियों को करवाने में पूर्ण रूप से सक्षम है। शादी करवाने के लिए आम से लेकर ख़ास सुविधा एवं इंतज़ाम प्रदान करने वाली कंपनियों या ग्रुपों का एक बड़ा नेटवर्क पिछले वर्षों में भारत में विकसित हुआ है और इसीलिए शादियों से संबंधित सामान एवं सेवाएँ आज देश में एक बड़े व्यापार का रूप ले चुकी हैं । डेस्टिनेशन शादी चाहे देश में हो या विदेश में, उन्हें संपन्न कराने में इन कंपनियों या समूहों जा सबसे बड़ा योगदान होता है। अक्सर प्रति वर्ष शादियों के मामले में देश में विभिन्न स्थानों पर हुई डेस्टिनेशन शादियाँ अपनी भव्यता अथवा अपनी विशेषताओं के कारण चर्चा का विषय बनती हैं भारत का धन देश में ही खर्च हो कि भावना के अनुरूप डेस्टिनेशन शादियाँ यदि अपने देश में ही हों, तो न केवल भारतीय संस्कार पल्लवित होंगे बल्कि देश के व्यापार एवं अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और बड़ी मात्रा में स्थायी एवं अस्थायी रोज़गार भी उपलब्ध होंगे।