विश्वकर्मा जयंती पर बैलाडीला की पहाडिय़ों पर पहुंचे हजारों पर्यटक, सुबह से सडक़ों पर लगी वाहनों की कतार
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18 Sep 2026
एनएमडीसी खनन क्षेत्रों में पूजा-अर्चना
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बचेली, 17 सितंबर। बैलाडीला की ऊंची पहाडिय़ों पर गुरुवार को नजारा कुछ अलग था। सुबह की पहली रोशनी के साथ ही बचेली की सडक़ों पर वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई और देखते ही देखते बैलाडीला की ओर जाने वाले रास्ते लोगों से भर गए। वहीं एनएमडीसी बचेली परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट हेड) श्रीधर कोडाली एवं मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन) टी. शिवा कुमार सहित विभिन्न विभागाध्यक्षों ने खनन व प्लांट क्षेत्रों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एनएमडीसी के बचेली आयरन ओर कॉम्प्लेक्स में आम लोगों को खनन क्षेत्र देखने का अवसर मिला तो हजारों की संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ पहाडिय़ों की ओर निकल पड़े। पूरे क्षेत्र में दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा। दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों के लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि बैलाडीला को उस ऊंचाई से देखने का मौका था, जहां सामान्य दिनों में पहुंचना आम लोगों के लिए संभव नहीं होता। बचेली के साथ दंतेवाड़ा, जगदलपुर, रायपुर, दुर्ग, भिलाई, सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचे। पड़ोसी राज्यों से भी लोगों के आने से सुबह से ही रास्तों पर वाहनों की लंबी कतार नजर आई।
विश्वकर्मा जयंती का औद्योगिक प्रतिष्ठानों में विशेष महत्व है। भगवान विश्वकर्मा को शिल्प, वास्तुकला, औजारों और मशीनरी का देवता माना जाता है। इसी भावना के साथ एनएमडीसी के बचेली आयरन ओर कॉम्प्लेक्स में विभिन्न ऑपरेशनल और मेंटेनेंस क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजा पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई गई। वर्कशॉप और भारी मशीनरी वाले क्षेत्रों में सफाई एवं सजावट की गई। मशीनों और उपकरणों को फूल-मालाओं से सजाया गया तथा कर्मचारियों और कामगारों ने पूजा-अर्चना और आरती में हिस्सा लिया।
पूजा के साथ ही इस दिन बैलाडीला की पहाडिय़ों को देखने पहुंचे लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण रहा खनन क्षेत्र का विहंगम दृश्य।
आकाशनगर की ऊंचाइयों से जब लोगों ने दूर-दूर तक फैली पहाडिय़ों और घाटियों को देखा तो हर कोई इस नजारे को अपने कैमरे में कैद करने को उत्सुक नजर आया।
डिपॉजिट-10 एवं 11ए और डिपॉजिट-5 क्षेत्र की ओर से दिखाई देने वाला खनन का विशाल स्वरूप लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। हालांकि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सख्त रही। बड़े खनन वाहनों और डंपरों के पास जाकर देखने या सेल्फी लेने की अनुमति नहीं थी। जहां पहले लोग विशाल मशीनों के नजदीक जाकर तस्वीरें लेते दिखाई देते थे, वहीं इस बार सुरक्षा कारणों से आगंतुकों को निर्धारित दूरी और मार्ग में ही रहने के निर्देश दिए गए। सीआईएसफ व स्थानीय पुलिस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए।
बैलाडीला की प्राकृतिक खूबसूरती ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया। ऊंचाई पर पहुंचने के बाद नीचे दिखाई देती घुमावदार सडक़ें, जंगल, खुला आसमान, बादलों से और दूर तक फैली घाटियां किसी खूबसूरत पर्वतीय पर्यटन स्थल का एहसास करा रही थीं।
एनएमडीसी प्रबंधन ने आगंतुकों की सुविधा के लिए निर्धारित मार्गों पर बस सेवा की व्यवस्था भी की थी। दोपहिया वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं होने के कारण कई लोगों ने निर्धारित स्थानों से बस सेवा का सहारा लिया। सुरक्षा निर्देशों के कारण आगंतुकों की आवाजाही नियंत्रित रही, लेकिन इससे लोगों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। वहीं बड़े वाहनो जैसे डंपर के पास जाकर सेल्फी न लेने कारण भी लोग थोड़े मायूस नजर आए।