छत्तीसगढ़ /
पेड़ से टकराई बाइक, 2 जख्मी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 30 अक्टूबर। सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मंगलवार दोपहर बड़े बेन्दरी के पास जंगल में एक बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक चालक सहित दो युवक घायल हो गए। दोनों को निजी व्यवस्था से जिला अस्पताल कोण्डागांव पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
बड़े बेन्दरी निवासी देवेंद्र कश्यप पिता देऊराम और चैनसिंह कश्यप पिता बुधराम बाइक से कोण्डागांव गए थे, जहां से वे भगदेवा की ओर से घर लौट रहे थे। घर लौटते समय बड़े बेन्दरी के पास जंगल में बाइक अनियंत्रित हो गई और पेड़ से टकरा गई।
हादसे में चालक देवेंद्र कश्यप को अंदरूनी चोटें आई हैं। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए सिटी स्कैन कराने की जरूरत बताई है। वहीं, बाइक में सवार चैनसिंह कश्यप को सामान्य चोटें आई हैं।
नवीन तकनीकों से किसान बने मजबूत- विधायक
किसानों के खातों में पहुंची पीएम सम्मान निधि
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 30 अक्टूबर। कृषि विज्ञान केंद्र गीदम दंतेवाड़ा में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) योजनांतर्गत जिला स्तरीय वृहद किसान मेले का गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किश्त जारी होने तथा कृषकों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोडऩे हेतु आयोजित हुआ। जिसमें जिले के दूरस्थ अंचलों से आए हजार से अधिक किसानों ने शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक चैतराम अटामी एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों एवं विशाल कृषक समुदाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किश्त जारी किए जाने तथा उनके संबोधन का सजीव प्रसारण देखा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा दंतेवाड़ा जिले के 17 हजार से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि की किश्त सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री अटामी ने स्वयं द्वारा की जा रही खेती के जमीनी अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि कृषि एक अत्यंत सम्मानजनक और लाभप्रद व्यवसाय है। युवाओं को इससे प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे आना चाहिए। शासन की मंशा अंतिम छोर के किसान को सशक्त बनाने की है, अत: कृषक नवाचार, आधुनिक तकनीक और शासकीय अनुदानों का बेहतर समन्वय कर अपनी आमदनी में सतत वृद्धि करें। अध्यक्षनंदलाल मुड़ामी ने किसानों को संबोधित करते हुए रागी, कोदो एवं कुटकी जैसे पोषक मोटे अनाजों के रकबे को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने जिले के सफल कृषकों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए शासन द्वारा मिलेट्स पर दी जा रही इनपुट सब्सिडी व उपार्जन व्यवस्था की जानकारी दी ।
और किसानों से इन जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
इस दौरान खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत विशेष तकनीकी सत्र आयोजित हुए। कृषि वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, रासायनिक खाद व कीटनाशकों के अनियंत्रित उपयोग को रोकने तथा जीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट व प्राकृतिक घटकों के प्रयोग पर विस्तृत व्याख्यान दिए गए। साथ ही किसानों को आदान सामग्री (कृषि इनपुट्स) वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।
समारोह स्थल पर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, भूमगादी एफपीओ तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) द्वारा भव्य विकास प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से उन्नत बीजों, उन्नत कृषि यंत्रों, मत्स्य व पशुधन प्रबंधन और विभागीय योजनाओं की तकनीकी जानकारी दी गई। बिहान महिला समूहों एवं भूमगादी एफपीओ द्वारा स्थानीय जैविक उत्पादों, लघु वनोपज सामग्रियों और हस्तशिल्प का प्रभावशाली प्रदर्शन व विक्रय किया गया।
इस दौरान उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम और ममता मंडावी प्रमुख रूप से मौजूद थे।
जमानत पर छूटे रेप आरोपी की प्रताडऩा से तंग होकर की खुदकुशी, बंदी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोंडागांव, 30 अक्टूबर। विश्रामपुरी थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और जमानत पर रिहा होने के बाद पीडि़ता को मानसिक रूप से प्रताडि़त कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को घेराबंदी कर पकडऩे के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी त्रिलोचन मरकाम ने पीडि़ता को शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे। पीडि़ता की शिकायत पर 12 सितंबर 2026 को थाना विश्रामपुरी में बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर 13 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर जगदलपुर जेल दाखिल किया गया था।
जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी त्रिलोचन, पीडि़ता को लगातार मानसिक रूप से प्रताडि़त करने लगा। इस प्रताडऩा से क्षुब्ध होकर पीडि़ता ने 27 अक्टूबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चन्द्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा एवं एसडीओपी अरुण नेताम के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विनोद नेताम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी सहायता और लोकेशन के आधार पर विश्रामपुरी पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी त्रिलोचन मरकाम ग्राम हात्मा स्कूलपारा को हिरासत में लिया। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने के बाद 29 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
अर्नब का असर: स्कूल-आंगनबाड़ी और बाजार रहे बंद
धान फसल को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
पखांजूर, 29 अक्टूबर।उत्तर बस्तर कांकेर जिले में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव और सक्रिय मौसम प्रणाली के चलते पिछले 24 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। बुधवार को जिलेभर में दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाओं का दौर लगातार जारी रहा, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। वहीं आज दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही।
खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण बच्चों के आवागमन में होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लिया। जिला कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार, 28 अक्टूबर बुधवार को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था।
प्रशासन के स्पष्ट निर्देशानुसार यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए था, जबकि विद्यालयों में शिक्षकों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति नियमानुसार बनी रही।एक तरफ जहां पूरा जनजीवन घरों में सिमटा रहा, वहीं दूसरी तरफ जिले के अन्नदाता किसान अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए खेतों में संघर्ष करते नजर आए। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के बीच किसान दिनभर अपने खेतों में सक्रिय दिखे ताकि जलभराव से पकी हुई धान की फसल को बचाया जा सके।
हालांकि, इस बेमौसम बारिश और चक्रवाती प्रभाव के चलते धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
मौसम के कड़े तेवर को देखते हुए कापसी, पखांजूर और बांदे के व्यापारियों और आम नागरिकों ने बेहतरीन सूझबूझ का परिचय दिया। खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच संभावित खतरे को भांपते हुए स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें सामान्य समय से काफी पहले ही बंद कर दीं और सुरक्षित अपने घरों की ओर लौट आए।
नागरिकों ने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए खुद को और अपने परिवारों को घरों में सुरक्षित रखा, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
बाहरी राज्यों के हार्वेस्टरों पर रोक लगाने की मांग, कलेक्टर - एसपी को ज्ञापन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 29 अक्टूबर। धान कटाई के सीजन में बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले हार्वेस्टरों पर रोक लगाने की मांग को लेकर गुरुवार को हार्वेस्टर यूनियन संघ के पदाधिकारी और सदस्य कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इसके साथ ही संघ ने पुलिस अधीक्षक और किसान संघ कोण्डागांव को भी पत्र सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
हार्वेस्टर संघ के जिला संरक्षक देवलाल सोनवंशी ने बताया कि स्थानीय संचालकों ने 30 से 40 लाख रुपये तक का निवेश कर हार्वेस्टर खरीदे हैं। कई संचालकों ने इसके लिए बैंक से कर्ज भी लिया है। इसके बावजूद ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से हार्वेस्टर आने के कारण स्थानीय संचालकों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है। बाहरी हार्वेस्टर कम दरों पर धान कटाई का काम करते हैं, जिससे स्थानीय संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
संघ ने मांग की है कि कोण्डागांव जिले में धान कटाई का काम केवल कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के हार्वेस्टरों से कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले हार्वेस्टरों के संचालन पर नियमानुसार रोक लगाने की कार्रवाई की जाए।
संघ का कहना है कि इससे स्थानीय संचालकों को काम मिलेगा और उनकी आजीविका सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
ओडिशा-कोटपाड़ में 27 गायें सुरक्षित बचाई गईं, 9 क्विंटल गौमांस बरामद
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 29 अक्टूबर। ओडिशा के कोटपाड़ क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई के तहत कत्लखाने से 27 गायों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि मौके से लगभग 9 क्विंटल गौमांस भी बरामद किया गया है। बचाई गई गायों में से 19 गायों को बस्तर जिले के कुरंदी स्थित हैप्पी कामधेनु गौशाला और शेष 8 गायों को कोटपाड़ के स्थानीय गौपालकों को सौंपा गया है।
बस्तर जिले के गौ सेवकों द्वारा ओडिशा के विधायक रूपु भतरा से मिलकर गौवंश की सुरक्षा का विषय उठाया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई। गौ सेवकों ने इस मामले के तार छत्तीसगढ़ के जगदलपुर तक जुड़े होने की आशंका जताते हुए गौमांस तस्करी के संभावित नेटवर्क और परिवहन मार्गों की व्यापक जांच की मांग की है।
गौ सेवक मुन्ना बजरंगी ने कहा कि 27 गायों का बचाया जाना राहत की बात है, लेकिन 9 क्विंटल गौमांस की बरामदगी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने पूरे नेटवर्क, परिवहन रास्तों और बिक्री के ठिकानों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की।
गौ सेवक रोहन घोष नेे ओडिशा में कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि एजेंसियों को मामले की तह तक जाकर यह पता लगाना चाहिए कि गौमांस का स्रोत क्या था और इसका परिवहन किन रास्तों से हो रहा था। उन्होंने कहा कि बस्तर और ओडिशा के गौ सेवक आपसी समन्वय से गौवंश संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
गौ सेवा आयोग के सदस्य दीपक पनपलिया ने कोटपाड़ में गौवंश बचाने और गौमांस बरामदगी के लिए विधायक रूपु भतरा तथा पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
दंतेश्वरी देवी की डोली-छत्र पहुंची दंतेवाड़ा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 29 अक्टूबर। बस्तर आराध्य देवी दन्तेश्वरी की डोली एवं छत्र दंतेवाड़ा लौटी। इस दौरान जन समुदाय द्वारा फूल मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। भक्तों ने गाजे - बाजे के साथ देवी का अभिनंदन किया।
इस पावन परंपरा के अंतर्गत माँ दन्तेश्वरी की डोली एवं छत्र का दंतेवाड़ा के आँवराभाटा स्थित जिया डेरा में आगमन हुआ। इसके पश्चात बुधवार को दन्तेश्वरी मंदिर में विधि-विधान, पूजा-अर्चना एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माता रानी की डोली एवं छत्र को मंदिर में प्रवेश कराया गया।
ज्ञात हो कि विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व के जगदलपुर में विधिवत् समापन के पश्चात प्रतिवर्ष दंतेश्वरी देवी की डोली दंतेवाड़ा स्थित मंदिर में पहुंचती है। इस मौके पर विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, जनपद पंचायत सदस्य रामू राम नेताम, कमला नाग, प्रमुख पुजारी, सेवादार और श्रद्धालु जन बड़ी संख्या में मौजूद थे।
पूर्वी जोन अंतरविश्वविद्यालयीन पुरुष वॉलीबॉल स्पर्धा में भाग लेने प्रकाश दुग्गा कोलकाता रवाना
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोंडागांव, 27 अक्टूबर। शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव के प्रतिभावान वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रकाश दुग्गा पूर्वी जोन अंतरविश्वविद्यालयीन पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोलकाता रवाना हुए। यह प्रतियोगिता 27 से 30 अक्टूबर तक अदमास विश्वविद्यालय, कोलकाता में आयोजित की जा रही है, जिसमें पूर्वी जोन के लगभग 40 विश्वविद्यालयों की टीमें हिस्सा लेंगी।
प्रकाश दुग्गा का अंतरविश्वविद्यालयीन प्रतियोगिता के लिए चयन महाविद्यालय एवं शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, खेल कौशल एवं निरंतर मेहनत के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। प्रतियोगिता में वे पूर्वी जोन के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिभावान खिलाडिय़ों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के मार्गदर्शन में क्रीड़ा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सत्रारंभ से ही नियमित प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि महाविद्यालय के विद्यार्थी राज्य स्तरीय एवं अंतरविश्वविद्यालयीन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कोहका, तिल्दा में आयोजित राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सभी 12 सेक्टरों की टीमों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में कांकेर एवं बस्तर सेक्टर की टीमों के खिलाडिय़ों के प्रदर्शन के आधार पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर, बस्तर की टीम का गठन किया गया। इसी चयन प्रक्रिया के माध्यम से प्रकाश दुग्गा को अंतरविश्वविद्यालयीन प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हुआ है।
प्रकाश दुग्गा के चयन एवं प्रतियोगिता में सहभागिता को लेकर महाविद्यालय में हर्ष का माहौल है। महाविद्यालय की प्राचार्य, क्रीड़ा विभाग, समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उन्हें प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
बस्तर दशहरा का समापन: हर्ष फायरिंग और कलश यात्रा के साथ माता मावली की डोली और दंतेश्वरी माई के छत्र को दी विदाई
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 27 अक्टूबर। ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के 75 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत समापन मंगलवार को माता मावली की डोली और मां दंतेश्वरी के छत्र की ससम्मान विदाई के साथ हुआ।
जगदलपुर के राजमहल परिसर स्थित ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर में परंपरागत विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इसके उपरांत पुलिस के जवानों ने हर्ष फायरिंग कर माता को गरिमामयी सलामी दी। विदाई के इस पावन और भावुक क्षण में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ माता को अत्यंत आत्मीय विदाई दी, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
माता की इस ऐतिहासिक विदाई यात्रा के लिए दंतेश्वरी मंदिर परिसर और विदाई मार्ग को लगभग डेढ़ क्विंटल गेंदे, गुलाब और बासंती फूलों की सुंदर पंखुडिय़ों से सजाया गया था। डोली के प्रस्थान के समय उपस्थित जनसमुदाय और श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच माता पर गुलाब की पंखुडिय़ों की पुष्पवर्षा कर आस्था के साथ विदा किया। इस धार्मिक विधान में बेल और सागौन की लकड़ी से निर्मित करीब 15 साल पुरानी डोली आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसमें करीब चार किलो चांदी, दोनों ओर चांदी की प्रतिमाएं और 45 चांदी के गुब्बे जड़े हुए हैं।
परंपरा अनुसार बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव और श्रद्धालुओं ने माता की करीब 20 किलो वजनी डोली को कंधों पर उठाकर जिया डेरा तक पहुंचाया, जिसके बाद डोली और छत्र को दंतेवाड़ा के लिए विदा किया गया।
इस अवसर पर मंदिर पहुंचे दर्शनार्थियों को 76 किलो बूंदी और लड्डू से तैयार किए गए 5,000 से अधिक पैकेटों में प्रसाद का वितरण किया गया। साथ ही माता को विदाई रस्म के तहत 25 किलो चावल, 11 किलो दाल, घी, मसाले और श्रृंगार सामग्री भेंट स्वरूप अर्पित की गई। इस दौरान अनेक देवी-देवताओं की उपस्थिति में संपन्न हुए उक्त आयोजन के साथ ही बस्तर के इस अनूठे पारंपरिक पर्व का औपचारिक समापन हो गया।
इस मौके पर राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा, सांसद बस्तर एवं अध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति महेश कश्यप, उपाध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति बलराम मांझी सहित मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरीन, नाईक-पाईक और अन्य सदस्य समेत कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, अपर कलेक्टर सी पी बघेल, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने माता रुक्मिणी आश्रम पहुंच पद्मश्री सैनी से की मुलाकात
आश्रम संचालन व्यवस्थाओं सहित नवाचारों पर चर्चा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 26 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने डिमरापाल स्थित माता रुक्मिणी आश्रम का भ्रमण कर संस्थान के संचालक पद्मश्री धर्मपाल सैनी से सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय मुलाकात की। बस्तर अंचल में वर्ष 1976 से शिक्षा, खेल और जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में निरंतर सेवारत इस प्रतिष्ठित संस्थान के संचालन तथा वर्तमान व्यवस्थाओं को लेकर बीच विस्तृत चर्चा हुई। आश्रम की विभिन्न आवश्यकताओं और व्यवस्थाओं की जानकारी मिलने पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष मिश्रा रायपुर से सीधे यहां पहुंचे थे।
मुलाकात के दौरान आश्रम की कार्यकारिणी, सचिव पद के प्रभार से जुड़े विषयों के अलावा आश्रम से संबद्ध विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों और वित्त व शिक्षा विभाग से संबंधित लंबित स्वीकृतियों के मामलों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इन सभी विषयों को गंभीरता से लेते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष मिश्रा ने मौके पर उपस्थित स्थानीय एसडीएम सत्येन्द्र बंजारे तथा आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त गणेश शोरी को आश्रम की नियमावली (बाय-लॉज) के अनुसार पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आश्रम के संस्थानों में शिक्षकों की उचित व्यवस्था सहित अन्य सभी आवश्यक बिंदुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे इन समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान निकाला जा सके।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने बस्तर के जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा, खेल प्रतिभा को तराशने तथा उनके समग्र उत्थान में पद्मश्री धर्मपाल सैनी एवं माता रुक्मिणी आश्रम के दशकों लंबे ऐतिहासिक योगदान की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत और छत्तीसगढ़ अंजोर के संकल्प को गति देने में इस प्रकार के सेवाभावी संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आश्रम के जनसेवा और कल्याणकारी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग निरंतर मिलता रहेगा।
राज्य स्तर बास्केटबॉल स्पर्धा के लिए गुंडाधुर महाविद्यालय की 4 छात्राओं का चयन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोंडागांव, 26 अक्टूबर। शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोण्डागांव की 4 छात्राओं का चयन राज्य स्तरीय बास्केटबॉल महिला प्रतियोगिता के लिए किया गया है। सभी छात्राएं इस प्रतियोगिता में कांकेर सेक्टर बास्केटबॉल महिला दल का प्रतिनिधित्व करेंगी।
छात्राओं पुष्पा मरकाम, मोना दुग्गा, नंदनी, लक्ष्मी देवांगन का चयन भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में आयोजित सेक्टर स्तरीय प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ। उक्त प्रतियोगिता में कांकेर सेक्टर के महाविद्यालयों से दलों ने सहभागिता की थी।
राज्य स्तरीय बास्केटबॉल महिला प्रतियोगिता का आयोजन 26 से 27 अक्टूबर तक गजानंद अग्रवाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा जिला बलौदाबाजार में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य की 12 सेक्टर की टीमें भाग लेंगी। प्रतियोगिता से पूर्व चयनित खिलाडिय़ों के लिए भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में 24 से 25 अक्टूबर तक विशेष प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया है।
महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी एच.आर. यदु ने बताया कि प्राचार्या डॉ. सरला आत्राम के कुशल मार्गदर्शन से महाविद्यालय में जुलाई से ही उच्च शिक्षा विभाग में शामिल विभिन्न खेलों का नियमित एवं व्यवस्थित अभ्यास कराया जा रहा है। इसी सतत अभ्यास एवं परिश्रम का परिणाम है कि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्राओं के इस गौरवपूर्ण चयन पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा आशा व्यक्त की कि वे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय, विश्वविद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो ने खडग़े का पुतला फूंका
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 26 अक्टूबर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संदर्भ में की गई कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला बस्तर ने प्रदर्शन किया। भाजयुमो ने आज दोपहर 3 बजे जगदलपुर के गोल बाजार चौक में मल्लिकार्जुन खडग़े का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सहित भाजयुमो के पदाधिकारी , भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद थे।
भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध में कांग्रेस भाषा की मर्यादा और भारतीय संस्कारों की सीमाएं लांघ रही है।
पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए उनके दिवंगत पिता को निशाना बनाना कांग्रेस की गिरती राजनीतिक सोच और वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है। उन्होंने इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े से देश के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि जनता कांग्रेस की ऐसी राजनीति को भली-भांति पहचान चुकी है। राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन इसमें भाषा की मर्यादा और सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
खैर लकड़ी तस्करी: हिमाचल-ओडिशा से 95 लाख नगदी जब्त, हरिद्वार से एक बंदी
महासमुंद पुलिस की जांच मप्र-हिमाचल से लेकर उत्तराखंड-ओडिशा तक पहुंची
अब तक 3.61 करोड़ कैश तथा 70 टन अवैध खैर लकडिय़ां जब्त
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 27 अक्टूूबर। हाल ही में दर्ज खैर लकड़ी तस्करी मामले में महासमुंद जिले से शुरू हुई जांच अब चार राज्यों तक पहुंंच गई है। जिन-जिन राज्यों तक महासमुंद पुलिस पहुंची है, वहां-वहां जांच आगे के साथ-साथ नए-नए और खुलासे होते जा रहे हैं।
ताजा कार्रवाई में खैर लकड़ी की अवैध कारोबार से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के फरार आरोपी संजय छापरिया को पुलिस ने हरिद्वार उत्तराखंड से महासमुंद लाया है। उसके बरगढ़ ओडिशा स्थित निवास से 45 लाख कैश तथा उसके सहयोगी टैक्स कंसल्टेंट बरगढ़ निवासी के घर से 15 लाख कैश व हिमाचल प्रदेश में लकड़ी खपाने में मदद करने वाले एक अन्य ठिकाने से दबिश देकर 35 लाख कुल 95 लाख कैश 22 अक्टूबर को जब्त किया है। इस मामले में पूर्व का मिलाकर कुल 3 करोड़, 61 हजार, 52 हजार 880 रूपए कैश जब्त हो चुके हैं। साथ ही कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी के अलावा 5 भारी मालवाहक, 3 कार, 1 पिकअप कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। विवेचना अभी जारी है।
महासमुंद पुलिस ने कल शाम जानकारी दी है कि 3 प्रकरण के आरोपियों मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की प्रतिस्पर्धा में सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के संबंध में थाना सिंघोड़ा जिला महासमुंद में दर्ज अपराध क्र.87-2026 धारा 109-1, 3-5, 189,190,351,126, 127 बीएनएस एवं 25 आम्र्स एक्ट में फरार आरोपी संजय छापरिया को पुलिस टीम द्वारा 18 अक्टूबर को हरिद्वार उत्तराखंड से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था।
उनसे पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस टीम द्वारा ओडिशा के जिला बरगढ़ में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी संजय छापरिया के बरगढ़ स्थित आवास से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित 45 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। साथ ही आरोपी संजय छापरिया द्वारा अपने सहयोगी एवं टैक्स कंसल्टेंट निवासी बरगढ़ के पास रखने हेतु दिए गए 15 लाख रुपए भी जब्त किए गए।
इसके अतिरिक्त विवेचना के दौरान महासमुंद पुलिस की टीम द्वारा हिमाचल प्रदेश में आरोपी मनीष अग्रवाल एवं संजय छापरिया को अवैध खैर लकड़ी को खपाने व्ययन में सहायता करने वाले विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। पूर्व में हिमाचल प्रदेश के ठिकानों से तस्करी से अर्जित अवैध रकम 1करोड़, 70 लाख रुपए नकद बरामद कर जप्त किए गए थे। इसी तारतम्य में हिमाचल प्रदेश में ही एक अन्य स्थान पर दबिश देकर 35 लाख रुपए नगद और बरामद कर विधिवत जप्त किए गए हैं।
इस प्रकार महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक इस प्रकरण में आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया एवं उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित कुल 3 करोड़, 61 लाख 52 हजार 8 सौ 80 रुपए की नकदी रकम जप्त की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि महासमुंद पुलिस द्वारा आज तक इस अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के विभिन्न राज्यों, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश स्थित ठिकानों में दबिश देकर कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी भी जब्त की जा चुकी है। इसके साथ ही विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा कुल 9 वाहन जब्त किए गए हैं।
जब्त वाहनों के प्रकार के अनुसार प्रकरण में कुल 5 भारी मालवाहक वाहन जिनमें 4 ट्रक एवं 1 डम्पर शामिल हैं। तीन कार जिनमें 01 हुंडई क्रेटा कार, 01 महिंद्रा एक्सयूवी 500 एवं 01 डस्टर कार शामिल हैं। इसके अलावा 1 मालवाहक पिकअप वाहन जब्त किया गया है। जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए है।
मामले में जब्तशुदा अपराध से अर्जित अवैध नगदी रकम 3 करोड़ 61 लाख,52 हजार, 880 रुपए की विधिवत कुर्की एवं आरोपियों को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभों से वंचित करने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में महासमुंद पुलिस की कार्रवाई एवं विवेचना निरंतर जारी है।
लौह अयस्क से भरा ट्रक पलटा, ड्राइवर जख्मी
बाइक सवार को बचाने की कोशिश में हादसा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बचेली, 25 अक्टूबर। बचेली से किरंदुल जाने वाले मुख्य मार्ग पर ग्राम पाड़ापुर के पास शनिवार की शाम लौह अयस्क से भरा एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
शनिवार की शाम करीब 4 बजे 14 चक्का ट्रक क्रमांक सीजी 20 के 4777 एनएमडीसी किरंदुल से लौह अयस्क लेकर जा रहा था। हादसे के बाद ट्रक मेन रोड ढलान पर सडक़ किनारे स्थित डूमर के पेड़ के पास पलट गया। दुर्घटना में ट्रक के बाईं ओर नुकसान हुआ है, जबकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
ट्रक चालक ने बताया कि उसके आगे एक ट्रेलर चल रहा था और वह उसके पीछे-पीछे जा रहा था। इसी दौरान सामने से एक बाइक सवार आ गया। बाइक सवार को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रक को बाईं ओर मोड़ दिया। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे पलट गया। हादसे के कारण ट्रक के बाईं ओर क्षति पहुंची है। पुलिस को सूचना दी जा चुकी है।
ट्रक बचेली निवासी का है। इस दुर्घटना में चालक को हल्की चोटें आने की जानकारी मिली है। किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि की सूचना नहीं है।
पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण, औषधीय पौधों के संरक्षण व संवर्धन पर जोर
आज भी दुनिया की 80 फीसदी जनता प्राचीन उपचार पद्धतियों से चिकित्सा करा रही है- वन मंत्री
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा कोण्डागांव स्थित ऑडिटोरियम में पारंपरिक वैद्य स्वैच्छिक प्रमाणन अंतर्गत प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वन जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने अध्यक्षता की, वहीं बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी और औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के 309 पारंपरिक वैद्यों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके पारंपरिक ज्ञान, अनुभव और सेवाभाव का सम्मान किया गया।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पारंपरिक वैद्यों को प्रमाण पत्र प्रदान करना अत्यंत हर्ष का विषय है। हमारी जड़ें जितनी मजबूत होंगी, हमारी संस्कृति और परंपराएं उतनी ही समृद्ध होंगी।उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया की 80 फीसदी जनता प्राचीन उपचार पद्धतियों से चिकित्सा करा रही है। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को पीढिय़ों से सहेजकर रखने वाले वैद्यराजों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले वैद्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
वन मंत्री ने कहा कि पारंपरिक वैद्यों का ज्ञान प्राकृतिक अनुभवों, वनस्पतियों की पहचान और पीढिय़ों से अर्जित समझ पर आधारित है। यह ऐसा ज्ञान है, जिसे केवल औपचारिक शिक्षा और डिग्रियों से प्राप्त नहीं किया जा सकता। आवश्यकता इस बात की है कि वैद्यराजों के अनुभवों और औषधीय वनस्पतियों से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित कर उसका दस्तावेजीकरण किया जाए, ताकि यह ज्ञान आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि हमारे आसपास उपलब्ध अनेक पेड़-पौधों, फल-फूलों, जड़ों और वन उत्पादों में उपयोगी गुण हैं। पहले ग्रामीण जीवन में इनका उपयोग खान-पान और पारंपरिक उपचार में सहज रूप से किया जाता था, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण इनसे दूरी बढ़ती जा रही है। आज आवश्यकता है कि हम अपने पारंपरिक खान-पान और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को फिर से पहचानें तथा उनके वैज्ञानिक अध्ययन और उचित उपयोग को प्रोत्साहित करें।
श्री कश्यप ने कहा कि कोदो, कुटकी, रागी और अन्य पारंपरिक मोटे अनाज हमारी खाद्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। आज इनके महत्व को व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर जा रहा है। वन मंत्री ने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के साथ उसके आजीविका संवर्धन की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में पारंपरिक वैद्यों के प्रमाणन और उनके ज्ञान के दस्तावेजीकरण की दिशा में पहल की गई है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि दूरस्थ वनांचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में पारंपरिक वैद्यराजों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचान मिले तथा उनके अनुभव और सेवाओं को उचित प्रोत्साहन प्रदान किया जाए।
श्री मरकाम ने बताया कि बोर्ड द्वारा विभिन्न वन मंडलों और जिलों में बैठकें आयोजित कर पारंपरिक वैद्यों से संवाद किया गया। इन बैठकों में वैद्यराजों के अनुभवों, उनकी समस्याओं और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इसी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप प्रमाणन के प्रथम चरण में 309 वैद्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक प्रदेश के एक हजार पारंपरिक वैद्यों का प्रमाणन पूरा करना है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान का दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। इस संबंध में हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने भी पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और सेवा परंपरा को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक लता उसेंडी ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने पर हम चिकित्सकों और वैद्यों को याद करते हैं। बीमारियों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के लिए पारंपरिक ज्ञान, प्राकृतिक संसाधनों तथा संतुलित खान-पान के महत्व को समझना भी आवश्यक है। हमारे पूर्वजों ने अपने दैनिक जीवन और भोजन में स्थानीय अनाज, वन उपज तथा प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को स्थान दिया था। समय के साथ खान-पान की आदतों में बदलाव आया और हम अपनी अनेक परंपराओं से दूर होते चले गए।
उन्होंने कहा कि आज मिलेट्स और पारंपरिक अनाज के पोषण संबंधी महत्व को फिर से पहचाना जा रहा है। कोदो, कुटकी और रागी जैसे अनाज हमारी परंपरा का हिस्सा रहे हैं, लेकिन आधुनिक खान-पान की आदतों के कारण इनका उपयोग कम होता गया। आवश्यकता है कि इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में फिर से स्थान दिया जाए और इनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।
बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री शुक्ला ने सरकार द्वारा पारंपरिक एवं आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के संरक्षण, वैद्यराजों के कल्याण तथा उनके ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए वैद्यराजों की पहचान, प्रमाणन और उनके अनुभवों के संरक्षण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में सेवकराम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, राज्य तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष दीपेश अरोरा, जितेन्द्र सुराना, अश्वनी पाण्डेय, प्रवीण सांखला, सोनामणि पोयाम, जे.सी.एस. राव, चूड़ामणि सिंह, सीटीटीसी के डायरेक्टर मोहन नायर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में पारंपरिक वैद्य उपस्थित रहे।
सडक़ हादसे में सेना के जवान की मौत, 5 जख्मी
गृहग्राम पल्ली शामपुर में तिरंगे के साथ दी श्रद्धांजलि
पेड़ से टकराई थी बोलेरो, साथी जवान सहित 6लोग हुए थे घायल
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोंडागांव, 25 अक्टूबर। कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र के गट्टीपलना मोड़ पर शुक्रवार देर रात हुए दर्दनाक सडक़ हादसे में भारतीय सेना के जवान सुंदरलाल नेताम की मौत हो गई, जबकि उनके साथी जवान मनीष नेताम सहित छह लोग घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। शनिवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जवान के गृहग्राम पल्ली शामपुर पहुंचकर तिरंगे के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो में सवार सात लोग पांडेआठगांव में एक कार्यक्रम देखने जा रहे थे। इसी दौरान गट्टीपलना मोड़ के पास वाहन अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे पेड़ से टकरा गया। दुर्घटना में पल्ली निवासी सुंदरलाल नेताम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में साथी जवान मनीष नेताम गंभीर रूप से घायल हो गए। वाहन में सवार नंदलाल नेताम, दिनेश नेताम, सुनेश मरकाम, तेजलाल नेताम और परदेशी कोर्राम भी घायल हुए। सूचना मिलने पर सडक़ सुरक्षा समिति के सदस्यों ने पुलिस की मदद से सभी घायलों को फरसगांव अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
2017 में सेना में भर्ती हुए थे सुंदरलाल
सुंदरलाल नेताम वर्ष 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। देश की सेवा में जुटे जवान की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार, गांव और पूर्व सैनिक समाज में शोक की लहर है। शनिवार, 24 अक्टूबर को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पल्ली शामपुर पहुंचकर दिवंगत जवान को तिरंगे की सलामी दी और उनके सैन्य सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र के प्रति योगदान को नमन किया।
इस दौरान पूर्व सैनिकों ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उपस्थित सदस्यों एवं ग्रामीणों ने दिवंगत जवान को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में परिषद के संरक्षक एवं बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा, जिला अध्यक्ष सूरज यादव, सह सचिव रवि ठाकुर, फरसगांव ब्लॉक सचिव रिकेश कुमार कुंवर, सदस्य रतिराम शोरी और ढालेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस अपार दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
कांग्रेस की पदयात्रा, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान का द्वितीय चरण
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सारंगढ़, 25 अक्टूबर।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश और बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे एवं जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरसींवा द्वारा राष्ट्रव्यापी वोट बचाओ, देश बचाओ जनआंदोलन के द्वितीय चरण के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत सरसींवा बस स्टैंड से तहसील कार्यालय तक पदयात्रा निकाली गई। कांग्रेसजनों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और मताधिकार की सुरक्षा की मांग उठाई।
इसके पश्चात मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर निष्पक्ष समीक्षा और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार सरसींवा को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर विधायक कविता लहरे, विधायक प्रतिनिधि प्राण लहरे, जागेश्वर लहरे, नीतीश बंजारे, राजकुमार जांगड़े, सेतु साहू, रोहित साहू, आकाश पांडेय, प्रियांशु जांगड़े, भूषण भारद्वाज, संतोष कुर्रे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।