हितग्राहियों के आजीविका संवर्धन के लिए बनाएं योजनाएं - मंडावी
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18 Sep 2026
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 17 सितंबर। राज्य जनजाति आयोग द्वारा दंतेवाड़ा में विभागीय कार्यों की समीक्षा संयुक्त जिला कार्यालय में गुरुवार को की गई। इस दौरान आयोग अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी तथा उपाध्यक्ष एम डी ठाकुर द्वारा निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले में जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, आदिवासी विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, पात्र हितग्राहियों तक लाभ की पहुंच तथा लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के कुल 13 हजार 930 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 11 हजार 74 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा चुका है। आयोग द्वारा छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष पात्र विद्यार्थियों को भी समय पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
इसी प्रकार सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत जिले की 1,303 अनुसूचित जनजाति वर्ग की बालिकाओं को साइकिल वितरित किए जाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों से कहा गया कि शिक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो। कृषि एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा में जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की जानकारी प्रस्तुत की गई।
जिले में तालाब, एनीकट एवं व्यपवर्तन सहित कुल 41 निर्मित सिंचाई योजनाओं के माध्यम से 9 हजार 83 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की गई है। आयोग ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को ग्रामीण एवं आदिवासी किसानों की आय तथा कृषि उत्पादकता से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी उपयोग और रखरखाव पर भी आवश्यक ध्यान देने के निर्देश दिए।
आदिवासी विकास की समीक्षा के दौरान वन अधिकार मान्यता पत्रों के वितरण की प्रगति की जानकारी दी गई। जिले में अब तक 10 हजार 174 व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र तथा 1 हजार 698 सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किए जा चुके हैं। आयोग ने वन अधिकारों से संबंधित प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाभ दिलाने तथा वन अधिकार प्राप्त परिवारों के आजीविका संवर्धन के लिए योजनाओं से बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति से भी आयोग को अवगत कराया गया। बताया गया कि जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 22 हजार 303 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिनमें से 14 हजार 279 परिवारों के आवास निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। अपूर्ण आवासों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण कर आवासों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान आयोग नें योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, लंबित भुगतानों, आधार सीडिंग तथा अपूर्ण निर्माण कार्यों की स्थिति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। आयोग ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। इस दिशा में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। आयोग के अध्यक्ष श्री रुप सिंह मंडावी ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के विकास के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित निगरानी करने और पात्र हितग्राहियों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न होने देने की अपेक्षा की। उपाध्यक्ष श्री ठाकुर ने भी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया।
आयोग ने लंबित भुगतानों, आधार सीडिंग, छात्रवृत्ति से जुड़े शेष प्रकरणों तथा अपूर्ण निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये। अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनिता भास्कर और सहायक आयुक्त, राजीव नाग प्रमुख रूप से मौजूद थे।