सामान्य ज्ञान
Wordrobe Tips for Winters: ठंड के लिए वार्डरोब को अपडेट करने का आ गया Time, इस तरह से ठंड में भी दिखें Stylish
Wordrobe Tips for Winters: सर्दियों में सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि ठंड से बचें भी और स्टाइलिश भी दिखें. लेकिन कुछ बेसिक और ट्रेंडी विंटर वॉर्डरोब एसेंशियल्स को शामिल करके आप आसानी से अपने लुक को क्लासी और कम्फर्टेबल बना सकती हैं. आइए जानते हैं वो जरूरी आउटफिट्स और एक्सेसरीज जिनसे आपका विंटर स्टाइलिश बनेगा.
नाभि में ये 3 तेल डालो, शरीर के सारे दर्द हो जाएंगे दफा
नाभि (Belly Button) शरीर का सिर्फ एक हिस्सा नहीं है, बल्कि पावरहाउस है. आयुर्वेद में इसे 'नाभि चिकित्सा' या 'पीचू' कहा जाता है, जो बताता है कि नाभि में तेल डालने से कई पुरानी परेशानियां दूर हो सकती हैं. यह कोई नया फैंसी नुस्खा नहीं, बल्कि हमारी दादी-नानी (Popular Dadi-nani nuskha) का आजमाया हुआ, सदियों पुराना आयुर्वेदिक घरेलू उपाय है. ऐसे में आइए आज के इस आर्टिकल में जानते हैं, वो तीन तेल जिन्हें नाभि में डालने से आपके शरीर के सारे दर्द चुटकियों में रफा-दफा हो सकते हैं.
पहले नंबर पर है देसी घी, दूसरे पर सरसों तेल और तीसरे पर नारियल तेल. ये तीनों की खासियत क्या है और ये दर्द भगाने के अलावा और किन-किन तरीकों से आपको फायदा पहुंचाता है, इसके बारे में भी आगे आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं...
देसी गाय का घी
नाभि में देसी घी डालना सबसे हेल्दी माना जाता है, खासकर तब जब आपकी त्वचा रूखी (Dry Skin) हो. अगर आपके होंठ फटते हैं, त्वचा की चमक कम हो गई है या शरीर में अंदरूनी पोषण की कमी महसूस होती है, तो रात को सोते समय केवल दो बूंदे नाभि में डालिए. यह शरीर को अंदर से नरमी और ताकत देता है.
सरसों का तेल
सरसों का तेल यानी 'मास्टर ऑफ ऑयलिंग'. अगर आपको घुटनों में दर्द, जोड़ों में तकलीफ या शरीर में ठंडक महसूस होती है, तो सरसों का तेल सबसे अच्छा है. यह नाभि के रास्ते रक्त संचार (Blood Circulation) को बेहतर करता है, जिससे दर्द में राहत और शरीर को गर्माहट मिलती है .
नारियल का तेल
गर्मियों के मौसम या जब आपको बहुत गर्मी महसूस होती है, तब नारियल का तेल इस्तेमाल करना चाहिए. यह तेल त्वचा की रंगत को साफ करता है, मुंहासों (Pimples) की समस्या को कम करता है और पेट को ठंडा रखने में मदद करता है. यह आपकी त्वचा की चमक (Best oil for Glowing skin) बरकरार रखने में भी मदद करता है.
नाभि में तेल डालने का सही तरीका -
रोज रात को सोने से पहले इन तीनों में से किसी भी तेल की 2 से 3 बूंद नाभि में डालें और हल्के हाथ से चारों तरफ एक मिनट तक मालिश करिए. यह नुस्खा आप हर दिन अप्लाई करते हैं तो फिर देखिए कैसे आपकी सेहत में चार चांद लगता है.
डैंड्रफ से कैसे छुटकारा पाएं? इन घरेलू उपायों को बनाएं साथ और फिर देखें कमाल
आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताने वाले हैं, जो डैंड्रफ की समस्या में असरदार साबित हो सकते हैं.
डैंड्रफ को तुरंत कैसे दूर करें?
Dandruff Treatment: आज के समय में ज्यादातर लोग डैंड्रफ की समस्या से परेशान हैं, फिर चाहे वो पुरुष हों महिला. डैंड्रफ केवल बालों की सुंदरता ही नहीं बिगाड़ता बल्कि यह खुजली, जलन और बाल झड़ने जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है. कई लोफ़ इस दिक्कत से राहत पाने के लिए शैंपू और प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन रिजल्ट्स अच्छे नहीं मिल पाते. इसलिए आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताने वाले हैं, जो इस समस्या में असरदार साबित हो सकते हैं.
डैंड्रफ जड़ से कैसे खत्म करें?
नारियल तेल और नींबू: नारियल तेल में मौजूद तत्व सिर की त्वचा को नमी देने में मदद करते हैं, वहीं नींबू का रस फंगस को खत्म करने में मदद कर सकता है. दो चम्मच नारियल तेल हल्का गर्म कर के इसमें आधा नींबू का रस मिला लें. अब तैयार किए गए इस मिश्रण को स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगा कर मसाज करें और 30 मिनट बाद हल्के शैंपू से धो लें.
दही और मेथी के बीज: दही सिर को ठंडक देने में मदद कर सकता है और मेथी में एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं. एक चम्मच मेथी के बीज रातभर पानी में भिगो दें. सुबह इन्हें पीसकर दही में अच्छी तरह मिला लें और फिर इस पेस्ट को सिर पर लगाकर 30 मिनट रखें और बाद बाल धो लें.
एलोवेरा जेल: एलोवेरा जेल में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो स्कैल्प को ठंडक और नमी प्रदान करने में मदद करते हैं. ताजे एलोवेरा की पत्तियों से जेल निकालकर सिर की स्किन पर 20 मिनट तक लगाकर रखें फिर बाद में पानी से धो लें. यह उपाय डैंड्रफ से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.
ठंड के मौसम में स्किन की ड्राईनेस से पाना है राहत, तो बॉडीलोशन के बजाए लगायें ये तेल …
ठंड के मौसम में स्किन की ड्राईनेस एक बहुत आम समस्या है. बॉडी लोशन अस्थायी राहत तो देता है, लेकिन उसकी नमी ज़्यादा देर तक नहीं टिकती. वहीं प्राकृतिक तेल (Natural Oils) स्किन की गहराई तक जाकर नमी को लॉक करते हैं और त्वचा को लंबे समय तक मुलायम बनाए रखते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे बेहतरीन तेलों के बारे में जो ठंड के मौसम में आपकी त्वचा को नमी और पोषण दोनों देंगे.
हड्डियां हो रही हैं कमजोर? ये 7 चीजों से रहे दूर
अगर हड्डियां मजबूत न हों, तो व्यक्ति के लिए उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है. इसलिए हड्डियों की मजबूती पर ध्यान देना जरूरी है, खासकर अगर आप 30 की उम्र पार कर चुके हैं. हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए शरीर में सही मात्रा में कैल्शियम का होना बेहद जरूरी है. हालांकि, हम अनजाने में कई ऐसे फूड्स (Foods which Reduce Bone Density) खाते हैं, जो हमारे शरीर से कैल्शियम की कमी कर देते हैं. जी हां, कुछ फूड्स ऐसे होते हैं जो शरीर में कैल्शियम की मात्रा को कम कर देते हैं. ऐसे में हड्डियों को मजबूत रखने के लिए इन फूड्स (Calcium Depletion Foods) से परहेज करना जरूरी है. आइए जानते हैं किन चीजों से दूरी बनाना फायदेमंद रहेगा.
डाइट में शामिल करें ये जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स, बाल झड़ना होगा कम और ग्रोथ होगी बेहतर
Vitamins and Minerals for Hair Growth: बालों की ग्रोथ और मजबूती के लिए सिर्फ बाहरी देखभाल (जैसे तेल, शैंपू या सीरम) ही नहीं, बल्कि अंदरूनी पोषण भी उतना ही जरूरी होता है. बालों की लंबाई और घनत्व बनाए रखने के लिए शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिन्स और मिनरल्स का होना आवश्यक है. आज हम आपको बताएंगे कि वे कौन-से पोषक तत्व हैं जो बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं.
सर्दियों में नहीं होगी सर्दी-जुकाम की टेंशन! अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक काढ़े और बढ़ाएं इम्यूनिटी
Winter Immunity Kadha Benefits: सर्दियों के मौसम में ठंड के साथ-साथ कई तरह की मौसमी बीमारियाँ जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और जोड़ों में दर्द आदि बढ़ जाती हैं. ऐसे में शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रखना बहुत जरूरी हो जाता है. आयुर्वेद में काढ़ा को शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद लाभकारी बताया गया है. आने वाली ठंड में आप इन काढ़ों का सेवन जरूर करें और अपनी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाएं. आइए जानते हैं विस्तार से.
महत्वपूर्ण समाचार Health Tips : भीगी हुई लौंग में छिपा है सेहत का खजाना, रोजाना सुबह खाने से मिलेगा कई बीमारियों छुटकारा
किचन में लौंग को मसाले के रूप में सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह छोटा-सा मसाला हमारी सेहत के लिए कितनी बड़ी औषधि है। लौंग में पाए जाने वाले यूजेनॉल,एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण इसे एक प्राकृतिक औषधि का रूप देते हैं।
अगर आप लौंग को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट उसका सेवन करें, तो इसके औषधीय गुण कई गुना बढ़ जाते हैं और यह शरीर पर जल्दी और गहराई से असर करता है। भींगे हुए लौंग का नियमित सेवन शरीर की कई समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है। तो आईए जानते हैं इनके फायदों के बारे में-
डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाए
भीगा हुआ लौंग पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह गैस, अपच, पेट फूलना और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करताहै। इसमें मौजूद कार्मिनेटिव गुण पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं।
सर्दी-खांसी और गले की खराश से राहत
लौंग की तासीर गर्म होती है और इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण सांस की नली को साफ करने में मदद करते हैं। भींगे हुए लौंग को चबाने या उसका पानी पीने से गले की खराश, खांसी और जुकाम में तेजी से आराम मिलता है।
इम्यून सिस्टम को करे मजबूत
लौंग में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और रोगों से लड़ने की ताकत देते हैं। रोज सुबह इसका सेवन करने से वायरल संक्रमण से भी सुरक्षा मिलती है।
डायबिटीज को नियंत्रण में रखे
शोध के अनुसार, लौंग ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक होता है। डायबिटिक मरीजों के लिए इसका सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है, बशर्ते वे इसे डॉक्टर की सलाह से लें।
दांत और मसूड़ों की रक्षा
भीगे हुए लौंग को चबाने से दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन और सांस की दुर्गंध से राहत मिलती है। इसका एंटीसेप्टिक प्रभाव मुंह के बैक्टीरिया को भी खत्म करता है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में लाभकारी
लौंग के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करते हैं। गठिया रोग से पीड़ित लोगों को इससे काफी आराम मिल सकता है।
स्किन और बालों के लिए उपयोगी
लौंग का पानी त्वचा से टॉक्सिन्स निकालता है, जिससे चेहरे पर निखार आता है और मुंहासे कम होते हैं। यह बालों के झड़ने की समस्या को भी नियंत्रित करता है।
भीगा हुआ लौंग आयुर्वेदिक दृष्टि से काफी पावरफुल औषधि की तरह है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप कई स्वास्थ्य समस्याओं से न सिर्फ बचाव कर सकते हैं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
हेल्दी माने जाने वाले ये ड्राई फ्रूट्स हार्ट और किडनी के लिए हैं खतरनाक
जानें इन्हें खाने से हो सकती हैं अन्य कौन सी परेशानियां?
ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन किसी भी चीज़ का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, और यह बात ड्राई फ्रूट्स पर भी लागू होती है। कुछ ड्राई फ्रूट्स ऐसे होते हैं जिनका ज़्यादा सेवन हार्ट से लेकर किडनी की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
इन ड्राई फ्रूट्स का ज़्यादा सेवन है खतरनाक:
अखरोट: अखरोट दिल और दिमाग के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन इसमें कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है। इसके ज़्यादा सेवन से वजन बढ़ता है। ज़्यादा अखरोट खाने से कुछ लोगों को पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को अखरोट से एलर्जी हो सकती है, जिससे सूजन या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
पिस्ता: पिस्ता भी प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। लेकिन अखरोट की तरह, पिस्ता में भी कैलोरी ज़्यादा होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। इसमें ऑक्सालेट होते हैं, जो किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ाते हैं। नमकीन पिस्ता खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हानिकारक है।
काजू: काजू में हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन और मिनिरल्स होते हैं। लेकिन इनके ज़्यादा सेवन से वजन बढ़ सकता है जो हार्ट की हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है। पिस्ता की तरह, काजू में भी ऑक्सालेट होते हैं जो किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ाते हैं। जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या रह चुकी है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
चिलगोजा: चिलगोजा में कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है। एक छोटी मुट्ठी भी काफी कैलोरी दे सकती है, इसलिए इसेक ज़्यादा सेवन से वजन बढ़ सकता है। फैट से भरपूर होने के कारण ज़्यादा चिलगोजा खाने से कुछ लोगों को अपच या पेट खराब हो सकता है।
एक दिन में कितना ड्राइफ्रूट्स खाएं?
किसी भी ड्राई फ्रूट का सेवन संयमित मात्रा में ही करना चाहिए। आमतौर पर, एक दिन में एक छोटी मुट्ठी (लगभग 20-30 ग्राम) मिश्रित ड्राई फ्रूट्स का सेवन पर्याप्त और सुरक्षित माना जाता है। अपनी डाइट में कोई बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा किसी एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होता है।
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मोटापा एक ऐसी बीमारी है जिससे देश और दुनिया में ज्यादातर लोग परेशान हैं। खराब डाइट और बिगड़ता लाइफस्टाइल मोटापा का सबसे बड़ा कारण है। दुनिया में 13% युवा मोटापा से ग्रस्त हैं, जबकि 39% युवाओं का अधिक वजन हैं। दुनिया भर में हर पांच में से एक बच्चा और किशोर अधिक वजन वाला है। हर साल कम से कम 2.8 मिलियन युवा अधिक वजन या मोटापे के कारण मर जाते हैं । मोटापा एक ऐसी बीमारी बनता जा रहा है जिससे बच्चे से लेकर बूढ़े तक ग्रासित हैं।
भारत में बढ़ते मोटापा के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं जैसे शरीर का वजन बढ़ना,एनर्जी का सेवन और एनर्जी का उपयोग करने के बीच असंतुलन होना,ज्यादा चर्बी वाले फूड्स का सेवन करना,एक्सरसाइज नहीं करना और तनाव में ज्यादा रहना मोटापा का कारण हैं। बढ़ते मोटापा को कंट्रोल करने के लिए डाइट का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डाइट में ऐसे फूड्स का सेवन करना जो बॉडी में फैट को बर्न करें और बॉडी को एनर्जी दें।
आप भी बढ़ते मोटापा से परेशान हैं तो ग्रीन टी का सेवन करें। ग्रीन टी वजन कम करने के लिए बेहतरीन फूड्स है। ग्रीन टी में कैफीन और ईजीसीजी(Epigallocatechin gallate) जैसे बायोएक्टिव पदार्थ मौजूद होते हैं जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं और वसा को तोड़ने में मदद करते हैं। हेल्थलाइन के मुताबिक ग्रीन टी का अर्क वेट लॉस जर्नी को आसान बनाता है। आइए जानते हैं कि ग्रीन टी का सेवन कैसे वजन को कम करता है और बैली फैट से निजात दिलाता है।
ग्रीन टी कैसे वजन को कम करती है?
ग्रीन टी की पत्तियों में कई लाभकारी यौगिक होते हैं जिसमें से एक है कैफीन। एक कप ग्रीन टी में एक कप कॉफी की तुलना में 24-40 मिलीग्राम कैफीन होता है जो बहुत कम है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि ग्रीन टी फैट बर्न करने में सहायता करती है। एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर ग्रीन टी रक्तप्रवाह में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ाती है। ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एक तरह का फ्लेवोनॉइड पाया जाता है जो एक्स्ट्रा फैट बर्न करने और वजन को घटाने में असरदार है।
ग्रीन टी के सेहत के लिए फायदे
ग्रीन टी का सेवन इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग करता है और बॉडी को बीमारियों से बचाता है। एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर ग्रीन टी का सेवन पूरा दिन बॉडी को एनर्जी देता है और तरोताज़ा रखता है। इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और मोटापा कंट्रोल रहता है। ग्रीन टी में मौजूद यौगिक फैट बर्निंग हॉर्मोन को सक्रिय करते हैं। बैली फैट को बर्न करने में ये चाय बेहतरीन उपचार है।
वजन घटाने के लिए पूरा दिन में कितना ग्रीन टी पिएं
वजन घटाने के लिए दिन भर में 2 से 3 कप गर्म ग्रीन का सेवन पर्याप्त। ग्रीन टी भूख को शांत करती है और वजन को कंट्रोल करती है। जिन लोगों का वजन ज्यादा है वो दूध की चाय नहीं बल्कि ग्रीन टी का सेवन करें।
सुबह खाली पेट सबसे पहले क्या खाना चाहिए? अपच-गैस से लेकर वजन तक बढ़ना होगा बंद
अगर आप सुबह खाली पेट कुछ भी खाते हैं और इससे पेट में गैस से लेकर एसिडिटी तक कई समस्याएं होने लगती हैं तो इसके लिए आपको सुबह खाली पेट कुछ ऐसा खाना चाहिए जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करे और साथ ही पेट की समस्या भी खत्म हो और वेट भी घटने लगे.
सुबह खाली पेट सबसे पहले आपको क्या खाना चाहिए?
Morning Stomach Problems: सुबह का समय हमारे शरीर के लिए सबसे खास होता है. अगर आप इस समय कम खाते हैं, तो यह आपकी सेहत को फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है. इसका असर आपके पाचन पर भी पड़ता है. खासकर खाली पेट पहला आहार (Best foods to prevent acidity and bloating in morning) पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और दिनभर एनर्जी अच्छी रखने में मदद करता है.
लेकिन कई लोग सुबह के समय गलत तरीके से खाना खाते हैं, जिसकी वजह से गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. इसके लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि सुबह खाली पेट सबसे पहले क्या खाना चाहिए?
सुबह गैस बनने के कारण
खाली पेट कॉफी, चाय और खट्टे फल खाने से यह समस्या हो सकती है.
भारी, तैलीय और मसालेदार भोजन खाना.
नींद के बाद पेट संवेदनशील रहता है, जिससे पाचन तंत्र धीमा हो जाता है.
तनाव और नींद की समस्याओं के कारण गैस बढ़ सकती है.
पानी की कमी के कारण गैस और सूजन बढ़ जाती है.
पेट में गैस बनने से रोकने के लिए सुबह क्या खाएं?
गर्म पानी और नींबू पानी पिएं- सुबह उठने के बाद एक गिलास गर्म पानी पिएं. ऐसा करने से पेट साफ़ होता है. अगर आप गर्म पानी में नींबू मिलाकर पीते हैं, तो शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और मेटाबॉलिज़्म भी बूस्ट होता है. साथ ही, पाचन तंत्र बेहतर होता है और एक्टिव रहता है.
जई और दलिया- खाली पेट तैलीय भोजन खाने से बचें. अगर आप सुबह भारी और तैलीय भोजन खाते हैं, तो गैस की समस्या बढ़ सकती है. इसके लिए ओट्स और दलिया का सेवन करें. दलिया और ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं. ये धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इससे एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या नहीं होती.
फल- अगर आप कुछ हल्का और जल्दी खाना चाहते हैं, तो अपने आहार में फल शामिल करें. खाली पेट केला, सेब और पपीता खाएँ. ये फल पचाने में आसान होते हैं.
भीगे हुए सूखे मेवे- आप सुबह खाली पेट भीगे हुए सूखे मेवे भी खा सकते हैं. इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है.
सुबह खाली पेट सबसे पहले आपको क्या खाना चाहिए?
सुबह खाली पेट हल्का खाना खाएं. सुबह ओट्स, दलिया खाएं. इसके साथ ही भीगे हुए सूखे मेवे, प्रोटीन से भरपूर स्प्राउट्स भी खाएं. आप नाश्ते में अंडे भी शामिल कर सकते हैं. आप सेब और पपीता जैसे फल भी खा सकते हैं. इस प्रकार, अगर आप सुबह इन चीजों का सेवन करते हैं, तो आप बढ़ते वजन को नियंत्रित कर सकते हैं.