छत्तीसगढ़ /

मतांतरित के अंतिम संस्कार पर विवाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद समाधान

छत्तीसगढ़ संवाददाता सुकमा, 2 नवंबर। सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के पेंटलनार गांव में मतांतरित एक 76 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मृतक बड़ी मुचाकी (76) की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। उनके बेटे रमेश कुमार मुचाकी ने बताया कि पिता ने कुछ साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। परिजन गांव में ही अंतिम संस्कार करना चाहते थे, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर जिला मुख्यालय सुकमा स्थित ईसाई कब्रिस्तान पहुंचे, वहां भी जगह को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। परिजनों के मुताबिक सुकमा में ईसाई समुदाय के लिए प्रस्तावित अलग कब्रिस्तान की भूमि का अब तक आवंटन नहीं हुआ है। वर्तमान कब्रिस्तान में जगह कम होने का हवाला दिया जा रहा है। इससे परिवार को घंटों भटकना पड़ा। मामले की सूचना मिलने पर छिंदगढ़ तहसीलदार गिरीश निबोलकर और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। प्रशासन की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद किसी तरह अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में 10-12 चर्च संचालित हैं, लेकिन कब्रिस्तान की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते ऐसी समस्या बार-बार सामने आ रही है। प्रशासन ने नए कब्रिस्तान के लिए भूमि चिन्हांकन का प्रस्ताव भेजने की बात कही है।

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