छत्तीसगढ़
मर्दापाल में श्रम पंजीयन शिविर
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दावा-आपत्ति निराकरण की दी जानकारी
202 वन प्रबंधन समितियों की बैठक
ड्रग्स के दुष्प्रभाव को जाना शंकर नगर विद्या मंदिर के बच्चों ने
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार कार्यक्रम में CM साय होंगे शामिल… कांग्रेस के मनेरगा बचाओ संग्राम की होगी शुरूआत… बस्तर पंडुम 2026 का आज होगा आगाज…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित दो कार्यक्रम में शामिल होंगे. वे सुबह 11 बजे निजी होटल में आयोजित इंडिया राइस समिट में शिरकत करेंगे. इसके अलावा सीएम दोपहर 1 बजे एक निजी होटल में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे.
दीपशिखा विद्यालय में वार्षिकोत्सव-पुरस्कार वितरण समारोह
अवैध शराब संग 2 आरोपी गिरफ्तार
खेत से सोलर सबमर्सिबल पंप का स्टार्टर चोरी, दो आरोपी और खरीददार गिरफ्तार
प्रभावित क्षेत्र में टैंकर से होगा पानी सप्लाई
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, डिजिटल गणना पर जोर
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा और निगरानी-प्रबंधन वेब पोर्टल से किया जाएगा। नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की पहली बैठक 6 जनवरी को मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में गृह विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा और भारत सरकार, जनगणना निदेशालय तथा राज्य के सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगा।
जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बैठक में डिजिटल रोडमैप, संगठनात्मक ढांचा और जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 63 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक सहित प्रशासनिक कार्मिक तैनात होंगे। जनगणना के पहले चरण के पूर्व-परीक्षण का कार्य नवंबर 2025 में कबीरधाम, महासमुंद और रायपुर नगर निगम के चयनित क्षेत्रों में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।
मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि पहले चरण में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच मकान सूचीकरण और मकानों की गणना होगी। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में पूरे देश में जनसंख्या गणना होगी। उन्होंने मानसून और स्कूल शैक्षणिक कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए अवधि तय करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों से मिशन मोड में समन्वय और जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह और राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना) मनोज पिंगुआ, निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल, एनआईसी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बस्तर अब बदल रहा है — शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर-मुख्यमंत्री साय
-बस्तर में अब डर नहीं, बल्कि भरोसे की आवाज़ गूंज रही है -मुख्यमंत्री
-सुकमा में 64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए किया आत्मसमर्पण
रायपुर--बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ?64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। पूना मार्गेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे। लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन में पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।
मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन आज, 2 दिवसीय गोवा दौरे पर रवाना होंगे CM साय, छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे सचिन पायलट, नगर निगम MIC की बैठक आज शाम…
रायपुर | छत्तीसगढ़ में आज का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों से भरपूर रहने वाला है. मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन से लेकर मुख्यमंत्री के गोवा दौरे, कांग्रेस नेता सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ आगमन, नगर निगम की अहम बैठक और शहर में होने वाले विभिन्न सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों तक कई महत्वपूर्ण आयोजन आज के एजेंडे में शामिल हैं. इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर, योग कक्षा, निःशुल्क कोचिंग और आगामी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं.
सरगुजा ओलंपिक 2025-26: आदिवासी अंचल की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
CM साय आज माता राजिम जयंती महोत्सव में होंगे शामिल… हाईकोर्ट में सौम्य चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई आज… SIR को लेकर कांग्रेस करेगी बड़ा खुलासा… रायपुर निगम की MIC बैठक…
रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे. गरियाबंद जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वे सुबह 11:35 को रायपुर पुलिस लाइन हेलीपेड से पाण्डुका के लिए रवाना होंगे. पाण्डुका से सड़क मार्ग से ग्राम कुटेनआ के लिए रवाना होंगे. दोपहर 12 बजे सिरकट्टी आश्रम धर्मध्वज स्थापन और शिलान्यास कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दोपहर 2 बजे राजिम लोचन मंदिर पहुंचेंगे. जहां वे मंदिर दर्शन कर माता राजिम जयंती महोत्सव 2026 में हिस्सा लेंगे. शाम 4 बजे राजिम से राजधानी रायपुर के लिए वापसी करेंगे.
*कांगेर घाटी में मिली अनोखी ग्रीन गुफा जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार*
छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।
ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।
घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
CM साय आज विभागीय बैठकों में होंगे शामिल… दंतेवाड़ा दौरे पर रहेंगे दीपक बैज… दो दिवसीय खगोल विज्ञान कार्यशाला आज से…
रायपुर. सीएम साय आज विभागीय बैठकों में शामिल होंगे. सुबह 11 बजे सीएम नया रायपुर मंत्रालय जाएंगे. अलग-अलग विभागों की बैठकों में वे शामिल होंगे. इस दौरान विभागीय कार्यों की समीक्षा करेंगे. शाम 6 बजे राष्ट्रीय युवा उत्सव कार्यक्रम की सेंड ऑफ सेरेमनी में शामिल होंगे.
नए बजट को लेकर आज से मंत्री स्तरीय बैठकें, नवीन मद के प्रस्तावों पर होगी चर्चा
रायपुर. छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026-27 का बजट बनाने की प्रक्रिया निर्णायक दौर में आ पहुंची चुकी है. आज से महानदी भवन, मंत्रालय में मंत्री स्तरीय बजट चर्चा होने जा रही है, जो 6 जनवरी से शुरू होकर 9 तक चलेगी. फिलाहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों की चर्चा का समय तय नहीं हुआ है.